Chudai Sex Kahani मस्त घोड़ियाँ
11-05-2017, 01:18 PM,
#21
RE: Chudai Sex Kahani मस्त घोड़ियाँ
मस्त घोड़ियाँ--14

गतान्क से आगे........................

संध्या- रोहित आज तो बहुत गर्मी है चलो कोल्ड्ड्रिंक पीते है रोहित अपनी बाइक साइड से लगा कर पहले पान की दुकान से सिगरेट लेता है उसके बाद वह जैसे ही पलट कर देखता है उसे बियर की दुकान नज़र आ जाती है वह संध्या के पास आता है और डार्लिंग बियर पियोगी क्या,

संध्या-यहा कहाँ पिएगे,

रोहित- दो बोतल ले लेते है बाइक पर चलते हुए मार लेंगे,

संध्या-ठीक है ले लो मज़ा आ जाएगा

संध्या और रोहित मस्त बियर पीकर जैसे ही संध्या के घर पहुचते है संध्या के मम्मी और पापा बाहर आ जाते है,

मेहता जब संध्या को साडी और ब्लौज मे देखता है तो उसकी नज़र सबसे पहले अपनी बेटी के भरे हुए मोटे-मोटे चुचो पर जाती है ब्लौज के उपर से ही संध्या के चुचे बहुत मोटे और ठोस नज़र आ रहे थे फिर जब मेहता ने अपनी बेटी के नंगे पेट पर नज़र डाली तो उसका लंड एक दम से लूँगी मे तन कर खड़ा हो चुका था,

संध्या के गुदाज उठे हुए पेट और उसकी गहरी नाभि देख कर मेहता ने उसको सीधे अपने सीने से दबा लिया और पागलो की तरह उसके होंठ और गालो को चूमने लगा और बियर के नशे मे उसे उसकी बेटी का गुदाज बदन इस कदर उत्तेजित कर गया कि वह अपनी बेटी के मोटे-मोटे दूध को ब्लौज के उपर से ही कस कर मसल्ते हुए उसके होंठो को चूसने लगा,

संध्या भी बियर पीकर एक दम मस्त घोड़ी की तरह अपने बाप के लंड पर झूम पड़ती है और उनका लंड लूँगी के उपर से पकड़ कर अपने जिस्म का भार अपने पापा पर डालते हुए ओह पापा आप कितने अच्छे है तभी मेहता संध्या के भारी चुतडो का जयजा लेता है और जब अपनी बेटी की कसे हुई भारी गंद को अपने हाथो से सहलाता है तो उसका लंड फंफना उठता है,

उधर रोहित जब अपनी गोल मटोल चिकनी सास को देखता हुआ उनके पास जाता है तभी ममता रोहित को सीधे अपने मोटे-मोटे दूध से दबा लेती है, अपनी सास के बदन से उठती भीनी खुश्बू रोहित को मस्त कर देती है और वह अपनी सास की मोटी गंद को अपने लंड की ओर दबाते हुए ओह मम्मी कितने दिनो बाद आपको गले लगा रहा हू और फिर रोहित अपनी सास के होंठो को अपने मूह मे भर कर चूसने लगता है,

कुछ देर चारो लोग एक दूसरे को चूमते सहलाते है फिर घर के अंदर आकर सोफे पर बैठ जाते है,

ममता-आप दोनो बैठो मैं और संध्या चेंज करके आते है,

मेहता- लो रोहित तुम्हारे आने की खुशी मे हमने पहले से ही बियर का बंदोबस्त कर लिया था,

रोहित-पापा जी मैं तो पहले ही जानता था आप हमारा स्वागत कुछ इस तरह से ही करेगे, दोनो ससुर दामाद बियर पी कर मस्त हो रहे थे और नशा पूरे शबाब पर था तभी तभी संध्या आकर अपने पापा की गोद मे बैठ जाती है वह केवल एक छ्होटा सा गाउन पहने हुए थी जिससे उसकी मोटी गुदाज जंघे भी साफ नज़र आ रही थी, उधर ममता भी एक वाइट कलर का गाउन पहन कर अपने जवाई के पास आकर बैठ जाती है दोनो रंडियो ने ब्रा और पॅंटी पहले ही निकाल दी थी,

मेहता-बेटी तेरा बदन तो बहुत गदरा गया है और फिर उसके पतले से गाउन के उपर से अपनी बेटी की मोटी गंद को दबाते हुए, बेटी तेरी गंद भी पहले से बहुत मोटी हो गई है

संध्या- अपने पापा के लंड को दबाती हुई पापा क्या करू रोहित का मस्त लंड रोज आपकी बेटी की चूत मारता है मुझे सारी रात नंगी ही रखता है और खूब जम कर आपकी बेटी को चोद्ता है,

मेहता-संध्या के गाउन को उतार कर उसे पूरी नंगी करके अपनी गोद मे बैठा लेता है और उसका उभरा हुआ पेट सहलाते हुए, बेटी तेरा पेट कितना उठा हुआ और मस्त है, तेरी चूत मार-मार के रोहित ने तेरा पेट उठा दिया है कही रोहित का बच्चा तो नही है तेरे पेट मे

संध्या- नही पापा आपकी बेटी ने तो अभी तक अच्छे से अपनी चूत ही नही मरवाई और आप अपनी बेटी की चूत फाड़ने का सपना देख रहे है अगर बच्चा पेदा कर लिया तो मेरी चूत भी मम्मी की तरह पूरी फट जाएगी,

मेहता- अपनी बेटी की फूली हुई चूत से मूह लगाते हुए, बेटी तेरी चूत फट भी जाएगी तो तेरे पापा उसे खूब चुसेगे उसे खूब प्यार करेगे, अच्छा यह बता क्या रोहित के पापा भी तुझे चोद्ते है,

संध्या- अरे पापा मैं तो कब से उनका लंड लेना चाहती हू पर अभी तक मोका ही नही लगा

उधर ममता अपने जवाई से कहती है बेटा तुम्हे अपनी मम्मी की ज़रा भी याद नही आती थी

रोहित -अपने हाथो से सासू मा को बियर पिलाते हुए थोड़ी बियर उसके मोटे-मोटे दूध पर गिरा कर उसका गाउन उसके दूध से हटा कर एक दम से ममता के निप्पल अपने मूह मे भर कर चूसने लगता है और ममता रोहित के लंड को प्यार करने लगती है,

तभी रोहित जब अपनी

सास को पूरी नंगी करके उसकी भारी भरकम गंद देखता है तो वह सोफे पर अपनी सास को झुका कर उसकी गंद को चाटने लगता है,

रोहित-मम्मी जी आपकी गंद तो बहुत गजब की है इसे चाटने मे बड़ा मज़ा आ रहा है तभी मेहता कहता है रोहित बेटे अपनी मम्मी की गंद के साथ उसकी फूली हुई चूत की फांको को थोड़ा खोल कर उसकी चूत का रस चॅटो तुम्हारी मम्मी बहुत पानी छ्चोड़ती है,

संध्या- पापा आपने मम्मी की गंद मार-मार कर बहुत मोटी कर दी है

मेहता- संध्या की गंद मे अपनी उंगली भर कर कस कर दबाते हुए, बेटी मैं तेरी भी गंद ऐसी ही मोटी कर दूँगा,

संध्या- पापा मेरा पेट भी मम्मी जैसा और उभर जाए तो मज़ा आ जाएगा जब भी मम्मी बाजार जाती है तो कई लोग उनके उभरे हुए पेट और नाभि और उनकी गदराई गंद को देख कर अपना लंड खूब मसल्ते है,

मेहता- तो तू क्या चाहती है लेग तेरी गंद और पेट देख कर अपना लंड मसले

संध्या- पापा मैं चाहती हू कि जब मेरा बेटा पेदा हो तो वह बड़ा होकर जब मुझे देखे तो मेरी गंद और पेट देख कर ही उसका लंड खड़ा हो जाए

मेहता- चिंता मत कर बेटी तू इतनी सुंदर है कि तेरा बेटा भी तुझे अपने लंड पर बैठा-बैठा कर तेरी चूत मारेगा, देखना तुझे तो रात-रात भर नंगी करके चोदेगा,

ममता- चलो अब हम लोग बिस्तेर मे चल कर आराम करते है और फिर क्या था मेहता ने अपनी नंगी बेटी को अपनी गोद मे उठा लिया और उसकी गंद और चूत का साइज़ देख कर रोहित ने भी अपनी सास को अपनी बाँहो का सहारा देते हुए बिस्तेर पर आ गये अब बीच मे दोनो रंडियो को लिटा कर रोहित और मेहता आजू बाजू से उन दोनो को दबोच लेटे है और फिर मेहता और रोहित कभी उनकी गंद को दबाते है कभी उनके दूध को दबाते है,

तभी संध्या और ममता एक दूसरे से पूरी तरह चिपक जाती है और मेहता सीधे संध्या की मोटी गंद से चिपक कर अपना लंड पिछे से अपनी बेटी की चूत मे पेल देता है, तभी रोहित अपने मूह से थूक निकाल कर अपने लंड पर लगाता है और अपनी सास की गंद मे अपने लंड को लगा कर अपने दोनो हाथो से सासू मा की गंद को फैला कर एक कस कर शॉट मारता है और उसका आधा से ज़्यादा लंड उसकी मम्मी जी की चूत मे उतर जाता है ,

ममता हाय मैं मर गई संध्या और फिर ममता संध्या से कस कर चिपक जाती है और अपनी बेटी के दूध को पीने लगती है उधर मेहता अपनी बेटी की चूत मे अपने लंड को गहराई तक ठुसे हुए उसके दूध दबाते हुए उसे चोदने लगता है, रोहित अपनी सासू के होंठ चूसने लगता है तभी सासू मा अपनी जीभ निकाल कर रोहित के मूह मे दे देती है और रोहित अपनी मम्मी की जीभ को चूस्ते हुए उसकी गंद मारने लगता है,

तभी मेहता को जोश आता है और वह अपनी बेटी संध्या की पूरी गंद के उपर चढ़ कर खूब कस-कस कर उसकी चूत ठोकने लगता है और कमरे मे ठप-ठप की आवाज़ आने लगती है, संध्या ओ पाप ओ पापा आह आह हाँ और तेज खूब कस कर चोदो पापा आज फाड़ तो अपनी बेटी की चूत, और चोदो पापा और कस कर चोदो बहुत मज़ा आ रहा है सी आह आह ,

उधर रोहित भी सासू मा की गंद मे अपने लंड को फसाए उसकी चूत मे भी तीन उंगली डाल कर उसकी गंद कूटने लगता है और ममता आह आह ओह ओह बेटे सबाश बेटे और तेज फक मी बेटे खूब कस कर चोद बेटे अपनी मम्मी को खूब हचक -हचक कर चोद बेटे आज फाड़ दे अपनी मम्मी की गंद आह आह करती हुई कराहने लगती है,

तभी संध्या का पानी छूट जाता है और मेहता अपने मूह को अपनी बेटी की चूत से लगा देता है वह अपनी बेटी की फूली हुई चूत की फांको को थोड़ा फैला कर अपनी जीभ से उसके भज्नाशे को रगड़ने लगता है और संध्या धीरे-धीरे अपने पापा के मूह से अपनी फटी चूत रगड़ने लगती है, उधर रोहित सासू मा को घोड़ी बना कर अपनी दो उंगलिया मम्मी जी की गंद मे डालके दबाते हुए उनकी पाव रोटी की तरह उठी हुई चूत को चाटने लगता है,

दोनो रंडियो की आह आह पूरे कमरे मई गूँज रही थी और दोनो ससुर जवाई अपनी बेटी और सास को बड़े प्यार से सहलाते हुए उनकी चूत पी रहे थे, कुच्छ देर बाद पापा जी ने संध्या को नंगी ही अपनी गोद मे उठा कर उसको डाच से अपने लंड पर बैठा लिया और उसकी मोटी गंद को अपने हाथो से थाम कर उसके दूध के निप्पल को चूस्ते हुए उसे चोदने लगे,

वह जितना तेज धक्का अपनी बेटी की चूत मे मारते संध्या उतनी ही तेज़ी से अपने पापा के लंड पर बैठ जाती और आह पापा आह और तेज खूब कस कर चोदो पापा और फिर संध्या अपना हाथ नीचे लेजकर अपने पापा के बॉल्स को पकड़ कर मसल्ने लगी और मेहता बिल्कुल मस्ती मे आकर अपनी बेटी को चोदने लगा,

इधर रोहित ने मम्मी जी की गंद मार-मार कर लाल कर दी मम्मी जी की गुदा से जब रोहित ने लंड बाहर निकाला तो उनकी गुदा बार-बार सिकुड और फैल रही थी रोहित ने मम्मी जी की गंद और भोसड़ा दोनो को चूस्ते हुए उनके चूतादो को अपने हाथो से खूब दबोच रहा था और अपनी जीभ को उनके छेद मे डाल कर सहला रहा था,

रोहित ने मम्मी जी की गंद मे ही अपना पानी छ्चोड़ा और पापा जी ने अपनी बेटी की चूत को अपने वीर्य से भर दिया, दोनो रंडिया पूरी मुस्ती मे नंगी ही बिस्तेर पर एक दूसरे से चिपक कर सो गई,

कुच्छ देर बियर की मस्ती मे सभी लेटे रहे, कुछ देर बाद संध्या उठी और तीनो को सोया देख फ्रेश होकर बैठक रूम मे टीवी ऑन करके बैठ गई लगभग 10 मिनिट बाद मेहता भी आ कर संध्या के पास बैठ गये,

संध्या ने मुस्कुराते हुए अपने पापा को गुड मॉर्निंग कहा,

दोनो टीवी देख रहे थे और बीच-बीच मे मेहता अपनी बेटी की गाउन मे क़ैद मस्त उठी हुई चुचियो को भी किसी भूखे भेड़िए की तरह देख रहा था, मेहता अब संध्या के गुदाज बदन को च्छू लेना चाहता था उसके पारदर्शी गाउन से उसकी ब्रा और पॅंटी साफ नज़र आ रहे थे उसकी जाँघो का भराव उसकी गंद का उठाव, हर एक अंग उसकी बेटी का साँचे मे ढला था, उपर से वह चुदी चुदाई औरत बन के उसे चोदने को मिल रही थी मेहता का लंड पूरी तरह तन चुका था,

मेहता- संध्या बेटी चलो थोड़ी-थोड़ी बियर और चखि जाय

संध्या-अपने पापा के गले मे हाथ डाल कर, पापा मेरी तो अभी पहले वाली ही नही उतरी है,

मेहता- अरे इसी लिए तो कह रहा हू बेटी उतरा लेना पड़ता है नही तो बहुत समय तक प्राब्लम रहती है,

संध्या- तो ठीक है चलो ले लेते है और फिर मेहता ने दो ग्लास बियर भर कर एक गेलस संध्या के हाथो मे पकड़ा कर दूसरा अपने हाथ से अपने होंठो पे लगा लेते है और फिर संध्या और मेहता दो-दो ग्लास और लेते है और फिर संध्या सोफे से खड़ी होकर अपने पापा को मुस्कुरा कर देखती है और कहती है पापा आज गर्मी कुच्छ ज़्यादा है ना और फिर अपना गाउन उतार देती है, अब संध्या सिर्फ़ पिंक कलर की पॅंटी और ब्रा मे थी,

मेहता का लंड अपनी बेटी की ऐसी गदराई जवानी को देख कर झटके मारने लगता है और मेहता के मन मे आता है कि मेहता वाकई तेरी बेटी तो तबीयत से ठोकने लायक है, इसको तो रात भर नंगी रख कर इसे चोदना चाहिए,

मेहता धीर-धीर संध्या की ओर बढ़ने लगा तभी संध्या ने आगे आकर मेहता को पकड़ कर सोफे पर बैठा दिया और खुद भी उसके बगल मे बैठ गई, मेहता ने संध्या को अपनी गोद मे उठा कर बैठा लिया और वो पहले उसके मोटे-मोटे खरबूजो को दबा कर उसके गालो और होंठो को चूमने लगे, मेहता जब संध्या के दोनो ठोस उभारो को अपने हाथो मे भर कर दबोच रहा था तब संध्या अपने हाथो को मेहता के दोनो हाथो पर रखे हुए सीसीया रही थी,

क्रमशः......................
-  - 
Reply
11-05-2017, 01:18 PM,
#22
RE: Chudai Sex Kahani मस्त घोड़ियाँ
मस्त घोड़ियाँ-15

गतान्क से आगे........................

मेहता सीधे संध्या के दूध को मसल-मसल कर लाल कर रहा था

उधर मम्मी जी और रोहित की नींद एक साथ खुली और मम्मी जी जैसे ही बाथरूम मे जाकर मुतने बैठी रोहित ने पिछे से जाकर मम्मी जी के भारी चूतादो के बीच से हाथ डाल कर उनकी चूत को पकड़ लिया, मम्मी जी एक दम से सन्न रह गई लेकिन जब उन्हे रोहित के होने का एहसास हुआ तब कुछ नॉर्मल हुई, उन्होने कहा बेटा मूत तो लेने दो फिर आराम से कर लेना,

रोहित - मम्मी जी आप मुतो ना मैने तो बस अपना हाथ लगा रखा है मैं तो बस आप मुतती जाना और मैं आपकी चूत को सहलाता जाउन्गा बस,

मम्मी- सी अया बेटे ऐसे पेशाब नही आएगा पानी आएगा,

रोहित- मम्मी कोशिश करो तब तक मैं आपके इस लहसुन को रगड़ता हू,

मम्मी जी मूतने की कोशिश करने लगी और फिर एकदम से उन्होने एक तेज धार मारना शुरू कर दी और फिर क्या था वह रुक-रुक कर मूतने लगी और रोहित उनकी चूत को सहलाता रहा, मूतने के बाद मम्मी जी ने साडी नीचे की और बिस्तेर पर आ गई, रोहित मम्मी जी की मोटी गंद को सहलाते हुए उनकी साडी पूरी कमर तक करके उनकी चूत को फैला लेता है चूत से मूत की गंध सूंघते ही रोहित मम्मी जी की चूत को पागलो की तरह चाटने लगता है

और मम्मी जी आह बेटे आह रोहित करते हुए उसका सर सहलाने लगती है, मम्मी जी की चूत फूल के कुप्पा हो जाती है और उनकी गुलाबी सूजी हुई चूत की फांको को फैला-फैला कर रोहित चूसने लगता है, कभी वह बुर के दाने को चूस्ता है कभी चूत के गुलाबी छेद को चाट्ता है, उसके बाद रोहित अपना लंड गछ से मम्मी जी की चूत मे पेल देता है और मम्मी जी आह आह करते हुए अपनी गंद हिलाने लगती है,

इधर रोहित मम्मी जी की चूत की मस्त ठुकाई कर रहा था और उधर संध्या अपने पापा के मस्त लंड पर कूदने लगी थी, मेहता ने संध्या को खड़े होकर अपने लंड पर टांग लिया था और खूब कस-कस के अपनी बेटी की चूत मार रहा था, उस पूरा दिन मेहता ने अपनी बेटी की मस्त ठुकाई की और रोहित ने भी अपनी मम्मी जी की चूत मार-मार कर एक दम लाल कर देता है, रात को मेहता एक बार अपनी बीबी को चोद्ता है

और रोहित संध्या को उसके बाद रोहित और सासू जी एक साथ सोते है और संध्या अपने पापा के पास पूरी नंगी होकर सोने चली जाती है, रात भर संध्या की चूत उसके पापा मस्त तरीके से ठोकते है उधर रोहित भी अपनी सास की खूब तबीयत से चुदाई करता है,

अगले दिन रोहित और संध्या वहाँ से विदा लेकर अपने घर की ओर चल देते है जब घर पहुचते है तो पता चला बुआ जी सुबह ही अपने घर चली गई उनके यहाँ कुच्छ ज़रूरी काम निकल आया था

संध्या और रोहित घर पहुचते है और सामने से मंजू आ जाती है,

मंजू- मुस्कुराते हुए घूम आए दोनो, क्या बात है संध्या बहुत खुस नज़र आ रही है लगता है बहुत दिनो बाद अपने पापा से मिली है,

संध्या- मम्मी मज़ा तो बहुत आया पर रोहित को शायद मज़ा नही आया, क्यो रोहित

रोहित- नही मम्मी बहुत मज़ा आया पर आप कहाँ बन ठन के जा रही है,

मंजू- मैं तो कही नही जा रही हू बस आज नई साडी पहन कर सजने का मन किया तो पहन ली

संध्या- मम्मी कुछ भी कहो आज आप बहुत सुंदर लग रही है,

मंजू- अच्छा अब तारीफ बंद करो और रोहित देख तेरा मामा तेरा कब से इंतजार कर रहा है मेरे कमरे मे बैठा है,

संध्या- मम्मी पापा कहाँ गये है और संगीता भी नही नज़र आ रही है,

मंजू- बहू संगीता और तेरे पापा छत पर बैठे है तू जा कर कपड़े बदल ले मैं अभी पड़ोसी के यहाँ से आती हू,

मम्मी की बात सुन कर संध्या दबे पाँव छत की ओर चल दी और जब छत पर पहुच कर देखा तो पापा कुर्सी पर बैठे थे और संगीता को अपनी गोद मे बैठा कर उसकी मस्त ठोस चुचियो को मसल रहे थे, संध्या ने जानबूझ कर घुघाट कर लिया और अपने ब्लौज के दो बटन खोल कर सीधे पापा के सामने चली गई और उनके पेर च्छू लिए,

मनोहर- अरे संध्या तू कब आ गई बेटी

संगीता- वाह भाभी बड़े टाइम पर आई हो पापा अभी तुम्हारी ही बाते कर रहे थे,

मनोहर- संगीता जा हम तीनो के लिए चाइ बना ला यही बैठ कर चाइ पीते है तब तक मैं संध्या बेटी से कुछ बाते करना चाहता हू

संगीता- ठीक है पापा मैं अभी आती हू और संगीता वहाँ से नीचे चली जाती है,

मनोहर- संध्या का हाथ पकड़ अपने करीब खीच लेता है और उसे अपनी गोद मे बैठा कर उसके मोटे-मोटे दूध को सहलाते हुए, बहू तुम एक दिन के लिए क्या जाती हो तुम्हारे बिना मन ही नही लगता है,

संध्या- पापा मेरी भी तो यही हालत है मुझे भी आपकी बहुत याद सता रही थी,

मनोहर- अपने पापा से मिली, मेहता तो बहुत खुस हो गया होगा तुझे देख कर, तूने बताया नही उसे कि हम भी अपनी बहू को अपनी पॅल्को पर बैठा कर रखते है,

संध्या- हस्ते हुए पापा मैने यह नही कहा कि आप मुझे अपनी पॅल्को पर बैठा कर रखते है बल्कि मैने तो यह कहा कि आप तो हमे अपने .....

मनोहर- संध्या के दूध दबाता हुआ, बोलो- बोलो बहू तुमने क्या कहा अपने पापा से

संध्या- मनोहर के मोटे लंड को उसकी लूँगी से बाहर निकाल कर उसके सूपदे को खोलती हुई पापा हमने तो अपने पापा से यही कहा है कि मेरे ससुर तो मुझे दिन रात अपने मोटे लंड पर बैठाए रहते है,

मनोहर- संध्या के गालो को चूमता हुआ उसकी नाभि से नीचे हाथ लेजा कर उसकी साडी के अंदर हाथ डाल कर अपनी बहू की मस्त गुदाज चूत को अपने हाथो मे भर कर, बेटी फिर तुम्हारे पापा ने क्या कहा

संध्या- पापा ने कहा कि ऐसे ही अपने ससुर जी की सेवा करती रहना आज उन्ही के कारण तुम्हारी जिंदगी खुशहाल है

मनोहर- नही बेटी इसमे मेरा कोई हाथ नही है सब अपनी किस्मत का खाते है,

संध्या- नही पापा आपका वह एहसान कभी नही भुलाया जा सकता है, अगर आप मुझे नही बचाते तो मैं आज शायद जिंदा ही ना होती,

मनोहर- चलो छ्चोड़ो इन पुरानी बातो को और फिर मनोहर ने संध्या को सीधा करके उसकी साडी को उसकी मोटी गंद तक उठा दी और उसकी फूली हुई चूत जो उसकी पॅंटी मे कसी हुई थी को अपने मूह से दबा-दबा कर चूमने लगा और अपने दोनो हाथो से अपनी बहू के भारी चुतडो को सहलाने लगा,

संध्या- आह पापा आपकी इसी हरकत ने तो मेरी चूत मे पानी भरना शुरू कर दिया था तभी तो पहली मुलाकात मे ही आपका मोटा लंड मेरी चूत को फाड़ चुका था, पापा सच आपसे अपनी चूत मराने मे बहुत मज़ा आता है,

तभी संगीता दूसरी ओर से आते हुए, लीजिए गरमा-गरम चाइ का आनंद लीजिए और फिर संध्या और पापा दोनो को चाइ देकर संगीता भी वही बैठ कर चाइ पीने लगी,

संगीता- भाभी पापा तुम्हे कल से ही याद कर रहे थे कह रहे थे संध्या के बिना घर मे अच्छा नही लगता है, पापा अगर भाभी आपकी बहू ना होती बल्कि बेटी होती तब,

मनोहर- हस्ते हुए तब तू मेरी बहू होती और क्या,

संध्या- अरे संगीता पापा अपनी बहू और बेटी मे अंतर नही समझते है,

संगीता- अच्छा अभी पता चल जाएगा, अच्छा पापा बताओ भाभी ज़्यादा सुंदर है या मैं

पापा- बेटी औरतो की सुंदरता देखने के लिए उन्हे पूरी नंगी होना पड़ता है तभी तो मैं बता सकता हू कि कौन ज़्यादा सुंदर है,

संगीता- तो ठीक है और फिर संगीता जाकर छत का दरवाजा लगा कर आ जाती है और फिर अपने पापा के सामने अपनी स्कर्ट और शर्ट उतार कर ब्रा और पॅंटी मे पापा के पास खड़ी होकर उनका लंड सहलाते हुए देखो पापा अब मैं कैसी लग रही हू,

मनोहर- मुस्कुराते हुए संगीता की मोटी गंद को अपने हाथो से दबाते हुए बेटी अभी तेरी भाभी ने कहाँ कपड़े उतारे है तब संगीता ने झट से मेरी साडी को पकड़ कर खींच दिया और मैं एक बार गोल घूम गई और अब मैं ब्लॉज और पेटिकोट मे अपने ससुर के सामने खड़ी थी मेरी कसी हुई मोटी चुचिया ब्लौज फाड़ कर बाहर आने को मचल रही थी चूत तो पहले से ही गीली हो गई थी तभी संगीता ने मेरे पेटिकोट का नाडा भी खींच दिया और मेरा पेटिकोट देखते-देखते मेरे पेरो मे जा गिरा और मेरा गुदाज उठा हुआ पेट गहरी नाभि और मेरी पॅंटी के उपर से उभरी हुई चूत देख कर मेरे ससुर जी की आँखो मे चमक आ गई, हालाकी संगीता का बदन भी बहुत भरा हुआ और सेक्सी था लेकिन मैं थोड़ा ज़्यादा चुदी हुई थी इसलिए मेरे बदन पर थोड़ी चर्बी चढ़ जाने से मैं बहुत ही गुदाज और मस्त नज़र आने लगी थी,

पापा ने मुझे और संगीता की गंद को थाम कर अपने मूह की तरफ खींचा और पहले संगीता की चूत को उसकी पॅंटी के उपर से चूम लिया और फिर मेरी चूत को भी पॅंटी के उपर से चूमने लगे पापा ने मेरी चूत से अपने मूह को कुछ ज़्यादा ही ज़ोर से दबा दिया और मैं सिहर उठी,

संगीता- अब बोलिए पापा कौन ज़्यादा सुंदर है

मनोहर- मुस्कुराते हुए, बेटी अभी तो तुम दोनो ने कपड़े पहने हुए है तभी संगीता ने थोड़ी दूर जाकर अपनी भारी गंद हमारी तरफ घूमाकर अपनी पॅंटी धीरे से नीचे सरकाना शुरू कर दिया वह जैसे-जैसे अपनी पॅंटी नीचे सरक रही थी वैसे ही वह अपनी गंद के छेद को भी फैला कर हमे दिखा रही थी उसकी गुलाबी गंद का छेद बहुत लपलपा रहा था और मैं पापा के लंड को सहला रही थी और पापा मेरी चूत और गंद को बुरी तरह दबा-दबा कर मज़ा ले रहे थे,

संगीता ने अपनी पॅंटी पूरी उतार दी और फिर झुक कर अपनी गंद और चूत के छेद को फैला-फैला कर मुझे और पापा को दिखाने लगी, फिर संगीता ने अपनी ब्रा का हुक्क खोल कर अपने मोटे-मोटे दूध को भी नंगा कर दिया और अपने हाथो से अपने दूध को दबाते हुए कहने लगी चलो भाभी अब तुम्हारी बारी है आ जाओ जल्दी से और फिर मैने जब पापा की ओर देखा तो उन्होने खुद ही मेरी पॅंटी उतार दी और मेरे नंगे चूतादो की दरार को उंगली से सहलाते हुए मुझे उधर जाने के लिए धकेल दिया मैं उनकी मंशा समझ गई और संगीता की ओर अपनी मोटी गंद हिलाते हुए जाने लगी पापा मेरी मोटी गंद को देख कर मस्त होने लगे,

जब मैं संगीता के पास पहुच गई तब मैं सीधी होकर खड़ी हुई तब मेरी चिकनी फूली चूत पापा के सामने आ गई मैने धीरे से अपनी चूत को सहलाते हुए अपनी ब्रा का हुक्क खोल कर उसे उतार दिया और इसके साथ ही मेरे मोटे-मोटे दूध जो की संगीता से भी काफ़ी बड़े थे एक दम से बाहर आ गये,

मैं अच्छी तरह जानती थी कि पापा को मेरा जिस्म संगीता से भी ज़्यादा अच्छा लगता है लेकिन मैं और पापा संगीता के सामने ऐसी कोई बात नही करते थे कि उसका मन छ्होटा हो,

संगीता- अब बोलिए भी पापा अब तो हम दोनो पूरी नंगी हो गई और फिर संगीता ने एक बार घूम कर अपनी गंद अपने पापा को दिखाई और फिर मुझे भी पकड़ कर एक बार घुमा कर मेरे चूतादो को फैला कर पापा को दिखाया,

मनोहर- मुस्कुराते हुए, भाई तुम दोनो ही हुस्न की परी हो तुम दोनो ही बहुत खुब्शुरत हो बस एक ही अंतर है तुम दोनो मे,

संगीता- वह क्या

क्रमशः......................
-  - 
Reply
11-05-2017, 01:18 PM,
#23
RE: Chudai Sex Kahani मस्त घोड़ियाँ
मस्त घोड़ियाँ--16

गतान्क से आगे........................

मनोहर- यही की जब मैं तुम्हे चोदने का मन करता हू तो तुम्हे आगे से चोदने का मन होता है और जब संध्या को चोदने का मन करता है तो संध्या को पिछे से चोदने का मन होता है,

संगीता- इसका मतलब आप यह कहना चाहते है कि आपको मेरी चूत बहुत पसंद है और भाभी की मोटी गंद बहुत पसंद है,

मनोहर- हाँ बस ऐसा ही समझ लो, फिर क्या था हम दोनो धीरे से पापा के पास जाकर उनसे चिपक गई और पापा कभी मेरी गंद को सहलाते कभी मेरी चूत मे उंगली डाल कर हिलाते और कभी संगीता की चूत को सहलाने लगते,

हम दोनो घुटने के बल वही बैठ गई और पापा का मोटा लंड निकाल कर चूसने लगी, कभी मैं पापा का टोपा चुस्ती तो संगीता उनके गोते चूसने लगती और कभी मैं उनके गोटे सहलाती तब संगीता उनके लंड के फूले हुए सूपदे को चूसना शुरू कर देती,

पापा भी बारी-बारी से कभी मेरे दूध दबाते और कभी संगीता के दूध को मासल्न लगते थे, कुछ देर बाद पापा कुर्सी से खड़े हो गये और उनका मोटा लंड आसमान की ओर सर उठा कर खड़ा हो गया पापा ने हम दोनो की गंद पर थपकीया मारते हुए हमे घोड़ी बना कर झुका दिया और फिर पापा ने मेरी गंद और चूत को पागलो की तरह फैला-फैला कर चाटना शुरू कर दिया मैं एक दम मस्ती मे मस्त होने लगी और अपनी गंद पापा के मूह पर मारने लगी,

तभी पापा ने संगीता की चूत को अपने मूह मे भर कर चूसना शुरू कर दिया, पापा संगीता की चूत चूस्ते हुए मेरी चूत मे तीन उंगलिया डाल कर आगे पिछे करने लगे उधर संगीता कुछ ज़्यादा ही रसीली हो रही थी और कह रही थी,

संगीता- ओह पापा चतो और चतो अपनी बेटी की चूत चाट-चाट कर लाल कर दो बहुत चुदासी बेटी है आपकी खूब चूसो आह आ आह आ

तभी पापा नीचे लेट गये और मेरी गंद को पकड़ कर अपने मूह पर रखने लगे और मैं अपनी दोनो जाँघो को खोल कर पापा के मूह के उपर अपनी चूत रख कर बैठ गई और पापा मेरी चूत को खूब फैला कर चाटने लगे, उधर संगीता पापा के लंड पर अपनी चूत रख कर धीरे-धीरे आँखे बंद करके बैठने लगी तभी पापा ने नीचे से एक कस कर धक्का संगीता की चूत मे मार दिया और संगीता आह करके धम से पापा के लंड पर बैठ गई और उसकी चूत मे पापा का पूरा लंड फस गया,

थोड़ी देर बाद मैं खड़ी हुई और अपना मूह संगीता की ओर करके वापस पापा के सीने पर बैठ गई पापा ने जैसे ही अपनी जीभ से मेरी मोटी गंद के छेद को सहलाया मैने संगीता के होंठो को अपने होंठो मे भर लिया संगीता भी मुझसे चिपक गई और मेरे मोटे-मोटे दूध को खूब कस-कस कर मसल्ने लगी मैने भी संगीता के दूध को खूब कस-कस कर निचोड़ा, पापा जितनी ज़ोर से मेरी गंद के सुराख मे अपनी जीभ रगड़ते मैं भी उतनी ही ज़ोर से संगीता के दूध को मसल्ने लगती,

उधर पापा अपनी कमर उठा-उठा कर संगीता की चूत जितनी ज़ोर से ठोकते संगीता उतना ही मुझसे चिपकने लगती,

मैने संगीता के निप्पल अपने मूह मे भर कर चूसना शुरू कर दिया और पापा ने मेरी चूत के छेद मे अपनी जीभ घुसा कर रस चूसने लगे, अब पापा बड़ी तेज़ी से संगीता को चोद रहे थे और संगीता भी खूब ज़ोर-ज़ोर से पापा के लंड पर कूद रही थी इधर जितनी तेज़ी से पापा संगीता की चूत मार रहे थे उतनी ही तेज़ी से मेरी चूत को भी चूस रहे थे,

संगीता- ओह पापा और तेज खूब कस कर मारिए और मारिए हाँ ऐसे ही खूब चोदिये आह आह आ

इधर मैं भी पापा के मूह से अपनी चूत रगड़ते हुए ओह पापा खूब ज़ोर से चातिए खूब चुसिये अपनी बहू की चूत ओह ओह आह आ सी सी आह,

कुछ देर बाद संगीता ने पानी छ्चोड़ दिया और उधर पापा ने मेरी चूत का पानी भी चूस-चूस कर झाड़ा दिया, संगीता तो लुढ़क कर हफने लगी पर शायद पापा का पानी नही च्छुटा था और वह खड़े हो गये मैं समझ गई पापा जब तक मुझे नही चोद लेते उनका पानी नही निकलेगा, मैं बिना कुछ कहे सीधे घोड़ी बन गई और फिर

पापा ने मेरी चूत को खूब कस-कस कर ठोकना शुरू कर दिया,

पापा चूत मारने मे एकदम माहिर थे उन्होने मेरी गंद को सहलाते हुए मुझे खूब हुमच-हुमच कर चोदना शुरू कर दिया और मैं किसी कुतिया की तरह अपनी गंद उठाए उनका तगड़ा लंड गपगाप अपनी रसीली चूत मे ले रही थी और सीसीया रही थी ओह पापा और चोदो खूब कस कर चोदो आज फाड़ दो अपनी बहू की चूत आह आह आह

ओह ओह ओह पापा मैं गई और फिर पापा ने एक जबार्दुस्त धक्का मेरी चूत मे ऐसा मारा कि उनका मोटा लंड मेरी बच्चेदनि से टकरा गया और मैं वही पेट के बल लेट गई और पापा मेरी चूत मे जड़ तक अपने लंड को फसाए मेरी गंद के उपर लेट गये और हफने लगे, जब हम दोनो कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे तब संगीता को मस्ती सूझी और वह पापा के उपर आ कर पेट के बल उनसे चिपक कर लेट गई,

कुछ देर बाद मैने जब हरकत की तब पापा ने संगीता को उठा कर खुद भी मेरे उपर से उठ गये और फिर हम तीनो ने जल्दी से कपड़े पहने और नीचे आ गये,

मामा- क्यो भाई रोहित खूब ससुराल के माल का मज़ा ले रहे हो हमे नही बताओगे क्या-क्या हुआ वहाँ

रोहित- अरे मामा बस ये समझ लो हमारे यहाँ ससुराल के जो मज़े है वह दुनिया मे कही नही है बस मस्ती ही मस्ती छाई रहती है,

मामा- यार रोहित एक बात कहु अगर तू बुरा ना माने तो

रोहित- कहो मामा क्या बात है

मामा- रोहित संगीता को चोदने का वैसा मज़ा नही आ पाया जैसा मैं चाहता था बिल्कुल आराम से सारी रात उसे नंगी करके चोदने मे ही ज़्यादा मज़ा आएगा,

रोहित- अरे मामा तुम एक काम क्यो नही करते, मम्मी से बात करके संगीता को कुछ दिनो के लिए अपने घर ले जाओ और फिर 10-15 दिन तक जब तुम रोज संगीता की चूत मरोगे तब तुम्हारा मन भी भर जाएगा और सारी-सारी रात तुम उसे नंगी लेकर पड़े भी रहोगे,

मामा- वाह भान्जे क्या आइडिया दिया है तूने चल अभी दीदी से बात करते है तभी सामने से मंजू आ जाती है,

मंजू- क्या बात करना है भाई दीदी से

मामा- अरे दीदी मैं तो यह कहना चाहता था कि संगीता की मामी कह रही थी कि कुछ दिनो के लिए संगीता को अपने यहाँ लेकर आ जाओ वह भी अपने मामा मामी का घर देख लेगी,

मंजू- अरे तो इसमे तुझे मेरी पर्मिशन की क्या ज़रूरत है तेरी बेटी है जब चाहे ले जा,

मामा- ठीक है दीदी तुम संगीता को कह देना कल तैयार हो जाएगी मैं कल घर जा रहा हू

मंजू- अरे इतनी जल्दी क्या है अभी तुझे आए दिन ही कितने हुए है,

मामा- नही दीदी वहाँ बड़ा काम पड़ा है और घर पर देखभाल करने वाला भी कोई नही है,

अगले दिन संगीता अपने मामा के साथ उनके यहा चली जाती है और घर मे रोहित संध्या और मंजू और मनोहर रह जाते है,

शाम को संध्या और रोहित बालकनी मे खड़े थे रोहित संध्या के दूध दबाता हुआ नीचे से जाती हुई औरतो की गंद देख रहा था और संध्या से उनके बारे मे बाते कर रहा था,

रोहित- देखो संध्या उस औरत की गंद कितनी मोटी है

संध्या- हाँ बिल्कुल मम्मी जी की गंद की तरह लग रही है,

रोहित- संध्या- अभी तक मम्मी को चोदने की इच्छा मन मे ही है तुम कुछ आइडिया क्यो नही बताती हो

संध्या- लगता है मुझे कुछ करना ही पड़ेगा, खेर तुम चिंता मत करो और मैं जैसा कहती हू वैसा ही करना हो सकता है आज रात को ही तुम्हे अपनी मम्मी की चूत और गंद को चोदने का मोका मिल जाए पर जब तुम मम्मी को चोदोगे तब मैं क्या करूँगी,

रोहित- मेरी रानी तुम काफ़ी होशियार हो मैं जानता हू जिस दिन मैं मम्मी की चूत और गंद को चोद रहा होऊँगा उस दिन तुम भी पापा के मोटे लंड से खूब अपनी चूत मरवा रही होगी,

संध्या- सच रोहित पापा से चुदने मे एक अलग ही मज़ा आता है, उनका लंड भी बड़ा मस्त है

रोहित- तुम्हे तो कम से कम यह तो पता है कि पापा से चुदने मे कितना मज़ा आता है पर मुझे तो यह भी नही पता की जब मैं अपनी मम्मी को चोदुन्गा तो कितना मज़ा आएगा,

संध्या- चलो आज तुम्हारी इच्छा पूरी कर देती हू लेकिन जैसा मैं कह रही हू वैसा ही करना और फिर संध्या और रोहित वहाँ से अंदर आ जाते है, रात को 9 बजे पापा टीवी के सामने बैठे थे और संध्या उनके पास जाकर बैठ जाती है उधर मंजू अपने रूम मे थी और रोहित अपने रूम से संध्या और पापा को देख रहा था,

संध्या- पापा

मनोहर- हाँ बहू बोलो क्या बात है

संध्या- पापा मुझे दारू पीना है

मनोहर- संध्या को हैरत भरी निगाहो से देखता हुआ, क्या बात कर रही हो बेटी,

संध्या- पापा आज बहुत मन कर रहा है कम से कम बीआर ही पीला दो,

मनोहर- लेकिन बेटी रोहित देखेगा तो क्या बोलेगा, आप फिकर ना करो एक बोत्तेल उनके लिए भी मॅंगा लीजिए ना मैं उन्हे अंदर देकर आ जाउन्गि वह पी लेंगे फिर मैं आपके पास आकर आपके साथ पीना चाहती हू,

मनोहर- लेकिन मंजू ने कुछ कहा तो

संध्या- तो आप मम्मी को कोल्ड्ड्रिंक मे बियर मिला कर उनको भी पिला दीजिए ना,

मनोहर- बहू आज तुम किसी अलग मूड मे लग रही हो क्या बात है साफ-साफ बताओ,

संध्या- पापा मैं चाहती हू आज आप मेरे सामने मम्मी को पूरी नंगी करके चोदिये और फिर उसके बाद आप मुझे मम्मी के सामने पूरी नंगी करके चोदिये, होश मे शायद मम्मी शरमाने लगे इसलिए मैं यह सब कह रही हू,

मनोहर- मुस्कुरकर संध्या की मोटी गंद को सहलाते हुए, एक शर्त पर मैं यह सब कर सकता हू

संध्या- मुझे आपकी सभी शर्त मंजूर है

मनोहर- पहले शर्त तो सुन लो बाद मे कही पलट गई तो

संध्या- मुझे पता है आपकी शर्त, आप आज रात को मेरी गंद मारना चाहते हो ना,

मनोहर- आश्चर्या से संध्या को देखता हुआ, तुम्हे कैसे पता मैं यही शर्त कहने वाला हू

संध्या- पापा उपर वाला भी एक जैसे विचारो वाले लोगो को जल्द ही मिलवा देता है चाहे हिन्दी सेक्सी कहानियाँ के थ्रू ही क्यो ना मिलवाए,

मनोहर- पर बेटी रोहित का क्या करेगे,

संध्या- अरे पापा रोहित भी मम्मी जी को चोद लेगा, हम चारो मिल कर मज़ा लेंगे

मनोहर- पर बेटी यह कैसे संभव है रोहित क्या अपनी मम्मी को चोदेगा

संध्या- क्यो नही पापा जब आप रोहित की बीबी को चोद सकते हो तो रोहित आपकी बीबी को क्यो नही चोद सकता है,

मनोहर मुस्कुराते हुए ठीक है लेकिन यह सब के लिए बियर का नशा काफ़ी नही रहेगा, तो फिर आप क्या लेकर आओगे,

मनोहर- बेटी इसके लिए तो आज मुझे वोद्का लेकर आना पड़ेगी लेकिन ध्यान रखना मंजू को भनक ना लगे कि कोल्ड्ड्रिंक मे वोद्का है,

क्रमशः......................
-  - 
Reply
11-05-2017, 01:19 PM,
#24
RE: Chudai Sex Kahani मस्त घोड़ियाँ
मस्त घोड़ियाँ--17

गतान्क से आगे........................

संध्या- आप फिकर ना करो पापा मैं सब संभाल लूँगी और फिर संध्या वहाँ से उठ कर अपने रूम मे आ जाती है,

रोहित अपनी बीबी की प्लॅनिंग से खुस हो जाता है और संध्या के आते ही उसके होंठो को चूम कर उसकी मोटी गंद पर थप्पड़ मारते हुए मुस्कुरकर वाकई रानी तुम कमाल की प्लॅनिंग करती हो,

संध्या- चलो अपना लंड बाहर निकालो आज मैं इसकी सरसो के तेल से अच्छी मालिश कर देती हू आख़िर आज यह अपनी मम्मी की मोटी गंद को और फूली चूत को जो फाड़ने वाला है और फिर संध्या रोहित के खड़े मोटे लंड को तेल से नहलकर उसकी मालिश करने लगती है, और उसे रात की प्लॅनिंग बताने लगती है,

रोहित सारी बाते ध्यान से समझ कर संध्या की प्लॅनिंग की तारीफ करते हुए उसे चूम लेता है तभी बाहर से पापा की आवाज़ आती है अरे संध्या बेटी ज़रा यहाँ आना और संध्या अपने तेल से भीगे हाथ को ऐसे ही लेकर पापा के पास पहुच जाती है और

संध्या- क्या बात है पापा

मनोहर- अरे यह तेरे हाथ मे इतना तेल कैसे लगा रखा है

संध्या- कुछ नही बस सोचा आपके मोटे लंड पर थोड़ा तेल लगा दू आख़िर आज आप अपनी बहू की मोटी गंद जो मारने वाले हो और फिर संध्या पापा के लंड पर तेल मलने लगती है और अपने रूम की ओर मुस्कुरकर देखती है और रोहित भी उसकी छीनल्पने को देख कर मुस्कुरा देता है,

शाम को पापा शराब लेने के लिए चले गये और मैं और मम्मी छत पर खड़ी होकर रोड का नज़ारा लेने लगी

मंजू- क्यो संध्या तूने बताया नही अपने पापा के यहाँ तूने और रोहित ने कितने मज़े मारे थे, मुझे तो तब

पता चला जब इन्होने मुझे बताया, अपने ससुर को तो झट से बता देती है पर मुझे बताने मे तुझे शर्म

आती है क्या,

संध्या- अरे नही मम्मी ऐसी बात नही है बस मुझे मोका ही नही लगा नही तो क्या मैं आपसे ऐसी बाते

छुपाटी,

मंजू- अच्छा तो यह बता क्या तेरे पापा ने तुझे खूब चोदा था,

मम्मी के सवाल को सुन कर मैं समझ गई कि आज मेरी रंडी सास खूब चुदासी लग रही है आज साली को इतना गरम

कर देती हू कि यही खड़ी-खड़ी मूतने लगे,

संध्या- हाँ मम्मी मेरे जाते ही पापा ने मुझे अपने सीने से लगा लिया और मेरे मोटे-मोटे दूध को खूब

कस-कस कर दबाने लगे और मेरे होंठो को चूमने लगे,

मंजू- फिर तूने क्या किया

संध्या- मैने मम्मी झट से पापा का लूँगी मे खड़ा मोटा लंड अपने हाथो मे पकड़ कर दबोच लिया

मंजू- क्या खूब मोटा है तेरे पापा का लंड

मैने मम्मी का हाथ पकड़ कर कहा मम्मी पहले मेरी चूत मे हाथ डाल कर उसे सहलाती जाओ तब मैं आपको

सारी बात बता देती हू, मम्मी ने तुरंत अपने हाथ को मेरी साडी मे डाल कर मेरी फूली चूत को अपनी मुट्ठी मे

भर लिया और दबाते हुए कहने लगी,

मंजू- फिर क्या हुआ संध्या बता ना

संध्या- फिर क्या था मम्मी, पापा मेरे चूतादो को खूब कस-कस कर दबाने और मसल्ने लगे

मंजू- सच संध्या तेरे चूतड़ पहले से काफ़ी मोटे हो गये है तेरे पापा को तो तेरी मोटी गंद दबोचने मे

मज़ा आ गया होगा,

संध्या- हाँ मम्मी मैने झट से पापा के मोटे लंड को अपने मूह मे भर कर चूसना चालू कर दिया,

मंजू- और रोहित क्या कर रहा था

संध्या- रोहित मेरी मम्मी की मोटी गंद को खूब कस-कस कर मसल रहा था

मंजू- क्या रोहित को तेरी मम्मी की गंद बहुत पसंद है

संध्या- हाँ मम्मी रोहित ने मम्मी को वही झुका दिया और उनकी साडी उनकी गंद से उठा कर उनकी पॅंटी उतार दी

और फिर रोहित ने कम से कम आधे घंटे तक मम्मी की गोरी-गोरी मोटी गंद को चाट-चाट कर लाल कर दिया,

सच मम्मी रोहित बहुत मस्त तरीके से चूत और गंद चाट्ता है और मोटी-मोटी गंद का तो वह दीवाना है उसे

औरतो के भारी चूतड़ बहुत अच्छे लगते है तभी तो वह दिन रात बस आपकी गंद चोदने के बारे मे सोचता है

मंजू- क्या रोहित को मेरी गंद बहुत अच्छी लगती है

मैने मम्मी की बात सुन कर उनकी साडी के अंदर हाथ डाल कर उनकी चूत को जैसे ही दबोचा ढेर सारा पानी मेरे

हाथो मे लग गया और मैं समझ गई साली पूरी भीग चुकी थी,

संध्या- हाँ मम्मी रोहित तो आपको पूरी नंगी करके चोदना चाहता है

मंजू- क्या उसने तुझसे ऐसा कहा है कि वह मुझे पूरी नंगी करके चोदना चाहता है

संध्या- हाँ मम्मी वह तो कई बार मुझे अपनी मम्मी बना कर भी मेरी गंद मारते है

मंजू- खूब मोटा लंड है ना रोहित का खूब मज़ा आता होगा ना तुझे

संध्या- हाँ मम्मी जब रोहित का मोटा लंड मेरी गंद मे जाता है तो ऐसा लगता है कि रोहित खूब कस-कस कर

अपने लंड को मेरी गंद मे मारे और मुझे खूब रगड़-रगड़ कर चोदे और फिर मैने मम्मी के मोटे-मोटे

दूध को दबाते हुए एक हाथ से मम्मी की गुदा सहलाते हुए कहा मम्मी जब रोहित का मोटा लंड आपकी मोटी

गंद मे जाएगा तब देखना आप मस्त हो जाओगी और खुद ही रोहित से कहोगी की ठोंक बेटा खूब कस-कस कर मार

अपनी मम्मी की मोटी गंद अपने मोटे लंड से मम्मी मेरी बात सुन कर मुझसे बुरी तरह चिपक गई और मैने

मम्मी के होंठो को अपने मूह मे भर कर चूसना शुरू कर दिया और फिर मैने मम्मी से कहा

संध्या- बोलो मम्मी अपने बेटे का मोटा लंड अपनी इस भारी गंद मे घुसाने का मन कर रहा है ना और फिर

मैने मम्मी की मोटी गंद को कस कर दबोच लिया

मंजू- आह आह हाँ हाँ बेटी मेरा दिल कर रहा है कि रोहित अभी मुझे खूब रगड़-रगड़ कर चोदे मेरी चूत और

गंद अपने मूसल से फाड़ कर रख दे,

मैने मम्मी की चूत मे फिर से अपना हाथ डाल कर मम्मी से कहा बोलो मम्मी चुद्वओगि अपने बेटे से और

फिर मैने अपनी उंगली मम्मी की चूत मे भर दी और मम्मी मुझसे पागलो की तरह लिपट गई और मुझे चूमते

हुए कहने लगी

मंजू- हाय संध्या एक बार मेरी चूत मे रोहित का लंड डलवा दे अया आ आ ओह संध्या

मैने मम्मी की चूत मे तीन उंगलिया डाल कर खूब ज़ोर से उनकी चूत मे आगे धकेलने लगी और मम्मी ने अपनी

टाँगे और चौड़ी कर ली, मैं बड़े आराम से मम्मी की चूत मे उंगली डालने लगी और मम्मी सीसियाते हुए कहने

लगी संध्या बता ना कब मेरी चूत मे तू रोहित का लंड डालेगी, कब मेरा बेटा अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके

उसकी चूत मे अपना लंड डालेगा,

संध्या-मम्मी अभी आपको रोहित से चुदवा दूँगी पर आपको भी मेरी एक इक्च्छा पूरी करनी होगी

मंजू- कौन सी इक्च्छा

संध्या- मेरा दिल करता है कि एक बार आप और पापा दोनो मिलकर मुझे चोदो

मंजू- क्यो नही बेटी आज रात तू हमारे रूम मे आ जाना और मेरे और अपने पापा के बीच मे सोना फिर देखना

हम दोनो मिलकर तुझे पूरी तरह मस्त कर देगे

संध्या- नही मम्मी आपके रूम मे नही बल्कि बैठक वाले रूम मे जहाँ से रोहित भी हमे अपने रूम से

देख सके, आप नही जानती रोहित आपको पूरी नंगी देखने के लिए मरा जा रहा है इसलिए आज आप उसे अपनी मोटी

गंद खूब उठा -उठा कर दिखना फिर देखना वह आपकी गंद देख कर आपको नंगी ही उठा कर अपने बेड पर ले

जाएगा और खूब कस-कस कर चोदेगा,

रात को पापा सोफे पर बैठे टीवी देख रहे थे और मैं उनके पास जाकर बैठ गई रोहित पूरा नंगा होकर अपने रूम

से हमे देख रहा था, तभी सामने से मम्मी आ गई मम्मी ने मेकप किया हुआ था और बहुत सेक्सी लग रही

थी वह जैसे ही पापा के पास आ कर खड़ी हुई पापा ने मम्मी की चिकनी कमर को थाम कर उन्हे अपनी गोद मे

खींच कर बैठा लिया और उनके मोटे-मोटे दूध को खूब कस कर दबा दिया,

मंजू- हस्ते हुए अरे छ्चोड़ो ना क्या कर रहे हो सामने बहू बैठी है,

मनोहर- अरे मेरी रानी बहू भी जानती है कि आज तुम्हारी चूत से बहुत पानी आ रहा है खूब मोटा लंड लेने का

मन कर रहा है ना,

मंजू- मुस्कुराते हुए, छ्चोड़िए भी संध्या क्या सोच रही होगी

मनोहर- अरे संध्या से क्यो शर्मा रही हो, लो मैं अभी तुम्हारी शरम दूर कर देता हू और फिर पापा ने

मुझे भी अपनी गोद मे खींच कर बैठा लिया अब पापा एक हाथ से मम्मी के दूध मसल रहे थे और दूसरे

हाथ से मेरे दूध मसल रहे थे,

मंजू- बहुत बेशरम हो तुम, मैं जा रही हू सोने,

संध्या- मम्मी ज़रा बैठिए तो सही मैं अभी कुच्छ खाने पीने के लिए लेकर आती हू और फिर मैं सीधे रोहित के

पास गई और सभी के लिए लार्ज ग्लास ड्रिंक बना कर ले आई, पहले पापा ने एक ग्लास उठा कर एक ही घुट मे ख़तम

कर दिया फिर पापा ने दूसरा ग्लास उठा कर मम्मी के गालो को चूमते हुए कहा ले रानी यह सोमरास पी ले फिर आज

तुझे मस्ती से चोदुन्गा,

मम्मी मेरी ओर देख रही थी और मैने इशारे से उन्हे पीने के लिए कहा और फिर मम्मी पूरा ग्लास पी गई और

मम्मी के चेहरे पर एक मस्ती सी दिखाई देने लगी,

संध्या- पापा मुझे भी अपने हाथो से पिला दो ना

मंजू - बहू तू अपने पति के हाथ से पी

संध्या- नही मम्मी मुझे तो पापा के हाथो से ही पीने मे मज़ा आता है,

क्रमशः......................
-  - 
Reply
11-05-2017, 01:19 PM,
#25
RE: Chudai Sex Kahani मस्त घोड़ियाँ
मस्त घोड़ियाँ--18

गतान्क से आगे........................

मैने देखा मम्मी को सुरूर आने लगा था और वह अब धीरे से पापा के मोटे लंड को दबाने लगी थी, तभी

पापा ने मेरे लबो से ग्लास लगा दिया और मेरे मोटे-मोटे दूध को खूब कस-कस कर दबाते हुए मुझे पिलाने

लगे,

मैने जैसे ही ग्लास ख़तम किया पापा ने सीधे मेरे रसीले भीगे होंठो को अपने मूह मे भर कर चूस

लिया और मैं एक दम से मस्त हो गई, मम्मी ने जब मुझे पापा से चिपकते देखा तो वह भी पापा के लंड को

बाहर निकाल कर सहलाने लगी, पापा मेरी ओर ज़्यादा ध्यान दे रहे थे और मेरे ब्लौज को खोल कर पापा मेरी सफेद

रंग की ब्रा के उपर से मेरे सुडोल भरे हुए दूध को मसल रहे थे,

मम्मी पूरी मस्ती मे आ चुकी थी तभी पापा ने कहा संध्या बेटी एक-एक ग्लास और लेकर आओ तब तक मैं

तुम्हारी मम्मी को पूरी नंगी कर देता हू,

मैं जल्दी से अंदर गई तो रोहित ने मुझे दबोच लिया उसका मोटा लंड

पूरी तरह खड़ा हुआ था और वह अपने लंड पर तेल लगा-लगा कर मसल रहा था, रोहित ने मुझे पिछे से

दबोचते हुए कहा मेरी रंडी बीबी मेरे पापा से बहुत चिपक रही थी, बहुत पसंद है तुझे पापा का लंड,

और फिर रोहित ने मेरी साडी और पेटिकोट भी उतार दिया और मैं ब्रा और पॅंटी मे रह गई,

फिर रोहित ने मेरी पॅंटी

भी उतार दी और ब्रा को भी खोल दिया और मेरी गंद के पिछे से अपने लंड को रगड़ने लगा,

रोहित के लंड पर तेल की खूब चिकनाई थी और मेरी चूत भी पूरी गीली थी अचानक रोहित ने थोडा ज़ोर लगाया और उसका

मोटा लंड सॅट से मेरी चूत मे अंदर तक समा गया और रोहित मेरे होंठो को पागलो की तरह चूमने लगा,

संध्या- आह क्या बात है रोहित मम्मी की गुदाज गंद और ब्लॅक ब्रा पॅंटी देख कर तुम्हारा लंड कुच्छ ज़यादा

ही झटके मार रहा है,

रोहित- मेरी रानी आज मैं तुझे और मम्मी को दोनो को एक साथ पूरी नंगी करके चोदुन्गा,

संध्या- ठीक है चोद लेना पर पहले पापा को तो फ्री कर दू चलो अब लंड बाहर निकालो और अपनी मम्मी के लिए

एक लार्ज ग्लास बना दो तभी तो वह खूब गंद उठा-उठा कर तुमसे चुद्वयेगि,

रोहित- अच्छा ठीक है और फिर मैं पूरी नंगी ही उन लोगो के लिए ड्रिंक ले कर चली गई रोहित मुझे जाते हुए मेरे

नंगे भारी चुतडो को देख कर लंड मसल रहा था, मैने जैसे ही पापा की ओर ट्रे बढ़ाया पापा ने मम्मी

को बीच मे बैठा लिया और मैं मम्मी के साइड मे बैठ गई,

मनोहर- बेटी संध्या अब तुम और मैं दोनो तुम्हारी मम्मी को ड्रिंक पिलाएगे लेकिन पहले हम दोनो अपना वाला

ग्लास ख़तम कर देते है उसके बाद पापा ने मम्मी के ब्लौज के बटन खोलना शुरू कर दिए, मम्मी मस्ती

मे लगातार पापा का लंड मसले जा रही थी और पापा मम्मी की ब्रा खोल कर उनकी साडी और पेटिकोट भी उतार देते

है,

अब मम्मी की गुदाज भारी भारी जंघे मोटी मोटी फैली हुई गंद, बड़े बड़े मोटे मोटे दूध और उठा हुआ

गुदाज मसल पेट सब कुच्छ सामने था, पापा ने ड्रिंक को मम्मी के मोटे-मोटे बोबो पर डालते हुए उनके निप्पल

को चूसना शुरू कर दिया और मम्मी आह सी आह करने लगी,

पापा की यह हरकत मुझे भी पसंद आई और मैने भी मम्मी के दूसरे दूध को खूब कस कर दबोचते हुए

उसके उपर थोड़ी ड्रिंक डाल कर उसे चूसना शुरू कर दिया, हम तीनो सोफे से टिक कर बैठे थे फिर मैने और पापा

ने मम्मी की दोनो टाँगो को उपर उठा कर मोड़ दिया और अब मम्मी की एक मोटी जाँघ पापा दबा रहे थे और

दूसरी मोटी जाँघ मैं दबाने लगी तभी पापा ने मम्मी की दोनो जाँघो को खूब फैला कर उनकी फूली हुई चूत की

एक फाँक को अपनी ओर खींचा तब मैने भी मम्मी की चूत की दूसरी फाँक को अपनी ओर खींचा,

सामने से रोहित यह नज़ारा देख कर पागल हुआ जा रहा था उसके सामने उसकी मम्मी की मस्त फूली हुई चिकनी चूत

पूरी तरह खुली हुई थी और पापा और मैं एक-एक फांको को पकड़ कर अपनी ओर खींच रहे थे,

कुच्छ देर बाद हम सभी नशे मे मस्त हो चुके थे और रोहित से भी रहा नही जा रहा था,

रोहित ने मुझे

देखते हुए पूच्छा कि वह भी आ जाए क्या तब मैने उसे आने का इशारा कर दिया और मैं जाकर पापा के मोटे

लंड के उपर बैठ गई मेरी चूत मे पापा का पूरा लंड उतार गया और उन्होने मुझे अपने सीने से लगा लिया,

मम्मी आँखे बंद करके अपनी जाँघो को फैलाए अपनी चूत सहला रही थी तभी रोहित आ गया और उसने

मम्मी की गुलाबी चूत से अपनी जीभ लगा दी और उनकी बुर चाटने लगा,

मम्मी ने और भी अपनी टाँगे फैला दी, तभी पापा ने मुझे उठाया और अपने लंड पर खड़े होकर पूरी तरह

बैठा लिया मेरी चूत मे उनका मोटा लंड पूरी तरह फसा हुआ था और मैं उनके सीने से अपने मोटे-मोटे दूध को

दबाए हुए चिपकी हुई थी,

पापा नीचे से मेरी चूत मे तबीयत से लंड पेल रहे थे और मैं हाय पापा आह आह

बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही मुझे अपने लंड पर चढ़ाए हुए चोद्ते रहिए, पापा मेरे होंठो को

चूस्ते हुए लगातार मेरे बोबे मसल-मसल कर मेरी चूत को ठोंक रहे थे,

फिर वहाँ जगह कम होने के कारण पापा मुझे उठा कर बिस्तेर पर ले गये और वहाँ मुझे घोड़ी बना कर खूब

हुमच हुमच कर मुझे चोदने लगे,

रोहित ने भी मम्मी को खड़ी कर के उनसे रूम के अंदर चलने को कहा और मम्मी आगे आगे चलने लगी और

रोहित मम्मी की मोटी गंद को दबोचते हुए उनके पिछे पिछे चलने लगा, रोहित ने अपनी एक उंगली मम्मी की

गंद के छेद से लगा रखी थी और दूसरे हाथ से मम्मी के मोटे मोटे चूतादो को थपकीया रहा था, रोहित को

मम्मी की मोटी गंद बहुत अच्छी लगी और रोहित ने मम्मी को पेट के बल बिस्तेर पर लेटा दिया और मम्मी की

गंद को दबोचते हुए उस पर थप्पड़ मारने लगा रोहिर अपने लंड को सहलाते हुए अपनी मम्मी की गंद मे जैसे

ही थप्पड़ मारता उसकी मम्मी की गंद लाल हो जाती और मंजू आह रोहित बेटे क्या कर रहा है,

रोहित- मम्मी आपके चूतड़ बहुत मस्त है लगता है इन्हे खूब चाँते ही चाँते मार मार कर लाल कर दू

मंजू- आह सी बेटे जब तू मेरी गंद पर थप्पड़ मारता है तो मेरा दिल करता है कि मेरी गंद मे तू अपना लंड

फसा कर खूब चोद दे, बेटे मेरी गंद मे थप्पड़ मारते हुए उसे चाट्ता भी जा, मैं जानती हू तुझे औरतो की गंद

और चूत चाटने मे बहुत मज़ा आता है,

रोहित ने मम्मी की गंद को फैला कर उसे चाटना शुरू कर दिया वह मम्मी की चूत को उपर से लेकर नीचे तक

चाट्ता फिर मम्मी की गंद के छेद को चाट कर उसकी गुदा मे उंगली डाल देता था,

रोहित जब पापा को देखता है कि वो मुझे खूब कस कस कर झुकाए हुए मेरी गंद मार रहे है तब रोहित भी

मम्मी को वही घोड़ी बना कर उसकी मोटी गंद मे अपने तेल से सने लंड को लगा कर मम्मी के मोटे-मोटे

चूतादो को खूब फैला कर उनकी गंद मे एक करारा धक्का मार देता है और रोहित का लंड मम्मी की मोटी गुदा

को फैलाते हुए गच्छ से अंदर फस जाता है,

मंजू- ओह मा मर गई कितना मोटा लंड है बेटे तेरा पूरी गुदा खोल कर फैला दिया हे रोहित मार डाला रे, मैने

जब रोहित के लंड को मम्मी की गंद मे घुसा देखा तो रोहित की ओर इशारा किया कि खूब तबीयत से अपनी मम्मी

की गंद मारो, रंडी पर बिल्कुल रहम मत करो खूब कस कस कर उसकी गुदा को चोदो तभी उसे मज़ा आएगा,

रोहित मेरा इशारा समझ गया और इस बार उसने ऐसा झटका सासू मा की गंद मे मार दिया कि सासू मा क़ी एक दम से

बोलती ही बंद हो गई, रोहित का मोटा लंड पूरा उसकी मम्मी की मखमली गंद के छेद मे समा गया और मंजू

ओह ओह सी सी करते हुए अपने चूतादो को इधर उधर मटका कर अड्जस्ट करने लगी, मैं भी पापा के लंड को सटा सॅट

अपनी गंद मे ले रही थी लेकिन पापा मुझे बड़े आराम से मेरी बुर को सहलाते हुए चोद रहे थे लेकिन रोहित

मम्मी के चुतडो पर थप्पड़ मारते हुए उनकी गंद के छेद को खूब हुमच हुमच कर चोद रहा था,

पापा कभी मेरे बोबे मसल देते कभी मेरी गंद दबा देते और कभी मेरी चूत को दुलार्ने लगते,

रोहित ने मम्मी के मूह को पकड़ कर अपनी ओर मोड़ लिया और उनके होंठो को पीते हुए उनकी गुदा को ठोकना

शुरू कर दिया, रोहित के हर धक्के के साथ सासू मा उह उह आह आह करने लगती थी, लगभग एक आधे घंटे तक

पापा और रोहित ने मुझे और मम्मी को खूब कस कर चोदा उसके बाद पलंग पर पापा और रोहित मुझे और

मम्मी को लेकर लेट गये मैं और मम्मी पूरी नंगी एक दूसरे से नशे मे चिपकी हुई थी और एक दूसरे के रसीले

होंठो को चूस्ते हुए एक दूसरे के बोबो को खूब मसल रही थी,

उधर रोहित और पापा दोनो मेरी और मम्मी की गंद के पिछे से चिपके हुए थे पापा मेरे चूतादो को दबोच

दबोच कर सहला रहे थे और रोहित मम्मी की गंद मे अभी भी लंड फसाए उन्हे गहराई तक धक्के दे रहा

था,

अब मैं और मम्मी एक दूसरे से पूरे चिपक गये और रोहित और पापा हम दोनो के पिछे से पूरी तरह अपना

अपना लॅंड फसा कर चिपक गये और फिर हम दोनो को खूब कस कस कर ठोकने लगे, उन दोनो के धक्के जब

हमारी गंद मई पड़ते तो मेरे और मम्मी के बदन आपस मई खूब चिपक जाते, जैसे जैसे रोहित और पापा का

जोश बढ़ रहा था वैसे वैसे मेरे और मम्मी के बीच की दूरी कम हो रही थी, फिर जब पापा और रोहित को

खूब मज़ा आने लगा तब दोनो हमारी गंद पर चढ़ चढ़ कर हमे ठोकने लगे, चुदाई और उसकी ठप की

थपथपाहट पूरे कमरे मे गूँज रही थी और पापा और रोहित मुझे और मम्मी को लेकर पूरी तरह गुत्थम

गुत्थ हो रहे थे, हम दोनो की गंद चुद चुद कर पूरी लाल हो चुकी थी, तभी रोहित ने एक तगड़ा झटका मार दिया

और पापा ने मेरी गंद मे भी अपना मूसल खूब अंदर तक दबा दिया,

मंजू- आह आह चोद बेटा चोद खूब चोद और मार अपनी मम्मी की गंद आज फाड़ दे बेटा आह आ आह सी सी

संध्या- ओह पापा और चोदिये खूब चोदिये आज फाड़ दीजिए अपनी बहू की चूत आह आह आह ओह ओह सी सी

पापा और रोहित हमे चोद चोद कर पूरी मस्त कर दिया और फिर पापा मुझे चोद्ते हुए मम्मी की चूत सहलाने

लगे और रोहित मम्मी की गंद ठोकता हुआ मेरी चूत सहलाने लगा, मैं मम्मी के दूध मसल रही थी और

मम्मी मेरे दूध मसल रही थी, तभी रोहित और पापा के धक्के पूरी मस्ती मे मेरी और मम्मी की गंद मे

पड़ने लगे और हम दोनो रंडियो ने एक दूसरे को खूब कस कर दबोचते हुए अपनी अपनी चूत का पानी छ्चोड़ना

शुरू कर दिया तभी पापा ने अपना गरम गरम वीर्य मेरी गुदाज गंद मे पूरा भर दिया और उधर रोहित ने

मम्मी की मोटी गंद मे अपना वीर्य छ्चोड़ कर उनकी गंद की गहराई मे अपने लंड को पूरा दबा दिया,

उस रात पापा और रोहित ने हम सास बहू की दो बार और खूब तबीयत से चुदाई की और पूरी रात रंडियो की तरह दोनो

बाप बेटो ने मिल कर हमे दबोचा चोदा और हमारा रस पिया,

एक दिन मैं और पापा दोनो मार्केटएमई घूम रहे थे कि अचानक मुझे वही आदमी नज़र आ गया जिसने मेरा

बलात्कार करने की कोशिश की थी, मैने इशारे से पापा को बताया तो पापा ने कहा कि उसे पोलीस के हवाले करे

क्या मैने कहा अब रहने दो लेकिन चलो उससे थोड़ी बात करते है, मैं और पापा उसके पास पहुचे,

और मैने

उससे कहा कहो भैया क्या हाल है आपके,

उसने मुझे गौर से देखा और कहा बहन जी मैने आपको पहचाना नही,

संध्या- हस्ते हुए, भैया आपकी वजह से ही आपकी बहन आज मस्त शादी शुदा जिंदगी जी रही है, सच भैया

आपका मुझ पर बड़ा अहसान है बस इतना कह कर मैं और पापा वहाँ से हस्ते हुए चल दिए और वह काला आदमी

अपना मूह फाडे हमे देखता रह गया शायद वह समझ नही पाया कि उसने मेरे उपर कब और कौन सा एहसान

किया है, बस इतना ज़रूर था कि वह कुच्छ दिन तक यह सोच कर परेशान रहेगा कि इतना मस्त माल कौन था और

मैने उस पर क्या एहसान किया था और कब किया था,

दोस्तो ये कहानी यही ख़तम होती है फिर मिलेंगे किसी नई कहानी के साथ

समाप्त

दा एंड
-  - 
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
Lightbulb Incest Kahani मेरी भुलक्कड़ चाची 27 16,302 02-27-2020, 12:29 PM
Last Post:
Thumbs Up bahan sex kahani बहना का ख्याल मैं रखूँगा 85 156,853 02-25-2020, 09:34 PM
Last Post:
Star Adult kahani पाप पुण्य 221 959,339 02-25-2020, 03:48 PM
Last Post:
Thumbs Up Indian Sex Kahani चुदाई का ज्ञान 119 95,017 02-19-2020, 01:59 PM
Last Post:
Star Kamukta Kahani अहसान 61 230,043 02-15-2020, 07:49 PM
Last Post:
  mastram kahani प्यार - ( गम या खुशी ) 60 150,943 02-15-2020, 12:08 PM
Last Post:
Lightbulb Maa Sex Kahani माँ की अधूरी इच्छा 228 796,668 02-09-2020, 11:42 PM
Last Post:
Thumbs Up Bhabhi ki Chudai लाड़ला देवर पार्ट -2 146 96,824 02-06-2020, 12:22 PM
Last Post:
Star Antarvasna kahani अनौखा समागम अनोखा प्यार 101 214,796 02-04-2020, 07:20 PM
Last Post:
Lightbulb kamukta जंगल की देवी या खूबसूरत डकैत 56 32,162 02-04-2020, 12:28 PM
Last Post:



Users browsing this thread: 1 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


telgu anti xxx imgeBABAAWWWXXXAnjum farooki ki nangi photojism ki aag me dosti bhool hum ek duje se lipat gaye sex story's hindiचिकनि पतलि नंगी बिडियोnew sex nude pictures dipika kakar sexbaba.net actresses in tv serial actress fakessexy vedio mota lndd 4inch xxxpron Sexbaba kahani xxx ghar Richa Chadda sex babaमूवी हाल सेक्सबाबnaam hai mera mera serial ka photo chahiyexxx bfअसल चाळे मामी ला जवलेسکس عکسهای سکسیnasha scenesRangli padosan sex hindi kahani mupsaharovo.rulady housewife aur pagalaadmi ki sexy Hindi kahaniyasavtra momo ke sat sex Indiamana apne vidwa massi ko chodaRandi mom ka chudakar pariwarएक एक करके कपडे उतारे Shraddha Kapoor xxxhttps://altermeeting.ru/Thread-meri-sexy-jawaan-mummy?pid=35905राजशर्मा ने मेरी चूत फडीlades tailor by desi52.comSex baba net antarvasana aunty ki ganndkajol agerwal sexy photo matesdeshi burmari college girlsapna gand ma lang gusna xxxx videobachchedani garl kaesha hota hai hd nxxxबहन को चोद कर उसकी ठंड मिठाई हिंदी सेक्स स्टोरीMeri bur chuchi saf hai humach chodoma mujhe nanga nahlane tatti krane me koi saram nhi krtiHindi sex video Aurat log jaldi so rahe hain Unka Naam Maloom Pade Unka Chut video sex video xxxxxxpapa bfi Cudi bf Xnxx com%A6%E0%A4%95%E0%A4%B0/Kapada utari xesi sexbaba katrina 63Bf video downloading desh bidesh Ka boor chatne walason ne mom ko jabarasti xxx kiya sleeping ke timestrict ko choda raaj sharma ki sex storyचुपकेसे पुराने घर में भाबी की गांड मारी हॉट सेक्सी पोर्न वीडियोस फ्रॉम उपPinky aurRakesh xxxhd video Hindi bhavi xxxraveena tandan sex nude images sexbaba.comXxx hot underwear lund khada ladki pakda fast sax online videowwwwxx.janavar.sexy.enasandever ne bedroom me soi hui bhabi ko bad par choda vidio bf badLaadla & Damadjirandi maa aur chuddked beta ka sambadxxxstoriez goli sasur bahu tel maliesh ka Gyan sexy stories labiसेकसी बुर मे लोरा देता हुआ बहुत गंधा फोटोसेकसी बुर मे लोरा देता हुआ बहुत गंधा फोटोmabeteki chodaiki kahani hindimewwwxxxx khune pheke walaLand mi bhosari kaise kholte xxx photokiyaRa aadvani sex xxxhd gifsकैटरीना कैफ सेकसी चुचि चुसवाई और चुत मरवाईrandi sex2019hindinargis fakhri sex baba new thread. Comkali ladkiko chuda marathi khtaकलेज कि लरकिया पैसा देकर अपनी आग बुझाती indian women says jhatka mat maro pornbuddha tailor incest story..desibeesm.ok.ru.superass fucksexbaba.net बदसूरतबघ वसली माझी पुचची मराठी सेक्सी कथाXxx didi se bra leli meneदीदी की फुद्दि के लिप्स खुले और पिशाब निकलने लगा वो बहुत हॉट सीन था. मैं दीदी की पिशाब करती फुद्दि को और दीदी मुझे देख रही थीं.hot bua ke panty me muth mrne ke chudai storyBigg Boss actress nude pictures on sexbabapadoah ki ladki ke sath antarawsnaAk rat kemet xxx babahina khan sex babaantervasna bus m chudaipuck choud moti and chouri sexy video full hdsara ali fakes/sexbaba.com