Chodan Kahani तीन देवियाँ
06-26-2018, 11:01 AM,
#11
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
थोड़ी देर तक लंड ऐसे ही अनु की चूत मे डाले रखने के बाद वो रिलॅक्स हो गई और उसकी ब्रीदिंग नॉर्मल हुई तो उसकी लंबी बाहों एक बार फिर मुझे लपेट लिया और उसकी टाँगें भी मेरी टाँगों से लिपट रही थी जैसे ठीक से चुदाई के लिए पोज़िशन ले रही हो थोड़ी देर मे मुझे लगा के अब वो दर्द भूल गई है तो अचानक मैं ने लंड को थोड़ा सा बाहर निकालते हुए एक भरपूर शॉट मारा और मेरा यह शॉट इतना पवरफुल था के वो आआआआआआहह र्र्र्र्र्र्र्ररराआआआआआजजजज्ज्ज्ज्ज्ज ऊऊऊऊऊऊओिईईईईईईईई म्‍म्म्ममममममममममाआआआआआआआ कहते हुए मुझ से

लिपट गयी और मैं अपनी गंद उठा के उसको मस्ती मे चोदने लगा. थोड़ी देर मे ही अनु भी मज़े ले के चुदवा रही थी उसका सारा दरद ख़तम हो गया था. अब वो मेरे लंड पे ठीक से बैठी थी और उछल रही थी जिस से उसकी चुचियाँ भी हिल हिल के डॅन्स कर रही थी.. जैसा मैं पहले बता चुका हू के सब कुछ नॅचुरली ही इंसान सीख जाता है उसी तरह से अनु भी उछल उछल के चुदवाना सीख गई थी. उसके बाल हवा मे उड़ रहे थे, उसके मस्त बूब्स डॅन्स कर रहे थे मैं उनको अपने हाथो से पकड़ के दबाने और मसल्ने लगा. अनु ने अपने हाथ मेरे चेस्ट पे रखे हुए थे और मेरे लंड पे उछल रही थी. अनु की छोटी सी चूत पूरी तरह से खुल चुकी थी और मेरा लंड उसकी चूत के गहराइयों मे घुस्स चुका था और उसकी बच्चे दानी से लग रहा था. अनु के मूह से मस्ती की आआआअहह राअज्जजज्ज्ज्ज्ज ब्बूहूऊऊऊऊथततटटतत्त मज़ाआअ आआआआआआ र्र्र्र्ररराआआआहहााअ हीईईईईईईईईईई आआआअहह ऊऊऊऊओ और उसकी स्पीड बढ़ गई अब तो तेज़ी से उछल रही थी और उसके मूह से एक बड़ी सी सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स और आआआाअगगगगगगगगगगगगगघह की आवाज़ निकली, उसका बदन थर थर काँपने लगा और वो मेरे बदन पे गिर पड़ी और झड़ने लगी. मैने उसको टाइट पकड़ा हुआ था और वो मेरी बाँहो मे काँप रही थी और झाड़ रही थी. उसकी चूत मे से जूस निकल निकल के मेरे लंड के डंडे से नीचे मेरे गंद के क्रॅक तक चला गया और बेडशीट पे गिरने लगा मैं ऐसे लंड उसकी चूत मे डाले लेटा रहा और वो झड़ती रही उसकी गीली चूत मेरे लंड पे खुल बंद खुल बंद होती रही और चूत के मसल्स मेरे लंड को टाइट पकड़े रहे.. जब उसका ऑर्गॅज़म ख़तम हो गया और उसका झड़ना बंद हो गया तो वो दीवानो की तरह से मेरे मूह पे किस करने लगी और बोलने लगी के राज्ज्जज मुझे तो पता ही नही था के सेक्स मे इतना मज़ा होता है और ऐसा मज़ा तो कभी भी नही मिला. यह क्या कर दिया है तुम ने मुझे. मैं मुस्कुराने लगा और बोला के यह हेट्रोसेक्स मे जो मज़ा है वो होमोसेक्श मे और लेज़्बियेनिज़्म मे नही उस्मै तुमको मज़ा ज़रूर आता होगा लैकिन चूत को ऐसा सॅटिस्फॅक्षन उसी वक़्त मिलता है जब उस्मै चुदाई के बाद लंड मे से निकला हुआ गरम गरम लावा गिरने से मिलता है. लड़की को जब किसी तगड़े लंड का मज़ा लगता है तो वो मज़े से दीवानी हो जाती है और सॅटिस्फाइ हो जाती है इसी तरह से आज तुम्हारी चूत को ऐसा ही एक लंड मिला है जिसने तुम्हारी चूत की प्यास को बुझा दिया. अनु बोली के पर राज मुझे तो ऋतु से भी मज़ा आता है और मैं उसके साथ भी कंटिन्यू करना चाहती हू तो मैं ने कहा ठीक है के कोई बात नही ऐसा होता है लड़की कभी कभी लड़की के साथ भी मज़ा लेती है और लड़के के साथ चुदवाती भी है कोई बात नही तुम ऋतु के

साथ अपने रिलेशन्स कंटिन्यू रख सकती हो तो अनु बोली के राज प्लीज़ ऋतु को नही बताना के तुम ने मेरे साथ यह सब किया है तो मैं ने कहा के कोई बात नही मैं ऋतु को कुछ नही बताउन्गा तुम फिकर ना करो.

मेरा लंड उसकी चूत मे ही फूल पिचक के साँस ले रहा था और इतनी देर मे उसकी चूत भी पूरी तरह से सॅटिस्फाइ हो के रिलॅक्स हो चुकी थी. मैं एक टाइम झाड़ चुका था और दूसरे टाइम इतनी आसानी से झड़ने वाला नही था इसी लिए अनु को अपने ऊपेर लिटाए मैं भी लेटा रहा. अनु मेरे बदन पे लेटी हुई थी और मेरे चेहरे पे किस करने लगी और ऐसे ही किस करते करते फिर से मेरे होंठो पे किस किया तो मैं ने अपना मूह खोल दिया जिस से उसने अपनी ज़ुबान मेरे मूह मे डाल दी और मैं उसकी टंग को चूसने लगा और दोनो फिर से टंग सकिंग किस करने लगे. मेरे दोनो हाथ उसके गंद पे थे और मैं उसके चिकने चूतडो को मसाज कर रहा था और दबा रहा था जिस से उसके बदन मे फिर से वासना जाग उठी और फिर से गरम हो गयी और मेरे लंड जो ऑलरेडी उसकी चूत मे रेस्ट ले रहा था उसपे पे आगे पीछे होने लगी. थोड़ी ही देर मे उसकी चूत फिर से गीली हो गई और वो फिर से मस्ती मे आ गई और मैं भी अपनी गंद उठा उठा के उसको चोदने लगा.

थोड़ी देर तक ऐसे ही धीमी गति से चोदने के बाद अब मे फिर से उसकी चूत मैं ज़ोर ज़ोर से झटके मारना चाहता था इसी लिए अनु को पलटा दिया और अब वो नीचे बेड पे पीठ के बल लेट गई और मैं उसके ऊपेर आ गया. अनु के पैर ऑटोमॅटिकली उठ गये और मेरे बॅक से लिपट गये. मैं अनु के बदन पे झुक गया और अपने पैर पीछे कर के बेड के किनारे से टीका दिया और अपना लंड बाहर निकाल के चोदना शुरू कर दिया. फिर से उसकी बगल से हाथ डाल के उसके शोल्डर्स को टाइट पकड़ लिया और दबा फुल स्पीड से ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा. मेरे एक एक झटके से उसके मूह से हप्प्प्प्प्प हप्प्प्प हप्प्प्प और फफफफफफफूऊऊऊऊ फफफफफफूऊओ ऊऊऊऊओह जैसी आवाज़ें निकल रही थी और फिर से उसकी आँखें ऊपेर चढ़ गई थी और मेरे बदन को फिर से टाइट पकड़ लिया था. मेरे चोदने की स्पीड बढ़ गई थी. फुल स्पीड से चोद रहा था ज़ोर ज़ोर से अपनी गंद उठा उठा के लंड को पूरा सूपदे तक बाहर निकाल निकाल के घचा घच चोद रहा था. मेरे झटको से अनु की चुचियाँ आगे पीछे हिलने लगी थी. अब मुझे भी महसूस हो रहा था के अब मेरी मलाई भी निकलने को रेडी है. मैं दीवानो की तरह तूफ़ानी रफ़्तार से अनु को चोद रहा था उसकी टाइट चूत को चोदने मे बोहोत ही मज़ा आ रहा था उसकी चूत बोहोत ही गीली हो चुकी थी और वो भी अब एक बार फिर से झड़ने के करीब आ

गयी थी इसी लिए मेरे बदन को टाइट पकड़ के लिपट गई थी और उसी समय मैं ने एक इतनी ज़ोर से झटका मारा के उसके मूह से एक चीख निकल गई आआआआआआआआआऐईईईईईईईईईई म्‍म्म्ममममममाआआआआआआआआआआ सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स और उसका बदन किसी सूखे पत्ते की तरह काँपने लगा और उसकी चूत मे मेरे लंड से निकली गरम गरम मलाई की बरसात होने लगी और मेरे लंड से पहली पिचकारी गिरते ही उसकी चूत भी बर्दाश्त नही कर सकी और झड़ने लगी दोनो का ऑर्गॅज़म साथ साथ चलता रहा मेरे धक्के अब स्लो होने लगे पर हर धक्के के साथ मलाई की पिचकारी निकल निकल के उसकी चूत को भरने लगी और थोड़ी देर मे ही उसकी चूत मे से दोनो का मिला जुला रस्स निकल के उसकी गंद मे से नीचे बेड पे गिरने लगा. जितनी देर ऑर्गॅज़म चलता रहा उसने मुझे टाइट पकड़े रखा और गहरी गहरी साँसे लेती रही उसकी आँखें मस्ती मे बंद हो चुकी थिया फिर जैसे जैसे ऑर्गॅज़म ख़तम होने लगा तो उसकी ग्रिप भी मेरे बदन पे लूज़ हो गई और मैं भी उसके बदन पे लेट गया जिस से उसकी चुचियाँ दब गयी. लंड अनु की चूत के अंदर ही फूल रहा था और धीरे धीरे वो चूत के अंदर ही अंदर नरम होने लगा और एक प्लॉप की आवाज़ के साथी ही बाहर निकल गया जिस से उसकी चूत मे जो हम दोनो का मिला जुला रस बचा हुआ था वो भी बाहर निकल के बेड पे गिरने लगा. अनु फॉरन ही गहरी गहरी साँसें लेने लगी और उसे नींद आ गई और वो खर्राटे मारते हुए सो गयी शाएद यह फिज़िकल और मेंटल सॅटिस्फॅक्षन की नींद थी. मैं उसके बदन पे शॉल डाल के अपने कमरे मे आके सो गया.

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कामुक कहानियाँ

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क्रमशः........
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06-26-2018, 11:01 AM,
#12
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
तीन देवियाँ पार्ट -5

गतान्क से आगे..................

सुबह जब ऋतु ऊपेर आई तो अनु शॉल ओढ़े सीधी लेटी पैर फैलाए सोई पड़ी थी. ऋतु अनु के कमरे मे आ गई और बोली दीदी उठो बोहोत देर हो गई है मेम साब और साहेब नाश्ते पे इंतेज़ार कर रहे है तो अनु टॅस से मस्स नही हुई. ऋतु करीब आ गई और हाथ लगा के अनु को जगाने की कोशिश करने लगी पर अनु नही उठी तो ऋतु ने अनु के बदन से चदडार खेच ली उउफफफफ्फ़ दीदी तुम तो अभी तक नंगी सोई पड़ी हो और यह क्या तुम्हारी तो माहवारी ( मेनास ) चालू हो गई है उठो दीदी सारी बेडशीट खराब हो गयी है और इस पे खून लगा हुआ है तो अनु हददबाड़ा के उठ बैठी और देखा के बेडशीट पे तो सच मे खून पड़ा हुआ है तो उसको एक ही मिनिट के अंदर रात की चुदाई की सारी दास्तान याद आ गयी और उसके मूह पे एक अनोखी सी मुस्कान आ गयी और वो धीरे से मुस्कुराने लगी. उसने एक सेकेंड के अंदर फ़ैसला कर लिया के ऋतु को कुछ नही बताना है इसी लिए उसने कहा अरे हा मुझे तो पता भी नही चला के आज मेरा दिन है ( मतलब के अनु की मेनास का दिन है ) और बोली के ऋतु यह बेडशीट उठा ले और लपेट के रख दे बाद मे धो देना. ठीक

है दीदी कहते हुए ऋतु ने बेडशीट को फोल्ड किया और वॉशिंग रूम मे ले गई. अनु जल्दी से उठ गई और बाथरूम मे घुस गई.

अनु नहा धो के फ्रेश हो के नीचे आ गई और सब के साथ नाश्ता किया और बता दिया के वो नेक्स्ट वीक अपने डॅडी के पास जाएगी और कॉलेज स्टार्ट होने के टाइम पे वापस आ जाएगी. अगले 7 दिन तक मैं अनु की जम्म के चुदाई करता रहा. अनु ने ऋतु से कह दिया था के उसके मेनास चल रहे है और वो उसके साथ कुछ नही कर सकेगी और रात को जब ऋतु उस से बातें करके और चूमा चॅटी और कभी तो ऋतु की चूत को चाट चाट कर खुद भी मज़ा लेती और ऋतु तो दीवानी हो जाती और चूत का पानी अनु को पिला के ही वापस नीचे चली जाती तो अनु स्टेरकेस का डोर अंदर से बंद कर देती ताके ऋतु अचानक फिर से ऊपेर ना आजाए और फिर हम अलग अलग पोज़िशन मे खूब चुदाई करते रहे और अनु खूब मज़े ले ले के चुदवाती रही. अनु जिसे मेल्स से नफ़रत थी अब मेरी और मेरे मूसल लंड की दीवानी हो चुकी थी और अपने पेरेंट्स के पास जाने के बाद भी तकरीबन डेली लेट नाइट मेरे मोबाइल पे कॉल किया करती और हम फोन सेक्स किया करते.

अब दोस्तो चलते है दूसरी हसीना की तरफ

ऋतु की चुदाई

मैं पहले ही बता चुका हू के ऋतु उमर मे काफ़ी छोटी थी पर उसका बदन बड़ा घाटेला था और उसके मस्त टाइट चुचियाँ गोल्फ बॉल जैसी छोटी और कड़क थी. कभी कमीज़ के अंदर ब्रस्सिएर पेहेन्ति कभी नही पेहेन्ति थी और जब ब्रस्सिएर नही पेहेन्ति तो चलते समय उसके चुचियाँ एक स्टाइल से डॅन्स करती दिखाई देती और मेरा लंड पॅंट के अंदर ही अंदर खड़ा हो जाता. ऋतु को तो मैं कब से चोदना चाहता था उसकी डॅन्स करती चुचियाँ और हिलते चूतदो को देख कर तो मेरा लंड बोहोत ज़ोर ज़ोर से फडकने लगता था पर कभी ऋतु को चोदने का मोका नही मिला था और साची बात तो यह है के उसको चोदने से डरता भी था क्यों के वो अभी बोहोत छोटी थी और अगर उसकी चूत फॅट गयी और उसने किसी को बता दिया तो एक नयी मुसीबत ही ना खड़ी हो जाए इसी लिए अभी डरता था पर अक्सर सोचता के कम से कम ऋतु से अपना लंड ही चुस्वा डालु और उसको अपने लंड की मलाई खिलाउ.

जैसा के अनु ने कहा था के ऋतु को मेरे और उसके के बारे मे पता नही चलना चाहिए तो मैं ने एक तरकीब सोची. अनु तो अपने मम्मी डॅडी के पास चली गई थी. मेरे मम्मी और डॅडी तो सुबह ही अपने ऑफीस चले जाते और मेरे एग्ज़ॅम्स भी ख़तम हो चुके थे और मैं घर पर ही रहता था. बरसात के दिन शुरू हो गये थे. कभी कभी बरसात होती थी कभी नही और कभी तेज़ होती कभी तो सिर्फ़ बूँदें ही पड़ के ख़तम हो जाती पर मौसम बोहोत ही अछा हो चुका था और ऐसे मौसम मे तो मेरे लंड मे बेचैनी कुछ और बढ़ गई थी. कॉलेज को छुट्टियाँ भी थी घर मे अकेला पड़ा रहता था.

उस दिन सुबह मे बारिश हो रही थे अभी धीमी गति से पड़ रही थी ज़ियादा तेज़ नही हुई थी. मेरे मोम और दाद दोनो सुबह ही ऑफीस को चले गये थे. थोड़ी देर मे ही काम वाली मासी आने वाली थी. मैं ब्रेकफास्ट कर के ऊपेर चला गया और अपने कमरे मे कंप्यूटर पे एक सेक्स स्टोरी पढ़ने लगा देखते ही देखते बारिश बोहोत ही तेज़ी से होने लगी और बिजली भी बड़ी ज़ोर ज़ोर से कडकने लगी यह शाएद सीज़न की पहली ज़बरदस्त बरसात होने वाली थी मौसम बोहोत ठंडा हो गया था मुझे कॉफी पीने का मॅन करने लगा तो मैं स्टेरकेस पे आ गया और वही से नीचे पुकारने लगा के मासी एक कप गरमा गरम कॉफी तो भेज देना ऊपेर तो ऋतु नीचे से बोली के राज बाबू अभी मासी नही आई है अब पता नही इतनी तेज़ बारिश मे आती भी है या नही तो मैं ने कहा के तुम ही बना लाओ गरमा गरम कॉफी तो उसने कहा ठीक है और मैं ने साथ मे बोल दिया के अगर अभी तक मासी नही आई है तो नीचे का मेन डोर भी लॉक करदो उसने कहा ठीक है राज बाबू बंद कर देती हू और मैं ने ऊपेर से डोर लॉक करने की आवाज़ सुनी और इत्मीनान से अपने कमरे मे आ गया और खिड़की और डोर बंद कर के बैठ गया क्यों के ठंडी हवा चलना शुरू हो गई थी.
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06-26-2018, 11:02 AM,
#13
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
मैं ने सोचा के शाएद आज ऋतु को चोदने का मोका मिल जाए. मैं ने वो एन्वेलप निकाला जिस्मै मैं ने अनु ऋतु और शालु की अलग अलग और एक दूसरे की चूते चाट ते हुए पिक्चर्स अपने डिजिटल कॅमरा से छुप के ली थी और कंप्यूटर पे प्रिंट की थी वो एन्वेलप निकाला और बेड पे डाल दिया और मैं कंप्यूटर पे चुदाई के और लेज़्बियन्स लड़कियों के एक दूसरे की चूतो को चाट चाट के मज़े लेते हुए फोटोस देखने लगा. एक तो बोहोत ही क्लियर फोटो थी जिस्मै दो लड़कियाँ एक दूसरे की चूते चाट रही थी और दूसरी पिक्चर मे एक मोटा लंड चिकनी चूत मे आधा घुसा हुआ दिखाई दे रहा था आक्च्युयली कंप्यूटर स्क्रीन पे दोनो पिक्चर्स हाफ हाफ स्क्रीन पे थी और मेरा कंप्यूटर टेबल

ऐसी पोज़िशन मे था के ऋतु जब कॉफी ला के मुझे देगी तो शुवर्ली देख लेगी और अगर टेबल पे रखेगी तो पलट ते समय उसको कंप्यूटर स्क्रीन सॉफ नज़र आ जाएगा और स्क्रीन की पिक्चर देख लेगी. बारिश बोहोत तेज़ हो चुकी थी और दिन का समय ऐसा लगता था जैसे रात हो गई हो. थोड़ी ही देर मे ऋतु ऊपेर कॉफी की ट्रे ले के आ गई और मेरे पीछे रखी हुई सेंटर टेबल पे ट्रे रख के जैसे ही घूमी उसको कंप्यूटर के स्क्रीन पे सेक्स पिक्चर नज़र आ गई और उसके मूह से “छी छी राजा बाबू यह क्या देख रहे हो” निकल गया तो मैं ने पूछा क्या हुआ ऐसी गंदी पिक्चर्स तो नही है इन्हे देखने से क्या होता है तो वो बोली यह सब अच्छी चीज़ नही है और तेज़ी से मेरे कमरे से बाहर निकलने लगी तो मैं ने फिर से पुकारा ऋतु सुनो तो वो डोर के पास ही रुक गई पर पलट के मेरी तरफ नही देखा तो मैं ने कहा वाहा देखो मेरे बेड पे एक एन्वेलप पड़ा है वो इधर लाओ, तो ऋतु पलट के वापस आ गई और एन्वेलप उठा के अपने मूह को दूसरी तरफ करते हुए मुझे एन्वेलप देने लगी तो मैं ने कहा तुम देखो इस्मै क्या है तो वो शरमाते हुए बोली के नही मुझे नही देखना है यह वैसी ही पिक्चर्स होगी जैसे आप कंप्यूटर पे देख रहे हो तो मैं ने कहा अरे नही ऋतु यह ऐसी वैसी पिक्चर्स नही है यह तो अनु के कॉलेज के फंक्षन्स के फोटोस है आज ही डेवेलप करवा के लाया हू तो वो खुशी से एन्वेलप खोलते खोलते कमरे से बाहर जाने लगी तो मैं ने कहा के यह ढेर सारी फोटोस है बाहर बारिश के कतरे पड़ने से खराब हो जाएँगी इन्है तुम इत्मीनान से यही बैठ कर देखो तो वो कन्फ्यूज़ हो गई शाएद वो मेरे कमरे मे नही बैठना चाह रही थी.

ऋतु वापस कमरे मे आ गई और मेरे बेड के कॉर्नर पे बैठ गई और एन्वेलप को एक साइड से पकड़ के उल्टा किया तो एन्वेलप से सारी की सारी पिक्चर स्लिप हो के मेरे बेड पे गिर गई. मैं कंप्यूटर के स्क्रीन से ऋतु को देख रहा था. पहली पिक्चर को देखते ही उसके मूह का रंग उड़ गया और उसके मूह ऑटोमॅटिकली खुला का खुला रह गया और ऑटोमॅटिकली निकल गया “हे भगवान” और उसके हाथो से फोटोस निकल के बेड पे गिर गई और वो मेरी तरफ ऐसे देखने लगी जैसे उसे कुछ दिखाई नही दे रहा हो और उसकी ज़ुबान से एक शब्द भी नही निकला. मैं अपनी चेर घुमा के उसकी तरफ पलट गया और पूछा ऋतु कैसे लगी फोटोस तुम्है, अच्छी है ना, तो वो कुछ नही बोली शाएद सोच मे पड़ गई के अब क्या होगा. ऋतु अपनी जगह से उठी और सीधे मेरी चेर के पास आ गई और मेरे पैरो मे गिर गयी, उसका बदन बड़ी ज़ोर से काँपने लगा और मेरे पैर पकड़ के रोने लगी के प्लीज़ राज बाबू किसी को यह फोटोस नही दिखना नही तो मैं मर जाउन्गी. मैं ने उसको थोड़ी देर रोने दिया फिर उसको शोल्डर्स

से पकड़ के अपने पैरो से उठाया तो वो मेरे सामने घुटने फ्लोर पे टेक के नील डाउन पोज़िशन मे बैठ गयी. मैं ने कहा अरे पगली मैं किसी को भी नही बताउन्गा तू कियों फिकर करती है मैं तो यह सब बोहोत दिनो से देख रहा हू. सच राजा बाबू किसी को भी नही बताओगे ना प्लीज़ तो मैं ने कहा हा नही बताउन्गा और उसके बालो मे उंगलियाँ घुमाने लगा. उसके बदन को हाथ लगाते ही मेरा लाउडा एक दम से मस्ती मे फुल अकड़ के लोहे जैसा सख़्त हो गया और मेरे बॉक्सर्स शॉर्ट्स के अंदर से बाहर निकलने को मचलने लगा. मैं ने उसके सर को पकड़े पकड़े धीरे धीरे अपनी तरफ खेचना शुरू किया तो वो भी अपने घुटनो के बल दो कदम आगे चल के मेरे दोनो पैरो के बीच मे नील डाउन हो के बैठ गयी और मेरी तरफ देखने लगी. उसकी आँखों मे एक अजीब सी बेबसी थी, एक अंजना सा सवाल था, एक खोफ़ था, एक साइलेंट रिक्वेस्ट थी. मैं ने उसका एक हाथ पकड़ केऊपेर उठाया और सीधा अपने लूस बॉक्सर्स शॉर्ट के खुले भाग से अंदर घुसा के अपने आकड़े हुए लंड पे रख दिया और इमीडीयेट्ली उसने अपना हाथ “अरे बाप र्ऱे” कहते हुए शॉर्ट के बाहर खेच लिया मैं ने उसका हाथ फिर से पकड़ा और अपने शॉर्ट के अंदर डाल के अपने फॅन फनाते लंड को उसके हाथ मे थमा दिया जिसे उसने इस टाइम थाम लिया. दोनो के मूह से कुछ भी नही निकल रहा था. ऋतु मेरे लंबे मोटे आकड़े हुए लंड के ऊपेर हाथ रखे रही तो मैं ने उसका हाथ अपने हाथ मे ले के दबाया तो वो इशारा समझ गई दोनो ने कुछ नही कहा जैसे साइलेंट अग्रीमेंट हो गया हो और ऋतु मेरे लंड को पकड़ के दबाने लगी अभी भी उसके मूह से बोहोत धीमी आवाज़ मे निकला “अरे बाप रे यह तो बहुत ही बड़ा है” मैं कुछ बोला नही बॅस मुस्कुरा दिया.

मैं अपने चेर पे थोड़ा सा और पैर खोल के चेर के सामने एड्ज पे आ गया. अब ऋतु मेरे लंड को दोनो हाथो से पकड़ के दबा रही थी. मुझे बड़ी खुशी हो रही थी के यह लड़की जिसे मैं कब से चोदना चाहता था आज वो खुद ही मेरे पैरो मे गिरी पड़ी है और मेरे लौदे को हाथ मे पकड़ के मज़े से दबा रही है. मैं ने ऋतु के सर को पकड़ के अपनी ओर खेचा तो वो एक कदम और आगे आ गई अब पोज़िशन ऐसी थी के मेरा फुल्ली एरेक्टेड आंड थ्रॉबिंग लंड उसके मूह के सामने था. मैं चाहता था के ऋतु ही मेरे बॉक्सर्स की ज़िप खोले पर वो अभी तक नही खोल रही थी तो मैं ने उसका हाथ पकड़ के अपनी बॉक्सर्स शॉर्ट्स की ज़िप के ऊपेर रख दिया तो वो शरमाते शरमाते मेरी तरफ अजीब नज़रों से देखते देखते ज़िप खोलने लगी.
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06-26-2018, 11:02 AM,
#14
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
ज़िप का खुलना था के मेरा मूसल जैसा लंड मेरे शॉर्ट्स के अंदर से किसी साँप की तरह से तड़प के बाहर निकल गया और ऋतु के मूह के सामने हिलने लगा तो ऋतु एक दम से घबरा गई और उसका

मूह डर के मारे खुल गया और उसके मूह से फिर से निकला “अरे बाप रे” और सडन्ली उसका मूह थोड़ा सा पीछे हट गया तो मैं हंस दिया और बोला के क्या हुआ कभी लंड देखा नही क्या? तो उसने अपना सर हिला दिया और कहा देखा तो है पर इतना बड़ा और मोटा नही देखा. एक बार फिर से ऋतु बोलने लगी राजा बाबू प्लीज़ किसी से कुछ भी नही कहना हमारे बारे मे नही तो मैं मर जाउन्गी तो मैं ने फिर से दिलासा दिलाया के मैं किसी से नही बताउन्गा बस मैं जैसा कहु तू वैसे ही करती जा तो उसने कहा ठीक है आप जैसा कहेंगे मैं करूगी पर प्लीज़ मैं ने उसे और कुछ कहने नही दिया और उसका मूह अपने लंड पे लगा दिया.

पहले तो वो समझी नही के क्या करना है तो मैं ने फिर से उसका हाथ पकड़ के अपने लंड पे रखा और वाइज़ ही उसके लिप्स पे अपने लंड का सूपड़ा घुमाने लगा. उसने अपना मूह बंद कर रखा था. शाएद उसे पता नही था के उसको मेरा लंड चूसना है.

अब पोज़िशन ऐसी थी के मैं चेर के एड्ज पे बैठा था, ऋतु मेरे दोनो पैरो के बीचे मे घुटनो के बल बैठी थी. मेरा मूसल लंड उसके मूह के सामने हिल रहा था. मैं ने अपने लंड को अपने हाथो से पकड़ के उसके मूह मे घुसाना शुरू किया तो उसने मूह नही खोला पर सूपड़ा उसके होंठो के बीचे मे घुस के उसके दांतो से रगड़ने लगा. मैं ने ऋतु से कहा चल अब जल्दी से मूह खोल ज़ियादा नखरे मत कर तो वो मेरी तरफ देखने लगी तो मैं ने कहा हा चल खोल मूह जल्दी से और ले इसको चूस. ऋतु ने अपना मूह थोड़ा सा खोला और मेरे लंड को ऐसे मूह मे लिया जैसे टेस्ट कर रही हो और फॉरन ही मूह हटा लिया. अब मैं ने अपने लंड को ज़बरदस्ती घुसाया तो उसने मूह खोल दिया और मेरा लंड उसके मूह मे घुस्स गया पर उसने चूसा नही ऐसे ही मूह खुला रखा तो मैं ने लंड को थोड़ा प्रेशर दिया तो लंड उसके थ्रोट तक घुस्स गया और उसके मूह से आआग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह गगगगगगगगघह जैसी आवाज़ निकल गई और उसके गले की रगे तंन के मोटी हो गई और उसकी आँखें बाहर को निकल गई और उसने अपना मूह लंड से बाहर खेचना शुरू किया तो मैं ने कहा अगर नही चूसेगी तो ऐसे ही हलक़ के अंदर तक घुसा दूँगा तो उसने बिना कुछ कहे अपना सर हिला दिया तो मैं ने उसके सर पे से अपना हाथ ढीला कर दिया.

अब ऋतु ने अपना मूह ऊपेर नीचे कर के मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया था. मैं ने अपना हाथ उसके सर पे रख दिया और उसके मूह को चोदने लगा. ऋतु थोड़ी देर तक ऐसे ही मेरे लंड को चूस्ति रही फिर मैं ने उसका मूह अपने लंड से हटा दिया तो उसने इत्मेनान की साँस ली और समझी के शाएद उसका काम ख़तम हो गया और वो अपनी जगह से उठने लगी तो मैं

ने कहा चल अब अपने कपड़े उतार तो वो मेरी तरफ दया की नज़रो से देखने लगी तो मैं ने कहा चल जल्दी कर तो उसने कहा क्यों बाबू कपड़े क्यों उतारू. मुझे लज्जा आती है प्लीज़ बाबू ऐसे ना करो ना तो मैं ने कहा अपनी चूत चटवाने और अनु और शालु की चूतो को चाटने के टाइम पे तो कपड़े उतार के नंगी हो जाती है तब तुझे लज्जा नही आती और मेरे सामने नंगी होते तुझे लज्जा आती है चल उतार जल्दी से, तो उसने कुछ नही कहा अपनी जगह से उठ के खड़ी हो गई तो मैं ने कहा चल जल्दी कर मैं तुझे नंगी देखना चाहता हू. उसने एक बार फिर से दया की नज़रो से देखा तो मैं ने अपनी उंगली को ऐसे नीचे से ऊपेर किया जैसे कह रहा हू के जल्दी से निकाल. ऋतु पलट गई और अपने शर्ट के बटन्स खोलने लगी तो मैं ने कहा हे इधर पलट के खोल मैं तुंझे नंगा होते देखना चाहता हू. इतनी देर मे एक ज़बरदस्त बिजली चमकी और गूँज से बारिश और ज़ियादा तेज़ हो गई. बारिश इतनी तेज़ी से हो रही थी जैसे लगता था के दिन के 11 नही रात के 11 बजे हैं. बाहर का मौसम तो ठंडा था पर कमरा और मैं गरम था. ऋतु ने एक बार फिर से कोशिश की के बाबू ठंड लग रही है तो मैं ने उठ के कमरे की खुली हुई विंडो भी बंद कर दी जिस से कमरे मे बाहर की ठंडी हवा आ रही थी. इतनी तूफ़ानी बारिश मे किसी के आने की उम्मीद नही थी और घर का मैन डोर भी लॉक था. मम्मी और डॅडी भी शाम से पहले घर आने वाले नही थे. घर मे मेरे और ऋतु के सिवा कोई नही था. इसी लिए ऋतु को तडपा तडपा के इत्मीनान से चोदना चाहता था और वो किसी नन्ही सी मासूम कबूतरी की तरह से डरी सहमी बड़ी अछी लग रही थी जिसे देख के मेरे लंड मे एक नया जोश आ गया था..
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06-26-2018, 11:02 AM,
#15
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
ऋतु धीरे धीरे अपने बटन्स खोलने लगी और जब सारे बटन्स खुल गये फिर भी अपने हाथ वही रहने दिए और शर्ट नही उतारी तो मैं ने कहा के खुद उतारेगी या मैं उतारू तो वो बोलने लगी राजा बाबू प्लीज़ ऐसे ना करो मुझे लज्जा आती है. मैं सोच मे पड़ गया के मैं खुद ही उसके कपड़े फाड़ डालु या उसको ही उतारने दू. फिर यह डिसाइड किया के वो खुद ही मेरे सामने नंगी होगी और उसको बोला के देख ऋतु अगर तू कपड़े नही उतारेगी तो यहा से चली जा मैं तुझे कुछ नही करूगा तो उसकी आँखो मे एक चमक आ गई शाएद वो खुश हो गई थी फिर मैं ने अपना सेंटेन्स कंप्लीट किया के देख बाद मे अगर किसी ने यह पिक्चर्स देख ली तो मुझे कुछ नही कहना तो वो फिर से डर गई और बोली के ठीक है बाबू खोलती हू. ऋतु ने अपनी शर्ट को अपने हाथ ऊपेर कर के बाहर निकाल दिया. ऋतु शाएद ब्रस्सिएर नही पहनती थी या उसकी छोटी छोटी से चुचिओ के लिए ब्रस्सिएर्स मार्केट मे नही मिलते थे मुझे नही मालूम. उसके मस्त छोटे छोटे कॉनिकल शेप की कड़क चुचियाँ मेरे

सामने थी. चूचियों पे छोटे छोटे से लाइट ब्राउन कलर के निपल्स जो अभी पूरी तरह से बने भी नही थे बड़े मस्त लग रहे थे जिन्है देखते ही मेरे लौदे मे एक नया जोश आ गया और मेरा लंड खुशी और मस्ती में झूमने लगा के आज एक नयी और कुँवारी चूत को चोदना है, नाचने लगा और लहराने लगा पर अपने आप को कंट्रोल मे रखते हुए कहा के चल अब जल्दी से अपनी सलवार उतार तो वो फिर से कहने लगी रहने दो ना बाबू अपनी कमीज़ तो निकाल दी ना अब सलवार को रहने दो ना प्लीएअसीई तो मैं ने फिर से डराया देख तेरी मर्ज़ी बाद मे मुझे कुछ ना कहने तो वो मेरी धमकी को समझ गई और अपनी सलवार का नाडा खोलने लगी. जैसे ही उसने नाडा खोला उसकी सलवार सरर से नीचे गिर पड़ी और ऋतु ने फॉरन अपने दोनो हाथो से अपनी छोटी सी बेबी चूत को छुपा लिया तो मैं ने कहा चल अब ज़ियादा नखरे मत्त कर और हाथ हटा, मुझे देखने दे तो उसने शरमाते हुए धीरे धीरे अपने हाथ हटा लिए. अब वो मेरे सामने एक दम से नंगी खड़ी थी. उसका साँवले कलर का बदन बड़ा सेक्सी लग रहा था. उसकी चूत पे बोहोत छोटी छोटी मुलायम से झांतो जैसा रूवूवा था शाएद अभी झांट आने नही शुरू हुए थे एक दम से चिकनी मक्खन जैसी ब्रांड न्यू चूत मन कर रहा था के अभी उसकी चूत पे मूह लगाउ और चूसना शुरू कर्दु पर अपने आपको कंट्रोल किया. चूत की पतली पतली पंखाड़िया एक दूसरे से जुड़े हुए थे और चूत उसके जाँघो मे एक लकीर जैसी बन गई थी. वाह क्या बताउ कितनी मस्त जवानी थी ऋतु की.

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कामुक कहानियाँ

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क्रमशः........
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06-26-2018, 11:02 AM,
#16
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
तीन देवियाँ पार्ट -6

गतान्क से आगे..................
कॉनिकल शेप की छोटी सी कड़क चुचियाँ और छोटे छोटे ब्राउन निपल जो अभी पूरी तरह से आए भी नही थे और पतली पंखाड़ियों वाली चिकनी चूत ऋतु नंगी खड़ी दर से कांपति हुई बोहोत सेक्सी लग रही थी. काम करते रहने से उसका बदन घाटेला भी हो गया था और उसकी स्वीट फौरीनटीन की एज. उसके बदन से कंवर्पण की खुश्बू आ रही थी जो मेरे मूसल लंड को दीवाना बना रही थी. लंड मे से मोटे मोटे प्री कम के ड्रॉप्स निकल रहे थे जैसे लंड के मूह मे ऐसी मस्त जवानी देख के पानी आ रहा हो.
मेरी कंप्यूटर चेर बिना हाथ वाली थी और नीचे से अड्जस्टबल थी जिसे अड्जस्ट करने से वो ऊपेर और नीचे हो जाती थी. अपनी अड्जस्टबल चेर के नीचे के लीवर को दबा के ऊपेर किया तो चेर थोड़ी सी ऊपेर उठ गई. ऋतु को अपने करीब आने का इशारा किया तो वो धीमे कदमोसे चलती मेरे दोनो टाँगो के बीच मे आ के खड़ी हो गई और ऐसी पोज़िशन थी के उसकी चुचियाँ मेरे मूह के तकरीबन सामने ही थे जिन्हे देख के मेरे मूह मे पानी आने लगा. मैं ने हाथ बढ़ा के उसकी छोटी चुचिओ को हाथो मे ले लिया और ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा. थोड़ी
देर तक उसके चुचिओ को मसलता रहा फिर उसके चूतदो पे दोनो हाथ रख के अपनी ओर खेच लिया तो वो एक कदम और आगे आ गई. अब ऋतु मेरे थाइस के बीचे मे खड़ी थी. मेरे दोनो थाइस का इन्नर पोर्षन उसके थाइस के आउटर पोर्षन से टच कर रहे थे. उसके बदन से मेरा बदन टच होते ही मेरा लंड एक बार फिर उछल उछाल के ऋतु की मस्त चूत को और उसकी कमसिन जवानी को सल्यूट करने लगा. अब ऋतु मेरे बोहोत करीब खड़ी थी मैं उसकी चूतदो पे हाथ घुमा रहा था. उसके चूतड़ बड़े मस्त और चिकने थे.ऋतु की छोटी सी चुचिओ पे ब्राउन कलर के किशमिश जैसे छोटे से निपल्स को ज़ुबान की नोक से टच किया और फिर अपने हाथो को ऊपेर उसकी पीठ से पकड़ के अपनी ओर खेचा तो उसकी चुचि मेरे मूह मे आ गई और मैं उसकी चुचि को चूसने लगा और उसी समय ऋतु के बदन मइए झूर-झूरी जैसी आ गई और वो थोड़ी देर के लिए काँपने लगी. अब मैं फिर से उसकी दोनो चुचिओ को पकड़ के मसल्ने लगा और एक चुचि को चूसने लगा. उसकी चुचि इतनी छोटी थी के पूरी चुचि मेरे मूह मे समा गई थी और बोहोत ही कड़क और सख़्त थी उसकी चुचियाँ जिन्है मैं बोहोत ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था. एक ही मिनिट के अंदर ऋतु जोश मे आ गयी और उसने मेरे बालो मे उंगलियाँ डाल दी और मेरे सर को अपने दोनो हाथो से पकड़ के अपनी चुचि मे घुसाना शुरू कर दिया तो मैं समझ गया के अब उसको भी मज़ा आने लगा है. अपना एक हाथ उसकी चुचि से निकाल के उसके चिकने चूतड़ पे सहलाते सहलाते उसकी चूत पे हाथ लगा दिया तो वो एक दम से उछल के पीछे हट गई जैसे उसे एलेक्ट्रिक शॉक लगा हो तो मैं ने उसको फिर से पकड़ कर अपने करीब खेच लिया और पूरी की पूरी चुचि को मूह मे ले के चूसने लगा. अब उसके थाइस के अंदर के भाग पे मसाज करने लगा तो उसके पैर ऑटोमॅटिकली थोड़े खुल गये और मैं धीरे धीरे अपने हाथ को उसके जाँघो के अंदर ले के मसाज करने लगा और फिर उसकी चूत पे अपने हाथ की हथेली जमा कर रख दिया तो उसके मूह से सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्
स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स ब्बयेयीयायाब्ब्ब्ब्बूवूऊवूऊवूयूयुयूवयू की आवाज़ निकल गई और मेरे हाथ को अपनी जाँघो के बीच मे बोहोत ज़ोर से दबा के पकड़ लिया और मेरे सर को ज़ोर से पकड़ के अपनी चुचि मे घुसा लिया उसका बदन एक दम से अकड़ गया था. ऋतु की चूत एक दम से गीली हो चुकी थी उसका बदन बोहोत ही गरम हो गया था और मेरे लंड का तो बुरा हाल था बोहोत ज़ोर से आकड़ा हुआ था और जोश मे हिल रहा था. मैं थोड़ी देर उसकी चूत का मसाज करता रहा जिस से उसकी चूत मे से रस निकलने लगा और उसकी चूत बोहोत ही गीली हो गई. अपनी उंगली से उसकी क्लाइटॉरिस का मसाज किया और थोड़ी सी उंगली चूत के अंदर डाल के अंदर बाहर किया तो उसका बदन बोहोत ज़ोर से अकड़ गया पूरे बदन के
मसल्स टाइट हो गये और ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की आवाज़ उसके मूह से निकली और बदन काँपने लगा और वो मेरे हाथ पे ही झड़ने लगी उसकी चूत मे से रस निकल के मेरी उंगलिओ पे लगने लगा जिसे मैने बाहर निकाल के उसके मूह मे एक उंगली डाल के उसकी चूत का रस उस को ही टेस्ट करवाया और एक उंगली खुद अपने मूह मे डाल के उसकी चूत के मस्त स्वीट जूस का टेस्ट किया आअहह क्या मस्त था कुँवारी चूत का रस. थोड़ी ही देर मे उसकी ब्रीदिंग कुछ नॉर्मल हो गई.
थोड़ी देर उसकी चुचिओ को चूसने के बाद अपने हाथो को उसकी बगल से निकाल के शोल्डर्स को पकड़ लिया और उसको नीचे बिठाने लगा पर वो इतनी मस्ती मे थी के नीचे नही बैठ रही थी तो मैं ने उसकी चुचि से मूह हटा लिया और उसको नीचे बिठा दिया पहले वाली पोज़िशन मे वो घुटनो के बल मेरे पैरो के बीच बैठ गई. अब उसने मेरे हिलते हुए लंड को खुद ही पकड़ लिया और अपने मूह मे ले के बड़ी तेज़ी से चूसने लगी वो झड़ने के बाद कुछ ज़ियादा ही गरम हो गयी थी. मैं बोहोत ही मस्ती मे आ गया था मुझे पता ही नही चला के कब मैं अपनी चेर से उठ के खड़ा हो गया और फ्लोर पे घुटने मोड़ के बैठी ऋतु के सर को पकड़ के उसके मूह को अपने लंड को अंदर बाहर कर के चोदने लगा. लंड उसके मुहे मे बोहतो तेज़ी से अंदर बाहर अंदर बाहर हो रहा था. क्यॉंके बोहोत देर से मेरा लंड खड़ा हुआ था और अब जैसे ही ऋतु ने अपने मूह को पूरा खोल के मेरे लंड को पूरा अपने मूह मे ले के चूसना शुरू किया और मैं ने उसके मूह को चोदना शुरू किया तो मेरे लंड मे हलचल होने लगी और एक ज़ोर का झटका मारा तो मेरा लंड उसके हलक के अंदर तक घुस्स गया उसकी आँखें बाहर को निकल गयी, गले की रगें तन के मोटी हो गयी और उसके मूह से उउउउउउउउउउउउउउउउउग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्घ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह की आवाज़ निकली और उसी समय मेरे लंड मे से मलाई की मोटी मोटी धारियाँ उछल उछल के सीधे उसके पेट के अंदर गिरने लगी. जितनी देर तक मेरी मलाई निकलती रही ऋतु के सर को टाइट पकड़ा रहा. लंड का सूपड़ा पूरा उसके हलक के अंदर तक घुसा हुआ था जिसकी वजा से उसकी आँखें बाहर को निकल गई थी और लाल हो गई थी जैसे उसकी ब्रीदिंग रुक गई हो. पूरी मलाई निकल जाने के बाद अपने लंड को उसके मूह से बाहर निकाल लिया और मैं अपनी चेर पे गिर गया और लंबी लंबी साँसें लेने लगा.

मैं चेर पे अपने पैर स्प्रेड कर के बैठा लंबी लंबी साँसें लेने लगा और मेरे आँखें भी झड़ने की वजह से बंद हो गई थी. ऋतु मेरे पैरो के बीचे मे ही बैठी रही और मेरे लंड को घूर के देखती रही जो अभी भी सख्ती से आकड़ा हुआ था और अभी भी हिल रहा था. लंड के सुराख मे मलाई का एक ड्रॉप निकल के आ गया था और ऋतु उस ड्रॉप को देख रही थी फिर पता नही उसको क्या हुआ के मेरे लंड के डंडे को पकड़ के थोड़ा सा दबाया तो वो ड्रॉप और बड़ा हो गया और गिरने से पहले ही ऋतु अपना मूह आगे को कर लिया और लंड के सुराख पे टीके हुई मलाई के ड्रॉप को चाटने लगी. मेरी ब्रीदिंग जब नॉर्मल हुई और मेरी आँखें खुली तो देखा के ऋतु अभी भी मेरे दोनो पैरो के बीच मे घुटनो के बल बैठी है तो मैं ने उसको उठा लिया और अपने सामने खड़ा कर के उसके पेट पे किस किया तो उसके मूह से सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की सिसकारी निकल गई और उसने फॉरन ही मेरे सर को पकड़ लिया और अपने पेट मे मेरे मूह को घुसाने लगी. मेरे हाथ उसके गंद पे थे और मैं उसके पेट पे और नवल पे किस करने लगा. उसकी चूत मे से कुँवारी चूत के जूस की मधुर सुगंध आ रही थी. मैं अपनी चेर को अड्जस्ट कर के थोडा नीचे किया जिस से मेरा मूह उसकी चूत के लेवेल मे आ गया और मैं उसकी चूत पे किस कर ने लगा तो एक दम से ऋतु की टाँगें खुल गई और बोहोत ज़ोर से और तेज़ी से अपनी चूत को मेरे मूह मे रगड़ने लगी शाएद मेरे मूसल जैसे लंड को देख के वो फिर से जोश मे आ गयी होगी या फिर यह चूत को चटवाने का मज़ा था जैसे वो अनु और शालु के साथ लिया करती थी उस से कुछ डिफरेंट रहा होगा इसी लिए वो फुल मस्ती मे आ गयी और उसकी आँखें बंद हो गयी.मेरे सर को पकड़ के मेरे मूह पे अपनी चूत को रगड़ने लगी उसकी गंद तेज़ी से आगे पीछे हो रही थी जैसे वो मेरे मूह को चोद रही हो और फिर बिना धक्के लगाए मेरे मूह पे चूत को रगड़ने लगी और उसी समय फिर से उसका बदन एक बार फिर कमान की तरह से बेंड हो गया और मेरे सर को बोहोत ज़ोर से पकड़ के अपनी चूत मे घुसा लिया और काँपते बदन से मेरे मूह मे ही झड़ने लगी. उसकी कंवारी चूत का नमकीन जूस भी मुझे शहेड से ज़ियादा मीठा लग रहा था. उसका झड़ना ख़तम हुआ और वो अपने बेजान बदन से नीचे फ्लोर पे बैठ गई. उसी समय टेलिफोन की घंटी बजी. मैं ने फोन उठाया तो मेरी मोम का फोन था बोल रही थी के उन्है एक प्रॉजेक्ट साइट देखने के लिए किसी करीब के टाउन को जाना पड़ रहा है और रात मे वापस आते आते बोहोत देर हो जाएगी और बताया के आने से पहले फोन कर लेगी तो मैं ने कहा मोम इतनी तेज़ बारिश मे क्या ज़रूरत है जाने की तो उन्हो ने बताया के ज़रूरी इस लिए है के ओनर को बिल्डिंग बना ने की जल्दी है और कोटेशन फॉरन ही देना है और जाना ज़रूरी है
तो मैं ने कहा ठीक है मोम आप लोग जाइए मैं घर मे हू और आने से पहले फोन कर लीजिए क्यॉंके घर हम ने अंदर से लॉक कर लिया है तो उन्हो ने कहा ठीक है और फोन बंद कर दिया. अब मुझे इत्मीनान हो गया के आज का सारा दिन ऋतु को चोदुन्गा और मोका मिला तो शालु को भी आज ही चोदुन्गा.
मेरे टेलिफोन करने तक ऋतु अपनी शलवार पहेन्ने की कोशिश कर रही थी तो मैं ने कहा अरे यह क्या कर रही हो आज का दिन तो तुम्है कपड़े पहेन्ने ही नही है क्यों के मोम और डॅड किसी दूसरी जगह जा रहे हैं और रात देर से वापस आएँगे और अभी तो तुझे चोदना भी है मैं तेरी कुँवारी नाज़ुक चूत को आज चोद के फड़ूगा तो वो घबरा गई और फॉरन मेरे पैरो मे गिर गयी और रोने लगी और मेरी मिन्नते करते हुए बोली के नही बाबू प्लीज़ तुम्हारा तो इतना बड़ा और मोटा है यह मेरी इतनी छोटी सी योनि मे घुसे गा तो इसको फाड़ ही डालेगा और मैं मर जाउन्गी प्लीईज बाबू ऐसा नही करो नही तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी तुम जितने टाइम कहोगे मैं ऐसे ही मूह से चूस चूस के तुम्हारी मलाई निकाल दुगी तो मैं ने उसको शोल्डर्स से पकड़ के अपने पैरो से ऊपेर उठाया और कहा तेरी चूत को कभी ना कभी फटना तो है ही और अगर आज ही फट जाए तो क्या प्राब्लम है और अगर तू यह समझती है के तू प्रेग्नेंट हो जाएगी तो तू फिकर ना कर मेरी ऋतु रानी मेरे पास एक जेल्ली है जिस से तू प्रेग्नेंट नही होगी और तेरी चूत मे लंड आसानी से अंदर जा सकेगा और मैं बोहोत धीरे धीरे चोदुगा तू फिकर ना कर तो उसने फिर से हाथ जोड़ लिए और कहा भगवान के लिए बाबू ऐसे ना करो प्लीज़. अब मेरे लंड से सबर नही हो रहा था तो मैं ने कहा देख मैं एक बार फिर से समझा रहा हू के कुछ नही होगा और तुझे बॅस एक ही टाइम दरद होगा फिर मज़ा ही मज़ा आएगा और तू बार बार मुझे चोदने के लिए बोलेगी और कोई प्राब्लम भी नही होगी और किसी को पता भी नही चलेगा तो वो कुछ कन्फ्यूज़ हो गई और अपने शलवार को आहिस्ता से उतार दिया. अब ऋतु एक बार फिर से मेरे सामने अपनी मस्त जवानी और कुँवारी चूत लिए नंगी खड़ी थी. बारिश अभी भी हो रही थी कभी तेज़ हो जाती कभी हल्की लैकिन कंटिन्यू हो रही थी.
मैं बेड पे लेट गया और हाथ के इशारे से ऋतु को पास बुलाया तो वो करीब आ गई तो मैने उसका हाथ पकड़ के बेड पे लिटा लिया. दोनो एक दूसरे की ओर करवट कर से लेटे थे. ऋतु को किस किया तो इस टाइम उसने अपने मूह खोल के मेरी ज़ुबान को वेलकम किया और चूसने लगी. इसी तरह से हम टंग सकिंग किस करने लगे. मैं देखना चाहता था के ऋतु कुछ अपनी तरफ से अड्वान्स करेगी या मुझे ही कुछ करना पड़ेगा. थोड़ी देर तक किस करते रहे पर उसने कुछ नही किया तो मैं ने उसका हाथ पकड़ के अपने
हिलते हुए लंड पे रख दिया तो वो लंड के डंडे को पकड़ के दबाने लगी और इस टाइम उसने कुछ अपनी तरफ से अड्वान्स किया और मेरे लंड को आगे पीछे कर के मूठ मारने लगी और अपनी एक टांग उठा के मेर कमर पे रख ली जिस से उसकी चूत की पतली पतली पंखाड़िया थोड़ी सी एक दूसरे से अलग हो गयी और चूत थोड़ी सी खुल गई और मेरे लंड के डंडे को पकड़ के उसके सूपदे को अपनी चूत के अंदर ऊपए नीचे घिसने लगी. लंड मे से कंटिन्यू प्री कम निकल ना शुरू हो चुका था जिसकी वजह से उसकी गीली चूत स्लिपरी भी हो गई थी. लंड के सूपदे को अपनी चूत के दाने पे ज़ोर ज़ोर से और जल्दी जल्दी रगड़ने लगी इतनी तेज़ी से रगड़ रही थी के हमारा किस ख़तम हो गया था और वो लंड के चिकने सूपदे को अपनी चूत के दाने से रगड़ने मे ही बिज़ी थी और देखते ही देखते उसका बदन फिर से हिलने लगा, उसकी आँखें बंद हो चुकी थी और आआआआआआआआआआआहह की आवाज़ निकालते हुए वो एक बार फिर से झड़ने लगी. अब मुझे यह तो पता चल गया था के वो मेरे लंड से भर पूर मज़ा ले रही है और मस्ती मे आ गई है. मैं ने लेटे ही लेटे ऋतु को अपने बदन के ऊपेर खेच लिया जिस से वो मेरे बदन पे च्चढ़ के आ गई और मेरे बदन पे ही लेट गई. दोनो के पेट एक दूसरे से चिपके हुए थे लंड उसकी जाँघो के बीच से बाहर निकला हुआ था और उसकी छोटी सी गंद के पास था. उसके बड़े लेमन के साइज़ की छोटी सख़्त कड़क मस्त चुचियाँ मेरे बालो से भरे सीने से दबी हुई थी वो अभी भी गहरी गहरी साँसें ले रही थी और बिल्कुल थक्क चुकी थी और एग्ज़ॉस्टेड बेजान मेरे बदन पे पड़ी गहरी गहरी साँसे ले रही थी.
मैं अपने हाथ उसकी पीठ पे फिरने लगा और उसके चूतदो का मसाज करने लगा. मेरा लंड उसकी दोनो जाँघो से बाहर निकला हुआ था और सीलिंग की ओर रॉकेट जैसा खड़ा था उसकी चिकनी गीली चूत मेरे नवल पे थी जिसे वो धीरे धीरे रगड़ रही थी. मेरे मसाज करने से उसके बदन मे मूव्मेंट्स होने लगी और अपने हाथो को बेड पे टीयका के थोड़ा सा ऊपेर उठी और मेरे बदन पे आगे पीछे हिलने लगी और मेरे लंड को अपनी जाँघो मे दबा के पकड़ लिया और मेरी आँखो मे आँखें डाल के मुझे घूर के देखने लगी पर बोली कुछ नही लगता था के शाएद उसकी चूत मे भी अब खुजली होने लगी थी और वो भी चुदवाने को रेडी हो गई थी. मेरे लंड के बेस (निचले भाग) पे अपनी चूत घिसने लगी तो मैने अपनी टाँगें घुटनो से मोड़ लिया जिस से उसकी टाँगें भी ऑटोमॅटिकली मूड गई और वो मेरे बदन पे अपनी टाँगें मोड़ के बैठ गई. मैं ऋतु को झुका के उसकी छोटी छोटी चुचिओ को चूसने लगा. ऋतु की छोटी छोटी चुचियाँ पूरी मेरे मूह मे समा गयी थी और उसके
चूतदो को मसाज करने लगा. बहुत मस्त चुचियाँ थी उसकी मुझे चूसने मे बोहोत मज़ा आ रहा था. मैं इतनी छोटी चुचियाँ किसी की भी नही चूसा था आज तक. मेरे चूसने से ऋतु फिर से गरम होना शुरू हो गई थी. कुछ देर तक चुचियाँ चूसने के बाद उसको पलटा लिया और अब 69 पोज़िशन मे आ गये थे. ऋतु को यह सब पोज़िशन्स का पता था कियों के वो अनु और शालु के साथ ऐसी पोज़िशन मे अपनी चूत चटवा चुकी थी और उनकी चूते भी चाट चुकी थी तो मुझे कुछ बताने की ज़रूरत नही पड़ी और वो मेरे मूह पे जॉकी की तरह से बैठ के अपनी चूत के मेरे मूह पे आगे पीछे कर के रगड़ने लगी और झुक के मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया और मैं ने भी अपनी गंद उठा उठा के उसके मूह को चोदना शुरू कर्दिआ. ऋतु मेरे मूह पे कभी अपनी चूत को रगड़ती कभी गंद उठा के चोदना शुरू कर देती. वो चूत को बोहोत तेज़ी से मेरे मूह पे रगड़ रही थी और फिर काँपते हुए मेरे मूह मे ही झड़ने लगी. उसकी लाइट ब्राउन ब्राउन कलर की चूत अंदर से बोहोत ही लाल हो गई थी और उसकी छोटी सी क्लाइटॉरिस मे हार्ट बीटिंग जैसी मूव्मेंट हो रही थी. ऋतु झड़ने के बाद इतनी मस्ती मे और जोश मे आ गई थी के मेरे लंड को हलक के अंदर तक ले रही थी और चूस रही थी और बस उसी समय मेरे लंड मे से भी गरम गरम मलाई की पिचकारियाँ निकल ने लगी जिसे वो जल्दी जल्दी चूसने लगी और एक ड्रॉप भी बाहर गिरने नही दिया. मेरा बदन भी कुछ ढीला पड़ गया था पर ऋतु का जोश ख़तम नही हुआ था और वो वैसे ही जोश मे तेज़ी से मेरे लंड को चूस रही थी जिस से मेरा लंड नरम नही हुआ था और वैसे ही आकड़ा रहा.


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कामुक कहानियाँ
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क्रमशः........
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06-26-2018, 11:03 AM,
#17
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
तीन देवियाँ पार्ट -7

गतान्क से आगे..................
अब मैं और सहन नही कर सकता था मेरा लंड बुरी तरह से अकड़ गया था और उसकी छोटी सी कंवारी चूत को चोदना चाहता था. मैं ने ऋतु को अब 69 पोज़िशन से पलटा लिया. अब वो मेरी जाँघो पे जॉकी की तरह से बैठी हुई थी उसकी चूत झड़ने से और मेरे थूक से बोहोत ही गीली हो चुकी थी. मेरा लंड अकड़ के मेरे पेट पे पड़ा हुआ था. ऋतु मेरे लंड पे ऐसे बैठी थी जिस से उसकी चूत की पंखाड़िया मेरे लंड के डंडे पे थी और वो आगे पीछे फिसल रही थी. उसकी छोटी सी चूत बोहोत ही गीली हो गई थी और लंड मे से तो प्री कम बोहोत निकल रहा था. लंड के डंडे पे उसकी गरम चूत लगने से मैं और मेरा मूसल लंड पागल हो रहा था. ऐसे ही फिसलते फिसलते ऋतु की गंद थोड़ा सा ऊपेर उठी और मेरा लंड पेट से थोड़ा सा ऊपेर उठा और उसकी चूत के सुराखमे अटक गया. ऋतु इतने जोश मे थी के उसे पता नही चला के लंड का सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे अटका हुआ है और जब वो फिसल के पीछे हटी तो लंड का चिकना सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे थोडा सा अंदर घुस्स गया तो
वो एक दम से चौंक पड़ी, उसका बदन टाइट हो गया और वो आगे निकलने की कोशिश करने लगी पर मैं ने उसको शोल्डर्स से पकड़ा हुआ था तो वो बाहर नही निकाल सकी और लंड का सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे ही अटका रहा. अब मैं अपनी गंद उठा उठा के धीरे धीरे सूपदे को चूत के सुराख मे आगे पीछे करने लगा. गीली चूत और चिकना प्रेकुं निकालता हुआ लंड का सूपड़ा ऐसे ही धक्के मारने से सूपड़ा उसकी चूत के सुराख मे अंदर घुस्स गया और ऋतु का मूह दरद के मारे खुल गया और उसके मूह से ऊऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईईईईईइ निकल गया. वो ऐसे ही रुक गई कोई मूव्मेंट नही की मैने ऋतु को फिर से झुका लिया और उसकी चुचिओ को चूसने लगा. उसकी चुचियाँ बोहोत ही सेंसेटिवे थी जैसे ही मैं चूसने लगा उसका बदन रिलॅक्स होने लगा. उसने मेरे सर को पकड़ा हुआ था और फिर से वो थोडा थोड़ा आगे पीछे होने लगी और पीछे पुश करते हुए चूत के सुराख को लंड के सूपदे पे धकेलने लगी. उसके चूत के मसल्स थोडा सा रिलॅक्स होने लगे और मेरा लंड का सूपड़ा पूरा अंदर घुस्स गया और ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊीी
ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई म्‍म्म्ममममममाआआआआआआआ कहते हुए वो अपनी चूत को मेरे लंड से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी पर मैं ने निकालने नही दिया और सूपदे को उसकी चूत से सुराख मे ही दबाए ही रखा जिस से उसकी चूत थोड़ी ही देर मे वो अड्जस्ट हो गई.
मैं वासना की आग मे जलने लगा था और जोश मे दीवाना हो गया था मेरा सारा बदन बोहोत गरम हो गया था और अब मेरे ऊपेर ऋतु को चोदने का भूत सवार हो गया था. अब मैने पोज़िशन चेंज कर के ऋतु को पीठ के बल नीचे लिटा दिया और मैं उसके ऊपेर आ गया. मेरे पैर स्ट्रेट थे और पीछे बेड से टीके हुए थे और ऋतु ने अपने पैर मेरी कमर से लपेट लिए थे. मैं ने लंड के और बॉल्स के बीच वाले भाग पे थोड़ा प्रेशर डाला तो प्री कम का एक मोटा ड्रॉप लंड के सुराख से निकल ले उसकी चूत मे गिरा जिस से उसकी चूत और चिकनी हो गई. फिर झुक के उसकी चुचिओ को चूसने लगा लंड का सूपड़ा तो चूत के सुराख मे टीका दिया था. जैसा के मैं पहले ही बता चुका हू के मुझे एक ही झटके मे कुँवारी चूत को फाड़ने का मज़ा आता है और ऐसे चूत फाड़ के चोदने का मज़ा कुछ और ही है तो अब मैं और मेरा लंड उसकी छोटी नाज़ुक कुँवारी टाइट मक्खन जैसी चिकनी चूत को फाड़ने के लिए तय्यार हो गया था. मैने ने लंड को दबा दबा के प्रेकुं को उसकी चूत मे गिराया और उसकी चूत के अंदर ऊपेर से नीचे फिराया ता के चूत कुछ और गीली और स्लूप्पेरी हो जाए और ऋतु को कुछ मज़ा भी आए तो लंड को वैसे ही चूत के सुराख मे अटका रहने दिया और दोनो हाथ उसके बगल से निकाल के शोल्डर्स को
टाइट पकड़ लिया. मैं बिना क्रीम लगाए एक ही झटके से उसकी चूत फाड़ने की तय्यारी कर चुका था तभी ऋतु ने याद दिलाया के बाबू पहले वो क्रीम तो लगा लो ना नही तो यह तुम्हारा इतना बड़ा और मोटा लोहे जैसा सख़्त मेरे अंदर जाएगा तो बोहोत दरद होगा मैं सहन नही कर पाउन्गी और अगर तुम्हारी मलाई मेरे अंदर गिर गई और मैं प्रेग्नेंट हो गई तो मैं तो किसी को मूह दिखाने के काबिल नही रहूगी तो मैं ने कहा तू फिकर ना कर अभी लगा लेता हू पहले ऐसे ही मज़ा लुगा तो वो खामोश हो गई पर उसकी आँखो से दया की भीक टपक रही थी उसे क्या पता था के आज उसकी छोटी सी कुँवारी टाइट चूत कैसे फटने वाली है
उसकी चूत तो अछी ख़ासी गीली हो चुकी थी और मेरा प्री कुम्म लगने से चिकनी और स्लिपरी भी हो गई थी. लंड को थोड़ा सा प्रेशर दिया तो उसकी छोटी सी चूत का सुराख कुछ खुल गया और लंड का सूपड़ा थोड़ा सा अंदर घुस्स गया उसका मूह तकलीफ़ से खुल गया और वो मुझ से लिपट गई. मैं थोड़ी देर तक लंड के चिकने सूपदे को ऐसे ही अंदर बाहर अंदर बाहर करता रहा जिस से उसकी चूत का सुराख रिलॅक्स हो गया और उसके ग्रिप मेरे ऊपेर थोड़ी रिलॅक्स हो गई. ऐसे ही थोड़ा थोड़ा प्रेशर देते देते लंड का सूपड़ा ऑलमोस्ट चूत के सुराख मे समा गया और मेरे ऊपेर उसकी ग्रिप हर धक्के से टाइट हो रही थी. लंड के सूपदे को चूत के अंदर ही टिकाए मैं उसके मूह मे ज़बान डाल के किस करने लगा टंग सकिंग किस कर रहे थे जिस से वो और जोश मे आ गई और उसका बदन रिलॅक्स होने लगा. अब फिर मैने लंड को चूत से बाहर खेच के अंदर करने लगा ऐसे ही 10-12 टाइम अंदर बाहर करते करते जब देखा के ऋतु एक दम से रिलॅक्स हो गई है और मज़ा ले रही है तो लंड को पूरा बाहर खेच के एक फुल पवरफुल धक्का मारा तो घच की आवाज़ के साथ ही मेरा मूसल लोहे जैसा सख़्त लंड आधे से ज़ियादा उसकी छूट को फाड़ के अंदर घुस्स चुका था और उसकी नाज़ुक बेबी चूत की सील टूट चुकी थी. उसकी चूत मे से भारी क्वांटिटी मे खून निकल ने लगा और उसका मूह पूरे का पूरा खुल चुका था उसकी आँखें सॉकेट मे ऊपेर को चढ़ गई थी और वो बड़ी भयानक आवाज़ से चिल्लईईए आआआआआ म्‍म्म्ममममाआआआआआ म्‍म्म्ममाआआआआआररर्र्र्र्र्र्र्ररर गगगगगगाआआयययययईईईईईईईई और पहले तो वो मुझ से बोहोत ज़ोर से लिपट गई और मुझ को बोहोत टाइट पकड़ लिया और उसकी आँखो से आँसू निकल के बेड पे गिरने लगे और उसके हाथ और पैर मेरे बदन से निकल के नीचे बेड पे गिर गये जैसे कोई छिपकली (वॉल लिज़र्ड) दीवार से नीचे गिर जाती है और उसके हाथ पैर भी ऐसे ही गिर गये जैसे उसके बदन से प्राण निकल गए हो. मैं अपना लंड उसकी फटी चूत मे ही रखे रखे उसके ऊपेर ऐसे ही लेटा रहा. ऋतु की साँसें बड़ी तेज़ी से
चल रही थी उसके हाथ पैर ढीले पड़ गये थे बदन पूरा ठंडा हो गया था आँखें बंद थी वो मेरे नीचे ऐसे पड़ी थी जैसे कोई डेड बॉडी पड़ी हो और मैं अपने स्टाइल मे आइ मीन के एक ही पवरफुल झटके मे एक और नयी कुँवारी चूत को फाड़ चुक्का था. मैं दो टाइम ऑलरेडी झाड़ चुका था इसी लिए अभी झड़ने मे काफ़ी टाइम था. ऋतु की छोटी सी चूत को बोहोत देर तक मस्त चोदने का इरादा था. मेरी आँखों मे एक चमक आ गयी थी के आज मैं ने एक और छोटी सी कुँवारी चूत को एक ही झटके से जो मेरी फॅवुरेट शॉट है ऐसे ही एक शॉट से फाड़ डाली थी और वो अब मेरे नीचे एक डेड बॉडी की तरह से पड़ी थी. एक कुँवारी चूत की सील तोड़ने का सोचते ही मेरे लंड मे खुशी की लहर दौड़ गई और वो चूत के अंदर ही खुशी से फूलने लगा और फिर मैं ऋतु को ने धीरे धीरे चोदना शुरू कर दिया पर देखा के वो तो हरकत ही नही कर रही है तो मैं थोड़ा सा घबरा गया पर इतना तो यकीन था के घर मे हम दोनो के सिवा और कोई नही है और कोई आने वाला भी नही था क्यों के बारिश बोहोत ही तेज़ी से पड़ रही थी और ऐसी बारिश मे किसे के आने की उम्मीद नही थी.
लंड को थोड़ी देर के लिए ऋतु की चूत के अंदर ही रखे वेट करता रहा और उसकी चूचियों को मूह मे ले के चूसने लगा के शाएद उसके बदन मे गर्मी आएगी पर ऐसा नही हुआ तो मैं ने अपना लंड उसकी फटी चूत मे से बाहर खेच के निकाल लिया और फिर जैसे ही मेरा मूसल लंड उसकी चूत से बाहर निकला तो उसकी फटी चूत से ढेर सारा खून निकल के बेड पे गिरने लगा. मैं इतना बोहोत खून देख के थोड़ी देर के लिए सच मे घबरा गया, उसको चोदना बंद कर दिया और उसको अपने हाथो मे उठा के बाथरूम मे ले गया. ऐसे सिचुयेशन मे मुझे गीता की चुदाई याद आ गई वो भी तो इसी तरह से बेहोश हो गई थी और उसको भी मैं ऐसे ही उठा के बाथरूम मे ले गया था ( दोस्तो गीता की चुदाई के बारे मे पढ़ना हो तो मेरी कहानी “कच्ची कली” पढ़िए ). मैं ऋतु को उठा के बाथरूम मे आ गया और शवर खोल के उसको नीचे खड़ा कर के पकड़ लिया. ठंडे पानी का शवर पड़ने से उसका बदन काँपने लगा और उसकी आँखें खुल गई वो होश मे आ गयी और वो मुझे ऐसी निगाहो से देखने लगी जैसे उसकी कुछ समझ मे नही आ रहा हो के उसको क्या हुआ है और वो कहा है. थोड़ी देर के बाद जब उसकी आँखें पूरी तरह से खुल गई और पूरी तरह से होश आ गया तो उसको पता लगा के उसकी कुँवारी चूत अब फॅट चुकी है तो उसकी आँखों मे फिर से आँसू आ गये और वो रोने लगी. मुझे भी ऋतु के ऊपेर दया आ गई के अभी उसकी उमर ही क्या थी हार्ड्ली 14 साल की होगी इतनी छोटी सी उमर मे ही उसकी कुँवारी चूत को फाड़ डाला था मैं ने और वो भी इतने मोटे
और तगड़े लंड से और बड़ी बे-दरदी से पर क्या करू मुझे कुँवारी चूत को ऐसे ही स्टाइल मे फाड़ने मे मज़ा आता है ( कोई लड़की ऐसे ही अपनी कुँवारी चूत को फदवाना चाहती हो तो मुझे मैल करे सीक्रेसी ईज़ गॅरेंटीड ).
मैं ने ऋतु की चूत पे लगा और अपने लंड पे लगे खून को पानी से धो के सॉफ किया. उसकी चूत से खून निकलना अब बंद हो गया था तो मैं ने शवर थोड़ी देर के लिए बंद कर दिया और ऋतु को अपनी बाँहो मे ले लिया और उसको प्यार करने लगा ऋतु रो रही थी और मैं उसको अपनी बाँहो मे ले के उसको तसल्ली दे के समझा रहा था के चुप हो जा मेरी ऋतु रानी अब तुझे कुछ नही होगा जो होना था सो हो चुका बॅस अब तू किसी बात की फिकर ना कर और यह दरद तो अभी थोड़ी ही देर मे ख़तम हो जाएगा फिर इसके बाद तुझे मज़ा ही मज़ा आएगा और तू अपने आप को लकी समझेगी के इतनी छोटी उमर मे तेरी सील टूट गयी और तू भर पूर चुदाई का मज़ा ले रही है. हम खड़े हुए थे और हमारे नंगे बदन एक दूसरे से चिपके हुए थे. उसकी छोटी छोटी चुचियाँ मेरे बदन से चिपकी हुई थी. उसकी हाइट छोटी होने से मेरा लंड उसके नाभि से लग रहा था. मैने झुक के उसके चीक्स पे किस किया उसके नेक पे किस किया, उसके फोर्हेड पे किस किया, उसकी आँखों पे किस किया और फिर उसके लिप्स पे अपने लिप्स रख के किस किया तो उसका मूह ऑटोमॅटिकली खुद ही खुल गया और अपनी ज़ुबान उसके मूह मे घुसेड दी और देखते ही देखते हम टंग सकिंग किस करने लगे और ऋतु के बदन मे गर्मी चढ़ने लगी. ऋतु को चलने मे मुश्किल हो रही थी तो मैं उसको अपने हाथो मे ही उठा के बाथरूम से बाहर ले आया और टवल से अछी तरह से उसके बदन को ड्राइ किया. उसको अपने बेड पे बिठा दिया और खुद नीचे किचन मे जा के गरमा गरम कॉफी बना के ले आया और हम दोनो कॉफी पीने लगे. ऐसी बारिश मे और ठंडे मौसम मे कॉफी पीने का मज़ा कुछ और ही है. कॉफी पीते पीते ही उसके नंगे थाइस पे मसाज करने लगा तो ऋतु ने कहा क्या बाबू अभी जी नही भरा क्या इतना बड़ा मोटा मेरी छोटी सी चूत के अंदर घुसा के मेरी चूत को फाड़ डाला फिर अभी और क्या कर रहे हो. आख़िर इरादा क्या है तुम्हारा बाबू तो मैं ने हंस के कहा अभी तो सिर्फ़ आधा ही अंदर डाला है अभी तो पूरा अंदर जाएगा जब ही तो तुम्है और मुझे मज़ा आएगा तो वो दोनो हाथो से अपने कान पकड़ते हुए बोली के भगवान के लिए मुझे माफ़ करो बाबू मुझे नही लेना ऐसा मज़ा तो मैं ने कहा के अनु और शालु के साथ तो बड़े मज़े लेती है अब क्या हुआ तुझे तो बोली के बाबू उस्मै दरद तो नही होता ना मज़ा ही मज़ा आता है तो मैं ने कहा के हा लंड से चुदने का मज़ा कुछ और ही है और इस मे बॅस एक ही टाइम दरद होता है बाद मे सारी ज़िंदगी मज़ा ही मज़ा आएगा तो उसने फिर कहा के नही बाबू मुझे नही लेना है ऐसा मज़ा
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06-26-2018, 11:03 AM,
#18
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
तो
मैं ने उसका हाथ पकड़ के अपने आकड़े हुए लंड पे रख दिया और बोला के देख यह कैसी खड़ा हो के तेरी चूत के अंदर घुसने को तय्यार हो गया है अब इसका क्या करू मैं यह कहते हुए उसकी चूत को अपने हाथ से मसाज करने लगा तो उसकी टाँगें ऑटोमॅटिकली खुल गयी और हल्की सी सस्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की आवाज़ उसके मूह से निकली और उसके साथ ही उसकी चूत गीली होना शुरू हो गयी और उसने मेरे हिलते हुए लंड को अपनी मुट्ठी मे पकड़ के मेरा मूठ मारने लगी तो मैं समझ गया के यह अब आसानी से चुदवा लेगी और डिफिनेट्ली थोड़ी ही देर मे चुदवाने को रेडी हो जाएगी.
हम दोनो बिस्तर पे टाँगें लटकाए बैठे थे. कॉफी ख़तम हो चुकी थी दोनो के बदन ड्राइ हो चुके थे पर बारिश अभी भी हो रही थी दिन मे रात का समय लगता था. मैं ने बैठे बैठे ही ऋतु को बेड पे लिटा दिया और खुद भी उसके बाज़ू मे लेट गया. दोनो एक दूसरे की तरफ करवट से लेटे थे. मेरा मूसल जैसा लंड उसकी नाभि से टच हो रहा था. ऋतु की चुचिओ को मूह मे ले के चूसने लगा जिस से वो गरम होने लगी और उसका हाथ ऑटोमॅटिकली मेरे लंड पे आ गया और वो उसे दबाने लगी. मैं ने उसको पीठ के बल लिटा दिया और खुद नीचे फ्लोर पे बैठ के उसकी चूत पे किस करने लगा तो ऋतु ने अपनी टाँगें खोल के मेरे शोल्डर पे रख ली और मेरी गर्देन से लपेट के पैरों से मेरे सर को पकड़ लिया और साथ मे अपने हाथ से भी सर को पकड़ लिया और मेरे मूह को अपनी चूत मे घुसाने लगी और अपनी गंद उठा उठा के मेरे मूह से अपनी चूत रगड़ने लगी. उसकी चूत अंदर से डार्क रेड कलर की हो गई थी. अपनी जीभ को मोड़ के गोल किया और ऋतु की चूत मे अंदर बाहर करने लगा तो वो तेज़ी से मेरी जीभ को चोदने लगी और एक ही मिनिट के अंदर उसके मूह से आआआआाअगगगगगगगगगघह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स की आवाज़ निकली और उसका बदन काँपने लगा और वो झड़ने लगी. जितनी देर तक झड़ती रही अपनी टाँगो से और अपने हाथो से मेरे सर को अपनी चूत मे टाइट पकड़ के रखा और फिर झड़ना बंद होते ही उसका बदन ढीला पड़ गया उसकी आँखें मस्ती मे बंद हो गयी और गहरी गहरी साँसें लेने लगी.
अब मेरा और मेरे लंड का मस्ती के मारे बुरा हाल था अब मैं ऋतु को जम्म के चोदना चाहता था. मैं ने ऋतु को बेड पे पेट के बल लिटा दिया जिस से उसकी टाँगें फ्लोर पे आ गई वो हाफ बेड के नीचे थी और हाफ बेड के ऊपेर. ऋतु ने कहा बाबू प्लीज़ क्रीम तो लगा लो ना नही तो मैं दरद से मर जाउन्गा. मैं ने सोचा के हा क्रीम लगाना ही ठीक है क्यॉंके मैं भी कोई चान्स नही लेना चाहता था. क्रीम का डिब्बा उठा के लाया और
अपने लंड पे अछी तरह से लगा दिया और ऋतु की चूत पे भी खूब बोहोत क्रीम लगा दिया. अब पोज़िशन ऐसी थी के दोनो के पैर फ्लोर पे टीके हुए थे वो पेट के बल उल्टा लेटी थी और मैं फ्लोर पे पैर टिकाए पीछे से हाफ डॉगी स्टाइल मे उसकी चुदाई करने को रेडी था. मैं ऋतु की टाँगो के बीचे मे आ गया और अपने लंड के डंडे को अपने हाथ से पकड़ के उसकी चूत मे मसल्ने लगा और सूपदे को उसकी चूत के सुराख पे टीका के उसके ऊपेर लेट गया और अंदर हाथ डाल के उसकी छोटी छोटी चुचिओ को मसल्ने लगा और लंड के सूपदे को चूत के सुराख के अंदर धीरे से घुसा दिया और ऐसे ही तीन चार टाइम अंदर बाहर करते करते जब मुझे महसूस हुआ के उसकी चूत के मसल्स कुछ रिलॅक्स हो गये है तो एक ही ज़बरदस्त झटके मे अपने मूसल जैसे और लोहे जैसे सख़्त लंड को उसकी चूत के अंदर तक घुसा दिया. लंड पूरा जड़ तक अंदर घुस्स गया और वो चिल्लई हहाआआआआआआआआआईईईईईईई म्‍म्म्मममममाआआआआईयईईईईईईईईईई और वो मेरी ग्रिप से निकल के उछल के बेड पे चढ़ गई जिस से लंड उसकी छूत से बाहर निकाल गया और मैं फ्लोर पे खड़ा रह गया मेरा लंड अपने शिकार को ऐसे जाते देख के बे काबू हो गया और जोश मे हिलने लगा. ऋतु की आँखो मे फिर से आँसू आ गये थे उसने कहा बाबू प्लीज़ रहने दो ना मुझे बोहोत दरद हो रहा है. अब मैं और मेरे लंड फुल मूड मे आ गये थे मैं ने गुस्से से कहा जाना चाहती है तो जा चली जा साली चूत चत्वाके मज़े लेती है चुदवाने मे नखरा दिखाती है तो वो कुछ बोली नही पर बेड पे लेट गई शाएद उसे लगा के मैं गुस्सा हो गया हू तो वो डर गई थी.. मैं ने हाथ बढ़ा के उसको फिर से बेड पे पेट के बल वैसे ही हाफ लिटा दिया जिस से उसकी गंद मुझे सॉफ दिखाई दे रही थी वह क्या मस्त चिकनी गंद थी मैं ने सोचा के इसकी गंद मारने मे भी बोहोत मज़ा आएगा फिर सोचा के पहले उसकी चूत को फाड़ डालु फिर उसकी गंद भी मारूँगा और यही सोचते हुए पीछे से उसकी दोनो टाँगो के बीच मे आ गया और अपनी टाँगो से उसकी टाँगें खोल दिया. इतनी छोटी सी कुँवारी और कमसिन चूत की चुदाई के ख़याल से ही मेरा लंड कुछ और मोटा और लंबा हो गया था. अपने मस्ती और जोश मे हिलते हुए लंड के डंडे को अपने हाथ से पकड़ के ऋतु की चूत के सुराख मे टीका दिया और इस टाइम अपने हाथो को उसकी बगल से निकाल के उसके शोल्डर्स को टाइट पकड़ लिया ता के वो फिर से मेरी ग्रिप से बाहर ना निकल सके औ रेज़ ही टाइट पकड़ के लंड थोड़ा थोड़ा अंदर बाहर अंदर बाहर करते करते एक ही पवरफुल झटके मे अपना मूसल लंड उसकी चूत मे घुसेड दिया ऋतु चिल्लई ऊऊऊऊऊऊीीईईईईईईईईईईईईईई ब्ब्बाआब्ब्ब्बुउउउउउउउउउउउउउउउउउ ननीईििककक्काालल्ल्लूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ
म्‍म्म्मममीईईईईईईईईईईईईईई म्‍म्म्ममममाआआआआआररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर गगगगगगगगगगगगाआआआयययययययईईई ऊऊऊऊऊीीईईईईईईईईई म्‍म्म्मममममममममाआआआआआअ और वो रोने लगी उसकी आँखो से आँसू निकल के बेड पे गिरने लगे और मेरी ग्रिप मे छटपटाने लगी पर मैने उसको बोहोत टाइट पकड़ा हुआ था इसी लिए वो मेरी ग्रिप से निकल नही पायी.


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कामुक कहानियाँ
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क्रमशः........
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06-26-2018, 11:04 AM,
#19
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
तीन देवियाँ पार्ट -8

गतान्क से आगे..................
वो मेरी ग्रिप मे मचल रही थी पर मैं ने अपने लंड को उसकी चूत मे घुसेडे हुए उसको बोहोत टाइट पकड़ा हुआ था. थोड़ी देर मे उसका मचलना कम हो गया और वो अपने पैर फ्लोर पे रखे रखे बेड पे गिर गयी. जब उसकी ब्रीदिंग थोड़ी नॉर्मल हुई तो लंड को अंदर बाहर करते हुए उसकी चुदाई शुरू कर दिया लंड को पूरा बाहर तक निकाल निकाल के चोद रहा था. इतनी छोटी सी चूत के अंदर मेरा रॉकेट जैसा लंड घुसा हुआ था लंड के अंदर बाहर चलते उसकी चूत की अन्द्रूनि चॅम्डी ( इन्नर पोर्षन) लंड के साथ अंदर और बाहर हो रही थी. लंड को तीन चार टाइम हाफ निकाल के अंदर कर देता फिर उसके बाद एक टाइम लंड सूपदे तक निकल के घचक के साथ उसकी छोटी सी चूत के अंदर घुसेड देता तो ऋतु के मूह से ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउप्प्प्प्प हहुउऊउउप्प्प्प उउउउउउउउउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्
फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ और ऊऊऊऊऊऊईईईईईईईईई सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स जैसे आवाज़ें निकल जाती थी. तकलीफ़ से उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे पर मुझे बोहोत मज़ा आ रहा था और मैं उसको टाइट पकड़ के घचा घच चोद रहा था. मुझे पता नही के ऋतु को मज़ा आ रहा था या नही पर इतनी छोटी और टाइट कमसिन चूत को चोदने का मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. मैं अपने मूसल लंड से उसको तूफ़ानी रफ़्तार से चोद रहा था. बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहा था पर ऋतु को बेड से टीका के ऐसे पकड़ रहा था के वो हिल भी नही सकती थी. मेरे धक्को से उसका सारा बदन हिल रहा था. मैं तेज़ी से चोद रहा था और अब ऋतु भी अपनी गंद आगे पीछे कर के लंड को पूरी तरह से अपनी चूत मे ले रही थी और मज़े ले ले के चुदवा रही थी. थोड़ी ही देर मे उसका बदन काँपने लगा और आआआआआआआाअगगगगगगगगगगगगगगघह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआआआआआआआआआआआआईईईईईईईई हहाआआआआ जैसी आवाज़ें निकालते हुए वो झड़ने लगी और बॅस उसी टाइम पे मेरे बॉल्स मे भी तूफ़ानी हलचल शुरू हो गई थी और ऋतु को बोहोत टाइट पकड़ के एक फाइनल चूत फाड़ झटका मारा तो ऋतु के मूह से ऊऊऊऊऊऊऊऊऊीीईईईईईईईईईईईईईईई म्‍म्म्ममममममाआआआआआआआआआआअ निकल गया और मेरे लंड के सुराख मे से क्रीम की मोटी मोटी और गाढ़ी
गाढ़ी गरम गरम पिचकारियाँ निकलने लगी और ऋतु की छोटी सी चूत को भरने लगी. मैं झाड़ भी रहा था और धक्के भी मार रहा था.
मुझे इतनी मस्त चुदाई का मज़ा सिर्फ़ गीता की छोटी सी बेबी कुँवारी चूत को चोदने मे आया था ( दोस्तो गीता की चुदाई की दास्तान पढ़ना हो तो मेरी कहानी “कच्ची कली” पढ़िए ) और गीता के बाद अब ऋतु की छोटी चूत मैं भी वोही मज़ा पाया.
मेरे धक्के स्लो होने लगे और गहरी गहरी साँसें लेने लगा. मेरे लंड मे से बोहोत देर तक गरमा गरम मलाई की मोटी मोटी धारियाँ निकलती रही और ऋतु की छोटी सी चूत को फुल करती रही और मैं अपने फूलते पिचकते लंड को ऋतु की टाइट चूत के अंदर ही रखे रखे उसकी की पीठ पे गहरी साँसें लेते हुए ढेर हो गया. ऋतु का बदन भी ढीला पड़ गया था और वो भी बेड पे ऐसे ही लेटी रही. मेरा लंड अभी भी ऋतु की छोटी चूत के अंदर फूल रहा था और उसकी टाइट चूत के मज़े ले रहा था. बहुत देर के बाद जब मेरा लोहे जैसा सख़्त लंड उसकी चूत के अंदर नरम होने लगा तो मैं उसके बदन से लुढ़क के उसके बाज़ू मे लेट गया. लंड के बाहर निकलते ही उसकी चूत मे से मेरी और उसकी मिक्स मलाई के साथ उसकी चूत से निकला हुआ थोड़ा और ब्लड भी निकल निकल के नीचे फ्लोर पे ऐसे गिरने लगा जैसे उसकी चूत से कोई नल्ल खुल गया हो.
मैं बेड के ऊपेर चढ़ के लेट गया और ऋतु को भी उसके बघल से पकड़ के बेड के ऊपेर खेच के अपने बाज़ू मे लिटा लिया. दोनो एक दूसरे की बाँहो मे बाहे डाले लिपट गये और गहरी नींद सो गये. पता नही कितनी देर तक हम सोते रहे टेलिफोन की घंटी बज रही थी जिस से मेरी आँख खुल गयी पर समझ मे नही आ रहा था के क्या आवाज़ है. कुछ देर के बाद पता चला के टेलिफोन की घंटी बज रही है. मैने अपना हाथ बढ़ा के फोन उठा लिया दूसरी तरफ से मोम की आवाज़ आई बेटे यहा की रोड खराब हो गयी है कार नही चल सकती हम यही कंपनी के गेस्ट हाउस मे रुक गये है और बारिश अभी तक हो रही है इसी लिए हम शाएद आज रात वापस नही आ सकेंगे तुम घर का ख़याल रखना तो मैं ने कहा कोई बात नही मोम आप लोग इत्मीनान से आइए यहा भी अभी तक बोहोत ज़ोर की बारिश हो रही है और फिर पूछा के किसी का फोन वोन तो नही आया तो मैं ने कहा नही मोम किसी का नही आया फिर मोम ने कहा ठीक है बेटा रात मे डोर अंदर से बंद कर के लॉक कर के सोना तो मैं ने कहा ठीक है मोम आप फिकर ना करे मैं सब कुछ करलूंगा.
फोन को डिसकनेक्ट कर के फोन क्रेडल मे वापस रख के ऋतु की तरफ पलट गया जो नंगी ही मेरी तरफ पीठ कर के अपने दोनो हाथ और घुटने मोड़ के ऐसे पोज़ मे लेटी थी जैसे डेलिवरी से पहले बच्चा मा के पेट मे होता है और किसी छोटे बच्चे की तरह जो खेल खेल के थक्क के सो गया हो वैसे ही गहरी नींद सो रही थी बड़ी मासूम लग रही थी. मैं पीछे से अपने घुटने ऋतु के घुटनो के बीचे मे मोड़ के रख दिया और उसी के पोज़ मे लेट गया. ऋतु मेरी ग्रिप मे एक दम से ऐसी फिट बैठी थी जैसी किसी दुकान मे खाना पकाने का छोटा बर्तन बड़े बर्तन के अंदर फिट बैठ जाता है बॅस वैसे ही वो भी मेरे बदन मे फिट बैठी थी. ऋतु के नंगे बदन से मेरा बदन टच होते ही मेरे लंड मे जान आ गई और वो खड़ा हो के किसी नाग साँप की तरह लहराने लगा.
मेरा लंड उसके चूतदो की क्रॅक से लगता हुआ उसकी चूत को टच हो रहा था मैं धीरे से उसके छोटी छोटी मस्त चुचिओ को पहले तो धीरे धीरे से सहलाता रहा फिर दबाने लगा तो उसके मूह से उउउउउउउउउउन्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न्न उउउउउउउउन्न्न्न्न्न्न की आवाज़ निकली वो मेरी ग्रिप मे कसमसाने लगी और उसकी आँख खुल गई पर वो उसी तरह से लेटी रही. मैं उसकी चुचिओ को मसल रहा था और पीछे से उसके नेक के पास किस कर रहा था और अपने आकड़े हुए लंड को उसके गंद के क्रॅक मे ऐसी मूव्मेंट कर रहा था जिस से मेरा लंड उसकी चूत से टकरा रहा था जिस से वो बोहोत ही जल्दी मूड मे आ गयी और धीरे धीरे उसके ठंडे बदन मे गर्मी चढ़ने लगी. मेरा लंड रेस्ट लेने के बाद बोहोत ज़ोर से अकड़ चुका था और स्प्रिंग की तरह से हिल रहा था. मैने हाथ बढ़ा के साइड टेबल से केवाई जेल्ली (इसका नाम की जेल्ली है पर आक्च्युयली यह एक ट्रॅन्स्परेंट क्रीम की तरह होती है जो ट्यूब और डिब्बे की पक्किकन्ग मे आता है) का डिब्बा उठा के लिया और खोल के पहले तो उसकी गंद पे ढेर सारी जेल्ली लगाया तो वो चोंक गई और बोली के यह क्या कर रहे हो बाबू तो मैं ने कहा कुछ नही पगली मैं तो तेरी चूत मे ही डालुगा तो फिकर ना कर लैकिन ऐसा फर्स्ट क्लास चान्स मैं कैसे अपने हाथ से जाने दे सकता था और पूरी तय्यारी कर चुका था के आज मौका बड़ा अछा है और ऋतु की वर्जिन गंद को भी आज ही फाड़ डालुगा पर उस बेचारी को क्या पता था. ऋतु से बोला तेरी गंद बड़ी मस्त दिख रही थी इसी लिए थोड़ी जेल्ली उसको भी लगा दी और उसको शक्क ना हो इसी लिए उसकी चूत की पंखाड़ियों पे और चूत के बीच मे अपनी उंगली डाल के अंदर तक क्रीम लगा दिया और अपने लंड पे भी ढेर सारी क्रीम लगा के रेडी हो गया. ऋतु की गंद तो उसकी चूत से भी ज़ियादा छोटी और बोहोत ही टाइट लग रही थी. पीछे से ही धक्के लगाते लगाते लंड को उसकी चूत मे घुसा दिया. ऐसी पोज़िशन मे लंड तो पूरा
अंदर नही घुस्स सकता था इसी लिए बॅस आधा ही अंदर घुस रहा था लैकिन फिर भी ऋतु की चूत की गहराई मे चला गया था लंड लंबा था और चूत छोटी इसी लिए चूत की गहराई मे घुस्स चुक्का था. ऋतु अब चुदाई का मज़ा लेने लगी थी और अपनी एक टांग उठा के मेरे टांग पे रख दी जिस से उसकी चूत मे लंड कुछ और अंदर तक घुस रहा था. ऐसे ही चोद्ते चोद्ते उसकी गंद मे उंगली करने लगा तो पहले तो मेरी उंगली अंदर घुसते ही उसकी गंद एक दमसे टाइट हो गयी पर धीरे धीरे रिलॅक्स हो गयी और ऋतु अब चुदाई के साथ गंद मे उंगली के मज़े भी लेने लगी. मेरा लंड का एरेक्षन इतना पवरफुल था के मुझे यकीन था के जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत से बाहर निकलेगा उसी टाइम पे स्प्रिंग की तरह उछल के उसकी गंद से लग जाएगा. मैने बोहोत क्वांटिटी मे जेल्ली अपने हाथ मे ले के उसकी गंद पे लगा दिया जिस से उसकी गंद मे उंगली करने मे आसानी हो रही थी. मैं अपना हाथ उसकी गंद से निकाल के उसके चुचिओ को मसल्ने लगा और उसके शोल्डर्स को पकड़ के तेज़ी से चोदने लगा. मेरा लंड उसकी चूत मे आधे से ज़ियादा अंदर घुस रहा था जिस से ऋतु को और भी मज़ा आ रहा था और फिर एक ही मिनिट के अंदर उसके मूह से आआआआआआआआआआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआहह ब्बाब्ब्बुउउउउउउउउ सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स आआआआआआआऐईईईईईई आआआआईईईईईसस्स्स्स्स्स्सीईईईई हीईईईईईई कककककाअरर्र्र्र्र्र्र्रूऊओ हहाआआआआ आआआईईएसस्स्स्स्स्स्स्सीईई हहिईीईई ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ ब्बूओहूऊवटतत्टटतत्त माज़ाआआआआआआआ आआआहह ब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बाआआआआब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बुउउउउउउउउउउउउउ और उसका बदन टाइट होने लगा और वो झड़ने लगी उसका ऑर्गॅज़म 2 मिनिट तक चलता रहा और मैं ऐसे ही तेज़ी से उसको चोद्ता रहा. जब ऋतु का ऑर्गॅज़म ख़तम हो गया उसका बदन ढीला पड़ने लगा तो मैं ने उसको पलटा के फिर से पेट के बल करवट दिला दिया उसकी टाँगें पीछे की तरफ लंबी रखी हुई थी जैसे मैं पीछे से चोदने वाला हू पर मेरा इरादा तो उसकी गंद मे लंड देने का था इसी लिए उसको ऐसे ही उल्टा लिटा के मैं उसके ऊपेर लेट गया और उसकी टाँगों के बीचे अपनी टाँगें रख के खोल दिया और एक ही झटके मे अपने लंड को अपने हाथो से पकड़ के उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और उसी मूव्मेंट मे इतनी ज़ोर से झटका मारा के मेरा मूसल जैसा लंड उसकी छोटी सी ब्राउन कलर की गंद मे एक ही झटके मे जड़ तक घुस्स गया और वो चिल्लाई ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊीीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई म्‍म्म्मममममममममममममाआआआआआआआआआआआअ म्‍म्म्मममममररर्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर गगगगगगगाआआआआआआययययययययययययईईईईईईईईई
ई उउउउफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ न्न्नीक्क्काआअल्ल्ल्ल्ल्ल्लूऊऊऊऊऊऊऊओ ब्ब्बाआआब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बुउउउउउउउउउउउ और बोहोत ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और मेरी ग्रिप से निकलने को मचलने लगी पर मैं ने उसको बोहोत ही टाइट पकड़ा हुआ था और अपने पैरो से उसके पैरो को खोल के टाइट पकड़ा हुआ था इसी लिए वो नही निकल पाई और मेरी ग्रिप मे ही तड़पने लगी. मेरा लंड और ऋतु की गंद की जेल्ली से फुल थे इसी लिए एक ही झटके मे उसकी छोटी सी टाइट गंद को फड़ता हुआ अंदर तक घुस्स चुका था. ऋतु मचल रही थी उसको इतनी मस्त चुदाई और इतने पवरफुल ऑर्गॅज़म के फॉरन बाद उसकी गंद फटने का यकीन नही था इसी लिए वो पूरी तरह से रिलॅक्स थी पर एक ही झटके मे उसकी गंद का काम तमाम हो चुका था. उसकी गंद फॅट चुकी थी जिस्मै से खून भी निकल रहा था पर मैं ने ध्यान नही दिया मैं तो अपने मूसल लंड से उसकी टाइट ब्राउन गंद को फाड़ के मस्ती मे झूमने लगा था. मेरा लंड उसकी टाइट गंद मे फँसा हुआ था और वो मेरी ग्रिप से बाहर निकलने के लिए अपने हाथ पैर बिस्तर पे मार रही थी और मेरी ग्रिप से निकलने की कोशिश करने लगी. ऋतु अब पेट के बल लेटी थी और मैं अपने पैरो से उसके पैरो को खोल के पोज़िशन ले लिया था मुझे उसकी गंद मारने के लिए बड़ी अछी पोज़िशन मिल गई.अब ऋतु पेट के बल नीचे लेती थी उसकी टाँगें खुली हुई थी और मैं उसके ऊपेर लेटा था मेरी टाँगें उसकी टाँगो के बीचे मे थी और मैं अपनी टाँगो से उसकी टाँगो को खोल रहा था और मेरा लंड उसकी टाइट गंद मे घुसा हुआ था. मैं ने उसको बोहोत ही टाइट पकड़ा हुआ था अब वो किसी भी तरह से मेरी ग्रिप से नही निकल सकती थी. मेरा लंबा मोटा लोहे जैसा सख़्त मूसल लंड उसकी गंद मे घुसा पड़ा था अब मैं धीरे धीरे धीरे उसकी गंद मारने लगा. मेरा लंड और ऋतु की गंद मे खूब बोहोत क्वांटिटी मे की जेल्ली लगी हुई थी इसी लिए लंड अब आसानी से उसकी गंद मे आ जेया रहा था और ऋतु चिल्ला रही थी न्न्न्नीइक्क्क्क्क्क्काआआआअल्ल्ल्ल्ल्ल्लूऊऊऊऊ ब्ब्ब्ब्बाआआब्ब्ब्ब्ब्ब्बुउउउउउ ब्बूओहूऊऊऊथततटटटतत्त द्दाआआर्र्र्राआअद्द्द्द्द्द्द्द हूऊऊ र्र्राआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआआअ हहाआआआईईईईईई और मेरे झटको से वो परेशान हो रही थी और मैं था के 100 किमी पर मिनिट की स्पीड से उसकी गंद मार रहा था. थोड़ी ही देर मे उसकी गंद के मसल्स मेरे लंड को अड्जस्ट कर पाए और वो मेरे नीचे खामोशी से पड़ी रही और अपनी वर्जिन गंद मरवाती रही.
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Reply
06-26-2018, 11:04 AM,
#20
RE: Chodan Kahani तीन देवियाँ
ऋतु मेरे नीचे पेट के बल लेटे अपनी टाँगें खोले पड़ी थी और मैं अपने लंड को पूरी तरह से सूपदे तक बाहर निकाल निकाल के घचा घच्छ घचा घच्छ उसकी गंद मार रहा था. मुझे पता न्ही के ऋतु को मज़ा आ रहा था या नही पर मुझे
तो बे इंतेहा मज़ा आ रहा था उसकी टाइट गंद मारने मे. अब मेरे बॉल्स मे हलचल मचनी शुरू हो गयी थी और मेरे धक्के तेज़ होने लगे और फिर एक और इतनी ज़ोर से झटका मारा के ऋतु फिर से चिल्लाई ऊऊऊऊऊऊऊओिईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई म्‍म्म्मममममममममाआआआआआआआआ म्‍म्म्मममाआआआररर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर गग्ग्गाआययययययययययईईईईईईईई और उसी टाइम पे मेरे लंड मे से मलाई की मोटी मोटी धारियाँ उड़ उड़ के उसकी फटी खून से भरी गंद को भरने लगी.
धीर धीरे मेरे झटके स्लो होने लगे और जब मेरी पूरी मलाई निकल चुकी तो मैं ऋतु की पीठ पे ही गहरी गहरी साँसें लेते हुए ढेर हो गया. मेरी आँखें मस्ती मे और फुल प्लेषर मे बंद हो चुकी थी. थोड़ी देर के बाद जब मेरी मलाई निकलना बंद हो गयी तो मैने अपने लंड को उसकी गंद मे से बाहर निकाल लिया तो देखा के उसकी छोटी सी गंद, मेरे इतने मोटे मूसल लंड के घुसने से किसी गार (केव) जैसी हो गई थी और इंग्लीश के शब्द ( ओ ) की तरह से गोल हो गयी थी और उसकी टाइट गंद का सुराख बोहोत बड़ा हो गया था और उसकी गंद के मसल्स खुल बंद हो रहे थे जैसे अभी तक मेरे लंड को फील कर रहे हो. ऋतु मेरे बाज़ू मे पड़ी थी उसकी आँखो से आँसू निकल रहे थे. उसने कहा तुम बोहोत खराब हो बाबूजी मेरे ऊपेर थोड़ी भी दया नही आई तुम्है. तुम खुद ही सोचो के अभी मेरी उमर ही क्या है और तुम ने मेरे साथ क्या कर दिया तो मैं ने कहा क्या हुआ क्यों फिकर करती है अब तुझे कभी भी दरद नही होगा बॅस यह तो पहली बार ही होता है जो आज ख़तम हो गया और आज के बाद से तो बॅस तुझे मज़ा ही मज़ा आएगा तो वो बोली के पता नही आगे क्या होगा पर आज तो तुम ने मुझे मार ही डाला. दर्द से उसका चेहरा पीला पड़ गया था.
थोड़ी देर तक हम ऐसे ही लेटे रहे. टाइम देखा तो तकरीबन 4 बजने वाले थे भूक भी लगने लगी थी.. बारिश अब कुछ कम हो गई थी पर हल्के हल्के चीते पड़ रहे थे. ऋतु बेड से उतर के कपड़े पहेन्ने लगी तो मैं ने कहा कपड़े पहेन्ने की कोई ज़रूरत नही तो वो मुझे देखने लगी और बोली के क्यों नही पहेन्ने है रहना है तो तुम ही नंगे रहो बे-शर्मो की तरह से मुझे तो लज्जा आती है नंगे रहने मे तो मैं ने कहा के अरी पगली थोड़ी ही देर पहले मोम का फोन आया था के वो लोग आज नही आने वाले है और वो लोग भी वही साइट पे फसे हुए हैं कार नही चल सकती तो वही गेस्ट हाउस मे रहेगे तो वो मुस्कुराने लगी ओह अछा तो यह बात है इसी लिए इतनी बे-शर्मी पे उतर आए हो तो मैं भी मुस्कुराने लगा और उसको अपनी बाँहो मे ले के किस करने लग और
जैसे ही मेरा लंड उसके बदन से टच हुआ वो पीछे हट गयी और बोली के अब बॅस और मेरे लंड की तरफ इशारा करते हुए बोली के मैं इसको अब और सहन नही कर सकती इसको तो मैं कुछ नही बोला और ऋतु का हाथ पकड़ के बाथरूम मे घुस्स गया तो वो बोली के अभी दिल नही भरा क्या फिर से बाथरूम मे ले जा रहे हो तुम्हारे इरादे तो ठीक है ना तो मैं ने हंस के कहा अरी पगली चल शवर लेते है एक साथ उसके बाद लंच भी तो लेना है तो वो बोली के पहले वादा करो के तुम कुछ नही करोगे अब तो मैं ने भी सोचा के जब एक टाइम ऋतु को चोद डाला है और गंद भी मार डाली है तो फिर क्या डरना है अब तो कभी भी उसको चोद सकता हू और गंद मार सकता हू तो मैं ने वादा किया के अब कुछ नही करूगा सिर्फ़ शवर लेंगे तो हम दोनो एक दूसरे के बदन को साबुन से रगड़ रगड़ के नहाने लगे मैं उसकी चूत और गंद मे साबुन लगा के की जेल्ली को रगड़ के धोया और उसी तरह से उसने मेरे लंड पे लगी जेल्ली को अछी तरह से साफ किया. ऐसे ठंडे मौसम मे एस्पेशली इतनी मस्त चुदाई के बाद गरम गरम शवर लेने का मज़ा कुछ और ही है.
शवर ले के हम दोनो नंगे ही नीचे आ गये. फ्रिड्ज से खाना निकाल के गरम किया और खाने लगे. हम दोनो टेबल पे नंगे बैठे बड़ी मस्ती मे रोमॅंटिक स्टाइल मे खाना खा रहे थे. रोटी का एक पीस कट कर के अपने मूह मे रख के ऋतु के मूह मे दे रहा था और जैसे ही ऋतु मूह खोल के रोटी अपने मूह मे ले लेती तो हम दोनो किस करने लगते उसी तरह से ऋतु भी अपने मूह से खाना मेरे मूह मे ट्रान्स्फर करती तो भी हम एक दूसरे को किस कर लेते ऐसा लगता था जैसे मैं अपनी नोकरानी के साथ नही बलके अपनी किसी प्यारी सी गर्ल फ्रेंड के साथ मस्तियाँ कर रहा हू. इसी तरह से मस्ती भरे स्टाइल मे खाना खाते खाते मेरा लंड एक बार फिर से फुल अकड़ गया था और मेरे थाइस के बीच मे स्प्रिंग की तरह से हिल हिल के ऋतु की छोटी सी चूत को सल्यूट कर रहा था.


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कामुक कहानियाँ
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क्रमशः........
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