Bahu Ki Chudai बड़े घर की बहू
01-18-2019, 01:27 PM,
RE: Bahu Ki Chudai बड़े घर की बहू
उसके झड़ते ही एक बालिस्ट हाथों ने उसे हटाया था नहीं देखते हुए कि वो कहा गिरा और एक लिंग खट से कामया के अंदर फिर से प्रवेश कर गया था ये एम था इस बार अंदर जाते ही वो बिना किसी रहम के लगातार धक्के देने लगा था 
शायद वो इतना उत्तावाला था कि उसे यह भी ध्यान नहीं था कि कुछ और लोग भी कामया के शरीर से खेल रहे है उसे तो सिर्फ़ अपना ध्यान था झटके पर झटके देते हुए, वो कामया के हर अंग को अपनी बाहों और हाथों के सुपुर्द कर लेना चाहता था लेटी हुई कामया की चूचियां हाथों से मसलते हुए एक चुचि पर अपने होंठों को टिकाने के लिए संघर्ष करता जा रहा था हिलने से और झटको से कामया उछल पड़ती थी और ऊपर बैठे हुए अपने गुरु जी की जाँघो से टकरा जाती थी पर फिर भी कोई आवाज नहीं थी ना या इनकार की बस थी तो हाँ… और और और करने का आग्रह 


कामया- हाँ… हाँ… और और करो उूुुुुुुुुुउउम्म्म्मममममममममममम ईईईईईईईईीीइसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स 
करती हुई कामया अपने होंठोंके बीच में चेहरे को इधर-उधर करते हुए एक-एक लिंग को चूसती भी जा रही थी उतावले पन की हद तक उत्तेजित थी कामया और साथ के गुरुजन भी हर कोई अपनी बारी के इंतजार में था शायद एस को इंतजार नहीं हुआ था झटके से वो कामया को उठाकर या कहिए एम को धकेल्ता हुआ सा कामया ऊपर झुकने की कोशिश में था वो

एम की पकड़ मजबूत थी वो नहीं निकाल पाया पर क्या हुआ पलट तो सकता ही था वो उसने वही किया पलटकर कामया को ऊपर ले आया एम अब नीचे था कामया उसके ऊपर गुदा द्वार एस के लिए था कामया जानती थी कि आगे क्या होगा अपनी जाँघो को खोलकर एक बार पीछे की ओर नशीली नजर से देखा भी था एक निमंत्रण था एक उत्तेजना भरी हुई नजर के चलते एस रुक नहीं पाया था झट से कामया की गुदाद्वार पर हमला बोल दिया 


पहले अपने दोनों हाथों को उसके नितंबों पर रखकर उसकी कोमलता का एक एहसास लिया और फिर अंगूठे को थोड़ा सा अंदर की ओर करते हुए उसके गुदा द्वार को थोड़ा सा फैला लिया था एक हल्की सी सिसकारी कामया के मुख से निकली थी पता नहीं क्यों नीचे से एम के धक्कों के कारण या फिर एस के अंगूठे के कारण पर निकली थी एस भी उत्तावला था अपने को किसी तरह से अड्जस्ट करते हुए अपने लिंग को बड़े ही मुश्किल से उन झटको के बीच में अपनेलिंग को गुदा द्वार पर रखते हुए एक ही धक्के में आधे से ज्यादा अंदर कर दिया था एक हल्की सी चीख कामया के मुँह से निकली थी एम भी थोड़ा सा शांत हुआ था पर एस को कोई फरक नहीं था फिर एक धक्का और और अंदर 

पास बैठे गुरुजन को पता नहीं क्या हुआ जल्दी से कामया की पीठ पर टूट पड़े थे और जहां मन करता था वही चूमते हुए नीचे की ओर हाथ लेजाकर उसकी चूचियां निचोड़ते जा रहे थे शांत थे तो सिर्फ़ गुरुजी वो भी कहाँ और कितनी देर झट से अपने आपको उसके चहरे के सामने पोजीशन में किया और अपने लिंग को कामया के मुँह के सामने लटका दिया था कामया नीचे से और पीछे से हुए हमले को झेलती पर एक हाथ को अपने सिर पर फिरते देखकर चहरा थोड़ा सा उठाया था देखा था एक लिंग मोटा सा और तना हुआ 

उन लगातार धक्कों के बीच में भी अपने होंठों को उस लिंग के खातिर खोल दिया था और वो लिंग हल्के से लाल लाल होंठों के बीच में फँस गया था हर धक्का इतना जोर दार हुआकरता था कि उसके मुँह से गुरुजी का लिंग बाहर निकलकर उसके चिन पर घिस जाया करता था पर फिर भी कामया उसे अड्जस्ट करने की कोशिश में थी नीचे से भी एम अपनी हवस को शांत करने में लगा था बीच बीच में जैसे ही किसी का हाथ कामया की चुचियों पर से धक्के के कारण हट जाया करता था वो झट से उसे अपने होंठों में दबा लिया करता था पर जोर दार धक्के के कारण वो छूट भी जाया करता था कामया अपने आपको सातवे आसमान में पा रही थी हर कही से लिंगो की बरसात थी उसके लिए और हर कोई उसके तन से खेल रहा था एक अजीब सा उत्तेजना पूर्ण वातावरण था उस कमरे में रूपसा और मंदिरा अब भी नीचे खड़ी हुई हर किसी को उत्साहित करने में लगी थी लिंगो को पकड़ पकड़ कर कामया के लिए तैयार कर रही थी कामया हर एक धक्के में जोर से खुशी से दर्द से चिल्लाती भी थी 
कामया- हाँ… और जोर-जोर से करो और करो रोको नहीं एम क्यों धीरे हो गये जोर लगाओ प्लीज 
एस थोड़ा धीरे करो प्ल्ीआसए उूउउम्म्म्ममम 

पर कोई भी कामया की बातों में नहीं आ रहा था हर कोई अपनी में ही लगा हुआ था और अपनी काम वासना को शांत करने की कोशिश में था एस तो तूफान एक्सप्रेस की तरहचल रहा था हान्फते हुए और मसलते हुए वो अपनी रफ़्तार को लगातार बढ़ाए हुए था नीचे लेटे हुए एम को अपनी जगह बनाने में थोड़ा सा तकलीफ हो रही थी पर कोई बात नहीं अपने हाथों को कस कर कामया की कमर पर बाँधे हुए एम भी अपनी हवस को शांत करने में लगा था एस ज्यादा देर तक अपने आपको रोक नहीं सका था और एकदम से कामया के ऊपर झूल गया था 

एस ऽ हमम्म्ममममममममममम देवी जी मन नहीं भरा और चाहिए 
कहते हुए ढेर हो गया था एम को अपने ऊपर ज्यादा भार लग रहा था कामया की गुदा द्वार भरकर बाहर की ओर बहने लगी थी कामया भी थोड़ा सा निढाल टाइप की हो गई थी पर काम उत्तेजना नहीं शांत हुई थी सामने बैठे हुए गुरुजी के लिंग को चूसते हुए कामया अपनी बाँहे फैलाकर साथ में बैठे क्राइ और एच के भी लिंग को खींचने लगी थी एस ढेर होते ही पीछे की जगह खाली हो गई थी एस लूड़क कर एक तरफ होता इससे पहले ही क्राइ ने मोर्चा संभाल लिया था कोई ओपचारिकता नहीं गीले सुराख में फिसलता हुआ उसका लिंग अंदर तक उतर गया था एस साथ में लेटे हुए क्राइ को देख रहा था पर क्राइ की नजर कामया की गोरी चिकनी पीठ पर थी एम की बाहों में बँधी हुई कामया की कमर गजब का लग रहा था उसकी फेली हुई नितंबों के दीदार के चलते क्राइ एक बार फिर से अपने अंदर के शैतान को रोक नहीं पाया था एक ही झटके में पूरा अंदर समा गया था कामया नीचे से एम को जल्दी आजाद करना चाहती थी पर एम को कोई जल्दी नहीं थी वो तो कामया के चुचों को चूसता हुआ और अपनी बाहों को उसकी कमर पर कसे हुए धीरे-धीरे अपनी लिंग को अंदर-बाहर करने में लगा हुआ था 

ऊपर से धक्कों के बीच में उसे अपनी रफ़्तार को बढ़ाने में थोड़ा सा मुश्किल हो रही थी पर एक सुखद और अनौखा अनुभव ले रहा था एम . कामया का उत्तेजित चेहरा और सांसों को अच्छे से सुन सकता था वो और तो और उस हुश्न की मलिका का भार भी उसी ने उठा रखा था ऊपर ठीक उसके चहरे के ऊपर गुरुजी का लिंग भी कामया के होंठों में कितना अच्छा लग रहा था उसका लिंग भी कुछ ऐसा ही लगेगा एस के बाद अब क्राइ था ऊपर और हर धक्का इतना जोर दार हुआकरता था कि एम को कोई हरकत भी नहीं करना पड़ रहा था बस इंतजार और इंतजार वो जल्दी में नहीं था बस उस सुंदरी को अपनी बाहों में लिए और देर रुकना चाहता था एस की हरकतों से वो थोड़ा परेशान था पर कोई रास्ता नहीं था कामया की कमर की चाल ऐसी थी कि जैसे एम और एस के लिंग को अपने अंदर लिए मसल रही हो होंठ खुले हुए आखें बंद और कभी-कभी खुलती थी सांसें भारी और उत्तेजित स्वर कमर आगे पीछे अपने आप करती एम के लिंग को अंदर तक पहुँचाती और एस के हर झटके को झेलती हुई कामया एक हवस की पुजारन लग रही थी होंठों के बीच में गुरुजी के लिंग को लिए हुए कभी कभी आखें खोलकर देख भी लेती थी 
Reply
01-18-2019, 01:27 PM,
RE: Bahu Ki Chudai बड़े घर की बहू
एस और एम अपनी रफ़्तार को किसी तरह बनाए हुए कामया को भोग रहे थे कि साथ में बैठे एच को और संतुलन नहीं हुआ वो खुद को कही भी अड्जस्ट करना चाहता था कहाँ नहीं पता पर अपने लिंग को सीधा किए हुए वो घुटनों के बल कामया के चहरे के पास खड़ा हो गया था . गुरुजी के लिंग को चूसती हुई और पीछे से धक्के के बीच में कामया नि नजर एक बार अपने गाल पर टच होते हुए उस लिंग पर पड़ी लाल रंग का हिस्सा उसे दिखाई दिया था मुस्कुराती हुई सी कामया की नजर एक बार अपने गुरुजी पर पड़ी जैसे पूछ रही हो की क्या करू फिर मुस्कुराती हुई कामया ने अपने जीब को निकाल कर एच के लिंग को छुआ भर था और एक नजर उसकी आखों पर डाली थी एच थोड़ा और आगे हो गया था चहरा ऐसा था कि जैसे बस निकल ही जाएगा उसका पर एक मिन्नत भी थी उसके चेहरे पर गुरुजी भी थोड़ा आगे हुए उनका भी लगता था कि आखिरी टाइम आ गया था कामया की कमर के साथ-साथ उसके नितंबों की चाल एक जान लेवा मुकाम पर थी 

लहर की भाँति हिलती हुई वो दोनों के लिंग को इस तरह से अपने अंदर तक उतार रही थी कि नीचे से और पीछे से एस और एम एक साथ उसके अंदर तक अपने लिंग को पहुँचने में कोई दिक्कर नहीं हो रही थी इतने में अचानक ही गुरुजी भी और एच भी थोड़ा सा आगे की ओर हो गये थे उनका शरीर तन गया था एम के मुख से भी हुंकार निकल रही थी पीछे से एस की चाल भी थोड़ा सा तेज हो गई थी कामया जान गई थी कि आने वाला पल उसके लिए खुसीया लेकर आ रहा था और एक साथ उसके तन के अंदर और बाहर बौछार होने वाली है जैसे ही कामया को यह बात पता चली वो और उत्तेजित हो उठी थी उसकी चाल में गजब की मस्ती के साथ-साथ उतावला पन भी आ गया था वो जोर-जोर से पानी कमर को उछाल कर और अपने होंठों को एक के बाद एक लिंग के ऊपर घुमाती जा रही थी कामया के होंठों पर सभी की जान मुँह को आ गई थी इतनी उत्तेजित और उत्तावलापन उन्होंने जीवन में नहीं देखा था एक साथ चार चार लोगों को संतुष्ट करती कामया के ऊपर एक साथ चौतरफ़ा हमला शुरू हो गया था उसके शरीर के हर हिस्से को निचोड़ा जा रहा था एक मादक और उत्तेजना भरी हुई कामुक हँसी के साथ एक अलग सी सिसकारी उसके मुख से निकली थी 

कामया- उूुुुुुुुुुुउउफफफफफफफफफफफफफ्फ़ एच जल्दी करो हाइईईईईई उूुउउम्म्म्ममममम 


एम- में गया देवी जी थोड़ा सा और बुसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआआआआआआआआआअह्ह 
करता हुआ एम ढेर हो गया था एस भी अपने हाथों को खींचकर उसके गोल गोल चुचों को निचोड़ता हुआ उसकी पीठ पर ढेर हो गया था पर कामया देवी तो अपने गुरु और एच के लिंगों को चूसती हुई उनके लिंग से निकलते हुए सफेद सफेद पानी को अपने चहरे पर मलने में व्यस्त थी ऊपर से एस के भार से नीचे लेटे हुए एम पर ढेर हुई कामया अब भी तरोताजा थी गुरु जी के लिंग और एच के लिंग को अपने हाथों में लिए कामया थकी हुई लंबी-लंबी सांसें ले रही थी कि एक बार अपने शरीर की हरकत से ऊपर से एस को हिलाकर पास ही गिरा दिया था और झट से उठ गई थी बेड के पास खड़ी हुई रूपसा और मंदिरा ने एक बार मुस्कुराती हुई कामया की ओर देखा था 


पर कामया वैसे ही बिना कपड़ों के बेड से उतरगई थी एक बार पलटकर उसने बेड की ओर देखा था चारो नहीं छओ अब तक वही पड़े हुए लाबी लंबी साँसे लेते हुए अपने आपको शांत कर रहे थे और उसी की ओर देख रहे थे कामया अपनी कमर मटकाती हुई कमरे में रखे हुए टेबल की ओर बढ़ी थी और ग्लास में वही काढ़ा लेकर एक ही सांसें में पी गई थी और मुस्कुराती हुई पलटकर 

कामया- क्या हुआ बस शांत हो गये और नहीं लगाओगे देवी का भोग चलो रूपसा मंदिरा इनको तैयार करो में आती हूँ कहती हुई वो साथ में लगे बाथरूम में चली गई थी बेड पर पड़े हुए गुरुजन की आखें फटी की फटी रह गई थी कामया की चाल में गजब की मस्ती थी आकर्षण था और मादकता से भारी हुई थी गोल गोल नितंबों के नीचे उसकी पतली और सुडोल जाँघो के साथ उसकी टाँगें पीछे से गजब की लग रही थी और उसके ऊपर उसकी पतली कमर और पीठ पर फेले हुए बाल कंधे तक उूउउफ्फ…
और वो नजारा बाथरूम के डोर के पीछे चला गया था 

कामया के जाते ही कमरे में एक अजीब सी शांति छा गई थी बेड पर लेटे अधलेटे से गुरुजन एक दूसरे से नजर चुरा रहे थे अपने नंगे पन को ढकने की कोशिश में थे कि रूपसा और मंदिरा की हँसी और फूहड़ता के बीच में फिर से घिर गये थे रूपसा और मंदिरा भी लगभग नंगी थी सिर्फ़ तोंग और एक-एक चुन्नी भर उनके गले पर लटक रही थी उन्होंने तीन तीन गुरुजन को आपस में बाँट लिया था और बेड पर बिठाकर उनके सामने मादक और अश्लील हरकत करने लगी थी बिल्कुल किसी वेश्या की तरह गुरुजन ना चाहते हुए भी एक बार उनकी ओर आकर्षित हो उठे थे रूपसा के सामने गुरुजी एच और क्राइ थे मंदिरा के सामने एम एस और जाई थे एकटक उनकी ओर देखते हुए वो अपने नंगेपन को वो भूल चुके थे वैसे ही नंगे बैठे हुए एकटक उन दोनों के शरीर की भंगिमाओं देख रहे थे और अपने उत्तेजना को फिर से जगा रहे थे रूपसा लगभग नाचती हुई सी एक-एक कर गुरुजी और उनके साथ बैठे हुए गुरुजन के पास पहुँच गई थी और अपनी चूचियां नचाती हुई उसके मुख के सामने एक नशीली तरह का नाच पेश कर रही थी कमर को लहराती हुई और टांगों को आगे पीछे करती हुई रूपसा गजब की उत्तसाहित थी 


वही हाल मंदिरा का था तोंग के बाहर का हर हिस्सा गोरा और चिकना था और कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं था कि उसे कोई भी मर्द छोड़ कर कही और नजर घुमा सकता था वही हाल वहां बैठे हुए गुरुजन का था अपनी हवस को शांत किए हुए उन्हें थोड़ा सा समय ही हुआ था पर अपनी उम्र के साथ साथ अपने बुढ़ापे को ढँके हुए वो लोग एक बार फिर से उत्तेजना की गिरफ़्त में जाने लगे थे एम और एस तो कुछ ज्यादा की उत्तेजित थे 
Reply
01-18-2019, 01:27 PM,
RE: Bahu Ki Chudai बड़े घर की बहू
रूपसा और मंदिरा घूम घूमकर उन गुरुजन को उत्तेजित करने की कोशिश में थी उनकी भाव भंगिमा ऐसी थी कि कोई भी मर्द परेशान हो सकता था अपने चुचों को एक-एक करके उसके सामने नचाते हुए और आखों से भेद देने वाली नजर से जैसे वो लोग गुरुजन को खा जाने की कोशिश में थी इतने में बाथरूम का दरवाजा खुला था कामया एक बड़े से तौलिया को सिर्फ़ कंधे पर डाले नग्न आवस्था में ही बाहर निकली थी एक तरह का चूंचा ढँके हुए और नाभि तक वो तौलिया लटका हुआ था गोरी गोरी टाँगें और साथ में पेट से लेकर कंधे तक का हिस्सा खुला हुआ था एक नजर में कोई भी मर्द मरने मारने को तैयार था मुस्कुराती हुई कामया के इठलाती हुई चाल में कमरे में आते ही एक नया आओ हवा सा उस कमरे में आ गया था कामया मादक चाल में आकर उस कमरे मे होने वाली हरकतों को एक नजर घुमाकर देखा था और पास में रखे हुए टेबल पर जाकर उसी ड्रिंक को पीने लगी थी नजर अब भी उन लोगों पर था उत्तेजना की लहर अब उस कमरे में दौड़ने लगी थी रूपसा और मंदिरा अपने काम में निपुण थी अपना खेल अच्छे से जानती थी और कर भी रही थी अब तो उन गुरुजन की हाथ भी उनपर घूमने लगी थी कोई कही पकड़ता था तो कोई कही मचलती हुई रूपसा उनसे बचती हुई आगे बढ़ जाती थी और दूसरे के सामने खड़ी होकर उसे उत्तेजित करती थी तीनों के बीच में बटी हुई दोनों फिसल कर उनके हाथों से निकल जाया करती थी पर फिर खुद ही उसके आगोश में समा जाया करती थी कामया अपना ड्रिंग खतम करते हुए तौलिया को वही टेबल पर रखते हुए आगे बढ़ी थी 

सभी गुरु बेड के चारो ओर पैर लटका कर बैठे हुए अपने सामने होते हुए नाच को देखने में मस्त थे और आती हुई कामया को भी देख रहे थे कामया के आते ही रूपसा ने कामया को हल्के से अपनी बाहों में भरा था और एक हल्के से किस किया था उसके होंठों पर और पीछे आते हुए उसके चूंचों को भी हल्के से छेड़ा था कामया ने कुछ कहा था उसे क्या कोई नहीं सुन पाया था मुस्कुराती हुई मटकती हुई कमरे के एक तरफ चली गई थी मंदिरा जो कि अब भी उसके सामने बैठे हुए गुरुजनो को लुभाने में लगी हुई थी रूपसा और कामया को देख रही थी उत्तेजना और उत्सुकता उसके चहरे पर भी साफ देखी जा सकती थी पर उसे भी नहीं पता था कि क्या कहा है कामया ने एक मदभरी नजर से कामया को अपने पास आते देखती रही थी वो कामया आते ही मंदिरा की पीठ की तरफ खड़ी हो गई थी और मटकती हुई मंदिरा के चुचों को पीछे से पकड़कर थोड़ा सा मसल दिया था 


एक मादक हँसी उस कमरे में गूँज उठी थी 

कामया एक खा जाने वाली नजर से सामने बैठे गुरुजन को देखती रही 

कामया- क्या गुरुजनों बस हो गया बहुत तो उत्सुख थे बहुत तो इच्छा थी क्या हुआ बस एक बार में ही ठंडे हो गये अभी तो रात बाकी है गुरुजनो और हँसते हुए मंदिरा के कंधों को एक गहरा सा किस लिया और गुरुजनो की ओर बढ़ी थी 
अपने लटके हुए हाथों से उनके कंधों को और उनके सीने को छूते हुए वैसे ही नग्न आवस्था में एक-एक करते हुए वो आगे बढ़ी थी हर गुरुजन अपनी हवस की नजर उसके तन पर डाले उसकी ओर एक आशा भरी हुई नजर से देख रहे थे कि आगे की ओर चलती हुई कामया अपने गुरु के सामने रुक गई थी नीचे झुक कर उनके हाथों को उठाकर अपनी कमर पर रखा था और मुस्कुराते हुए 
कामया- क्यों गुरुजी आपभी बस धत्त आप तो बहुत कुछ जानते है फिर आज क्या हुआ अपनी देवी को खुश नहीं कर पाए हाँ… 
और हँसते हुए उनसे साथ कर खड़ी हो गई थी गुरुजी के हाथ उसके गोल गोल नितंबों पर घूमते हुए उसकी पीठ तक आकर रुक गये थे आस-पास से कुछ और हाथ कामया के शरीर पर घूमने लगे थे कामया ने मुस्कुराते हुए पास में बैठे हुए उन गुरुजन को भी एक मादक नज़रों से देखा 
कामया- मुझे तो और चाहिए गुरुजी आप सभी का प्यार चाहिए में बिल्कुल नहीं थकि हूँ देखिए है ना 
कहती हुई कामया ने थोड़ा सापीछे होने की कोशिश की पर गुरुजी ने उसे छोड़ा नहीं था और पास में बैठे हुए क्राइ और एच ने भी नहीं . एच और क्राइ तो खड़े भी हो गये थे और कामया से सट कर उसके चुचों को दबाने लगे थे क्राइ उसके होंठों को चूमने लगा था गुरुजी उसकी नाभि को चूमते हुए उसके पेट और नितंबों पर अपनी हथेलियाँ घुमा रहे थे इतने में कमरे का दरवाजा खुला और चार महिलाओं के साथ चार स्टड टाइप के पुरुष अंदर आए थे उनके चहरे पर नकाब था शायद उन्हें ठीक से दिख नहीं रहा था 

वो चारो महिलाए उन्हें अंदर की ओर ले आई थी मास की दुकान थे वो लोग स्टड्स टाइप के गुरुजन्न उन्हें देखकर एक बार आचंभित भी हुए पर कुछ कहा नहीं कामया क्राइ , एच और गुरुजा के बीच में फँसी हुई थी उनकी हर हरकतों को अपने अंदर समेटने की कोशिश में थी रूपसा अब थोड़ा सा इस तरफ आ गई थी उसके चहरे पर खुशी थी मंदिरा के चेहरे पर भी और कामया के चहरे पर भी उन चारो को खड़ा करके वो महिलाएँ फिर से बाहर चली गई थी 

गुरुजी- क्या करने वाली हो तुम सखी हाँ… 
और अपने गाल को कामया के पेट पर रखते हुए उसकी कोमलता का एहसास लेने लगे थे 

कामया- देखते जाइए गुरुजी रूपसा और मंदिरा का भोग है यह और आप लोगों के लिए में हूँ ना हिहिहीही 

एच और क्राइ अब तक कामया के चेहरे और कामया के हर हिस्से को चूमकर गीलाकरते जा रहे थे 

कामया के मुख से हल्की हल्की सिसकारी निकल रही थी पर उसका ध्यान उन स्टड्स की और ही था थोड़ी देर में ही वो चारो महिलाए वापस आ गई थी उनके हाथों में कुछ स्पंज के मेट्रेस्स थे आते ही वो अपने काम में लग गई थी और उन मेट्रेस्स को नीचे एक कोने में बिछा कर बिना नजर उठाए हुए उन चारो स्टड्स को उन मेट्रेस्स पर खड़ा करके सिर झुका कर बाहर की ओर चली गई थी 


कामया की नजर रूपसा और मंदिरा की ओर उठी थी मुस्कुराती हुई दोनों मट्रेस्स की ओर बढ़ी थी उन चारो लोगों को कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था उनके हरकतों से पता चलता था पर हाँ… उन्हें पता था कि उन्हें क्या करना है जैसे ही रूपसा और मंदिरा अपने हिस्से के दो-दो स्टड्स को अपनी ओर खींचा था कि वो स्टड्स उन्हें छूने और उनके शरीर को सहलाने लग गये थे कामया खड़ी हुई उन लोगों को देख रही थी और बैठे हुए गुरुजन भी तीन जने तो कामया के आस-पास थे पर बाकी के तीन खाली बैठे हुए एक अजीब सी निगाहे डाले हुए कभी कामया और कभी मट्रेस्स पर चल रहे खेल को देख रहे थे एक अजीब सा वातावरण बन गया था उस कमरे में हल्की और गहरी सिसकारी उस कमरे में अचानक ही उभरने लगी थी और गुरुजनो के चहरे के भाव भी बदलने लगे थे 


मित्रो नीचे दी हुई कहानियाँ ज़रूर पढ़ें 
Reply
01-18-2019, 01:27 PM,
RE: Bahu Ki Chudai बड़े घर की बहू
एक हवस की जानी पहचानी सी छवि उनके चहरे पर उभरने लगी थी उत्तेजना और उत्तुसूकता की लहर उसके चहरे पर दिखने लगी थी उनके अग्रेसिव और उतावले पन में अब कामया को मजा आने लगा था एक मधुर सी हँसी की आवाज़ और उत्तेजना भरी सिसकारी उस कमरे में गूँज उठी थी कामया के मचलने और इधर-उधर होने की वजह से, अब गुरुजन को उसे एक जगह खड़े रहकर संभालना थोड़ा सा मुश्किल सा हो उठा था पर तीन जनों को अब बाकी के तीन गुरुजन का साथ भी मिल गया था हर कोई कामया को खड़ा करके उसके हर हिस्से को चूमते हुए मसलते हुए उसे बेड पर से दूर रखे हुए थे कामया हँसती हुई हर गुरुजन का साथ दे रही थी एक नजर उस कमरे में हो रहे रूपसा और मंदिरा के खेल पर भी थी और अपने आस-पास खड़े हुए गुरुजन के लिंगो के स्पर्श का भी एहसास उसे था होंठों का स्पर्श हर अंग को नया जीवन दे रहा था और जीब का स्पर्श उसे गीलाकरता हुआ एक अजीब सा एहसास उसके अंदर जगा रहा था 

कामया जिस तरह से अपने शरीर को मोड़कर उन गुरुओं को उत्तेजित और स्पर्श करने की पूरी आ जादी दे रही थी उससे लग रहा था कि कामया को अब रोक पाना कठिन था कामया अपने हाथों में नहीं पता किसका लिंग लिए हुए थी पर हाँ… अच्छे से एक-एक करते हुए हर लिंग को अपने हाथों में लेकर अच्छे से तैयार करती जा रही थी इतने में अचानक ही उसके मुँह से आवाज निकली 

कामया- उूउऊफ गुरुजी क्या करते हो अच्छे से चाटो ना बहुत मजा आ रहा है म्म्म्ममममममममममममममह 
करते हुए कामया की एक जाँघ को उसने बेड पर रख दिया था और गुरु जी के सिर के बालों को कस कर पकड़कर अपनी योनि पर खींच लिया था कामया के होंठों से सिसकारी निकलते ही पास खड़े हुए एम ने उसके होंठों को अपने कब्ज़े में कर लिया पास खड़े हुए एच ने भी उसके गालों को चाटते हुए उसकी चूचियां मसलने लगा था क्राइ और एस जो कि अभी नीचे की ओर थे उसकी एक एक टाँगों को एक-एक करके अपने हिस्से में लिए हुए उसको चाट रहे थे और चूम रहे थे जाई पीछे से उसकी पीठ को चाट-ता हुआ नीचे से ऊपर और ऊपर से नीचे की ओर हो रहा था सभी के हाथ कामया की पीठ और पेट से लेकर चुचों तक आते थे और उसे आनंद के सागर में गोते खिलाने में कोई कोताही नहीं कर रहे थे 

कामया- आआआआआआअह्ह करते रहो रोको नहीं प्लीज ईईईईईईई आआआआआआआआआआह्ह बहुत मजा आरहा है 

एम- ऊऊऊओदेवी जी यही स्वर्ग है में आज से आपका गुलाम हुआ 

क्राइ- में भी देवी जी उूउउम्म्म्ममममममम

कामया के कानों में आवाजें बहुत दूर से आती हुई प्रतीत हो रही थी भारी सांसों के बीच में उसे बहुत सी आवाजें सुनाई दे रही थी उत्तेजना भरी और सेक्स में डूबी हुई कामया स्थिर खड़ी नहीं हो पा रही थी जाँघो के बीच में गुरु जी को पकड़े हुए कामया एक झटके से उनके ऊपर गिर गई थी गुरुजी के चहरे के ऊपर अपनी योनि को उनके होंठों से अलग नहीं करने दिया था उसने कामया के अंदर एक ज्वार जनम ले चुका था अब उसे कुछ और चाहिए था बहुत कुछ बहुत से मर्द थे उसके पास बहुत से हाथ थे उसके शरीर पर अब उसे चाहत थी तो बस अपने आपको भरने की एक-एक कर हर लिंग उसके अंदर चला जाए बस उसे शांति मिल जाएगी कौन पहले कौन बाद में पता नही पर जल्दी बहुत जल्दी वो बहुत उत्तेजित हो चुकी थी और अब किसी शेरनी की तरह आग्रेसिवे होने लगी थी 


बेड पर गिरते ही वो गुरुजी के चेहरे पर अपनी योनि को अड्जस्ट करने लगी थी और पूरा जोर लगाकर गुरुजी के होंठों के अंदर अपनी योनि को करने लगी थी पीछे खड़े हुए गुरुजन ने भी कोई देर नहीं की और उसके गिरते ही सभी ने जहां जगह मिली वही पर अपना कब्जा जमा लिया था हर कोई कामया को चूमने चाटने में लगा था और कामया उुउऊह्ह आआअह्ह करती हुई नीचे जमे गुरुजी के होंठो पर अपनी योनि को रगड़ने में लगी थी इतने में कामया के हाथ क्राइ पर जम गये थे और उसे खींचते हुए अपने नितंबों तक ले गई थी क्राइ को पता था कि क्या करना है और वो वहाँ अपने चेहरे को घिसते हुए कामया के नितंबों को चूमने चाटने लगा था ऊपर सभी अपने काम में जुटे थे कि कामया अचानक ही थोड़ा सा नीचे की ओर हो गई थी लगभग लेट सी गई थी अपने गुदा द्वार को क्राइ के लिए खोलकर . क्राइ ने भी अपनी जीब को उसके गुदा द्वार तक ले जाने में कोई देर नहीं की अब कामया की योनि पर गुरुजी थे और गुदा द्वार पर क्राइ था एस और एच एक तरफ से और एम और जाई एक तरफ थे 

थोड़ा सा आगे हुआ था एच और अपने आपको कामया के चेहरे को पकड़ कर सामने एडजस्ट कर लिया था मुख से सिसकी भरती हुई कामया ने एक बार अपने सामने एक सख़्त और बिल्कुल खड़े हुए लिंग कीओर देखा था उत्तेजना के चलते उसके मुख से आवाजें निकलती हुई कामया की लपलपाति हुई जीब ने एक बार उसके लिंग को छुआ था और धीरे से अपने होंठों के अंदर कर लिया था उसकी देखा देखी जाई भी आगे हो गया था और अपने लिंग को सीधा खड़ा किए अपनी बारी का इंतजार करने लगा था कामया की योनि से धीरे धीरे पानी छूटने लगा था और नीचे लेटे हुए गुरुजी को अब परेशानी होने लगी थी उनका चेहरा पूरा गीला हो चुका था पर कामया उन्हें जाने देने का कोई रास्ता नहीं दे रही थी अपने सामने झूलते हुए एक और लिंग को देखकर कामया ने हाथ बढ़ा कर उसे भी थाम लिया था और अपने होंठों पर घिसने लगी थी अंदर एक लिंग तो था ही पर चेहरे पर उस लिंग को घिसने में कामया को बड़ा मजा आ रहा था सांसें फूल चुकी थी और कभी भी कामया झड सकती थी उसे किसी की चिंता नहीं थी उसे तो बस अपनी चिंता थी वो अब अपनी योनि को और भी ज्यादा गुरुजी के होंठों पर जोर से लगाकर घिसती जा रही थी और एक भरपूर चीख उसके मुख से निकली थी और हाथो में और होंठों के बीच में लिए हुए लिंगो को लगभग काट ही लेती पर बहुत ज्यादा जोर से उन्हे जकड़ लिया था 
Reply
01-18-2019, 01:28 PM,
RE: Bahu Ki Chudai बड़े घर की बहू
झड़ने के बाद कामया शांत नहीं हुई थी उसके गुदा द्वार पर हमला अभी जारी था वो और भी कामुक हो उठी थी नीचे लेटे हुए गुरुजी सांसें लेने को उसके चुगल से जैसे ही आजाद हुए क्राइ ने मोर्चा संभाल लिया था और धीरे से अपने लंग को उसकी योनि में धक्के से डाल दिया था हर धक्का योनि के अंदर तक जाता था और बाहर आते ही फिर से वही क्रिया . कामया के होंठों से लिंग फिसलता हुआ बाहर निकल जाता था और गाल को छूते हुए गले तक आ जाता था पर कामया को कोई चिंता नहीं थी वापस होते ही फिर से अपने होंठों के अंदर कर लेती थी और मुस्कुराती हुई अपने पीछे से हो रहे आक्रमण का आनंद लेने में लगी थी पास में आए हुए एम और एस की तरफ भी उसे ध्यान देना था उसने हाथ को बढ़ाकर एक लिंग को और अपने कब्ज़े में किया था और हल्के से आगे पीछे होते में अपनी जीब से चाटने लगी थी 

क्राइ भी ज्यादा देर तक नहीं रुक पाया था और धीरे से अपने लिंग की एक तेज धार कामया की योनि के अंदर डालकर पास में गिर गया था कामया ने पलटकर खाली हुए स्थान की ओर देखा था और एक इशारा मंद सी मुकुराहट के साथ एस और क्राइ की ओर किया था एस और क्राइ जल्दी से अपनी जगह लेने को उत्तावाले हो उठे थे कामया मुस्कुराती हुई वैसे ही घोड़ी बनी रही और अपनी योनि और गुदा द्वार को उँचा करके उन दोनों को आमंत्रण देने में थी कि गुरुजी ने अचानक ही पीछे से अपनी जगह संभाल ली थी क्राइ और एस खड़े ही रह गये थे और गुरु जी का लिंग झट से उसके गुदा द्वार की अंदर हो गया था कामया एक हल्की सी आहह भरकर और पीछे की ओर हो गई थी एस ने कुछ सोचा था और आगे बढ़ कर कामया के नीचे अपनी जगह बना ली थी एस ज्यादा उत्तावाला था और कामया भी वैसे ही उतावली थी अपनी बाँहे उसने झट से एस के गले में डाल दी थी और उसे नीचे से अपनी ओर खींचते हुए अपनी योनि के अंदर जाने को उकसाने लगी थी एस जल्दी में था उसका लिंग जिस तरह से तना हुआ था उससे लगता था कि उसकी उत्सुकता और उत्तेजना जल्द की किनारा कर लेगी कामया की मचलती हुई काया का हर अंग उसके हाथों का खिलोना बनने को तैयार था एस के साथ-साथ गुरुजी भी अब जल्दी में थे और दोनों के जगह संभालते ही कामया एक हल्की सी सिसकारी भरती हुई अपने पीछे के भाग को और ऊँचा करने लगी थी उसकी कमर की चाल इतनी मदमस्त थी कि गुरुजी और एस को कोई मेहनत नहीं करनी पड़ रही थी कामया अपने आप ही अपनी कमर को इस तरह से चला रही थी कि एस और गुरुजी अपनी रफ़्तार को धीमी करते जा रहे थे 


एक अनंत सुख और उत्तेजना के सागर में गोते लगाते हुए वो अपने चरम के शिखर की ओर बढ़ने लगे थे पास मे एच और जाई भी थे और क्राइ खड़ा हुआ अपने टाइम का इंतजार कर रहा था पर जैसे ही उसने कामया की उत्तजना भरी चीख सुनी वो दौड़ कर आगे उसके मुँह की ओर आ गया था उसका लिंग आगे की ओर खड़ा और तना हुआ था कामया उन दोनों के बीच में पिसती हुई अपने आगे झूलते उस लिंग को अनदेखा ना कर पाई थी आगे बढ़ कर उसे भी अपने होंठों के अंदर कर लिया था 

पास में बैठे हुए एच और जाई ने भी कामया के हाथों को खींचकर अपने-अपने लिंग पर रख दिया था अब सभी एंगेज थे सभी अपनी तरह का सुख और आनंद पा रहे थे कोई ज्यादा तो कोई कम हाँ पर कामया देवी सभी पर मेहेरबान थी एक अनोखा खेल और सेक्स और उत्तेजना की चरम सीमा शायद यही थी एक औरत छः मर्दो को किस तरह से खुश कर रही थी यह बस उसी कमरे में ही संभव था और शायद कामया देवी के लिए ही संभव था 


कामया- म्म्म्ममममममममममममममममह ईईईईईईईीीइसस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स करो उउउंम्म करो और करो अपनी देवी को भोग लगाओ जल्दी और जल्दीीईईईईईईईईईईई करूऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ 
बोलती और बंद होती आवाज उस कमरे में चारो और गूँज रही थी साथ के बेड पर रूपसा और मंदिरा की आवाजें भी आ रही थी पता नहीं क्या-क्या पर हाँ… उत्तेजना से भरी और उन मर्दो को ललकार्ने की आवाज साफ थी हर औरत उस कमरे में एक शेरनी से कम नहीं थी और मर्द उनके आहार के रूप में ही थे . 


गुरुजी- लो देवी इस बार तो तुम कमाल की लग रही हो इस आश्रम को जरूर तुम ही उधर करोगी मेरी इच्छा पूरी हुई 
क्राइ बस हमें यही चाहिए देवी जी और बस यही और कुछ नहीं बाकी हम आपके गुलाम है 
कामया- रोको नहीं बस करते रहो बहुत मजा आ रहा है प्लीज़ उूउउम्म्म्मममममम 

लिंग के अंदर जाते ही कामया का मुँह तक जाता था पर कोई बात नहीं फिर अंदर था वो हाथों में लिए हुए लिंग को लगभग निचोड़ते जा रही थी कामया के पास में जाई और एच किसी तरह से अपने हाथों से अपने लंड को छुड़ाना चाहते थे पर कोई फ़ायदा नहीं पतली पतली उंगलियों में उनके लिंग को इस तरह से कसा हुआ था कि अगर कामया ही चाहे तो ही छूट सकता था इतने में कामया को लगा था कि नीचे से सर कुछ ज्यादा ही उत्तावाला हो उठा था 
Reply
01-18-2019, 01:28 PM,
RE: Bahu Ki Chudai बड़े घर की बहू
लिंग के अंदर जाते ही कामया का मुँह तक जाता था पर कोई बात नहीं फिर अंदर था वो हाथों में लिए हुए लिंग को लगभग निचोड़ते जा रही थी कामया के पास में जाई और एच किसी तरह से अपने हाथों से अपने लंड को छुड़ाना चाहते थे पर कोई फ़ायदा नहीं पतली पतली उंगलियों में उनके लिंग को इस तरह से कसा हुआ था कि अगर कामया ही चाहे तो ही छूट सकता था इतने में कामया को लगा था कि नीचे से सर कुछ ज्यादा ही उत्तावाला हो उठा था 

कामया- क्या हुआ एस बहुत धीरे हो गये 
कहती हुई कामया ने झट ने अपने होंठों को उसके साथ जोड़ लिया था और एक जबरदस्त झटका अपनी योनि का उसके लिंग पर किया था एस नहीं संभाल पाया था उस धक्के को और अंदर कही बहुत दूर उसके लिंग ने उसका साथ छोड़ दिया था कामया की कमर का झटका इतना जबर्जस्त था कि गुरुजी का लिंग भी उसके पीछे से निकल गया था 
पर एस ठंडा हो गया था 

एस - आआआआआह्ह बस देवी अब नही आपको खुश करना मेरे बस की बात नहीं आप देवी है सेक्स की देवी हमारी देवी सभी की देवी है आपके सामने हम कुछ नहीं आआआआआआआअह्ह और किसी मरे हुए जानवर की तरह एस के होंठों से मंद मंद आवाजें निकलती रही और कामया एक कुटिल सी हंसी लेकर एकदम से पलट गयो थी और बेड पर अधलेटी सी गुरुजी की ओर मदमस्त आखों से देखती रही और धीरे से अपनी जाँघो को खोलकर अपनी योनि को सीधे उनकी ओर करती हुई, , 
कामया- आओ गुरु जी अपनी सखी का भोग लगाओ और खूब लगाओ देखो अब आपकी बारी है हिहिहिहीही 
करती हुई कामया ने अपनी बाँहे फैला दी थी गुरुजी शायद कुछ डर गये थे पर आगे बढ़े थे कामया ने झट से उन्हे पकड़ लिया था और अपनी कमर उनके चारो ओर घेर ली थी अपने होंठों को उनके होंठों से जोड़ कर उसके मुख के अंदर ही कहा था 

कामया- आओ गुरु जी इतना मजा फिर नहीं आएगा कर लो जो करना है कल से आप भी नहीं हो यहां सबकुछ मेरा है आओ और खुश करो अपनी देवी को 

गुरु जी आगे बढ़े थे पर जिस तरह से उनका लिंग कामया के अंदर गया था और कामया ने जिस तरह से उसका स्वागत किया था वो एक अनोखा अंदाज था 

गुरुजी ने इतनी औरत भोगी थी कि उन्हें भी उनकी गिनती याद नहीं थी पर जिस तरह से कामया ने एक ही झटके में उनका लिंग अंदर लिया था और फिर हर धक्का अपनी ओर लगाती जा रही थी वो एक कमाल था गुरुजी कुछ भी नहीं कर पाए थे और लगभग चार पाँच धक्के में ही ढेर हो गये थे कामया की उत्तेजक हँसी उनके कानों को भेद गई थीऔर उस मुरझाए हुए लिंग को अपने अंदर रखे हुए ही अपनी कमर को उछालने में लगी थी हँसी की आवाज उस कमरे में एक हिस्टीरिया के मरीज जैसी फैल गई थी 

गुरु जी किसी निरीह प्राणी की तरह से उसकी ओर देख रहे थे 

कामया ऽ क्या हुआ गुरुजी नहीं संभाल पाए चलो हटो अभी भी मेरे पास और भी गुरुजन है आप भी ना गुरुजी 
कामया- आयो क्राइ तुम आओ जल्दी करो अभी रात बहुत बाकी है 
कहती हुई कामया ने क्राइ को खींच लिया था वही हाल क्राइ का भी हुआ और फिर एच और फिर जाई 
सभी इसी तरह एक के बाद, एक ढेर होते चले गये थे मादकता और जंगली पन की हँसी उस कमरे में गूँजती रही सीकारियाँ और आहह से भरी हुई हँसी उस कमरे में गूँजती रही 

डर और विफलता के और संकट के बादल उन गुरुजनो के चहरे पर साफ देखने को मिल रहे थे इतनी औरतों को भोगा था पर ये तो कमाल की थी सभी को ढेर करते हुए कामया फिर से एक झटके से उस बेड से उठी थी और आगे बढ़ती हुई एस को खींचकर सामने खड़ा कर लिया था डर उसकी आखों में साफ देखा जा सकता था 
कामया ने उसके लिंग को कस कर पकड़ा था और अपनी जीब को निकाल कर उसके होंठों को चाटते हुए 
कामया- क्या हुआ एस बस क्या और नहीं लगाओगे भोग अपनी देवी का बस 
उसके चाटने की आवाज तक उस कमरे में सरसराती हुई गूँज गई थी घबराया दिख रहा था एस . अपनी पूरी जान लगाकर उसने कामया को भोगा था पर यह औरत अब तक खड़ी है और आगे उससे और भी माँग रही है वो हार गया था 


कामया हँसती हुई आगे बढ़ी थी और एक-एक करते हुए उसने सभी को किस किया था और, सभी को आगे बढ़ने को कहा था रात के कितने बजे थे पता नहीं पर वो कमरा अब भी जवान था और रात के साथ-साथ उस कमरे में अभी बहुत कुछ बाकी था सभी गुरुजनो को चूमते हुए कामया उनके लिंग को अपने नरम हाथों में मसलते हुए मुस्कुराती हुई आखिरी में गु जी के पास पहुँचि थी और जीब निकाल कर फिर एक किस किया था 

कामया- गुरुजी आप भी थक गये क्या गुरुजी आप तो कम से कम मेरा साथ देते यह तो ऐसे ही निकले आप तो बहुत बालिस्ट और गुरुजी है मेरे आप भी साथ छोड़ दोगे यह नहीं सोचा था कहती हुई कामया ने एक बार उनकी आखों में देखा था एक पराजय की लकीर और हार की लहर उनकी आखों में उसे दिखाई दी थी 

कामया - जाओ अब जाकर आराम करो मुझे और भी काम है कहती हुई कामया उस बेड की ओर चल दी थी जहां, रूपसा और मंदिरा उन स्टड्स के साथ थी सभी गुरुजन अपनी हार को बर्दाश्त करके और मान कर कि देविजी को हराना उनके बस की बात नहीं है सोचते हुए उस कमरे से बाहर की ओर जाने लगे थे जाते जाते उनकी नजर कामया पर थी जो की मदमस्त अदा से टेबल पर रखे हुए काढ़े को पी रही थी और आगे उस बेड की ओर बढ़ गई थी 

बाहर जाते हुए गुरुजी और बाकी के गुरुजन की आँखों में एक पराजय की लकीर थी और कामया से हार कर वो लोग बाहर जा रहे थे आज पहली बार ऐसा हुआ था सभी नग्न आवस्था में ही थे और अपनी अपनी धोती को हाथों में लिए और कुछ ने कमर में सिर्फ़ बाँध भर लिया था बाहर निकल गये थे गुरु जी की नजर एक बार फिर से अंदर की ओर उठी थी 

कामया उस बेड पर थी और रूपसा और मंदिरा के साथ उन चार स्टड्स को खींच खींचकर अपने ऊपर लेने की कोशिस में थी उन स्टड्स की भी हालत बुरी थी रूपसा और मंदिरा उन्हे निचोड़ चुकी थी पर कामया की उत्तेजक और कामुख हँसी के साथ-साथ रूपसा और मंदिरा की भी हँसी की आवाज उस कमरे में गूँज रही थी गुरुजी की अंतर आत्मा ने उन्हें झींझोड़ कर रख दिया था एक झटके से उन्होंने कमरे के दरवाजे को बंद कर दिया था और बुझे मन से अपने कमरे की ओर चले गये थे सोचे रहे थे कि कहाँ से कहाँ तक पहुँच गई थी कामया 

उनका कथन बिल्कुल सही था यह औरात बहुत ही कामुक है उनका विचार बिल्कुल सही था पर इतनी कामुक होगी इसका उन्हें भी पता नहीं था इस आश्रम में बहुत सी महिलाए आई थी पर कामया बिल्कुल अलग थी सुंदर के साथ-साथ उसके शरीर की इच्छा भी कम नहीं थी मर्दो के साथ उसे खेलना आता था उसे मर्दो की जरूरत थी एक नहीं कई कई मर्दो को वो एक साथ खुश कर सकती थी उन्होंने देखा था वो औरत जो कि एक नाजुक और शरमाई सी होती थी कहाँ चली गई थी वो आज जो कामया उनके आश्राम की शान और मालिकाना हक के साथ कल इस आश्राम की मालकिन होगी वो इतनी कामुक और उत्तेजना से भरी होगी यह अंदाज़ा उन्हें नहीं था .

कामया अब पूरी तरह से इस आश्राम के रंग में रंग गई थी और उनके द्वारा किए हुए एक्सपेरिमेंट्स पर भी वो खरी उतरी थी एक कामुक और सेक्स सिंबल बन चुकी थी वो गुरुजी को आज भी याद था जब कामेश के लिए कामया का रिश्ता आया था तब ईश्वर उनके पास उसकी तस्वीर लेकर आया था और कुंडली और कामया की फोटो देखते ही वो जान गये थे और कुंडली देखते ही वो अंदाज़ा लगा चुके थे कि यह लड़की एक गजब की सेक्स मेनिक है उसके अंदर की औरत को जगाने भर की देरी है और अपने लालच के आगे गुरुजी ढेर हो गये थे उनकी इच्छा थी कि कामेश इस लड़की से शादी करे तो उन्हें भी और औरत के समान इस लड़की को भोगने को मिलेगा और आज इस लड़की ने तो कमाल ही कर दिया 


गुरुजी जब तक अपने कमरे में पहुँचे थे तब तक उनके दिमाग में कामया ही छाइ हुई थी उस कमरे में क्या हुआ होगा यह गुरु जी अच्छे से जानते थे शायद ही वो स्टड्स अपनी रक्षा कर पाए होंगे कामया ने छोड़ा नहीं होगा आखिरी बूँद तक निचोड़ लिया होगा उन स्टड्स का और रूपसा और मंदिरा भी तो थी वहीं . वो क्या कम है फुटबाल टीम भी कम पड़े जाए उनके लिए गुरुजी अपनी सोच में खोए हुए बेड पर लेट गये थे 

गुरुजी की हर करवट पर वो अतीत में खो गये थे हर पहलू उन्हें अपने पुराने दिन की याद दिला रहे थे इस आश्राम को बनाने में उन्होने क्या जतन किया था वो एक अलग कहानी है वो में बाद में लिखूंगा पर इस कहानी का अंत यही है कि अब वो कामया के हाथों में इस आश्रम को सोप कर हमेशा के लिए जा रहे है सुबह सुबह उठ-ते ही वो इसकाम में लग जाएँगे और दोपहर तक सबकुछ उसके हाथों में देकर इस देश के बाहर चले जाएँगे .

सुबह से ही आश्रम में गहमा गहमी थी हर कोई दौड़ रहा था हर कोई ववस्था में लगा हुआ था सभी की नजर इस आश्रम की सुंदरता पर थी हर कही फूल और तरह तरह के सामानो से सजाया जा रहा था कोई भी खाली या बैठा हुआ नहीं था दोपहर के 12 बजते बजते अश्राम में भीड़ लग गई थी आज बहुत भीड़ थी इतने में लंबे से कॉरिडोर में दूर से बहुत सी दासिया हाथों में फूल की ट्रे लिए हुए उभरी थी पीछे-पीछे वो 5 गुरुजन उसके पीछे गुरुजी और उसके पीछे कामयानी देवी उसके आस-पास रूपसा और मंदिरा और उसके पीछे वो 4 स्टड्स थे फूलों की बारिश के साथ-साथ और खुशबू से नहाया हुआ वो दल धीरे-धीरे मैंन डोर की ओर आ रहा था सभी एक साथ 

कामयानी देवी की जय के नारे लगने लगे थे गुरु जी की जय से सारा आश्राम गूँज गया था गोल्डन और सिल्वर मिक्स एक साड़ी में कामया बड़ी ही तनकर चल रही थी मैंन डोर पर आते ही गुरुजी सामने से हट गये थे और कामयानी देवी को संसार के सामने पेश किया था कामयानी देवी ने एक बार भीड़ की ओर देखा था और मुस्कुराती हुई अपने हाथ को उठाकर सभी को आशीर्वाद दिया था 

सारा आकाश कामयानी देवी के नारे से गूँज उठा था 

कामया की नजर सामने खड़े हुए अपने पति सास ससुर और अपने माँ बाप पर पड़ी थी मुस्कुराती हुई कामया उनकी ओर देखती रही .

हाँ वो उस घर की बहू थी, और आज इस अश्राम की मालकिन थी वो भी उसके पति और सास ससुर को अपने घर में रखने वाली थी 

सच में वो एक बड़े घर की बहू थी, और एक बड़ा सा घर और जोड़ लिया था उसने . दोस्तो ये कहानी इस तरह यही समाप्त हुई 
और मेरा सफ़र भी यही ख़तम हुआ जो मैने आपसे वादा किया था उसे पूरा किया और आप साने भी इसमे मेरा पूरा सहयोग किया उसके लिए आप सब का आभार .

समाप्त 
Reply
04-15-2019, 01:04 AM,
RE: Bahu Ki Chudai बड़े घर की बहू
बढ़िया कहानी लिखी, सुन्दर फंतासी !
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Star Hindi Kamuk Kahani वो शाम कुछ अजीब थी sexstories 93 7,687 Yesterday, 11:55 AM
Last Post: sexstories
Star Desi Porn Kahani कहीं वो सब सपना तो नही sexstories 487 159,654 07-16-2019, 11:36 AM
Last Post: sexstories
  Nangi Sex Kahani एक अनोखा बंधन sexstories 101 192,959 07-10-2019, 06:53 PM
Last Post: akp
Lightbulb Sex Hindi Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन sexstories 54 40,341 07-05-2019, 01:24 PM
Last Post: sexstories
Star Antarvasna kahani वक्त का तमाशा sexstories 277 84,189 07-03-2019, 04:18 PM
Last Post: sexstories
Star vasna story इंसान या भूखे भेड़िए sexstories 232 64,962 07-01-2019, 03:19 PM
Last Post: sexstories
Thumbs Up Incest Kahani दीवानगी sexstories 40 46,913 06-28-2019, 01:36 PM
Last Post: sexstories
Lightbulb Bhabhi ki Chudai कमीना देवर sexstories 47 59,490 06-28-2019, 01:06 PM
Last Post: sexstories
Star Maa Sex Kahani हाए मम्मी मेरी लुल्ली sexstories 65 55,465 06-26-2019, 02:03 PM
Last Post: sexstories
Star Adult Kahani छोटी सी भूल की बड़ी सज़ा sexstories 45 45,668 06-25-2019, 12:17 PM
Last Post: sexstories

Forum Jump:


Users browsing this thread: 1 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


airhostes bahinila zavale marathiladkiyan Apna virya Kaise Nikalti Hai wwwxxx.comxxxwww xnxxwww sexy stetasNude Athya seti sex baba picedesi ladkiya kb chut se safedi pane chodti hai XXX com HDmoti bhabi indan सोते hoya ki fudi lani sexy videos salvar kamijMaa bete ke karname rajsharmaमोटा लंड sexbaba हलवाई का लण्ड देखा सेक्स स्टोरीज़Chudai kahani jungle me log kachhi nhi pehentepond me dalkar chodaiNude Shenu pairkh sex baba picszaira wasim sexbabasamantha fucking imagesex babasexbaba photos bhabi ji ghar parगन्दी गालियों वाली चुदाई की स्टोरीज विथ नुदे फोटोchudai kachchi kali ka bidieowaef dabal xxx sex in hindi maratiपरिवार में गन्दी गालियों वाली सामूहिक चुड़ै ओपन माइंड फॅमिली हिंदी सेक्स कहानी कॉमileana d ki chot nagi photoSxe vdeo bopping कूवारी दुल्हन आवाज ladies chudai karte hue gadiyan deti Hui chudwatiXxx desi vidiyo mume lenevaliबेटे ने माँ कि गाँङ मारीमराठा सेxxxx girlबस मधे मला झवलीantarvasna थोङा धीरे करोrandi ku majbut chudai xxxxचुदाई होने के साथ साथ रो रही थीगाढ बोसङाMahej of x x x hot imejsote huechuchi dabaya andhere me kahaniek ghar ki panch chut or char landon ki chudai ki kahanisexy baba .com parbahan nesikya bahiko codana antravasnaXnxcomsasurkaali kaluti bahan ki hotel me chut chudaeiXXXWWWTaarak Mehta Ka Sexy kahani Sanskari dharmparayan auratSadi suda Keerti suresh Nude xxx photoShriya saran nangi photo jismSchool teacher ne ghar bula ke choda sexbaba storyxxxcom girls ki chut marte hua horschudai kachchi kali ka bidieovasavacomxxxनाई चुदाई कहानीयाँxvideos2 beti ki chit fadijetha sandhya ki jordar chudaiदेशी लंडकि कि चुदाई दिखयेरिश्तेदार की शादी मे मुझे ओर भाभी को रंडी की तरह तोदा मेहमानो नेxxxhttps://indianporn.xxx/video/bhabhi-hui-madhosh-18.htmlxxn yoni ke andar aung hindi videomakilfa wwwxxxAnanyapandaynangikriti sanon puccy pic sexbaba.netmaa ki chudai ki khaniya sexbaba.netlabada chusaiगोद मे बैठाकर अजाने से चुदाई antarvasnaPregnet beti.sexbabaA jeremiahs nude phonadan ladake se sex karwana porntvशर्मीलीसादिया और उसका बेटा सेक्स कहानीचचेरे भाई ने बुर का उदघाटन कियाindian tv actress nude picture Page 92 sex babaxxxx deshi bhabi kaviry ungali se nikalanagu nekalane tak gand mare xxx kahaneBus k jatky masi ki sex kahanisuny liyon kese chodwati h hindi ne btaixxvideomarakatrina kaif chudai kahani sex baba net site:mupsaharovo.ruNimisha pornpicshum pahlibar boyfriend kaise chodbayeSexcheekhdesi adult forumMeri bholi Bhali didi ne gaand Marawa li ek Budde sesexstory sexbabaxxnxxaliyabhataAyesha ka ganban shoher ke samnesex ladki ne land ko sharab me duba ki piya videoलडकीयो का वीर्य कब झडता हैBur bhosda m aantrhot indian aunty ka bakare ke sath pornfemalyhindi xvideo.comland par uthane wali schoolsexvideodesi bhabhi lipistik lga ke codvae