ब्रा वाली दुकान - Printable Version

+- Sex Baba (//ht.mupsaharovo.ru)
+-- Forum: Indian Stories (//ht.mupsaharovo.ru/filmepornoxnxx/Forum-indian-stories)
+--- Forum: Hindi Sex Stories (//ht.mupsaharovo.ru/filmepornoxnxx/Forum-hindi-sex-stories)
+--- Thread: ब्रा वाली दुकान (/Thread-%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8)

Pages: 1 2 3 4 5 6 7 8 9


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

मैं ने मैम से पूछा कि आप भी नहाती हैं ट्यूबवेल में ??? तो मैम ने कहा हां जब मेरे पति चल फिर सकते थे तो हम दोनों यहाँ आकर नहाते थे। मैंने कहा तो आज भी नहाएँ, बहुत ठंडा पानी होता है ट्यूबवेल का आराम मिल जाएगा। मेरी बात पर मेडम की आँखों में चिंता काफी स्पष्ट थी, मगर उन्होंने बेबसी से कहा नहीं मेरे सारे कपड़े खराब हो जाएंगे। मैंने कहा तो मेरे कपड़े पहन लें

... मैम ने कहा नहीं तुम्हारे भी तो खराब होंगे और वापसी पर बाइक पर जाना है तो गीले कपड़े की वजह से हवा लगेगी और निमोनिया हो सकता है। मैंने कुछ सोचने के बाद कहा आप ऐसा करें मेरी बनियान पहन लें वापसी पर मैं बनियान नहीं पहनूंगा टी शर्ट पहन कर चला जाऊंगा। मैम ने कहा और मेरी सलवार ???? मैंने मैम की सलवार को देखा और कहा मैं अंडर वेअर तो पहना हुआ हेागर आप चाहें तो मेरी हाफ़पेंट पहन सकती हैं। लैला मैम ने कहा नहीं तुम चलो। बस आप नहाओ में फिर कभी नहा लूंगी जब एक्स्ट्रा कपड़े साथ ले आउन्गी मैंने मैम पर अधिक जोर नहीं डाला और ट्यूबवेल के तालाब की ओर चला गया। वहां जाकर मेरे दिल में ख्याल आया कि क्या पता मैम का भी मूड बन जाए नहाने का इसलिए अपने हाफ़पेंट उतार दूं। 

मैंने मेम से कहा, यदि आप बुरा न माने तो मैं अपनी हाफ़पेंट उतार दूँ ??? नीचे अंडर वेअर है। मैम ने कहा हां उतार दो इसमें पूछने वाली कौनसी बात है। मैंने तुरंत अपनी हाफ़पेंट उतारी और ट्यूबवेल के तालाब में कूद गया जो अब भर चुका था, उसमें पानी के निकलने वाला छेद काफी ऊंचा था जिसकी वजह से इस हौज में पर्याप्त पानी जमा हुआ था और मेरे पेट तक हौज में पानी मौजूद था। पानी में डुबकी के बाद एक बार में ट्यूबवेल से निकलने वाले पानी के नीचे सिर करके खड़ा हो गया और अपने पूरे शरीर पर पानी गिरने दिया। ठंडा ठंडा पानी सिर पर पड़ने से बहुत आराम मिल रहा था। जब मैंने ट्यूबवेल के नीचे से सिर निकाल कर कुछ गहरी सांसें लीं तो मैंने देखा कि लैला मैम गड्ढे के बिलकुल करीब खड़ी थीं और मुझे नहाते हुए देख रही थीं। मैं लीला मैम के थोड़ा करीब हुआ और अपने दोनों हाथ छाती पर बांध कर कांपते हुए कहा मैम बहुत ठंडा पानी है, आ जाइए आप को भी बहुत मजा आएगा। मैम ने मुस्कुराते हुए कहा मन तो बड़ा है, लेकिन कपड़ों की समस्या है। मैंने कहा मैम आप कपड़ों की चिंता न करें, अपनी कमीज उतार कर मेरी बनियान पहन लें और सलवार की जगह मेरी हाफ़ पेंट पहन लें और घबराएँ नहीं दोनों साफ है मैंने आज सुबह ही यह बनियान और हाफ़पेंट पहनी है। धूलि हुई हैं। 

मैम ने मुस्कुराते हुए कहा नहीं वो बात नहीं, तुम्हारी बनियान तक तो ठीक है वह पहन सकती हूँ लेकिन तुम्हारी हाफ़पेंट ..... वो तो आप वापसी पर तुम्हे ज़रूर पहननी है। मैंने कहा मैम वो मेरी समस्या है आप परेशान न हों, बस आप कपड़े बदलें और आ जाएं। मैम ने फिर से कहा नहीं यार तुम्हारी हाफ़पेंट खराब हो जाएगी। मैंने फिर हंसते हुए कहा उसका तो यही हल है कि जैसे मैं अंडर वेअर में नहा रहा हूँ आप अपने अंडर वेअर में नहा लें। यह कह कर मैंने एक मामूली ठहाका लगाया और फिर से ठंडे पानी के नीचे अपना सिर ले गया। कुछ देर ठंडा पानी सिर पर फिर से डालने के बाद मैं तालाब में एक जलमग्न और तैराकी करते हुए एक कोने से दूसरे कोने की ओर चला गया। हौज़ खासा बड़ा था, उसकी न्यूनतम लंबाई 20 मीटर होगी। और इतना लंबा तालाब बनवाने का उद्देश्य वास्तव में यही होगा कि मैम अपने पति के साथ इसमें नहाती होंगी। दूसरी ओर पहुंचकर मैं एक बार और जलमग्न हुआ और वापस ट्यूबवेल से निकलने वाले पानी के पास आ गया, वहाँ पहुँच कर मैंने फिर ट्यूबवेल के नीचे अपना सिर किया और फिर सांस लेने के लिए अपना सिर बाहर निकाला तो मेरी ऊपर की सांस ऊपर और नीचे की सांस नीचे रह गई 

तालाब के बाहर लैला मैम मेरी बनियान पहन कर खड़ी थीं। बनियान का गला बाद काफी बड़ा होता है इसलिए मेरी बनियान से लैला मैम के उभरे हुए मम्मे स्पष्ट दिख रहे थे और उनकी सुंदर कलयूेज भी बनी हुई थी। बनियान के नीचे मैम का काले रंग का ब्रा स्पष्ट नजर आ रहा था। मेरे अंडर वेअर में लंड ने एक बार फिर से सिर उठा लिया था और मुझे यह सोच सोच कर ही कुछ होने लगा था कि अब कुछ देर बाद लैला मैम और मैं इसी गड्ढे में इकट्ठे नहाएँ और मैं लैला मैम के बदन से खेलूंगा। इतने में मुझे ट्यूबवेल के पाइप पर अपनी हाफ़पेंट दिखी तो मैंने एकदम से लैला मैम के पैर की तरफ देखा कि अगर मेरी हाफ़पेंट वहीं है तो लैला मैम ने क्या पहना है ...


. वाहह । । । । क्या नज़ारा था वह जब मैंने लैला मैम के पैरों की तरफ देखा। लैला मैम ने अपना दुपट्टा अपनी टांगों पर लपेट रखा था जो शायद उनकी जांघों को ढक रहा था। दुपट्टे के नीचे शायद मैम ने पैन्टी पहनी हुई थी। बिल्कुल सकते की हालत में मैम को देख रहा था जब मैं तभी मैम की आवाज़ आई, मेरा हाथ पकड़ कर खींची तो मैं होश में आया तो लैला मैम ने अपना सुंदर हाथ मेरी ओर बढ़ाया हुआ था जिसको मैंने तुरंत ही थाम लिया, तो मैम ने अपनी एक टांग ऊपर उठाई और ट्यूबवेल के तालाब की दीवार पर रख दी। दीवार खासी ऊंची होने के कारण मेम को काफी मुश्किल हुई अपनी टांग ऊपर रखने में, और इसलिए मुझे मैम के पैरों के बीच का नज़ारा भी मिल गया। मैम का एक पैर गड्ढे की दीवार पर और एक नीचे जमीन पर था और मेरी नजरें मैम के दुपट्टे के बीच में थी जहां से मैम की काले रंग की पैन्टी स्पष्ट दिख रही थी। 

लेकिन अब की बार मैंने होशओहवाश को नियंत्रण में रखा और लैला मैम की पैन्टी से नजरें हटाकर जो टांग उनकी नीचे जमीन पर थी उसके साइड वाले नितंब पर हाथ रखकर मैम को ऊपर उठने में मदद की तो लैला मैम ने दूसरे पैर को उठाकर भी ट्यूबवेल के तालाब की दीवार पर रख लीया और फिर वहीं पर बैठ गईं। इस तरह बैठने से न केवल मुझे लैला मैम की पैन्टी बहुत स्पष्ट दिख रही थी बल्कि उनकी क्लीवेज़ और मम्मों की गहराई भी बहुत स्पष्ट दिख रही थी। फिर मैंने लैला मैम को अंदर आने को कहा तो उन्होंने एक हल्की झुरझुरी ली जैसे उन्हें डर लग रहा हो। मैंने कहा क्या हुआ मैम? तो वह बोलीं पानी बहुत ठंडा होगा और मुझे तो वैसे ही बहुत ठंड लगती है। यह सुनकर मैंने मैम को कहा तो आप ऐसा करें अपने ब्रा को भी उतार दें बस बनियान ही पहने रखें वरना बाद में ब्रा गीला होने के कारण भी आपको ठंड लगेगी। मैम ने कहा अब तो मैंने बनियान पहन ली अब फिर उतारकर ब्रा नहीं पहन रही। मैं एक मिनट में आपका ब्रा उतार देता हूँ बिना बनियान उतारे यह कह कर मैंने मैम की कमर पर हाथ रख कर उनकी बनियान ऊपर उठाई और उनकी कोमल और मुलायम कमर पर हाथ फेरने के बाद मैम की ब्रा का हुक खोल दिया और बनियान वापस नीचे कर दी। इस दौरान मैम ने मुझे कंधे पर हाथ रख कर पकड़ा हुआ था। 

ब्रा हुक खोलने के बाद मैंने मैम की ब्रा की स्ट्रिप उनके दोनों हाथ से ऐसे निकाली कि वह बनियान के नीचे से ही निकले और उसके बाद आगे मैम की बनियान में हाथ डाल कर अपने दोनों हाथ मैम के मम्मों पर रख कर उनके ब्रा को पकड़ा और मम्मों को हल्के ढंग से दबा कर ब्रा उतार लिया और बनियान वापस नीचे कर दी, फिर मैंने मैम को कहा तो जरा संभल कर बैठें में आपका ब्रा पाईप पर लटका देता हूँ, यह कह कर मैं मैम से पीछे से हटा तो उन्होंने तालाब की दीवार पर हाथ रख लिए, लेकिन गड्ढे में उतरने की हिम्मत नहीं की। मैंने मैम का ब्रा ट्यूबवेल के पाइप पर अपनी हाफ़पेंट के साथ रख दिया और वापस आकर मैम को पकड़ लिया। फिर मैंने एक हाथ मैम के चूतड़ों पर रखा और एक कमर पर रखकर मैम को अपनी गोद में उठा लिया तो मैम ने मुझे कसकर पकड़ लिया जैसे उन्हें गिरने का डर हो। मैंने फिर मेम को आराम के साथ तालाब में उतार दिया जिससे उनकी एक सिसकी निकली। ये सिसकी ठंडे पानी की वजह से थी जैसे हमें शावर के नीचे होते हुए एकदम से झुरझुरी आती है और सिसकी से निकलती है। पानी में जाते ही मैम ने अपने दोनों हाथ अपने सीने पर बांध लिए और आँखें बंद कर लीं जबकि मैं आंखें फाड़ फाड़कर मैम के सेक्सी शरीर को देख रहा था और मेरा मन कर रहा था कि अभी अपना 8 इंच का लंड बाहर निकालूं और मैम की नाजुक चूत में डाल दूं जो काफी समय से लंड के लिए तरस रही है। मगर मैं ऐसा नहीं कर सकता था, ऐसा करने के लिए उनकी सहमती ज़रूरी थी मैम को अगर गुस्सा आ जाता तो वह मेरी दुकान भी मुझसे खाली करवा सकती थीं इसलिए मुझे इंतजार करना था कि कब मैम खुद मेरे लंड की मांग करें। 

मैं कुछ देर तक ऐसे ही लैला मैम को देखता रहा फिर मैंने मैम से कहा कि आप पानी से इतना डरती क्यों हैं? मैम ने आँखें खोली और बोलीं मैं पानी से नहीं डरती बस मुझे ठंड अधिक लगती है। मैंने कहा चलें अब तो आप पानी में आ गई हैं अब एक डुबकी भी लगा लें पानी में। यह कह कर मैंने मैम को उनके सिर से पकड़ कर नीचे की ओर धकेला और उनका मुंह पानी में डाल दिया, पानी में जाने से पहले मैम ने हल्की सी चीख मारी मगर जैसे ही उनका मुंह पानी में गया उन्होंने अपना मुंह बंद कर लिया और कोई चीख नहीं निकली। कुछ सेकंड पानी में रहने के बाद मैम वापस बाहर निकल आईं और अब उनके बदन पर कंपकंपी हुई थी और आँखों में चमक भी थी। उन्हें शायद अच्छा लग रहा था ट्यूबवेल पर नहाना। लेकिन अब की बार मैंने मैम को ध्यान से देखा तो एक बार फिर नज़रें हटाना भूल गया। मैम ने मेरी जो बनियान पहन रखी थी वह बहुत बारीक थी और मैं उनका ब्रा तो उतार ही चुका था नीचे से। बनियान गीली होने के कारण उनके बदन से चिपक गई थी और उनके मम्मे और छोटे ब्राउन निपल्स बनियान में बहुत स्पष्ट नजर आ रहे थे। मैम इस बात से अनजान कि मेरी नजरें उनके मम्मों पर हैं और मैं उनके निप्पल देख रहा हूँ पानी देख कर खुश हो रही थीं। फिर मेम ने मेरी ओर देखा और बोलीं तुम्हें ठंड नहीं लग रही है, जब कि तुमने सिर्फ अंडर वेअर पहन रखा है। मैंने कहा नहीं मैम मैं तो नहाता रहता हूँ ट्यूबवेल के पानी में मुझे ठंड ही नहीं लगती, यह कह कर मैं ट्यूब वैल से निकलने वाले पानी के नीचे जाकर खड़ा हो गया और अपना चेहरा मेडम की ओर किया। पानी मेरे सिर पर गिर रहा था और दबाव की वजह से पानी सिर पर गिरने के बाद फैल कर आगे मैम की तरफ जा रहा था। 

मैम मुझे पानी के नीचे देख कर खुश हो रही थीं, उन्होने अब की बार खुद ही पानी में एक डुबकी लगाई और कुछ सेकंड तक पानी में रहने के बाद फिर बाहर निकल आईं, उनके सिर से पानी चेहरे से होता हुआ नीचे गिर रहा था और वह अपन दोनों हाथों को चेहरे और आंखों पर फेर कर पानी साफ कर रही थीं। कि अचानक उनकी नजर अपने मम्मों पर पड़ी जहां उनके नपल्स बहुत स्पष्ट नजर आ रहे थे, तो उन्होने चौंक कर मेरी तरफ देखा और मेरी नजरें उस समय मैम के हल्के ब्राउन नपल्स पर ही थी। लैला मैम थोड़ी शर्मिंदा हुई और बोली ये बनियान तो बहुत बारीक है, इसमे तो सब कुछ दिख रहा है। तुम नहाओ, मैं जा रही हूँ। यह कह कर मैम तालाब की दीवार की ओर जाने लगीं, उनका निकलने का इरादा था, लेकिन मैंने आगे बढ़कर मैम को पकड़ लिया और कहा इसमें ऐसी कौन सी बात है मैम, मैं भी तो सिर्फ अंडर वेअर में ही नहा रहा हूँ। आपने तो भी बनियान पहन रखी है। मैंने मैम को उनके पेट के आसपास हाथ डाल कर रोका था। मैम ने इस पर मुझे कुछ नहीं कहा लेकिन मेरी ओर मुंह करके बोलीं तुम लड़के हो, तुम्हारी चलती है, मगर मैं औरत हूँ और मेरी जगह केवल मेरे पति ही देख सकते हैं। मैंने कहा अरे मैम इसमें भला इतना घबराने वाली कौनसी बात है। वास्तव में बनियान बारीक बहुत है इसलिए ऐसे आपके निपल्स नज़र आ रहे हैं, लाएं में सही कर देता हूँ। यह कर मैंने मैम की पहनी हुई बनियान नीचे से पकड़कर उठा कर उनके बूब्स पर रख दी और उसका निचला हिस्सा बनियान के ऊपरी भाग के साथ मोड़ दिया, बनियान अब थोड़ी मोटी हो गई थी लेकिन अब मैम की नाभि, अर्थात् नेवल दिख रही थी जो बहुत सुंदर थी, मैंने एक बार फिर बनियान को नीचे से पकड़ा और उसको फिर से फ़ोल्ड करके मॅम के मम्मों पर चढ़ा दिया। 

अब बनियान काफी मोटी हो गई थी और लैला मैम के मम्मे दिखना बंद हो गए थे लेकिन उनका पूरा पेट नंगा हो गया था। और बनियान अब ब्रा का रूप ले चुकी थी जो केवल लैला मैम मम्मों को घेर थी। बनियान सेट करने के बाद मैंने लैला मैम के पेट पर हाथ रखकर फेरा और उन्हें कहा मैम वैसे आपके शरीर को देखकर लगता नहीं कि आप 32 साल की महिला हैं। लैला मैम मेरी बात सुन कर मुस्कुराई जैसा कि हर लड़की और औरत अपनी तारीफ सुन कर खुश होती है। लैला मैम ने कहा फिर मैं कितने साल की औरत लगती हूँ ??? मैंने कहा अरे मैम औरत तो लगती ही नहीं, आपकी फिट बॉडी और फिगर देखकर तो लगता है कि आप 23, 24 साल की जवान लड़की हैं। मेरी बात सुनकर लैला मैम के गालों पर लाली आ गई थी और वह बोलीं, लगता है लड़कियों को पटाने का काफी अनुभव है तुम्हें। उनकी बात सुनकर मैं भी हंसने लगा और बोला कहाँ मेडम आपको तो आज तक पटा नहीं सका और लड़कियों को क्या खाक पटाउँगा यह कह कर मैं भी हंसने लगा और लैला मैम भी मेरी बात सुनकर हंसने लगीं और उसके बाद फिर से पानी में एक डुबकी लगाई और अब की बार वह तैराकी करने लगी थीं। उन्हें तैराकी करता देखकर मैंने भी तैराकी शुरू कर दी और ऐसे ही हम तालाब के दूसरे किनारे पर पहुँच गए। यहां तालाब की गहराई थोड़ी सी ज्यादा थी और पानी हमारे सीने तक आ रहा था। लैला मैम की कद काठी अच्छी थी, वह करीब-करीब मेरे बराबर ही थी। पानी उनके बूब्स को छू रहा था यहाँ भी। 

यहां पास ही गड्ढे में वह छेद था जहां से तालाब का पानी का बाहर निकालता है। मैं उसके सामने जाकर बैठ गया और पानी का रास्ता रोक लिया। अब पानी का निकलना बहुत कम हो गया और ट्यूबवेल से निकलने वाला पानी हौज़ को बहुत तेजी से भर रहा था। लैला मैम ने अपने पति के बारे में बताया कि वह भी इसी तरह पानी रोककर तालाब में पानी इतना कर लेते थे कि बस हमारा चेहरा ही पानी के बाहर रह जाता था। मैंने कहा नहाने का मजा ही ऐसे आता है खाली पेट तक पानी हो तो इसमें मजा नहीं। कुछ ही देर में पानी का स्तर काफी ऊंचा हो गया और पानी लैला मैम की गर्दन तक पहुंच चुका था और उन्हें यहाँ खड़े होना मुश्किल होने लगा था, वह वापसी के लिए बढ़ी तभी मैं छेद से पीछे हट गया और पानी का बहाव तेज़ी से छेद की तरफ बढ़ा और पानी निकलने लगा। पानी के इस दबाव के कारण लैला मैम थोड़ी सी लड़खड़ाई तो मैंने आगे बढ़कर उन्हें पकड़ लिया और उन्होने भी मेरे शरीर के आसपास अपने हाथ लपेट लिए। यहाँ मैं थोड़ा नीचे झुका और अपना चेहरा पानी के अंदर ले गया, पानी के नीचे आँखें खोलकर मैंने लैला मैम के शरीर को देखना शुरू किया। पानी में उनका गीला बदन और भी मस्त लग रहा था और नीचे उनकी गोरी गोरी बालों से मुक्त जांघे तो बहुत ही सुंदर थीं। मैंने आगे बढ़ कर अपने होंठ लैला मैम की नाभि पर रखकर वहाँ एक बोसा दिया और फिर लैला मैम को उनकी कमर से पकड़ कर वापस पानी से बाहर आ गया। लैला मैम ने अपनी नाभि पर मेरे होंठों का चुंबन महसूस कर लिया था जिसकी वजह से उनके चेहरे की लाली में वृद्धि हो गई थी फिर मैंने लैला मैम के चूतड़ों के आसपास अपने हाथ डाल कर उन्हें ऊपर उठा लिया इस तरह लैला मैम के मम्मे मेरे चेहरे के बिल्कुल सामने थे और मैंने थोड़ी हिम्मत से काम लेते हुए लैला मैम के मम्मों पर अपना चेहरा रख कर दबा दिया, मगर लैला मैम ने मुझे इस हरकत से मना नहीं किया।


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

फिर मैंने लैला मैम को ऐसे ही उठाकर 2 कदम गड्ढे की दीवार की तरफ बढ़ाए और फिर गड्ढे दीवार पर पैर रखकर एक जोरदार उछाल लगाई जिससे लैला मैम मेरी गोद में ही ऊपर उठती चली गईं और जिससे मेरी महज नीचे वाली टांग पानी में रह गई तो मैंने पीछे की ओर अपना वजन डाल दिया जिससे लैला मैम और हवा में उड़ते हुए वापस पानी में आ गई, और इस दौरान लैला मैम ने मुझे गिर जाने के डर से कसकर पकड़ लिया था। हम दोनों वापस पानी में आकर गिरे और फिर पानी की गहराई तक गए तो लैला मैम ने मुझे छोड़ कर अपने हाथ पांव मारे और तैरती हुईं ट्यूबवेल के पाइप की तरफ जाने लगीं, इस स्थिति में लैला मैम का पहले पेट मेरे चेहरे से होता हुआ गुज़रा और फिर उनकी चूत और उसके बाद उनके पैर मेरे चेहरे पर लगते हुए गुजर गये जब लैला मैम की चूत मेरे चेहरे के बिल्कुल ऊपर हुई तो मैंने हाथ बढ़ा कर उनका वह दुपट्टा पकड़ लिया था जिसे उन्होंने अपनी पैन्टी के ऊपर से बांध रखा था। दुपट्टा बहुत ज़्यादा मजबूती से नहीं बांधा गया था इसलिए वह तुरंत ही खुल गया और मेरे हाथ में आ गया। ट्यूबवेल के पाइप के पास जाकर लैला मैम जब पानी से बाहर निकली और मेरी तरफ देखा तो उनका दुपट्टा मेरे हाथ में लहरा रहा था, मेरे हाथ में दुपट्टा देखकर लैला मैम ने बनावटी गुस्सा व्यक्त किया और बोलीं यह क्या हरकत है ??? जबकि वह इस बात से गुस्से का इजहार कर बोल रही थीं मगर उनके चेहरे पर खुशी भी काफी थी। और मैं जानता था कि लैला मैम को शरीर के साथ मेरी छेड़छाड़ उन्हें अच्छी लग रही है। 

लैला मैम की बात पर मैंने मुस्कुराते हुए कहा कुछ नहीं मैम, बस ऐसे ही यह दुपट्टा आपके शरीर पर अच्छा नहीं लग रहा था, आपकी सुंदरता को छिपा रहा था इसलिए मैंने उसे उतार दिया। मेरी बात सुनकर लैला मैम बोलीं ऐसे तो तुम्हारा अंडर वेअर भी तुम्हारे सौंदर्य को छिपा रहा है। उनकी यह बात सुनकर मैंने तुरंत कहा तो कोई बात नहीं आप उतार दें मेरा अंडर वेअर। मेरी बात सुनकर लैला मैम मुस्कुराई और बोलीं, नहीं मुझे उसकी कोई जरूरत नहीं। मैंने नहीं देखना आपका सौंदर्य। मैंने कहा ठीक है आप नहीं उतार रही तो मैं उतार देता हूँ। यह कह कर मैं नीचे झुका तो लैला मैम तुरंत पानी में तैरते हुए मेरे पास आ गई और मेरे हाथ को पकड़ कर रोक दिया और बोलीं नहीं ऐसी हरकत मत करो। मैं तो ऐसे ही मजाक कर रही थी। मैं एक ठहाका लगाया और कहा तो मैं कौन सा सच में उतारने वाला था मैं भी तो मज़ाक कर रहा हूँ। यह कह कर मैंने लैला मैम की कमर में हाथ डाला और उन्हें ट्यूबवेल के पाइप की ओर ले जाने लगा। वहां जाकर लीला मैम के पीछे आ गया और उन्हें पेट में हाथ डाल कर पकड़ लिया और उन्हें थोड़ा आगे धक्का देकर पानी के नीचे किया तो लैला मैम अपनी गाण्ड बाहर निकाल कर झुक गई और ट्यूबवेल से निकलता हुआ तेज पानी उनके सिर पर गिरने लगा जबकि लैला मैम की बाहर निकली हुई गाण्ड मेरे लोड़े के बिल्कुल ऊपर थी और उसको छू रही थी। 

निश्चित रूप से लैला मैम को भी अपनी गाण्ड पर मेरे लंड का दबाव महसूस हुआ होगा, मगर वह लगातार एक ही स्थिति में रही और पानी का मज़ा लेती रहीं। कुछ देर बाद उन्होंने अपना सिर पानी के नीचे से निकाल लिया मगर वह लगातार एक ही स्थिति में रही, फिर कुछ देर सांस लेने के बाद लैला मैम ने फिर से अपना सिर पानी के नीचे कर दिया, और मैंने अपने लंड का दबाव लैला मैम की गाण्ड बढ़ा दिया, इस बार लैला मैम ने भी अपनी गाण्ड को थोड़ा घुमा कर मेरे लोड़े ऊपर मसला। अगर बाहर से कोई इस समय हम दोनों इस पोज़ीशन में देख लेता तो वह यही समझता कि मेरा लंड लैला मैम की गाण्ड में जा चुका है। मैंने लैला मैम की कमर पर हाथ रखा हुआ था और उनको मज़बूती से पकड़ रखा था और अपने लंड को 2 झटके मे लैला मैम की गाण्ड में लगा दिया था 2 धक्के खाने के बाद लैला मैम ने अपना सिर फिर से पानी के नीचे से निकाल लिया और सीधी खड़ी हो गईं, तो वे वापस मूडी और हंसते हुए कहा बहुत मज़ा आया। वो पानी की बात कर रही थीं कि पानी के नीचे आकर मज़ा आया, लेकिन इस दौरान उन्होंने चोर नज़रों से मेरे लंड की ओर भी देखना चाहा, लेकिन पानी के नीचे होने के कारण उन्हें वहां कुछ नजर नहीं आया। मैंने द्विअर्थी ज़ुबान से लैला मैम से पूछा मैम सच में मज़ा आया आपको ??? मैम मेरी बात समझ गईं मगर एक अंजान बनते हुए बोलीं, हाँ बहुत मज़ा आया .... मैंने कहा तो एक बार फिर से होजाय ??? तो लैला मैम बोलीं, नहीं अभी नहीं। बल्कि अब तुम आओ पानी के सामने देखते हैं तुम पानी का कितना दबाव सहन कर सकते हैं ... 

मैंने कहा क्या मतलब ??? लैला मैम बोलीं मतलब यह कि तुम्हे पानी के सामने आना है और झुकना नहीं बल्कि अपने सीने पर पानी के दबाव को सहन करते हुए आगे बढ़ना है। देखते हैं आप कितना आगे बढ़ सकते हैं। यह सुनकर मैंने कहा ठीक है आज यह अनुभव भी कर लेते हैं। यह कह कर हाथ फैलाकर पानी के सामने आ गया और धीरे धीरे आगे बढ़ने लगा। पानी का दबाव बहुत तेज था और पानी मेरे सीने से टकरा कर साइड में फैल रहा था और बहुत सारा पानी ट्यूबवेल के गड्ढे से बाहर भी गिर रहा था। धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए एक जगह पर जाकर रुक गया। लैला मैम ने कहा क्या हुआ और आगे नहीं जा सकते ??? मैंने कहा नहीं मैम दबाव ज़्यादा है और आगे नहीं जा सकता। लैला मैम ने एक ठहाका लगाया और बोलीं, यह तो कुछ भी नहीं, मेरे पति तो बिल्कुल पाइप के पास पहुंच जाते थे और जितना आगे तुम गए हो उतना तो आगे तो मैं भी जा सकती हूँ।


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

मैंने कहा मैम इस समय पानी का दबाव कम होता होगा, लेकिन अब बहुत अधिक है। मैम ने कहा बहाने न बनाओ ज़्यादा 

मैं पानी के आगे से हट गया और कहा चलिए देखते हैं कि आप यहाँ तक जा सकती हैं या नहीं। मेरी बात सुनकर लैला मैम थोड़ा आगे हुईं तो पानी उनके पेट पर गिर रहा था, वह धीरे धीरे आगे बढ़ने लगीं तो मैं उनके पास गया, और मैंने कहा मैं आपको सहारा देता हूँ, आप कहीं गिर न जाएं। यह कह कर मैंने अपना एक हाथ उनकी कमर के पीछे रख लिया और उन्हें धीरे धीरे आगे की ओर धकेलने लगा। पानी जो पहले उनकी नाभि के नीचे टकरा रहा था अब जैसे-जैसे मैम करीब हो रही थीं पानी नाभि से होता हुआ अब उनके सीने से कुछ नीचे टकरा रहा षा और यहां पानी का दबाव बहुत अधिक था। 

लैला मैम की आँखें बंद थीं और वह करीब-करीब उसी जगह पर पहुँच चुकी थीं जहां तक मैं गया था। वह निश्चित रूप से अभी और आगे जा सकती थीं मगर अब उन्हें अपने सीने पर पानी का दबाव ज्यादा महसूस होने लगा था इसलिए वो थोड़ा पीछे की ओर झुकी थी। मैं उसी पल के इंतज़ार में था, जैसे ही लैला मैम पीछे की ओर झुकी, मैं उन्हें सहारा दिया और वह मेरे हाथ पर लेटने वाली स्थिति में आ गई, वो पूरी तरह लेटी तो नहीं थी, मगर काफी पीछे झुक चुकी थीं और मैंने उसी पल उनको थोड़ा आगे धकेला तो पानी उनके मम्मों से टकराने लगा और लैला मैम हंसने लग गईं और बोलीं वाकई यहां पानी का दबाव बहुत अधिक है लेकिन मैं आगे जाऊंगी, यह कह कर लैला मैम ने एक कदम आगे बढ़ाया तो पानी के दबाव के कारण लैला मैम की बनियान उनके मम्मों से उतर कर उनके सीने की ओर चली गई और उनके 36 आकार के बड़े ही सुंदर और सुडौल मम्मे मेरी आँखों के सामने थे। 

मैंने आज पहली बार लैला मैम यह सुंदर मम्मे देखे थे। पानी के दबाव की वजह से शायद लैला मैम को आभास नहीं हो सका कि उनकी बनियान उतर गई है और उनके मम्मे उस समय नंगे हैं, वे लगातार हंस रही थीं और मैं लैला मैम के सुडौल मम्मों को आँखें फाड़ फाड़ कर देखने में व्यस्त था। 

फिर अचानक न जाने मुझे क्या हुआ कि मेरा एक हाथ लैल मैम की तरफ बढ़ने लगा। मैंने अपना हाथ लैला मैम के पेट पर रखा और धीरे धीरे अपने हाथ को ऊपर की ओर ले जाने लगा। जब मेरा हाथ लैला मैम मम्मों के पास पहुंचा तो लैला मैम बोलीं बस भई अब और सहन नहीं होता बहुत ज़्यादा दबाव है, यह कह कर लैला मैम पीछे हटने लगीं मगर तब तक मेरा हाथ लैला मैम के मम्मों को छू चुका था, और मैंने अपना हाथ लैला मैम के एक मम्मे पर रख कर उसको पकड़ लिया था। जैसे ही मैंने लैला मैम मम्मे पर अपना हाथ रखा, उन्हें जैसे एक करंट लगा और वह तुरंत पीछे हुईं और अपने मम्मों की तरफ देखने लगीं तो वह पूर्ण नग्न थे, फिर लैला मैम ने मेरी ओर देखा तो मेरी नजरें उनके मम्मों पर ही थीं, लैला मैम ने डर कर फिर से अपने मम्मों की ओर देखा, लेकिन अब तक उन्होंने बनियान वापस मम्मों पर नहीं की थी, फिर अचानक उन्हें विचार आया तो उन्होंने जल्दी से अपनी बनियान मम्मों के ऊपर कर ली। तभी मैं बोला सोरी मैम, वह आपकी बनियान को ठीक करने लगा था कि अचानक आप पीछे हट गईं और मेरा हाथ आपके मम्मों पर लग गया। यह सुनकर लैला मैम ने सिर झुकाया और बोलीं कोई बात नहीं ... मगर उसके बाद लैला मैम फिर पानी के पास नहीं आईं और पीछे होकर खड़ी हो गईं और कुछ देर तक चुपचाप खड़ी रहीं, 


मैं लीला मैम के पास गया और कहा सॉरी मैम अगर आपको बुरा लगा हो तो। लैला मैम ने कहा नहीं कोई बात नहीं इसमें तुम्हारी तो गलती नहीं, वह तो पानी की वजह से उतर गई थी बनियान। मैंने कहा चलें अब अपना मूड तो सही करें, यह कह कर मैंने लैला मैम को कंधों से पकड़ कर फिर से पानी में एक गोता दिलवा दिया। लैला मैम ने पानी निकलने की कोशिश की मगर कुछ पल मैंने उन्हें पानी के अंदर ही रहने दिया, तभी मुझे लगा कि मेरे लंड से कोई चीज़ टकराई है। बल्कि टकराई नहीं, लंड पर आकर रुक गई है। इस बार लीला मैम का हाथ था जो उन्होंने पानी के अंदर से ही मेरे खड़े हुए लंड पर रख दिया था। जबकि मैंने अंडर वेअर पहना हुआ था मगर फिर भी मेरे लंड में इस समय जितनी सख्ती थी कि वो अंडर वेअर से मापी नहीं जा सकती थी। लैला मैम ने मेरे लंड पर ना केवल अपना हाथ रखा था बल्कि उसको पकड़ कर दबा भी दिया था। तभी मैंने लैला मैम को छोड़ा तो वह पानी से निकली और हंसने लगीं और बोलीं, अब छोड़ दिया है न जल्दी। अगर मैं तुम्हारे उस पर हमला नही करती तो तुम तो मुझे निकलने ही न देते पानी से। मैंने कहा नहीं मैम में कौन सा आपको मारने वाला था, बस थोड़ी देर आपको तंग करना था।


लैला मैम बोलीं किसी को ज्यादा देर तक इस तरह पानी में अंदर नही रखना चाहिए अगर पानी मुंह में चला जाए तो खांसी भी शुरू हो जाती है और फिर तबीयत बिगड़ जाती है। यह कह कर लैला मैम तैराकी करती हुई दूसरी ओर चली गईं मैं भी तैराकी करते हुए दूसरी साइड मे चला गया। दूसरी ओर जाकर लैला मैम तालाब की दीवार के साथ कमर लगा कर खड़ी हो गई और मैं भी उनके काफी करीब जाकर उनकी गर्दन में अपनी बाहें डाल कर खड़ा हो गया, मेरा शरीर लैला मैम के शरीर से टकरा रहा था और शायद मेरा लंड उनकी चूत के बिल्कुल ऊपर ही था। मेरे होंठ लैला मैम के होंठों के करीब थे, मैंने धीरे से अपने होंठों को लैला मैम के होंठों पर रखकर उन्हें चूस लिया और आश्चर्यजनक रूप से लैला मैम ने मना करने की बजाय अपने हाथ मेरी कमर के आसपास लपेट कर मुझे अपने और भी करीब कर लिया। मैंने हैरान होकर लीला मैम के होंठों से अपने होंठ हटाए तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। उन्होंने कुछ देर अपनी नज़रें नीचे रखी और फिर अपने होंठों का गोल आकर बनाकर मेरे पास होने लगीं और अबकी बार उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख कर उन्हें चूसना शुरू कर दिया। मैं तो कब से यही सब कुछ करना चाहता था, अब की बार मैंने एक हाथ लैला मैम की कमर के चारों ओर और दूसरा उनके चूतड़ों पर रख कर उन्हें जोर से पकड़ लिया और उनके होठों को चूसना जारी रखा। ठंडे पानी में अब हम दोनों के शरीर गर्म हो रहे थे। और अगर कहा जाए पानी में आग लग चुकी थी तो गलत न होगा। 


काफी देर तक लैला मैम और मेरे बीच चुंबन चला फिर मेम ने अपने होंठ मेरे होंठों से हटाए और मेरे सीने को देखने लगी और फिर मेरे सीने पर झुक कर अपने होंठों को मेरे सीने पर रख दिया। अब लैला मैम एक हाथ मेरे सीने पर फेर रही थीं और अपने होंठों से मेरे सीने पर प्यार भी कर रही थीं, जबकि मेरा एक हाथ लैला मैम के नितंबों पर था और मैं उन्हे धीरे धीरे दबा रहा था। इसी दौरान लैला मैम ने अपने होंठ मेरे नपल्स पर रखकर उन्हें चूसना शुरू कर दिया और पार्टी वाले दिन की तरह ही अपनी जीभ को भी मेरे नपल्स को रगड़ना शुरू कर दिया जिससे मुझे बहुत मज़ा आने लगा। मैं अब एक हाथ लैला मैम की कमर पर फेर रहा था जबकि दूसरा हाथ लगातार उनके चूतड़ पर रखे उसे दबा रहा था। लैला मैम ने कुछ देर मेरे निपल्स को चूसने के बाद छोड़ दिया और सीधी खड़ी होकर गहरी सांस लेने लगीं तो अब की बार मैंने अपने होठों को लैला मैम की गर्दन पर रख दिया और अपने दोनों हाथ मैम के चूतड़ों पर रख कर उनको थोड़ा ऊपर उठा लिया और उनको दबाना भी शुरू कर दिया। गर्दन पर प्यार करते करते धीरे धीरे नीचे आने लगा और अब मेरे होंठ और जीभ लैला मैम के सीने पर मम्मों से कुछ ऊपर उन्हें चुंबन और चूसने में व्यस्त थे।


फिर मैंने लैला मैम के चूतड़ों को छोड़ा और अपने दोनों हाथ उनके बूब्स पर रखकर उनको दबाने लगा जिससे लैला मैम की हल्की-हल्की सिसकियाँ निकलने लगी। फिर मैंने अपने एक हाथ से लैला मैम की बनियान ऊपर करके उनके मम्मों को फिर से नंगा कर दिया और दूसरा हाथ लैला मैम की कमर पर रख दिया। कुछ देर मैं लैला मैम के मम्मों को देखता रहा और फिर एक हाथ से उनके एक मम्मे को पकड़ कर उस पर हाथ फेरने लगा और मैम से कहा मैम आपके मम्मे बहुत सुंदर हैं, इन्हे देखकर तो दिल करता है कि इनको खा जाऊं में। 


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

लैला मैम कुछ नही बोली बस अपने बूब्स को और मुझे देखती रहीं। मैं खुश था कि आज लैला मैम मूड में हैं और आज तो मेरा लंड लैला मैम की चूत में जाकर उनकी प्यासी चूत को पानी पानी कर देगा। तभी मैंने अपनी उंगली और अंगूठे से लैला मैम के एक निप्पल पकड़ कर उसे मसल डाला जिससे लैला मैम की एक सुंदर सेक्सी सिसकी निकली और फिर मैंने अपनी ज़ुबान लैला मैम के निप्पल के ऊपर रख कर उसको थोड़ा छेड़ने के बाद उनके निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मेरी इस हरकत से लैला मैम की सिसकियों में वृद्धि हो गई थी, लेकिन फिर अचानक ही उन्होंने मुझे रोक दिया और अपनी बनियान नीचे करके बोलीं, बस ऊपर ऊपर से ही कर लो। इससे ज्यादा नहीं। मैंने मन में सोचा कि लैला मैम अब सेक्स के लिए तैयार तो हैं, इसलिए कुछ देर ऊपर करके उनकी चूत को छेड़ते हैं तो यह फिर से प्रसन्न हो जाएंगी। अब मैंने लैला मैम की बनियान के ऊपर से ही उनके निप्पल को मुंह में ले लिया और उसे चूसना शुरू कर दिया। इसमें वह मजा तो नहीं था जो लैला मैम के नंगे निपल्स चूसने में था मगर फिर भी मुझे इतनी तसल्ली थी कि लैला मैम का सुंदर बदन इस समय मेरी बाहों में है। कुछ देर लैला मैम के मम्मों को बनियान के ऊपर से ही चूसता रहा, फिर लैला मैम ने मेरा चेहरा पकड़ कर अपने बूब्स से हटा दिया और फिर उन्होंने मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया। थोड़ी देर मेरे होंठ चूसने के बाद लैला मैम ने मुझे तालाब की दीवार लगा दिया और अब फिर से वो मेरे नपल्स को मुंह में लेकर चूसने लग गई थीं। जबकि मैं अपने दोनों हाथ लैला मैम के मम्मों पर रख कर उन्हें दबा रहा था। मेरा लंड लगातार पानी छोड़ रहा था जबकि मुझे यकीन था कि लैला मैम की चूत भी समय गीली होगी और उनका चिकना पानी लैला मैम की पैन्टी को भी गीला कर चुका होगा। फिर मेरे नपल्स को चुसते चुसते मैम एकदम मेरे पीछे हट कर खड़ी हो गईं और गहरी गहरी साँस लेने लग गईं। कुछ देर लैला मैम को देखता रहा फिर मुझे एक झटका लगा जब लैला मैम ने तालाब की दीवार पर हाथ रखकर एक कूद लगाई और दीवार पर चढ़कर तुरंत ही दूसरी ओर उतर गईं।

मैंने चौंक कर लैला मैम को देखा और कहा यह क्या ??? लैला मैम बोलीं बस अब घर चलते हैं बहुत देर हो गई हमें यहाँ ... मैंने कहा लेकिन मैम ..... लैला मैम बोलीं बस यार, मुझे भूख भी लग रही है, तुम्हें भी लग रही होगी अब घर चलें घर जाकर नाश्ता करते हैं। मैं भी गड्ढे से बाहर निकल आया और कहा लेकिन मैम अभी तो नहाने का मजा आने लगा था। मेरी ओर देखकर लैला मैम मुस्कुराई और बोली, ज़्यादा मज़ा भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता। बस जितना मज़ा ले लिया है वह काफी है। चलो अब जल्दी चलें। ये कह कर लैला मैम ने ट्यूबवेल के पाइप से अपना ब्रा उतारा और साथ पड़ी कुर्सी से अपनी कमीज और सलवार उठा कर अंदर हवेली में चली गईं जबकि मैं बाहर अपना सा मुंह लेकर खड़ा रहा। मुझे एक बार फिर से लैला मैम पर गुस्सा आ रहा था कि अगर सेक्स करना नहीं था तो मूड क्यों बनाती हैं सेक्स का। अच्छा खासा मूड बनाकर आज फिर बीच में ही काम अधूरा छोड़ दिया था। 

कुछ देर अपनी किस्मत को कोसने के बाद मैंने भी अपना कच्छा और शर्ट उठाई और ट्यूबवेल बंद करके अंदर हवेली में चला गया जहां लैला मैम अपना शरीर सुखाने के बाद सलवार और ब्रा पहन चुकी थीं। उनकी नजर मुझ पर पड़ी तो वह एक बार मुस्कुराई और फिर अपनी कमीज पहनने लगीं। कमीज पहनने के बाद बोलीं, तुम्हारा चेहरा देखकर तो लगता है जैसे तुम अभी रो पड़ोगे 

मैंने बुरा सा मुंह बनाते हुए कहा यार यह अच्छी बात नहीं है, जब मज़ा आता है तो पीछे हो जाती हो मैंने पहली बार लैला मैम को मैम की बजाय यार कह कर बुलाया था। मैम मुस्कुराई और फिर बोलीं बस पता नहीं मुझे क्या हो जाता है, लेकिन तुम भी जानते हो कि हम जो कर रहे थे वह गलत था मैं एक शादीशुदा औरत हूँ और तुम्हारी भी सगाई हो चुकी है। अगर हमारी इस हरकत के बारे में मेरे पति या तुम्हारी मंगेतर को मालूम हो गया तो हम दोनों के लिए समस्या हो जाएगी . इसलिए भलाई इसी में है कि जितना मज़ा ले लिया है इतना काफी है। अब घर चलते हैं। इस दौरान लैला मैम ने दो बार अपनी नज़रें मेरे अंडर वेअर पर डाली थी जहां लंड अब तक लैला मैम की चूत के इंतजार में खड़ा था। लैला मैम अपने कपड़े पहन चुकी थीं और उन्होंने मेरी बनियान एक कुर्सी पर फैलाई हुई थी जबकि साथ ही उनकी पैन्टी भी पड़ी थी जिसका मतलब था कि अब उन्होंने पैन्टी नहीं पहनी हुई। मैंने भी गुस्से में लैला मैम के सामने ही अपना अंडर वेअर उतार दिया। अंडर वेअर उतारा तो मेरा लंड फनकारता हुआ लैला मैम के सामने खड़ा हो गया और लैला मैम फटी फटी आँखों से मेरे लंड को देखने लगीं, मगर मैंने उनकी नज़रों की परवाह किए बिना अपने हाथ में पकड़ी हुई हाफ़पैंट पहन ली और उसके बाद अपनी टी शर्ट भी पहन ली। और फिर अपना अंडर वेअर और बनियान उठाकर साथ लाए एक शापर में डाल दीं लैला मैम ने अपनी पैन्टी उठाई और बोलीं ये भी उसी में डाल दो, मगर उनकी नजरें अभी तक मेरे तने हुए लंड पर थीं जिसका तनाव हाफ़पेंट में भी स्पष्ट नजर आ रहा था।


लीला मैम की हालत समझ सकता था, वह एक शरीफ और अपने पति की वफादार पत्नी थीं, मगर काफी समय से लंड न मिलने के कारण उनकी चूत लंड की प्यासी थी जो उन्हें मजबूर करती थी मेरे साथ सेक्स करने को मगर फिर सेक्स करते करते उनकी शर्म और पति का प्यार जाग उठता है और वह बीच में ही काम अधूरा छोड़ देती थीं। और अब जिस तरह लैला मैम बार बार मेरे लंड को देख रही थीं उसका मतलब था कि उन्हें मेरे लंड की लंबाई पसंद आई है और वह इससे चुदना चाहती हैं, लेकिन वो मजबूर थीं कि वह एक शरीफ गृहिणी थीं। बहरहाल फौरन हम हवेली का गेट बंद करके बाइक पर फिर लैला मेम के घर की ओर जा रहे थे। रास्ते में हमारे बीच कोई खास बात नहीं हुई, शहर में प्रवेश होकर केंट से हमने नाश्ता खरीदा और लैला मेम के घर जाकर मैम ने मुझे एक कमरे में बिठा दिया और खुद खाना लेकर किचन में चली गईं। कुछ देर बाद लैला मैम हाथ में बर्तन लिए आईं और मेरे सामने भोजन रखा। तभी कमरे में एक जवान लड़की आई ये नर्स थी जो लैला मैम की अनुपस्थिति में उनके पति का ध्यान रखती थी। लैला मैम ने उससे पूछा कि उन्हें नाश्ता करवा दिया था तो नर्स ने कहा जी लैला जी अभी कुछ देर पहले ही उन्होंने नाश्ता किया है। यह सुनकर लैला मैम ने उसे कहा ठीक है अब तुम जाओ शाम को आ जाना। यह सुनकर वह नर्स चली गई जबकि लैला मैम मेरे साथ बैठकर नाश्ता करने लगीं। 


नाश्ता करते करते मैंने कहा मैम आप एक बात पूछूँ ??? उन्होंने कहा हां पूछो, मैंने कहा मैम इतना तो मुझे पता है कि आपको सेक्स की ज़रूरत है, लेकिन आप अपने पति के प्यार में किसी से भी सेक्स करने के लिए तैयार नहीं। मैं समझता हूँ कि आप किस मुश्किल से अपने ऊपर नियंत्रण रखती होगी, मगर ये बताएँ कि आपके जो पति हैं, वो वास्तव में उठ नहीं सकते, मगर दिल तो उनका भी करता होगा सैक्स को। वे कैसे गुजारा करते हैं। लैला मैम मेरी बात सुनकर थोड़ा उदास हो गई और काफी देर चुप रही, फिर बोलीं उनकी जरूरत मैं पूरी कर देती हूँ। 

मैंने कहा क्या मतलब ??? आप तो कह रही थी कि वह इस योग्य नहीं कि सेक्स कर सकें। फिर कैसे आप उनकी जरूरत पूरी करती हैं ??? 

मेरी बात सुनकर लैला मैम ने कहा मैं उनकी जरूरत पूरी करती हूँ मगर वह मेरी जरूरत पूरी नहीं कर सकते। उनका खड़ा तो होता है, मैं उनको झडवा देती हूँ, लेकिन मैं खुद उससे अपनी जरूरत पूरी नहीं कर सकती। 

मैंने कहा मतलब आप हाथ से .... या मुँह में लेकर ...... ????? 

लैला मैम ने एक नजर मेरी ओर देखा और बोली हाथ से भी और मुंह से भी। लेकिन एक बार मैं उनके ऊपर बैठी तो उनको बहुत तकलीफ हुई थी क्योंकि मेरा वजन अब वह सहन नही कर सकते हैं। 


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

मैं कुछ देर चुप रहा और फिर कहा मैम आपकी वैसे हिम्मत है, और यह आपका प्यार ही है कि आप अपनी जरूरत पूरी न होने के बावजूद उनको फारिग करवा देती हैं। 

इस पर वह बोलीं, हाँ जब वो सही थे तो वह मेरा बहुत ख्याल रखते थे, कभी उन्होंने मुझे कोई परेशानी नहीं होने दी, अब अगर वो संकट में हैं तो मेरा कर्तव्य बनता है उनकी देखभाल करूँ 

फिर मैंने कहा अच्छा मैम एक और बात पूछूँ ??? 

लैला मैम ने कहा हां पूछो ?? 

मैंने कहा आप ने हवेली में मेरा देखा है, कैसा लगा आपको ??? 

लैला मैम ने कहा, क्या कैसा लगा ?? 

मैं अपने लंड की ओर इशारा करते हुए कहा, यह कैसा लगा आपको। 

अब की बार लैला मैम मुस्कुराई और बोली तुम्हारी सुई अभी वहीं अटकी हुई है। फिर खुद ही बोलीं कि तुम्हें देखकर लगता नहीं कि तुम्हारा इतना बड़ा होगा।

मैंने कहा मतलब आपको अच्छा लगा ??? 

लैला मैम ने कहा हां अच्छा है। लंबाई भी अच्छी है और मोटाई भी। 

मैंने कहा तो आपका दिल नहीं करता ??? 

लैला मैम फिर मुझे देख कर मुस्कुराने लगीं और बोलीं मन तो बहुत करता है, लेकिन यह गलत है। 

मैंने कहा अच्छा काम तो कर ही सकते हैं आप। 

लैला मैम ने कहा वह क्या ?? 

मैंने कहा उस दिन पार्टी में भी आप ने मेरा बुरा हाल किया था, और आज ट्यूबवेल में भी। आप तो सहन कर लेती हैं, मगर मेरा हाल बुरा है और अब तक मेरा खड़ा है। जैसे आप अपने पति को फारिग करवा देती हैं वैसे ही मुझे भी करवा दें ??? 

लैला मैम कुछ देर सोचती रहीं, फिर बोलीं नहीं सलमान, ऐसा नहीं हो सकता। मेरी सहनशक्ति इतनी भी नहीं कि मैं अपने हाथ में लेकर बैठूँ, मुंह में डालु और फिर भी मैं अपने अंदर न लूँ उसे। तुम मुझे इस मुश्किल में मत डालो प्लीज़। यह कहते हुए लैला मैम की आंखें भीग गईं थी और वह वहां से उठकर चली गईं। 

लैला मैम के जाने के बाद कुछ देर अपनी जगह पर स्तब्ध बैठा रहा, और फिर मैं भी नाश्ता अधूरा छोड़कर बाहर चला गया और बाइक पर वापस अपने घर आ गया। घर पहुंच कर मैं सीधा अपने कमरे में चला गया और वहाँ कुछ ही देर बाद मैंने अपनी पड़ोसन को बुला लिया, उसे बिस्तर पर लिटा कर मैंने जी भर कर उसकी चुदाई की। काफी दिन से मैंने इसे नहीं चोदा था, वह भी काफी प्यासी थी चुदाई के लिए और मेरी अपनी स्थिति भी आज कुछ अच्छी नहीं थी, लैला मैम की चूत ना मिलने का सारा गुस्सा मैंने अपनी पड़ोसन पर निकाल दिया और उसकी चूत और गाण्ड मार मार कर मैंने उसका बुरा हाल कर दिया। मगर वह भी खुश थी कि आज इतने दिन बाद इतनी शानदार चुदाई हो गई उसकी। शाम के समय चुदाई करवाने के बाद वह वापस अपने घर चली गई तो मैंने रात में फिर उसे बुला लिया और फिर उसकी चूत और गाण्ड को जमकर चोदा। इसके बाद जाकर मेरे लंड को आराम मिला और पड़ोसन भी खुश हो गई।
अगले दिन सुबह जाकर दुकान खोली तो मेरे लंड को पूरी तरह आराम और शांति प्राप्त थी लेकिन लैला मैम की चूत न मिलने का गम अभी भी था। और उनको चोदने की इच्छा पहले से ज़्यादा हो चुकी थी। लैला मैम की चूत तो शायद अब किस्मत में नहीं थी, लेकिन दोपहर के समय नीलोफर और शाज़िया फिर मेरी दुकान में आईं जो कुछ दिन पहले भी आई थीं मगर बिना कुछ लिए ही वापस चली गईं थीं। वह करीब 2 बजे ही दुकान में आईं और उनके आने के बाद मैंने खुद ही दुकान का दरवाजा लॉक कर दिया ताकि कोई और ग्राहक दुकान में न आए और इन दोनों के जाने के बाद आराम कर सकूँ। अगर शाज़िया अकेली होती तो उसको तो मैं तुरंत ही पकड़ कर उससे सेक्स शुरू कर देता है, लेकिन साथ में नीलोफर भी थी जिससे अब तक मैं सेक्स नहीं किया था और न ही कभी यह सोचा था कि उसकी चूत भी मेरी किस्मत में होगी । दरवाजा बंद करने के बाद वापस काउन्टर में आकर खड़ा हो गया तो शाज़िया ने मुझे वापस बाहर बुलाया और उसके पीछे जो अलमारी थी इसमें लगा हुआ ब्रा दिखाने को कहा। मैं वह ब्रा ढांचे से उतारा और उन दोनों के सामने रख दिया। में शाज़िया के साथ जाकर खड़ा हुआ था और मौका मिलते ही मैंने उसके चूतड़ों पर एक चमाट दे मारी थी। 


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

इस समय सामने काउन्टर पर ही काफी ब्रा पड़े थे जो मैंने कुछ समय पहले कुछ लड़कियों को दिखाए थे जो एकदम से ही मेरी दुकान पर आ गई थीं मगर उनमें से सिर्फ एक लड़की ने ही अपने लिए ब्रा खरीदा था। मैंने वह ब्रा भी शाज़िया के आगे किया उसके बाद साथ का एक और ब्रा उठाकर नीलोफर को दिखाया तो शाज़िया हम दोनों के बीच से हट गई और मेरे बाईं ओर आकर खड़ी हो गई तो जगह मिलने पर मैं नीलोफर के थोड़ा करीब हो गया और उसको ब्रा दिखाने लगा। अब नीलोफर को पहला ब्रा ही दिखा रहा था कि मेरे अर्द्ध खड़े लंड को किसी ने अपने हाथ में पकड़ लिया। मैंने एकदम से घबरा कर नीलोफर को देखा मगर वह ब्रा देखने में व्यस्त थी, तभी मैंने शाज़िया को देखा तो वह एक शरारती मुस्कान के साथ मेरी ओर देख रही थी। और उसका हाथ मुझे अपने लंड गर्म लग रहा था। मैंने उसे घूर कर देखा और नीलोफर की मौजूदगी का अहसास दिलाया और उसका हाथ पकड़ कर अपने से दूर कर दिया। और फिर से नीलोफर को ब्रा दिखाने लग गया। कुछ ही देर हुई होगी कि एक बार फिर शाज़िया ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया। और उसकी मुठ मारनी शुरू कर दी। अबकी बार मैंने अपनी एक टांग थोड़ी आगे बढ़ा ली ताकि नीलोफर की नज़र मेरे लंड पर न पड़े और चुपचाप नीलोफर को ब्रा दिखाता रहा। नीलोफर ने 3, 4 ब्रा देखे मगर उसे कोई पसंद नहीं आ रहा था। फिर मैंने एक हाफ कप ब्रा नीलोफर को दिखाया और उसके बारे में उसे बताने लगा। इस दौरान मैंने शाज़िया का हाथ फिर से अपने लंड से हटा दिया था क्योंकि मुझे डर था कि अगर कहीं नीलोफर को इस बात का पता लग गया तो वह कोई हंगामा ही न खड़ा कर दे, जबकि शाज़िया जो एक बार मेरे लंड से अपनी चूत मरवा चुकी थी वह बाज नहीं आ रही थी। 

शाज़िया का हाथ अपने लंड से हटाने के बाद मैंने एक और ब्रा उठाया और जो कॉटन का था और नीलोफर दिखाने लगा ... अब नीलोफर से बात कर रहा था कि एक बार फिर शाज़िया ने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे धीरे धीरे दबाने लगी। मैंने चोर नज़रों से नीलोफर को देखा जिसका ध्यान इस समय ब्रा पर था और मैने कुछ देर तक अपने लंड को शाज़िया के हाथ में ही रहने दिया। फिर कुछ देर के बाद मैंने फिर से शाज़िया का हाथ हटाने के लिए उसकी ओर देखा और उसका हाथ पकड़ा तो यह जानकर मुझे झटका लगा कि शाज़िया के दोनों हाथ तो इस समय काउन्टर के ऊपर थे और वो एक ब्रा उठाकर उसे देखने में व्यस्त थी। शाज़िया के दोनों हाथ काउन्टर पर होने के बावजूद मेरे लंड पर अब तक एक हाथ था जो मेरा तो हरगिज़ नहीं था ...... तो फिर क्या ...... ये नीलोफर का हाथ है ???? 


यह देखने के लिए में काउन्टर से थोड़ा पीछे हटा और अपने लंड की ओर देखा, वहाँ एक सुंदर हाथ था जिसने मेरे लंड को कमीज के ऊपर से ही पकड़ रखा था ... हाथ देखने के बाद मैंने नीलोफर को देखा तो उसके चेहरे पर चिंता थी और वह धीरे धीरे मेरे लंड देख कर मुठ मार रही थी। एक पल के लिए तो मैं बिल्कुल हक्का-बक्का रह गया मगर फिर मुझे एहसास हुआ कि शायद शाज़िया अपनी चुदाई और मेरे लंड प्रदर्शन के बारे में नीलोफर को बता चुकी थी और तब से नीलोफर भी मुझसे चुदने को बेताब हो रही होगी। यही वजह थी कि जैसे ही नीलोफर को शक हुआ कि मेरा लंड खड़ा है उसने शाज़िया का हाथ हटा कर खुद अपने हाथ में मेरा लंड पकड़ लिया था। 


अब शाज़िया भी मेरे साथ खड़ी मुस्कुरा रही थी और मेरी हैरानगी देखकर बोली कैसा लगा ??? मैंने खुशी और आश्चर्य की मिश्रित प्रतिक्रिया से शाज़िया को देखा और कहा कि आज तुम दोनों के इरादे खराब हैं ?? 

मेरी बात सुनकर नीलोफर बोली इरादे तो उस दिन भी खराब थे मगर राफिया के कारण हम कुछ कर नहीं सके। आज मौका मिला है तो इसका फायदा तो उठाना चाहिए। नीलोफर ने इतना कहा तो मैंने भी उसको अपनी बाहों में ले लिया और उसके चूतड़ों पर हाथ रखकर उसे अपनी गोद में उठा लिया और उसके होठों पर अपने होंठ रखकर उन्हें बेसब्री से चूसना शुरू कर दिया, जबकि शाज़िया यह देखकर नीचे बैठ गई और उसने मेरी कमीज ऊपर उठा कर मेरा नाड़ा खोल कर मेरी सलवार को नीचे गिरा दिया और मेरा 8 इंच का लोड़ा हाथ में लेकर धीरे-धीरे उसकी मुठ मारने लगी। नीलोफर जो मेरी गोद में चढ़ी हुई थी वह चुंबन में मेरा भरपूर साथ दे रही थी और उसने अपनी जीभ बाहर निकाल कर मेरे मुँह में प्रवेश करा दी थी जिसे मैं अपने मुंह में फंसा कर चूस रहा था, हम दोनों ज़ुबाने आपस में टकरा रही थीं और एक दूसरे की लार आपस में मिल रही थी कभी मेरी ज़ुबान नीलोफर के मुंह में होती तो कभी नीलोफर की ज़ुबान मेरे मुँह में होती। उधर शाज़िया कुछ देर मेरे लंड की मुठ मारने के बाद खड़ी हुई और उसने अपनी कमीज और सलवार दोनों ही उतार दीं शाज़िया ने नीचे एक सुंदर ब्रा पहन रखा था जिसमें उसके 34 डी आकार के मम्मे बहुत ही सेक्सी लग रहे थे और साथ शाज़िया ने एक नेट पैन्टी पहन रखी थी जो उसकी गोर गोरी टांगों पर बहुत सुंदर लग रही थी। अपने कपड़े उतारने के बाद शाज़िया मेरे साथ आकर खड़ी हो गई, उसने अपना एक हाथ मेरे चूतड़ों पर रख दिया और उन पर हाथ फेरने लगी जबकि दूसरा हाथ उसने नीलोफर की गाण्ड के नीचे रख दिया और खुद आगे बढ़कर मेरी कमीज के कॉलर हटा कर मेरी गर्दन पर अपने होंठ रख कर मुझे चूमने लगी। 


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

यह देख कर मैंने नीलोफर को अपनी गोद से उतारा और शाज़िया को पकड़ कर उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए। अभी मैंने शाज़िया को प्यार करना शुरू ही किया था कि नीलोफर ने मेरी कमीज के बटन खोल कर मेरी कमीज उतार दी। मैं अब पूरी तरह नंगा खड़ा था और शाज़िया के होंठों को अपने होंठों से चूस रहा था, जबकि नीलोफर ने अब पहली बार मेरा नंगा लंड देखा था और वह अब नीचे बैठ कर मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर उसकी लंबाई देखकर खुश हो रही थी। अब मैंने शाज़िया को भी अपनी गोद में उठाया तो उसने अपनी दोनों टाँगें मेरी कमर के आसपास लपेट ली और नीलोफर नीचे बैठ कर मेरे लंड की मुठ मारने लगी। मैंने कुछ देर शाज़िया ने होंठ चूसने के बाद उसकी गर्दन पर अपने दांत गढ़ा दिए और उसे वहशियों की तरह प्यार करने लगा। मेरे इस प्यार करने से शाज़िया की सिसकियाँ निकलना शुरू हो गई थीं, जबकि नीचे नीलोफर ने मेरे लंड की टोपी पर अपने होंठ रख कर उस पर एक चूमा और फिर अपनी जीभ बाहर निकाल कर मेरे लंड पर फेरना शुरू कर दी। मैंने शाज़िया से ध्यान हटाकर नीलोफर को देखा और कहा कैसा लगा तुम्हें मेरा लंड ??? 

यह सुनकर नीलोफर बोली शानदार है, ऐसे लंड के लिए तो लड़कियों तरसती हैं, और जो मुझे शाज़िया ने बताया अगर तुम्हारी इतनी टाइमिंग भी है तो क्या ही बात है। मैंने कहा टाईमग की तुम चिंता मत करो, जब तक आप थकोगे नहीं मैं तुम्हारी चुदाई जारी रखूँगा, बस आप एक जबरदस्त सी चुसाइ लगा दो मेरे लंड की . यह सुनकर नीलोफर बोली, तुम चिंता मत करो, ऐसी चुसाइ लगाउन्गी कि याद करोगे। यह कर कर नीलोफर ने अपना मुँह खोला और मेरे लंड का टोपा अपने मुँह में लेकर उस पर अपनी जीभ फेरना शुरू कर दी। 

मैंने नीलोफर को उसका काम करने दिया और खुद को अब शाज़िया के मम्मों पर अपनी जीभ चलाना शुरू कर दिया जो उसके ब्रा से बाहर निकले हुए थे। फिर मैंने शाज़िया की कमर से उसके ब्रा की हुक को खोला और उसका ब्रा उतार कर एक ओर फेंक दिया और शाज़िया के सुंदर मम्मों को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। शाज़िया के छोटे मगर सख्त निपल्स अब मेरे मुंह में थे और मैं कभी उन्हें चूस कर उनका दूध पीता तो कभी उन्हें अपने दांतों से हल्का सा काटता जिससे शाज़िया की सिसकियाँ निकलती .

नीचे बैठी नीलोफर मेरा लंड अपने मुंह में डाल कर चुसाइ शुरू कर चुकी थी। उसको चुसाइ लगाने का कोई इतना खास अनुभव तो नहीं था मगर फिर भी मुझे इसका अनाड़ीपन अच्छा लग रहा था। समीरा मलिक की चुसाइ और नीलोफर की चुसाइ में बहुत अंतर था, लेकिन दोनों की लंड के लिए मांग एक जैसी थी। बल्कि नीलोफर की मांग कुछ ज़्यादा ही लग रही थी। मैंने शाज़िया से पूछा कि आज वह मेरे लंड की चुसाइ लगाएगी या नहीं ??? तो शाज़िया ने फिर से कहा कि नहीं वह लंड अपने मुँह में नहीं डाल सकती उसे घिन आती है। उसकी बात सुनकर नीलोफर बोली अरे पागल एक बार चूसकर तो देख, बहुत मज़ा आता है। यह कह कर नीलोफर ने दोबारा लंड मुँह में डाल लिया और उसको लोली पॉप की तरह चूसने लगगी। 

मैंने शाज़िया को कहा आज तो आप चौपा लगवाना है, लेकिन में कंडोम चढ़ा लेता हूँ जो बनाना फ्लेवर है तो तुम्हें मेरे लंड की बजाय केले का स्वाद मिलेगा। इस बात पर शाज़िया राजी हो गई तो मैंने उसको अपनी गोद से नीचे उतार दिया और कंडोम उठाकर नीलोफर को पकड़ाया तो उसने जल्दी जल्दी मेरे लंड पर कंडोम चढ़ा दिया और एक बार फिर से मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। शाज़िया भी अब उसके साथ बैठ गई थी, उसने भी एक अनिच्छा से मेरा लंड अपने मुँह में लिया, उसे वास्तव में केले का स्वाद मिला तो उसकी झिझक खत्म हो गई और अब उसने भी मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया था जबकि नीलोफर के मुंह में अब मेरे टट्टे थे जिन्हें वह चूस रही थी। शाज़िया को चुसाइ लगाता देख अब मैंने नीलोफर को खड़ा किया और उसकी कमीज के बटन खोल कर उसकी कमीज उतार दी, जबकि नीचे शाज़िया ने नीलोफर की सलवार उतार दी। नीलोफर ने लाल रंग का सुंदर ब्रा पहन रखा था। 36 आकार के नीलोफर के बड़े मम्मे देख कर मेरी तबियत खुश हो गई। मैंने बिना समय बर्बाद किए उसका ब्रा भी उतार दिया और उसके बड़े बड़े बूब्स को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। कुछ देर तक नीलोफर के मम्मे चूसने के बाद मैंने उसे भी अपनी गोद से उतारा और उसकी पैन्टी उतार दी। पैन्टी उतारने के बाद खुद सोफे पर लेट गया और नीलोफर की एक टांग उठा कर सोफे पर अपने चेहरे के दूसरी साइड पर रख दी और उसे नीचे झुकने को कहा।

नीलोफर नीचे झुकी तो उसकी चिकनी और तंग चूत मेरे चेहरे के बिलकुल सामने थी। नीलोफर की चूत बालों से बिल्कुल साफ थी जैसे उसने आज ही अपनी चूत के बाल साफ किए हैं। यह देखकर मैं ने अपनी ज़ुबान निकाली और नीलोफर ने आगे झुक कर अपनी चूत को मेरी जीभ के साथ मिला दिया, नीलोफर की चूत से गुलाब की महक आ रही थी, वह शायद अपनी चूत को गुलाबरस से धोकर ही आई थी। मैंने अपनी जीभ को नीलोफर की चूत के लबों के बीच में प्रवेश कराया और उसको चूसना शुरू कर दिया, जबकि नीचे शाज़िया मेरे 8 इंच के लोड़े को मुँह में लेकर चूसने में व्यस्त थी। नीचे शाज़िया के चौपे और ऊपर नीलोफर की चिकनी चूत मुझे बहुत मज़ा दे रही थी। नीलोफर की सिसकियाँ बहुत तेज थीं जिनसे मुझे अंदाजा हो रहा था कि वह सेक्स को एंजाय करने वाली लड़की है। नीलोफर साथ ही साथ अपनी चूत के दाने पर हाथ फेर रही थी जबकि दूसरे हाथ से वो अपनी चूत के होंठ खोल कर मुझे अपनी ज़ुबान जोर से रगड़ने का कह रही थी। नीलोफर की चूत के होंठ उसकी चूत के पानी से चिकने हो रहे थे। 2 मिनट में नीलोफर की चूत को चाटता रहा, फिर नीलोफर ने अपनी टांग वापस नीचे रख ली और मेरी जीभ अपने मुँह में लेकर जीभ से अपनी चूत का स्वाद चखने लगी। 

नीचे शाज़िया ने मेरा लंड छोड़कर अपनी पैन्टी उतार दी थी और वह अब नीलोफर वाली स्थिति में मेरे ऊपर आकर बोली चलो अब मेरी चूत को भी ऐसे ही चाटो जैसे नीलोफर की चूत चाटी है। उसकी चूत भी बालों से साफ थी लेकिन उसकी चूत से गुलाब की खुशबू नहीं आ रही थी बल्कि उसकी चूत मे चूत के पानी की गंध थी जिसको मैंने कुछ पल सूंघ कर अपनी नाक को सुगंधित किया और फिर अपनी ज़ुबान शाज़िया की चिकनी चूत पर रख कर उसको चूसना शुरू कर दिया, जबकि नीलोफर अब मेरे ऊपर आकर बैठ गई थी, मेरे ऊपर बैठने के बाद उसने मेरे लंड को पकड़ कर अपनी योनी छेद पर सेट किया और उस पर हल्का सा दबाव डाला तो मेरे लंड की टोपी उसकी योनी में प्रवेश कर गई जिस पर नीलोफर के मुंह से एक सिसकी निकली। .... उफ़ .... बहुत मोटी है तुम्हारे लंड की टोपी ... यह कह कर नीलोफर ने एक झटका लिया मेरे लंड पर और पूरी की पूरी मेरे लंड पर बैठ गई। 


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

मेरा लंड उसकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ उसकी चूत की गहराई में उतर चुका था, डॉट्स वाला कंडोम होने की वजह से नीलोफर की चूत की दीवारों पर रगड़ कुछ ज्यादा ही लगी थी जिससे उसकी एक हल्की सी चीख निकली और वह कुछ क्षण बिना हिले मेरे लंड के ऊपर बैठी रही और आह ह ह आह ह ह आह ह ह की सिसकियाँ निकालती रही। जबकि शाज़िया भी अपनी चूत में जीभ की रगड़ के कारण सिसक रही थी जबकि मेरे एक हाथ की उंगली शाज़िया के चूतड़ों को खोल कर उसकी गाण्ड के छेद पर अपना दबाव बढ़ा रही थी। 

कुछ देर तक मैं शाज़िया चूत चाटता रहा, फिर जब नीलोफर का दर्द कम हुआ और उसने मेरे लंड पर धीरे धीरे उछलना शुरू किया तो मैंने शाज़िया की चूत चाटना बंद कर दिया और उसे साइड पर कर नीलोफर को अपने ऊपर लिटा लिया। नीलोफर के 36 आकार के मम्मे मेरे सीने से टकरा रहे थे मैं ने नीलोफर को उसके चूतड़ों से पकड़ कर ऊँचा किया और फिर उसकी चूत में अपने लंड से लगातार धक्के लगाने शुरू कर दिए। जैसे ही मैंने नीलोफर को चोदना शुरू किया उसके चेहरे पर खुशी के स्पष्ट संकेत दिखने लगे, उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान थी और हर धक्के के साथ वो आह ह ह ह, आह ह ह ... उफ़ एफ एफ ... आह ह ह ह की आवाजें निकाल रही थी। उसकी चूत बहुत टाइट थी जिसकी वजह से मुझे उसको चोदने में बहुत मज़ा मिल रहा था। पिछली रात जबकि मैं अपनी पड़ोसन को 2 बार चोद चुका था और उसकी गांड भी मारी थी, लेकिन नई चूत का हमेशा अपना ही एक नशा होता है, यही कारण था कि नीलोफर की चूत मारने का मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और उसके जिस्म से आने वाली गुलाब की महक मुझे मस्त मज़ा दे रही थी। कुछ देर तक उसे ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उसके चूतड़ों को थोड़ा और ऊपर उठा लिया और उसे थोड़ा आगे की ओर धकेला तो उसके 36 आकार के मम्मे मेरे मुँह की पहुंच में आ गए जिन्हें मैंने तुरंत ही मुंह खोलकर अपने मुंह में ले लिया और नीचे से नीलोफर की चूत में धक्कों का सिलसिला जारी रखा। 5 मिनट तक शाज़िया को उसी स्थिति में चोदता रहा, 5 मिनट बाद मुझे महसूस हुआ जैसे नीलोफर की योनी पहले की तुलना में ज़्यादा टाइट हो रही है। उसकी चूत की दीवारों की पकड़ मेरे लंड के आसपास काफी सख्त हो चुकी थी और फिर एक दम से नीलोफर की चूत से ढेर सारा पानी निकला जिससे मेरे पैर और मेरा पेट भीग गया। 

नीलोफर की चूत का पानी निकलते ही मैंने उसे साइड पर किया तो वह साइड पर होकर भी गहरी गहरी साँस ले रही थी जबकि मैंने तुरंत शाज़िया को पकड़ा और उसे अपनी गोद में बिठा लिया। मेरी गोद में बैठते ही शाज़िया ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख कर उन्हें चूसना शुरू कर दिया, जबकि मैं उसे गाण्ड उठा कर ऊपर करने के बाद अपना लंड उसकी चूत में डाल कर एक ही धक्के में उसे नीचे बिठा दिया। नीलोफर की तरह शाज़िया की भी एक दिलख़राश चीख निकली, कंडोम के डॉट ने काफी रगड़ दी थी दोनों की फुद्दियो को। मगर शाज़िया के लिए मैंने और अधिक इंतजार नहीं किया और कुछ ही क्षणों के बाद उसकी चूत में धक्के लगाने शुरू कर दिए। शाज़िया अपने घुटनों के बल मेरी गोद में बैठी थी उसके मम्मे मेरे मुँह के सामने हिल रहे थे, मेरे हर धक्के के साथ उसके मम्मे उछल कर मेरे चेहरे से टकराते और साथ ही उसकी सिसकियों की आवाज भी आती। शाज़िया को चोदते हुए मैंने एक हाथ उसके चूतड़ों के नीचे रख दिया था और हाथ की एक उंगली मैं शाज़िया की गाण्ड में डाल चुका था जिससे शाज़िया को तकलीफ भी हो रही थी और उसकी सिसकियों में भी भारी वृद्धि हो गई थी शाज़िया की चूत में मेरा मोटा लंड और गाण्ड में मेरी उंगली की वजह से उसकी चूत की दीवारें आपस में मिलकर बहुत टाइट हो गई थीं और मुझे लग रहा था कि अगले कुछ ही झटकों में शाज़िया की चूत पानी छोड़ देगी।

मेरा अनुमान सही साबित हुआ और गाण्ड में उंगली की वजह से शाज़िया की चूत ने मात्र 2 मिनट की चुदाई के बाद ही पानी छोड़ दिया। शाज़िया को फारिग करने के बाद मैंने फिर से नीलोफर की ओर रुख किया जो चुदाई के लिए बेचैन बैठी थी, मुझे अपनी ओर आकर्षित होता देख करनीलोफर मेरी ओर बढ़ी और नीचे बैठ कर उसने मेरे लंड से कंडोम उतार दिया। मैंने कहा क्यों ?? नीलोफर बोली मेरी चूत तुम्हारे लंड का असली स्पर्श महसूस करना चाहती है, और यह कह कर नीलोफर ने एक बार फिर मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और उसके कुछ चौपे लगाने के बाद बोली अब कैसे चोदोगे मुझे ??? 

मैंने कहा घोड़ी बन जाओ। मेरी बात सुनकर नीलोफर तुरंत ही सोफे पर घोड़ी बन गई। उसकी 34 इंच की गाण्ड बहुत बड़ी लग रही थी और उसकी गाण्ड देखते ही मैंने निश्चय कर लिया कि आज नीलोफर की चूत के साथ साथ उसकी गाण्ड भी ज़रूर मारनी है। मैंने नीलोफर के भरे हुए चूतड़ों पर एक थप्पड़ मारा और फिर उसकी चूत में अपना लंड डाल कर उसको चोदना शुरू कर दिया। मेरे हर धक्के पर मेरा शरीर नीलोफर के मांस के पहाड़ों से टकराता तो दुकान में धुप्प धुप्प की आवाज गूंजती जबकि इन आवाजों के साथ नीलोफर आह ह ह ह ह, आह ह ह ह ह ह .... आह ह ह ह .... ओ यस ..... एजीसी मी हार्ड ...... जोर से धक्के मारो .... आह ह ह ह ह .... जोर से चोदो .... आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह .... आईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई .... आह ह ह ह की आवाजों का रिदम तो कमाल का था। नीलोफर को चोदते हुए मैंने एक उंगली को उसकी गाण्ड में डाल दिया। जैसे ही मैं नीलोफर गाण्ड में उंगली डाल दी उसने एक लंबी आह ह ह ह ह ह ह ह ह आवाज निकाली जिसका मतलब था कि उसको मज़ा आया है उंगली डालने से। 

नीलोफर की गाण्ड में उंगली डाल कर मुझे अंदाजा हो गया था कि वह पहले भी गाण्ड मरवा चुकी है जबकि शाज़िया की गाण्ड कुंवारी थी। मैंने नीलोफर से पूछा पहले किस किस से गाण्ड मरवाई है, तो नीलोफर ने कहा बस हमारे एक शिक्षक हैं, एक बार में फेल हो गई तो पास होने के लिए उनसे चुदाई करवाई थी, तभी उन्होंने गाण्ड भी मारी थी। और तब से वह मेरी गाण्ड के दीवाने हो गए हैं। जब भी मौका मिलता है मेरी गाण्ड मार देते हैं। मैंने कहा, यानी आज तुम्हारी चूत के साथ साथ तुम्हारी गाण्ड भी मारने का अवसर मिलेगा .... इस पर नीलोफर बोली, दया करो मुझ पर, तुम्हारे इस घोड़े जैसे लंड के सामने मेरे टीचर का लंड तो कुछ भी नहीं। उसका बहुत पतला सा लंड है। तब मुझे इतनी तकलीफ होती है तो तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है। इससे तो मेरी गाण्ड फट जाएगी। मैं अभी कुछ कहने ही जा रहा था कि शाज़िया की आवाज़ आई और लंड के बारे में क्या विचार है। 

मैंने मुड़ कर शाज़िया को देखा तो उसने वही लंड वाली पैन्टी पहन रखी थी जो पिछली बार वह मुझसे खरीद कर ले गई थी। नीलोफर ने मुड़ कर उसकी ओर देखा और बोली यह तो मैं तुम्हारी गांड में डलवाती हूँ अब। यह सुनकर शाज़िया हंसने लगी जबकि नीलोफर मेरे लंड के धक्कों को अपनी चूत में सहन करते हुए सिसकियाँ लेती रही। शाज़िया लंड वाली पैन्टी पहने लंड अपन हाथ में लेकर मसलते हुए नीलोफर के सामने आकर बैठ गई। 

नीलोफर जो पहले ही मेरे लंड से अपनी चूत मरवा रही थी अब उसने चूत मरवाने के साथ साथ शाज़िया के लंड भी चूसना शुरू कर दिया था। कुछ देर तक मैं नीलोफर को चोदता रहा, तो मैंने नीलोफर की चूत से लंड निकाला और शाज़िया को कहा कि वह मेरे पास आ जाए। शाज़िया उतर कर मेरे पास आई, नीलोफर सीधी होने लगी तो मैंने उसे कहा आप घोड़ी बनी रहें। नीलोफर दोबारा घोड़ी बन गई तो मैंने शाज़िया को कहा यह लंड नीलोफर की चूत में डाल कर उसको चोदना शुरू करो। शाज़िया ने वह लंड नीलोफर की चूत में फिट किया और एक ही धक्के में वह लंड नीलोफर की चूत में उतार दिया। शाज़िया ने नीलोफर को उसके चूतड़ों से पकड़ रखा था और उसकी चूत में लगातार धक्के मार रही थी जबकि मैं दोनों लड़कियों को सेक्स करते देख खुश हो रहा था। कुछ देर तक ऐसे ही पीछे खड़ा नीलोफर की डिल्डो से चुदाई को देखता रहा, फिर शाज़िया के पीछे आया और उसको कुछ देर रुकने को कहा। शाज़िया ने नीलोफर की चुदाई रोक दी मगर उसका लंड अभी नीलोफर की चूत में था।

मैंने शाज़िया को थोड़ा झुका कर उसकी गाण्ड को बाहर निकाला और उसकी लंड वाली पैन्टी को उसकी चूत से थोड़ा हटाकर अपने लंड की टोपी को शाज़िया की चूत पर रख कर एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा लंड शाज़िया की चूत उतर गया और मेरे धक्के के कारण शाज़िया के चूतड़ आगे की ओर गए तो नीलोफर की चूत में भी शाज़िया के लंड का धक्का लगा जिससे दोनों की ही सिसकी निकली। फिर मैंने शाज़िया को उसके बूब्स पकड़ कर उसकी खूब जानदार चुदाई शुरू कर दी। शाज़िया खड़ी थी जिसकी वजह से उसकी चूत बहुत टाइट थी और उसकी चूत में मेरा लंड उसकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ उसकी गहराई तक चोद रहा था। शाज़िया खुद तो अब नीलोफर को नहीं चोद रही थी, लेकिन मेरे हर धक्के से शाज़िया के चूतड़ आगे होते तो उसका लंड नीलोफर की चूत में भी धक्का मारता और जब मैं पीछे हटता और शाज़िया की चूत से अपना लंड बाहर खींचता तो उसके चूतड़ भी पीछे होते और उसका लंड भी नीलोफर की चूत से बाहर निकलता और फिर तुरंत ही अगले धक्के पर फिर से मेरा लंड शाज़िया की चूत में और शाज़िया का लंड नीलोफर की चूत में प्रवेश करता . यानी जो कहते हैं एक तीर से 2 शिकार, तो आज मैं एक लंड से 2 चूतों की चुदाई कर रहा था। नीलोफर और शाज़िया दोनों की सिसकियों दुकान में गूंज रही थी। 

नीलोफर और शाज़िया दोनों ही आह ह ह ह ... आह ह ह ह आ .. । । । और जोर से चोदो। । । आह ह ह ह ह ह ... जोर से ..... और जोर से ... आह ह ह ह की आवाजें लगा रही थीं। शाज़िया की चूत में लंड के धक्के अधिक तीव्रता से लग रहे थे जबकि नीलोफर की चूत में धक्कों की गति नॉर्मल ही थी क्योंकि उसकी चूत में धक्का मेरे धक्के के कारण लगता था। मैंने नीलोफर से पूछा कि मज़ा आ रहा है इस चुदाई का ??? तो नीलोफर ने कहा, हां, तुम शाज़िया को और ज़ोर से चोदो ताकि मेरी चूत में भी तेज तेज धक्के लगें . नीलोफर की बात सुनकर शाज़िया ने कहा हां और जोर से चोदो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है ... आ हु हु हु हु हु हु .... आह ह ह ह .... उफ़ एफ एफ एफ एफ .... क्या जबरदस्त लंड है तुम्हारा ... आह ह ह ह ह जोर से धक्के लगाओ ..... 5 मिनट मैं शाज़िया को इसी तरह चोदता रहा और शाज़िया की पैन्टी पर लगा लंड नीलोफर को चोदता रहा। 5 मिनट बाद मुझे महसूस हुआ कि शाज़िया की चूत पानी छोड़ने वाली है और अगले कुछ ही धक्कों के बाद शाज़िया ने अपनी चूत को जोर से जकड़ लिया और फिर एकदम से उसकी चूत से गरम पानी निकला जिसने मेरे लंड को भिगो दिया। जैसे ही शाज़िया की चूत ने लावा उगला अगले ही पल उसके साथ ही उसके लंड से चुदाई करवाती हुई नीलोफर की चूत ने भी पानी छोड़ दिया और इस प्रकार एक लंड के 2 चूतों को चोदने का सिलसिला ख़त्म हो गया। 

शाज़िया को चोदने के बाद मैंने शाज़िया को सोफे पर लेटने के लिए कहा तो वह अपने लंड सहित सोफे पर लेट गई, मैंने नीलोफर को कहा कि वह शाज़िया के लंड को अपनी चूत में डाल कर शाज़िया के ऊपर लेट जाए। नीलोफर शाज़िया ऊपर बैठी और उसका लंड अपनी चूत में डाल कर शाज़िया के ऊपर लेट गई, तब शाज़िया ने नीचे से अपने लंड से धक्के लगाने शुरू किए तो नीलोफर की सिसकियाँ फिर दुकान में गूंजने लगीं। नीलोफर की चुदाई के दौरान पीछे से नीलोफर की गाण्ड ऊपर आ गई और मैने उसके चूतड़ों को खोल कर उसकी गाण्ड को चाटना शुरू कर दिया। कुछ देर तक उसकी गाण्ड चाट कर के बाद मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और फिर अपने लंड की टोपी नीलोफर की गाण्ड पर सेट करने के बाद एक जोरदार धक्का लगाया तो मेरे लंड की टोपी नीलोफर की गाण्ड में जा चुकी थी। इससे नीलोफर की एक चीख निकली और शाज़िया ने भी नीलोफर की चूत में धक्के लगाना बंद कर दिए। कुछ देर इंतजार करने के बाद मैंने एक बार फिर नीलोफर की गाण्ड में धक्का लगाया जिससे आधे से अधिक लंड नीलोफर की गाण्ड में उतर चुका था। फिर मैंने शाज़िया से कहा कि नीचे से नीलोफर की चूत में धक्के लगाना शुरू करे। मेरे कहने पर शाज़िया ने एक बार फिर नीलोफर की चूत में जोर से धक्के लगाना शुरू कर दिए। शाज़िया के हर धक्के पर नीलोफर की गाण्ड हिलती तो मेरा लंड इसमें आगे पीछे होता। चूत में हिलते लंड के कारण नीलोफर की गाण्ड का दर्द जल्द ही खत्म हो गया और फिर मैंने भी नीलोफर की गाण्ड में धक्के लगाने शुरू कर दिए। 

नीलोफर की गाण्ड काफी तंग थी और मुझे उसकी गाण्ड मारने का बहुत स्वाद मिल रहा था, जबकि इस तरह की चुदाई में भी मेरे जीवन का पहला अनुभव था। बल्कि 2 लड़कियों के साथ एक समय में चुदाई की घटना भी यह पहली ही थी और इस वजह से मैं बहुत खुश था। नीलोफर तो इस समय खूब मजे में थी नीचे उसकी चूत में शाज़िया अपने लंड से चुदाई कर रही थी तो उसकी गाण्ड में मेरा मोटा 8 इंच लंड धक्के लगाने में व्यस्त था। 5 मिनट तक शाज़िया और मैं मिलकर नीलोफर को चोदते रहे और फिर 5 मिनट के बाद नीलोफर की गाण्ड की पकड़ मेरे लंड पर बहुत मजबूत हुई। अब मुझे उसकी गाण्ड से लंड बाहर निकालने में तो मुश्किल नहीं हो रही थी लेकिन उसकी गाण्ड में लंड घुसाते हुए कठिनाई हो रही थी। फिर मैंने नीलोफर की गाण्ड में अपने धक्कों की गति तेज करने की कोशिश की तो नीलोफर की आवाजें आना शुरू हुई और तेज चोदो मुझे, तेज तेज चोदो ,,,, मेरा पानी निकल रहा है, जोर से धक्के मारो .... जोर से चोदो मुझे ... फिर नीलोफर की चूत ने एक दम से ढेर सारा पानी छोड़ दिया। चूत का पानी निकालने के बाद नीलोफर शाज़िया के ऊपर ढह गई थी। यह शायद ज़्यादा हिलने के काबिल नहीं रही थी। एक ही समय में गाण्ड और चूत मरवाने का उसका भी पहला अनुभव था जिसकी वजह से उसे काफी थकान हो गई थी। जबकि शाज़िया अपनी चूत की चुदाई के लिए बेताब हो रही थी।


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

कुछ देर इसी तरह लेटे रहने के बाद शाज़िया नीलोफर के नीचे से निकली और उसने अपनी लंड वाली पैन्टी को उतार कर नीचे रख दिया और खुद सोफे पर घोड़ी बन गई। जैसे ही शाज़िया सोफे पर घोड़ी बनी मैंने अपना लंड शाज़िया की सुंदर नाजुक चूत में उतार दिया और उसको धक्के मारना शुरू कर दिया। अब दुकान में नीलोफर के बजाय शाज़िया की सिसकियों की आवाजें गूंज रही थीं 

मेरे हर धक्के के साथ शाज़िया के 34 आकार के मम्मे हवा में हिलते तो मुझे बहुत मज़ा आता। हमें चुदाई करते देखकर नीलोफर की चूत भी फिर से गीला होना शुरू हो गई थी। कुछ देर तक तो वो वैसे ही लेटे लेटे अपनी चूत पर हाथ फेरती रही और मैं शाज़िया की चूत में लंड अंदर बाहर करता रहा। फिर नीलोफर अपनी जगह से उठी और लंड वाली पैन्टी अबकी बार नीलोफर ने पहन ली और मुझे शाज़िया की चूत से लंड निकालने को कहा। मैंने शाज़िया की चूत से लंड निकाला तो नीलोफर ने अपना लंड अबकी बार शाज़िया की चूत में डाल दिया और मुझे कहा कि मैं उसकी चूत की चुदाई करता रहूं जैसे कुछ देर पहले शाज़िया को चोद रहा था और शाज़िया को नीलोफर चोद रही थी मगर अब मैं नीलोफर को चोद रहा था और नीलोफर शाज़िया की चूत में धक्के मार रही थी। 

5 मिनट तक मैं इसी तरह नीलोफर की चूत में जोरदार तूफानी धक्के मारता रहा और मेरे हर धक्के के साथ एक नहीं बल्कि 2 चुतो की चुदाई हो रही थी। नीलोफर के 36 आकार के मम्मे मैंने हाथ में पकड़ रखे थे और उसकी चिकनी चूत में लगातार धक्के मार रहा था। कंडोम पर लगी दवाई का असर अब करीब करीब खत्म हो चुका था और मैं काफी देर से बिना कंडोम के ही दोनों को चोद रहा था इसलिए अब मैंने अपने लंड की टोपी पर नीलोफर की चूत की दीवारों की रगड़ महसूस हो रही थी। और मुझे महसूस हो रहा था कि मैं अभी कुछ ही देर में छूट जाऊंगा। मैंने अपने धक्कों की स्पीड तेज की तो नीचे शाज़िया की आवाज आई कि में छूटने वाली हूँ, तेज तेज धक्के लगाओ, जोर से चोदो मुझे, शाज़िया के बाद नीलोफर बोली मेरी भी चूत में जलन हो रही है अब, मेरी योनी भी पानी छोड़ने वाली है, प्लीज़ सलमान जोर से चोदो मुझे। 

मैंने नीलोफर को कहा मेरा लंड भी वीर्य छोड़ने वाला है। नीलोफर ने कहा मेरी चूत को भर दो अपने वीर्य से, मैंने गोली खाई हुई है। यह सुनकर मैंने कस कर धक्के मारना शुरू किया और मेरे अंतिम 10, 12 धक्कों ने शाज़िया और नीलोफर दोनों की सिसकियों को जोड़ दिया था। 

फिर जब मुझे लगा कि अब मेरा लंड ज़्यादा दबाव सहन नही कर सकता तो मैंने हिम्मत हार दी और एक जोरदार धक्के के साथ ही अपने लंड की धार को नीलोफर की चूत में मार दिया, मेरे लंड का गर्म गर्म वीर्य मिलते ही नीलोफर की चूत ने भी अपना गरम पानी छोड़ दिया और हम दोनों के शरीरो को झटके लगना शुरू हो गए मगर मैंने अपने धक्के नहीं रोके और कुछ और धक्कों के बाद नीलोफर के लंड से चुदाई करवाती हुई शाज़िया की चूत ने भी पानी छोड़ दिया। यों हम तीनों एक साथ फारिग हो गये .

मेरा वीर्य निकालने के बाद में सोफे पर बैठ गया। मुझे काफी थकान हो चुकी थी और गहरी गहरी साँस ले रहा था जबकि मेरे एक ओर शाज़िया और दूसरी ओर नीलोफर बैठी थीं वो भी गहरी गहरी साँस ले रही थीं। मैंने नीलोफर की ओर मुंह किया और उसके होठों को चूस कर उससे पूछा कि मज़ा आया मेरे चुदाई करवाने का ??? 

नीलोफर ने कहा, हां बहुत ज्यादा मज़ा आया हालांकि हम 2 लड़कियां थीं उसके बावजूद तुमने न केवल हम दोनों की योनी मारी बल्कि मेरी गाण्ड भी मार डाली तुम्हारा लंड शानदार है। मैं तो आज के बाद तुम से ही चुदाई करवाया करूंगी जब भी जरूरत महसूस होगी . इस पर शाज़िया बोली और मैं भी आप से ही चुदाई करवायाक करूँगी यह मत भूलना कि नीलोफर की चूत और गांड मैंने तुम्हें दिलवाई है। ऐसा न हो उसकी गाण्ड के चक्कर में मेरी योनी को भूल जाओ। 

मैंने शाज़िया को भी होंठ चूस कर प्यार किया और कहा चिंता मत करो जानेमन, तुम दोनों के अलावा कोई और भी तुम्हारी लंड की प्यासी दोस्त हो तो उसे भी ले आओ उसकी भी तुम दोनों के साथ ही चुदाई करूँगा . इस पर नीलोफर और शाज़िया दोनों मुस्कुराने लगीं और बोलीं ना बाबा ना, बस हम दोनों काफी हैं तुम्हारे इस तगड़े लंड के लिए। हमें किसी और के साथ यह लंड शेयर नहीं करना। बस यह हमारा है, हमारा ही रहने दो। मैंने नीलोफर से कहा राफिया के बारे में क्या विचार है ??? इस पर शाज़िया बोली ना उस पर मत ट्राई करना, वह बहुत सीधी और शरीफ लड़की है। उसकी तो किसी लड़के के साथ दोस्ती भी नहीं। और अगर आपने उसके साथ कोई ऐसी वैसी हरकत की तो वह शोर भी मचा देगी। मैंने मन में सोचा कि यह तो तुम्हारा विचार है, देखना जल्द ही राफिया की चूत में भी मेरा लंड होगा।

नीलोफर और शाज़िया के जाने के बाद काफी देर बैठा राफिया के बारे में सोचता रहा कि आखिर उसे कैसे लाइन पर लाया जाए ?? यह तो मैं जानता ही था कि कहीं न कहीं उसके मन में भी सेक्स की इच्छा है तभी तो वह कैमरे के सामने अपने कपड़े उतार चुकी थी यह जानते हुए भी कि उसका जीजा कैमरे में देख सकता है, बल्कि उसके विचार के अनुसार तो देख ही रहा था। में राफिया को राजी तो कर लेता चुदाई के लिए मगर यह तब होता जब वो मेरी दुकान पर आती या मुझसे बात करती। अब तो समस्या यह थी कि न तो राफिया फोन पर बात कर रही थी और न ही वह काफी दिन से मेरी दुकान पर आई थी। बहुत सोचा लेकिन कुछ समझ नहीं आया कि क्या करूँ ?? एक दो बार मलीहा से भी कहा कि साली से बात करवा मगर मलीहा ने हर बार कहा कि वह आजकल काफी शांत रहती है और किसी से बात नहीं करती। और मेरे से बात करने से भी मना कर देती है। मलीहा की इस बात से भी मुझे निराशा हुई थी लेकिन फिर अचानक ही एक उम्मीद पैदा हुई जब मुझे अपनी सास साहिबा का एक दिन फोन आया। फोन पर मेरी सास साहिबा कह रही थीं कि बेटा राफिया का रिक्शे वाला बीमार हो गया है जो उसे रोज कॉलेज ले जाता था और वापस भी ले आता था घर तो अगर तुम्हारे पास समय हो तो कुछ दिन तुम राफिया को कॉलेज ले जाने और वापस लाने का काम कर दो। मैंने बिना सोचे जल्दी से हां कर दी और कहा आंटी समय न भी हो तो साली के लिए तो समय निकालना ही पड़ता है। यह कह कर मैंने आंटी को अर्थात् अपनी सास को बता दिया कि कल 8 बजे आ जाउन्गा तो राफिया को कहिए कि वह तैयार रहे। 

अगले दिन समय से पहले तैयार होना पड़ा क्योंकि पहले आराम से 9 बजे उठकर 10 बजे तक या इससे भी देर से दुकान पर जाता था, मगर आज राफिया को ले जाना था और कॉलेज का समय साढ़े आठ बजे का था तो इसलिए मैं 8 बजे अपने ससुराल पहुंच चुका था। ससुराल जाने का यह मेरा दूसरा मौका था इससे पहले सगाई होने के बाद मात्र एक बार ही अपने ससुराल गया था। ससुराल जाकर बिना हिचक में अंदर चला गया, दरवाजा खुला था अंदर आंगन में गया तो वहां एक चारपाई पर राफिया कॉलेज की ड्रेस पहने बैठी थी और उसने सिर पर एक चादर ले रखी थी। उसका मूड काफी खराब लग रहा था मुझे देखकर उसने मुंह दूसरी तरफ कर लिया जबकि मलीहा जो इस समय राफिया के साथ बैठी थी वह मुझे नमस्कार करके अन्दर कमरे में चली गई क्योंकि ससुराल में ऐसा माहौल नहीं था कि मैं मलीहा से खुल कर बातचीत कर सकूँ। 


मैंने आगे बढ़कर अपनी सास साहिबा को सलाम किया और उन्होंने मेरे सिर पर हाथ फेर कर मुझे प्यार दिया और फिर राफिया से मुखातिब होकर बोलीं, उठ जाओ बेटा अब, इनको को अपने काम भी करने होते हैं देर नहीं करो अब। और हाँ दोपहर को सलमान की दुकान पर ही चली जाना वह तुम्हें घर भी छोड़ देंगे। यह कह कर चाची ने मेरी ओर देखा और बोलीं ठीक है ना बेटा कोई समस्या तो नहीं ??? 

मैंने कहा नहीं आंटी वैसे भी 4 बजे दुकान थोड़ी देर के लिए बंद कर देंगे, तो उसी समय राफिया को घर छोड़ने आ जाउन्गा आंटी ने कहा चलो यह तो और भी अच्छी बात है तुम्हारी दुकानदारी भी खराब नहीं होगी। यह कह कर चाची ने एक बार फिर राफिया को खा जाने वाली नजरों से देखा और मेरे साथ चलने को कहा तो अब की बार राफिया अपनी जगह से उठी और मेरी तरफ बढ़ने लगी, मुझे देखे बिना ही राफिया मुझसे आगे निकल गई और मुख्य दरवाजे से बाहर निकल गई मैंने आंटी को सलाम किया और मैं भी बाहर निकल गया। बाहर जाकर मैंने बाइक स्टार्ट की और राफिया को बठने को कहा तो वह बाइक पर मेरे पीछे बैठ गई, मुझे पता था कि वे मुझसे दूर होकर बैठने की कोशिश करेगी इसलिए मैं पहले से ही काफी पीछे होकर बैठा था कि राफिया के लिए बहुत कम जगह बचे . 

और हुआ भी यूं ही। राफिया बैठी तो उसने पूरी कोशिश की कि वह मुझसे दूर रहे और उसका शरीर मेरे शरीर को न छू सके, मगर पीछे बॅकएंड लगा होने के कारण वह अधिक पीछे न हो सकी और उसका शरीर मुझे छूने लगा, लेकिन उसने बैठने के बाद मुझे पकड़ने की बजाय साथ लगे बॅकएंड को अपने बाएं हाथ से पकड़ लिया और मैंने बाइक चला दी। बाइक चलाते हुए मैंने राफिया की ओर मुड़ कर देखा और उसे कहा अपना गुस्सा इतना रखो कि तुम्हें खुद नुकसान न हो सके। ऐसे बैठेगी तो गिरने का खतरा है मुझे पकड़ कर बैठ जाओ कहीं ऐसा न हो कि कोई हादसा आ जाए। मेरी बात का उस पर असर हुआ और वह डर गई और अब उसने पीछे से बॅकएंड को छोड़ कर मेरे कंधे पर हाथ रख कर मुझे पकड़ लिया था। यहाँ से राफिया का कॉलेज दूर नहीं था इसलिए मैंने तेजी के साथ बाइक चलाना उचित नहीं समझा बल्कि धीरे धीरे बाइक चलाता गया रास्ते में 2, 3 बार वही हरकत जो हर लड़का लड़की को अपने पीछे बिठाने के बाद करता है। .. हाँ, अकारण जोर से ब्रेक लगाने वाली हरकत जैसे ही मैं ब्रेक लगाता राफिया के 34 आकार के मम्मों का एहसास मुझे अपनी कमर पर होता मगर वह तुरंत ही फिर से संभल कर बैठ जाती। कुछ ही देर के बाद राफिया का कॉलेज आ गया तो वह बाइक से उतरी और मैंने उससे कहा कि जब कॉलेज से छुट्टी हो तो दुकान पर आ जाना तुमसे कुछ बात भी करनी है और वैसे भी तुम्हें घर छोड़ना है। वह अच्छा जी कह कर कॉलेज के गेट में प्रवेश कर गई और साथ ही मैं भी मौजूद शरीफ प्लाजा पहुँचकर आज समय से पहले ही दुकान खोल कर बैठ गया।


RE: ब्रा वाली दुकान - sexstories - 06-09-2017

दोपहर 2 बजने से कुछ देर पहले राफिया दुकान पर आ गई, मुझे उम्मीद थी कि वह जरूर आएगी क्योंकि एक तो मैं जानता था कि वह नाराज होने का नाटक कर रही है या फिर अस्थायी तौर पर एक दम से लंड देखकर घबरा गई है , अन्यथा इच्छा तो उसकी भी है देखने के लिए, और दूसरी बात उसकी मजबूरी भी थी। राफिया आई तो मैंने उससे पूछा कि कॉलेज में कुछ खाया तो उसने कहा हाँ जी समोसे खा लिए थे। मैंने पूछा और कुछ मँगाऊ ??? तो उसने कहा नहीं रहने दें। इस दौरान 2, 3 ग्राहक भी आईं जिन्हें मैं ने उनकी पसंद की ब्रा दिखाकर फ्री किया और 2 बजे तो मैंने दरवाजा लॉक कर दिया और राफिया के सामने काउन्टर पर आकर खड़ा हो गया, पहले मैंने सोचा था सोफे पर उसके साथ ही बैठ जाऊं मगर फिर सोचा कि अब जरा इसको लाइन पर वापस लाना है तो धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ना चाहिए यूं एकदम से बढ़ना अच्छी बात नहीं है। काउन्टर में वापस गया तो राफिया ने कहा आपने 4 बजे का क्यों कहा अम्मी को ??? आप तो 2 बजे बंद करते हो दुकान ?? 

मैंने कहा हां 4 बजे इसलिए कहा कि मुझे तुमसे बात करनी थी तो सोचा कुछ समय मिल जाएगा और अगर 4 बजे से पहले भी तुम्हें छोड़ आउन्गा तो भी आंटी ने कौन सा कुछ कहना है। यह सुनकर राफिया अपनी जगह से उठी और बोली चलिए तो मुझे छोड़ आइए . मैंने कहा ऐसे नहीं, पहले आराम से आराम से बैठो, मेरी बात सुनो, अपना मूड ठीक करो तो तुम्हें छोड़कर आउन्गा 

मेरी बात सुनकर राफिया वापस सोफे पर बैठ गई और बोली- जी बताएं क्या बात करनी है आपने। मैंने कहा पहले यह बताओ तुम्हें गुस्सा किस बात का है? तुम मुझसे बात क्यों नहीं करती? न फोन ना दुकान पर आती हो और अब भी मुझसे ऐसे बात कर रही हो जैसे मैंने तुम्हें कोई नुकसान पहुंचा दिया हो। वह बोली- आप अच्छी तरह जानते हैं कि मुझे किस बात का गुस्सा है। मैंने कहा नहीं मैं नहीं जानता। तुम बताओ किसका गुस्सा है ?? वह बोली उस दिन जो कुछ आपने कैमरे के सामने क्या उसका .... 

मैंने कहा वह तो मलीहा के साथ किया वह मेरी मंगेतर है, तुम्हारे साथ तो ऐसा कुछ नही किया। गुस्सा करना था तो मलीहा को करती तुम्हें मुझसे किस बात का गुस्सा है ??? वह बोली मलीहा आपी के साथ आपको यह सब करना था तो मुझे कैमरे पर क्यों दिखाया ??? मैंने कहा मैंने कब दिखाया तुम्हें? तुमने खुद ही जबरन मुझसे कैमरा ऑनलाइन करवाया था, मैं तो तुम्हें मना करता रहा कि मत कर्वाओ कैमरा ऑनलाइन। मेरी बात सुनकर राफिया चुप हो गई। जाहिर सी बात है उसके पास मेरी बात का जवाब नहीं था। फिर मैंने राफिया से पूछा कि अगर तुम्हें इतना बुरा लगा था कि मैंने तुम्हें वह सब क्यों दिखाया तो तुम स्क्रीन बंद कर सकती थी, मगर तुम देखना चाहती थी इसीलिए तो तुम अंत तक स्क्रीन चालू करके बैठी रही और देखती रही। तुम देखना चाहती थी इसलिए मैंने तुम्हें वह सब कुछ दिखाया था, मुझे पता था कि तुम यह सब देखना चाहती हो। इस पर राफिया ने ठंडे स्वर में कहा नहीं मुझे नहीं पता था कि तुम ये सब कुछ करोगे, और न ही मैं यह देखना चाहती थी। मुझे लगता था कि बस आप चुंबन ही करेंगे। यह कह कर राफिया चुप हुई तो मैंने कहा नहीं, उस दिन तूने मलीहा और मुझे देखा था जब हम चुंबन कर रहे थे, उसने अपनी कमीज ऊपर उठा रखी थी और मैं उसके सीने पर प्यार कर रहा था जब तुम ट्राई रूम में ब्रा बदल रही थी। तुम्हें पता था कि आज भी मलीहा के बूब्स देखूंगा। 

इस पर राफिया ने कहा, हां मगर जो कुछ आपने दिखाया उसकी मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। राफिया की बात पर मैंने कहा अब मैं तो तुम्हारा मन पढ़ नहीं सकता कि तुम क्या देखना चाहती हैं। मुझे लगा कि तुम हम दोनों को सेक्स करते हुए देखना चाहती हो इसलिए जितना हम कर सकते थे यहां वह मैंने तुम्हें दिखा दिया। या तो तुम पहले मुझे बता देती कि क्या दिखाना है और ज़्यादा आगे ना बढ़ता। मेरी बात सुनकर राफिया चुप बैठी रही। फिर मैंने कहा अगर मैंने तुम्हें दिखा भी दिया तो तुम स्क्रीन बंद कर सकती थीं मगर आपने भी तो स्क्रीन बंद नहीं किया। इस पर भी राफिया चुप बैठी रही। फिर मैं काउन्टर से निकला और राफिया के साथ सोफे पर बैठ कर उसका हाथ अपने हाथ में पकड़ लिया। उसने पहले हाथ छुड़ाने की कोशिश की लेकिन फिर मेरे न छोड़ने पर अपनी प्रतिरोध समाप्त कर दी। फिर मैंने राफिया से कहा कि वास्तव में गलती तो तुम्हारी भी है। तुम जिस तरह मुझे आकर्षित कर रही थी मैंतो यही समझा कि तुम मेरा यह देखना चाहती हो। मेरी बात सुनकर राफिया ने काँपती हुई आवाज़ में कहा मैंने कब आपको आकर्षित किया ??? मैंने कहा तुम ही तो मुझे पूछ रही थी कि आपको ब्रा कैसा लगा ??? तुम्हारा यह विचार था कि मैं तुम्हें कैमरे से देख रहा हूँ। जब कि मैं नहीं देख रहा था, तुमने जब बार बार पूछा कि बताओ आपको कैसा लगा तो मैं तो तुम्हारी बात समझ ही नहीं सका कि तुम क्यों पूछ रही हो, लेकिन जब मुझे पता लगा कि तुम कैमरे के बारे में जानती हो उसके बावजूद तुमने वहां जाकर अपना ब्रा बदला और वापस आके मुझसे पूछा कि कैसा लगा ??? तो इसका मतलब तुम्हारे मन में था कि मैं तुम्हें बिना कपड़े के देख रहा हूँ और तुम्हें इस बात की कोई चिंता नहीं, अगर मैंने वास्तव में कैमरा ऑनलाइन किया होता और तुम्हे देख लेता तो मतलब तुम को बुरा नहीं लगता . अब राफिया बोली वह तो मैंने अपना सीना छुपा कर ब्रा पहना था और ब्रा पहनने के बाद कपड़ा हटाकर शीशे में देखा था कि कैसा लग रहा है, और तभी आप भी देख लेते, मगर ब्रा तो पहना हुआ था मैंने तब, बिल्कुल नंगी तो नहीं थी पर। 

राफिया की यह बात सुनकर मैंने उससे पूछा अच्छा अगर मैं तुम्हें अब कहूँ कि मुझे दिखाओ तुमने कौन सा ब्रा पहन रखा है तो तुम दिखाओगी ??? इस पर राफिया बोली अभी तो आपकी और मेरी लड़ाई है। यह सुनकर मैंने एक ठहाका लगाया और कहा चलो अब हम दोनों सुलह कर लेते हैं, तो कल तुम्हे एक ब्रा गिफ्ट करूंगा, वह तुम ट्राई रूम में जाकर बदलना और फिर मुझे पता चलेगा . इस पर राफिया थोड़ा हंसी और बोली नहीं अब नहीं दिखाउन्गी आपको। मैंने कहा अरे वाह .... अब क्यों नहीं दिखाओगी ???

राफिया ने कहा बस अब नहीं दिखा पाउन्गी . मैंने कहा अच्छा बाबा मत दिखाना मगर अपना मूड तो सही कर लो, अच्छी खासी अपनी साली से बात कर लेता था, जब से तुमने मेरा वो देखा है तुम तो ऐसे डरती हो मेरे से जैसे मैंने कोई कांड कर दिया तुम्हारे साथ। मेरी बात पर राफिया इठला कर बोली आप कर के तो दिखाएँ बलपूर्वक फिर बताऊँगी आपको। मैं उस पर हंसा और कहा न भई तुम तो कोई जंगली बिल्ली लगती हो मुझे तुमसे जबरन कोई काम नही करना . चलो अब अपना मूड सही करो तो तुम्हें समोसे खिलाउन्गा, मुझे खुद भी जोर की भूख लग रही है। इस पर राफिया बोली मेरे मूड को क्या हुआ ??? ठीक तो है .... उसकी बात सुनकर मैं हंस पड़ा और समोसे मंगवा लिए। समोसे खाने के बाद राफिया और मैंने कुछ इधर उधर की बातें कीं और इतने में 4 बजने में आधा घंटा रह गया तो मैंने राफिया ने कहा चलो उठो अब मुझे छोड़ आओ . 4 बजे तक राफिया को घर छोड़कर वापस दुकान पर आ चुका था। इस बार वह रिलैक्स होकर बैठी थी मेरे साथ जुड़ कर, और जब भी मैं ब्रेक लगाता उसके मम्मे मेरी कमर पर लगते मगर वह इस बार पीछे नहीं हटी। 


This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


सुनिता का फोटो शुट की और फिर उसको चोदा सेक्स स्टोरी हिन्दी में neha pant nude fuck sexbabasxsxsxnxxxcommarrige anversary per mummy ki chudai hind sex storiesSexbaba Sapna Choudhary nude collectionचोद दिए दादा जी ने गहरी नींद मेंIndian desi nude image Imgfy.comantine ghodeki sudai dikhakar sodana sikhaya hindimesexbaba mama ki beti in marathiSexbaba.com maa Bani bibiजानकी तेरी चुत और गाँड़ बहुत मजेदार हैंpapa aor daubar femaliy xnxxladkey xxx xxnx jababe joss movis freeexxxकहानी हिनदी सबदो मेmuh me pura ulti muhchodstoryrandi khane me saja milliShurathi hasan sex images in sex baba.com muslim ladaki group sexmastram net.chodobetamaajabardasti choda aur chochi piya stories sex picParny wali saxi khaniPreity Zinta ka Maxwell wali sexy video hot 2015 kaxnxxxx.jiwan.sathe.com.ladake.ka.foto.naam.pata.dever ki pyass motai insect sex story lambi chudai ki kahanimajburi ass fak sestarBus m Kati ladki gade m Land gusaya दोस्त के साथ डील बीवी पहले चुदाई कहानीदेसी राज सेक्सी चुड़ै मोटा भोसडा क्सक्सक्सक्सक्सक्सdesi jins vali laudiya bur ki codai xxx videosex baba incest storiesBf xxx opan sex video indean bhabi ke chut mari jabarjasti Bdi Dedi nend me chodti sexChoot m ungli ghusaana class m gandi kahaniindian.acoter.DebinaBonnerjee.sex.nude.sexBaba.pohto.collectionvideo mein BF bottle Pepsi bathroom scene peshab karne wala video meinwww bus me ma chudbai mre dekhte huyeburkhe मुझे najiya की चुदाई कहानीलंहगा Xxnxdekasha seta ki sax chudiचोट जीभेने चाटMugdha Chaphekar nangi pic chut and boobxixxe mota voba delivery xxxcon2 lund stories sexbaba.netnandoi aur ilaj x** audio videoTelugu Saree sexbaba netindan मराठी मुलीsex hdgathili body porn videosmama ko chodne ke liye fasaixxx sohag rat book store Bhai se Newchachi ko panty or bra kharidkar di.bade bobo ki kamuk kahani sexbaba story with photosalia bhat fucking sex babanetactres 38 sex baba imagesbhabhixchutUncle and bahu की असमंजस sex story हिंदीअजय माँ दीप्ति और शोभा चाचीbalu.sxy.ladke.ke.gand.mi.land.vedeoholi me ma ko bhang k nasha me beta ne sex kiyawww sex baba shrnu nagi photo nude fake xxxphadar.girl.sillipig.sexwww xxx 35 age mami gand comDamaadji by Desi52.comindian Tv Actesses Nude pictures- page 83- Sex Baba GIFXnxx jhangale dada ji na mari 6 saal me sael tori sex stori newXxzx sex Hindibass coming. Karachi wali Mausi ki choda sex storysaxxxx isukUla walisadi suda didi ko namard jija ke samne 12 inch lamba lund se bur choda aur mal bur giraya chodai storyचाची ने मलहम लगाई चुदाई कहानीxixxe mota voba delivery xxxcon .co.inwww.ek hasina ki majburi sex baba netआत्याचा रेप केला मराठी सेक्स कथाXxxmoyeeHindi insect aapbiti lambi kahaniराजशरमा की कामुख हिँदी स्टोरी बाबा सेक्स नेट पेऔरत कि खुसक चूत की चुदाई कहानीXxx video bhabhi huu aa chilaishadi shoda baji or ammy ke sath sex kahani xxमेरे पति सेक्स करते टाइम दरवाजा खुला रखते थे जिस कोई भी मुझे छोड़ने आ सकता थाfamilxxxwww.Bur bhosda m aantrLand mi bhosari kaise kholte xxx photomeri chudai majoboori main hui javan ladke seseksee.phleebarबीच पर मा की चुदाइgabhin pornstars jhadate huye hdहिंदी मै बोलेचुदाई xxxcommangalsutra padam Moti aurto ki chutWww.Untervasn.com hindi sex story public busxxx chupkse utara huva Ashli videojethani ki pregnancy ke chalte jeth ji ne mere maje liye sex story didi ki salwar jungle mei pesabBhayne rep kiySexy storyचाट सेक्सबाब site:mupsaharovo.ruमस्त मलंग ऑंटी बरोबर सेक्स हिंदी स्टोरीpadhos ko rat me choda ghrpe sexy xxnxPornphotohd jhat wali girls deshi Indian