Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - Printable Version

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RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

रीमा की बात सुनकर मैंने सोचा रीमा सही कह रही है। और फिर मैं ब्लाउस का कप अपने लंड के पास ले गया और उसके सुपाडे को अपने हाथ से पकड कर धीरे धीरे कप पर फिराने लगा। मेरे लंड के सुपाडे के ब्लाउस पर लगने से मेरे शरीर मैं उत्तेजना के कारण कपकपी आ गयी। मैंने ब्लाउस के कप मे ४-५ जगह लंड से बहता रस लगा दिया। जब मेरा प्रीकम ब्लाउस मे अच्छी तरह से लग गया मैंने उसको उठा कर फिर से अपनी नाक उसमे घुसा दी। और एक गहरी साँस ली। ओहऽऽऽ म मऽऽऽऽऽऽ रीमा का कहना बिल्कुल थीक था उसकी गंघ तो बिल्कुल बदल गयी थी और बहुत ही मादक हो गयी थी। रीमा ने मुझसे पूछा क्यो बेटा कुछ फर्क पडा क्या। मैंने कहा हाँ माँ तुम बिल्कुल थीक कहती थी। माँ तो हमेशा ही सही होती है बेटा माँ की बात मान कर सही से माँ से चुदायी शास्त्र की शिक्षा लेगा तो जीवन मैं कभी भी निराश नही होगा समझा। मैं कहा हाँ माँ।

फिर मैंने उसके ब्लाउस को सुंघना जारी रखा थोडी देर सुंघ कर मैंने उसको चुमना और चाटना शुरू कर दिया। इस कप का स्वाद चख कर मुझे लगा मैंने पहले कप मे क्यो नही अपने लंड का रस मिलाया मिला लिया होता तो उसका स्वाद भी इतना ही स्वादिष्ठ होता। मेरे लंड का रस मिला लेने की वजह से ब्लाउस क स्वाद और भी मस्त हो गया था। और फिर मैंने चाट चाट कर ब्लाउस के दुसरे कप को भी अपने थूक से गीला कर दिया। उसके बाद दोनो कप पर बारी बारी से उस जगह पर किस किया जिस जगह पर मम्मो से बाहर निकलती नुकीली घुडियाँ होती है। किस करके मुझे लगा जैसे की मैं उसकी घुडीयो को किस कर रहा हूँ।

जब मैं पूरी तरह से मम्मो कि प्यार कर चुका और उसका मेरे थूक से सना ब्लाउस अपने हाथ मै लिया खडा हुआ तो रीमा बोली तो बेटा कैसा लगा तुमको मेरा सेक्सी ब्लाउस पंसन्द आया। जब मैंने पहन रखा था तो तुम्हारी हालत खराब थी ये तो मुझको मालूम मैं अब मेरे ब्लाउस को प्यार कर के मेरे चूत के राजा की क्या हालत है। मैं बोला माँ हालत तो अभी भी खराब है। इतनी मस्ती भरी थी इस ब्लाउस मैं मुझे मालूम नही था और उस सारी मस्ती को मैं चाट चाट कर पी गया हूँ जिसकी वजह से मेरे तन बदन मे मस्ती भरी आग लग गयी है। ओहऽऽऽ माँ तुम्हारे बदन की गंध मैं इतनी मादकता है कि ये तुम्हारे कपडो को चुदास रस से भर देते है। जिसको पी कर मेरे बदन का तापमान बढ गया है। अगर मैं तुम्हारे बदन को प्यार करुगाँ तो तुम्हारे बदन को छुते ही मेरी मस्ती झड जायेगी। इसपर रीमा ने कहा नही बेटा मैं ऐसा नही होने दुंगी। तुझसे पहले अपनी जबरदस्त चुदायी कराउगी तभी तुझे झडने दूगी समझ। मैंने उसकी बात सुनकर सर हिला दिया।मैने सर तो हिला दिया था पर मुझे बिल्कुल भी विश्वास नही था की उसको चोदने तक मैं रुक पाउगाँ मेरा अनुमान था की उसको ब्रा पैन्टी मैं देख कर बिना छुये ही मेरी मस्ती झड जायेगी। फिर मैंने सोचा चलो देखते है की रीमा क्या करती है। फिर रीमा बोली मेरा यह ब्लाउस हमारे पहले मिलन की निशानी है। मैं इसको सम्भाल कर रखना चाहती हूँ। लेकिन मैं चाहती हूँ कि तुम इसको अपने लंड रस से भर दो। जिससे मेरे बदन की गंध के साथ साथ तुम्हारे लंड रस की गंध भी इसमे समा जाये। और जब तुम मेरे पास ना हो तो मैं अपने ब्लाउस को सुंघ कर उस मिलन की याद को ताजा कर सकुँ।

मैंने कहा थीक हैं माँ मैं अपना लंड रस से इस ब्लाउस को गीला कर देती हूँ तो रीमा बोली नही बेटा ये काम मुझे करने दे इसको करने का हक सिर्फ मेरा है। मैंने कहा थीक है माँ। और उसका ब्लाउस उसके हाथ मैं दे दिया। हाथ मे लेकर रीमा बोली तूने तो इसको बिल्कुल ही गिला कर दिया है रे हर छोटी से छोटी चीज से तेरे को मस्ती चढती है तू तो पक्का से ही रंडी की औलाद है। ला अब अपना लंड पकडने दे मुझे इसका रस अपने ब्लाउस पर तो मल लूँ मैं। मैंने कहा लो पकड लो मेरा लंड माँ। रीमा अपने पंजो के बल झुक कर बैठ गयी। उसका मुँह बिल्कुल मेरे लंड के सामने था। मेरा लंड हाथ मैं लेकर उसने उसके सुपाडे को उपर की खाल के अंदर से निकाला। जिस से गोल्फ बाल जितना मोटा सुपाडा निकल कर बाहर आ गया।

रीमा मेरा सुपाडा देख कर बोली बडा मोटा है रे तेरा सुपाडा मैं रंडी हूँ इतने सारे लंड खा चुकी हूँ। कुछ लंड तो तेरे से भी बडे थे पर लगता है की तेरा ये सुपाडा मेरी चूत तो फाड ही डालेगा आज। उसकी इस बात को मेरी पुरे शरीर मैं एक मस्ती की लहर दौड गयी। फिर रीमा बोली मेरे दाँये कप पर तो तुने अपना मदन रस लगा ही दिया है अब बाकी का रस मै अपने ब्लाउस के बाँय कप और पिछले हिस्से मे लगाउगी। ये कह कर उसने मेरे लंड को मेरे सुपाडे के निचले हिस्से से पकड और सुपाडे के एक हिस्से के रस को ब्लाउस के बाँये कप से पोछ दिया। पोछते वक्त उसने थोडा दवाब अपने मुलायम कोमल उगलीयो से मेरे सुपाडे को दिया। जिससे मेरे लंड ने एक झटका सा लिया मुझे लगा मैं झड ही जाऊगाँ। पर ऐसा हुआ नही। क्योकि उसका दवाब बिल्कुल नपा तुला था।

जिससे मेरे शरीर मैं मस्ती का उबाल तो आया पर वह उबाल मुझको झड नही पाया। फिर उसने ब्लाउस को पीठ के हिस्से की तरफ से पकडा और सुपाडे के दुसरे हिस्से को उसी दवाब के साथ पोछ दिया पर इस बार मेरे मुँह से एक सिसकी निकल गयी। बेटा अब बस तेरे सुपाडे के सर पर थोडा सा रस लगा बाकी रह गया है उसको मैं ब्लाउस का गुथा बना कर पोछ देती हूँ। यह कह कर उसने मेरा लंड अपनी मुठ्ठी मै भर लिया और दुसरे हाथ से ब्लाउस का गुथा बना कर मेरे लंड के सुपाडे पर कस के रगड कर साफ कर दिया। ऐसा करते वक्त उसने मेरे लंड को कस कर अपनी मुठ्ठी मै दबा दिया जिस से थोडा सा दर्द भी हुआ जिससे मेरा ध्यान लंड के सुपाडे पर होने वाली सेन्सेशन पर नही जा सका और सारा ध्यान मेरे लंड मे हुये दर्द पर ही केन्द्रित था। अगर वह ऐसा नही करती तो मैं सुपाडे पर हुयी रगडाहट की वजह से मैं जरूर झड जाता।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

रीमा बहुट खेली खायी हुयी औरत थी उसको पता था कि कब किस समय क्या किया जाता है। और इतने सालो मे कई सारे मर्दो से चुदा कर वह चुदायी शास्त्र कि महा ज्ञानी हो गयी थी। मैं अपने आप को बहुत धन्य समझ रहा था क्योकि मैं रीमा की क्षत्र छाया मे चुदायी शास्त्र कि शिक्षा प्राप्त कर रहा था। मेरे लंड से सारा रस रीमा ने अपने ब्लाउस पर पोछ लिया था। उसके बाद रीमा ने मेरा लंड छोड दिया और अपना ब्लाउस को दोनो हाथ से पकड कर अपनी नाक के नीचे रख दिया और सुघंने लगी और एक गहरी साँस लेकर बोली म म म मऽऽऽऽऽऽ क्या मस्त खुशबू है। मेरे बदन की महक तेरे थूक और लंड रस से मिल कर बनी यह खुशबू किसी भी औरत और आदमी को जानवर बना सकती है।

बेटा तू तो बडा ही रसीला मर्द है। बहुत कम मर्द मुझे ऐसे मिले हैं अपनी चुदायी यात्रा मैं जिने मेरी महक और कपडो से भी प्यार हो। और तेरी उम्र उनमे सबसे छोटी है। और मैं तेरे से बहुत खुश हूँ मेरे लाडले बेटे चला आजा तूने ब्लाउस का मजा तो ले लिया अब ब्लाउस मै छिपे मम्मो का मजा भी तो ले ले। मैंने कहा फिर साडी हटाओ और अपने मम्मे मुझे दिखाओ। इसपर रीमा पलट कर अपने चूतड मटकाते हुये सोफे के पास गयी और सबसे पहले अपना ब्लाउस उस पर रख दिया। और मेरी तरफ अपनी पीठ करके २-४ कदम पीछे की और चली और फिर अपनी साडी अपने उपर से हटा कर सोफ़े पर फेक दी। और अपनी हाथ नीचे करके बोली आजा मेरे बेटे तेरी रंडी तैयार है।

मैं रीमा की तरफ गया और और अपने हाथ उसकी बगल से नीचे डाल कर उसके कमर के चारो और लपेट लिये। और उसके गले पर एक किस कर दिया। जिसकी वजह से उसने एक बडी सिसकी ली। चुम्बन लेने के बाद मेरी नजर उसकी छाती से लटकती ब्रा मैं फंसी चूचीयो पर गयी। ब्लाउस निकल जाने के बाद उसकी चूचीयाँ का और भी ज्यादा भाग नंगा हो गया था। और उपर से उसकी भारी भारी चूचीयाँ और जहाँ वो आपस मैं मिलती है उनके बीच की खायी को देख कर मेरा लंड ने फिर से रस बहाना शुरू कर दिया जबकी थोडी देर पहले ही रीमा ने मेरा सारा रस पोछ दिया था। तभी मेरी नजर उसकी ब्रा के अग्र भाग पर गयी जहाँ से उसकी घुडियाँ ब्रा से बाहर निकल कर झाँक रही थी।

यह देखकर पहले तो मैं हैरान रह गया फिर मैंने सोचा ओह इसका मतलब है रीमा ने ऐसी ब्रा पहन रखी है जिस मैं घुडियो कि जगह पर छेद है। यही कारण है कि जब मैं उसके मम्मो पर ब्लाउस के उपर से हाथ फेर रहा था तो मुझे उसकी घुडीयो का अहसास हुआ था। इस तरह से उपर से उसकी चुचीयो का नजारा बहुत ही आकर्षक था। ये नजारा देख कर मेरे मुँह से लार टपक पडी। और मन किया की जा कर उसकी घुडियो को चूस कर उनका सारा रस निचोड लूँ। रीमा ने मुझे उसकी चूचीयो को घूरते हुये देख लिया था उसने कहा क्या हुआ बेटा कैसी लगी मेरी चूचीयाँ बढीया है ना। मैंने कहा हाँ माँ इनको मैं आगे से देखना चाहता हूँ। रीमा ने कहा तो देख ले बेटा मैं मना थोडी न कर रही हूँ। मैंने तो तुझे बुलाया ही अपना नंगा बदन दिखाने के लिये है। ताकी तेरा लंड मेरा नंगा बदन देखकर मस्त खडा हो जाये और तू इस लम्बे लंड से मुझे चोद कर अपने लंड के साथ कुछ न्याय कर सके।

अगर तू मेरा सगा बेटा होता तो जाने कबका मैंने तेरा लंड अपनी चूत मैं लील लिया होता चल अब देर मत कर और आजा सामने और देख ले अपनी माँ के मम्मे और जल्दी से जल्दी मुझे चोद कर मादरचोद बन जा। रीमा की बात सुनकर मुझमे फिर से जोश आ गया और मैं उसके कंधे पर एक बार और किस कर के उसके सामने आ गया। उसकी और पहली बार मैंने अपनी नजर उसके ब्रा मे कैद मम्मो पर दोडायी। उसकी ब्रा काले रंग की थी। और उसके हुक आगे से लगते थे। नीचे का सट्रेप करीब २ इन्च चौडा था। और कप कुछ इस तरह से थे के उसके हरेक मम्मा दोनो तरफ़ इस १/४ से ज्यादा नंगा था।ब्रा का कप तिकोने आकार का था। और नीचे से चौडा था और उपर जा कर ब्रा के कंधे वाले सट्रेप से मिलता था। कंधे वाला सट्रेप करीब १/२ इन्च चौडा था। और ब्रा मे जहाँ पर घुडियाँ होती है वहाँ पर एक बडा से छेद था। छेद इतना बडा था की उसमे से उसकी घुडियाँ और उसके चारो और बना गोला साफ देखायी दे रहा थे। उस गोले के किनारो को काले रंग के धागे के साथ सिला गया था। जिससे की वह फट ना जाये। उसकी घुडीयों का रंग गहरे भूरे रंग का था और घुडी के चारो और के गोले का रंग गोले के किनारे पर थोडा हल्का था। उसकी ब्रा से बाहर झाँकती घुडीयाँ किसी को भी पागल कर सकती थी तो मै क्या चीज था।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

उसकी घुडीयाँ मस्त होकर पूरी कडी हो गयी थी। और उसकी ब्रा से बडे गर्व के साथ बाहर झाँक रही थी। ओह माँ तुम्हारे मम्मे तो गजब के मस्त है। और क्या बोलू इनके बारे मे। तुमने तो ब्रा भी ऐसी सेक्सी चुनी है कि क्या बताउ। तुम्हारी ब्रा से छेद से झाँकती घुडीयाँ ने मुझे पागल कर दिया है। माँ मैं तुम्हारी चूचीयो को प्यार करना चाहता हूँ। उनको चुसना चाहता हूँ उनका रस पीना चाहता हूँ। इस पर रीमा बोली बेटा तू भी साला कुत्ते का कुता है रहेगा जहाँ हड्डी देखी नही लगी लार टपकने। इसपर मैंने कहा हाँ माँ मैं कुत्ता हूँ तुम्हारा पालतू कुत्ता प्लीज माँ इस कुत्ते को हड्डी दे दो माँ तुम्हारा ये कुत्ता तुम्हारी चूची रुपी हड्डी का भूखा है माँ।

इस पर रीमा ने कहा थीक है तो फिर चल एक कुत्ते की तरह जीभ निकाल और आजा अपनी माँ के पास। तुझे हड्डी चाहिये तेरी माँ देगी तेरी को हड्डी। चुस ले मेरे मम्मे निकाल ने इनका रस मेरे लाल आजा। मेरे पास। रीमा की बात सुनकर मैंने अपनी जीभ बिल्कुल एक कुत्ते की तरह बाहर निकाल ली और और रीमा के पास पहुँच गया। रीमा ने अपने दोनो हाथ अपनी चूचीयो के नीचे रखे और उनको और उभरते हुये बोली आजा बेटा ले कर ले प्यार अपनी माँ की चूचीयो के साथ। उसका इसतरह से हाथ रख कर अपनी चूचीयो को मेरे को चाटने के लिये देना ऐसा लग रहा था कि जैसे प्लेट मै सजा कर मुझको फल चूसने के लिये दे रही हो। मैं भी बडा उत्तेजित था बस टूट पडा उसकी चूचीयो पर।

सबसे पहले मैंने रीमा की घुडीयों को किस किया। घुडीयाँ मेरे होठो पर किसी तीर के नोक की तरह चुभ रही थी। किस करने के बाद मैने उसकी चूचीयो के नंगे भाग की और ध्यान देना शुरू किया। और उसके नंगे हिस्से पर किस करना शुरु किया। पहले बाँयी चूची को किस कर किया फिर दाँयी चूची पर किस किया थोडी देर तक मैं ऐसे ही किस करता रहा। रीमा को शायद अपनी चूचीयो कर किस करवाने मे मजा आता था। क्योकी जैसे जैसे मेरे चुम्बन बढते गये उसके मुँह से आह ओह सी सी कि आवाजे निकलनी शुरू हो गयी। पर अभी भी मैंने उसकी चूचीयाँ अपने हाथ मे पकड कर नही देखी थी क्योकी मेरा उनको मसलने का बहुत मन था पर उनको पूरी नंगी कर के ही मैं उनकी कडायी पता करना चाहता था।

अच्छी तरह से उसके मम्मो को चूमने के बाद मैंने उसके मम्मो को अपनी जीभ से चाटने लगा उसके मम्मो के नंगे हिस्से पर जीभ घुमाना मुझे बडा अच्छा लग रहा था। उसकी मस्ती भी बढ गयी थी और वह बडबडा रही थी। चाट साले चाट गाँडू कही का चाट अपनी माँ कि चूचीयाँ साले तेरे को क्यो शर्म नही हैं माँ के लोडे चाट ले इनको साली बडा दुखी करती हैं मुझे खा जा इनको भोसडीके ये तो तेरे लिये मिठायी है रे खा जा माँ के लाल हाय क्या चुसता है। मैंने चाटते हुये पूछा बडा चिल्ला रही हो माँ मजा आ रहा है। रीमा बोली हाँ बेटा तुझे पता है बेटा चुचीयाँ चूत का सुईच होती है। इनको जितना चुसो और मसलो के उतना ही चूत रस बहाती है। इनको चुसने और मसलने से कोई भी औरत अपनी टाँगे खोल कर चूत चुदाने को तैयार हो जाये।

रीमा का चुदायी ज्ञान सुनकर मैं और भी जोर शोर से उसकी चूचीयो को चुसने मैं चुट गया और बीच बीच मैं उसकी घुडियाँ अपने मुँह मे लेकर चुस लेता था। और मैं करीब १५ मिनट तक उसकी चूचीयो को चाटने और चूसने के मजे लेता रहा। और चाट चाट कर उसकी चूचीयो को पूरा गिला कर दिया। इस बीच रीमा ने भी गालियाँ बक बक मेरा बहुत उत्साह बढाया। जब अच्छी तरह से चाट कर मैंने उसके मम्मो को छोडा तो रीमा बोली बेटा तूने तो फिर से मेरी चूत को गिला कर दिया मेरे राजा। अभी तो तुने मुझे झडाया था मेरी जान और अब फिर से मेरे अंदर झडने की चाह भर दी। मैंने कहा माँ तो तुम फिर से खेल लो अपनी चूत से जब तक मैं तुम्हारे मम्मो को प्यार करता हूँ। रीमा बोली नही बेटा अब तो मेरा पेटीकोट उतार कर ही मेरी चूत हो पैन्टी के उपर से चाट कर मुझे मजा देना समझा।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

मैने कहा ओह माँ तुम कितनी अच्छी हो तुमको अपना वादा याद है अपनी चूत पैन्टी मे से चटाने का। रीमा बोली और क्या बेटा ऐसे कैसे भूल सकती हूँ वादा वैसे भी इसमे तो मेरे को ही मजा मिलने वाला है और तुम से मम्मे चटावा कर तो सोच रही हूँ कि अच्छा हुआ कि मैंने हाँ कह दी। नही तो झडने के लिये जाने कितनी देर तक इंतजार करना पडता। पर मेरे लंड की हालत बहुत बुरी हो रही थी। वह रह रह कर झटके मार देता था जैसे कहा या तो मुझे झडा तो नही तो मैं खुद ही झड जाउगाँ जिस से तुमको बिल्कुल भी मजा नही मिलेगा। फिर रीमा ने कहा आजा मेरे राजा बेटा तूने माँ के मम्मो का मजा ले लिया अब पेटीकोट उतार कर मेरी चूत चाट जल्दी से। मे मरी जा रही हूँ मेरी पैन्टी मेरे रस से पूरी भीग गयी है।

माँ की आज्ञा सुनकर मैं बोला माँ ठीक है उतार देता हूँ तेरा पेटीकोट पर चूत तो मैं पेटीकोट को प्यार करने के बाद ही चाटूगाँ। रीमा बोली थीक है थीक अब लग जा काम पर। रीमा मेरे सामने खडी थी। और मै उसके सामने घुटनो के बल बैठ गया अब उसके पेटीकोट का नाडा बिल्कुल मेरी आँखो के सामने था। मेने एक बार रीमा की तरफ नजर उठा के देख जैसे पूछ रहा हूँ उतार दुँ रीमा ने मेरी तरफ देखकर अपना सिर हिला दिया। फिर मैंने अपने हाथ आगे बढा कर उसके पेटीकोट का नाडा पकड लिया। और फिर आगे बढ कर उसकी पैन्टी पर एक किस लिया और नाडे के दोनो छोर पकड लिये। अब बस मै उसकी चूत का घूघंट उठाने ही वाला था।

फिर मैंने उसके पेटीकोट का नाडा पकड कर खीच दिया जिससे उसका नाडा खुल गया और पेटीकोट ठीला हो गया। फिर मैंने अपने हाथो से उसके नाडे की आखरी गाँठ भी खोल दी। अब उसका पेटीकोट खुल चूका था अगर नाडा मेरे हाथ मे नही होता तो जाने कब का पेटीकोट फर्श पर होता। फिर मैंने रीमा की तरफ देखते हुये रीमा के पेटीकोट का नाडा छोड दिया। नाडा छोडते ही उसका पेटीकोट उसका पेटीकोट कमर से सरक कर जमीन पर गिर पडा। और मेरे सामने दुनिया का सबसे सेक्सी नजारा आ गया। मेरे सामने मेरी रीमा मेरी माँ सिर्फ ब्रा पैन्टी मै खडी थी। जिसमे उसके चूचीयाँ मेरे थूक से पूरी तरह गीली थी तथा उसकी पैन्टी उसके रस से गीली होने की वजह से उसकी चूत से चिपक गयी थी।उसकी चुत से चिपकी होने के कारण चूत होने का अहसास उससे हो रहा था। मै अभी भी नीचे बैठा था। रीमा ने पीछे हट कर अपने पैर पेटीकोट से निकाल लिये और बोली ले बेटा मैंने अपने पैर पेटीकोट से निकाल लिये है अब तू जल्दी से इससे प्यार कर ले फिर मेरी चूत चाट मैं मरी जा रही हूँ बेटा तेरी जीभ को अपनी चूत पर महसूस करने के लिये। रीमा मेरे सामने ब्रा पैन्टी और उची ऐडी के सैंडल मे खडी थी। इस समय मुझे वह दुनिया की सबसे खूबसूरत औरत लग रही थी। गोरा गोर भरापूरा बदन भारी भरकम चुचीयाँ जो उसकी ब्रा को फाड कर उसकी कैद से आजाद होने के लिये बैचेन थी। भारी चुतड और चूत को छुपाती छोटी से पैन्टी।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

गोरी गोरी चिकनी माँसल जाँघे। और उनको और भी सेक्सी बनाती उसकी उँची ऐडी की सैंडल पूरी कयामत लग रही थी रीमा। रीमा बोली ऐसे क्या देख रहा है बेटा जल्दी से मेरे पेटीकोट को प्यार कर ले फिर मेरी चूत चाटना बेटा। मैंने कहा माँ तुम पलट जाओ पहले मैं तुम्हारे चूतड देखना चाहता हूँ। रीमा बोली बेटा क्यो तडपाता है माँ को चूतड बाद मैं देख लेना पहले मेरी चूत की प्यास तो कुछ कम कर दे। पर मैं तो उसके चूतड देखे बिना और कुछ करने के मूड मैं नही था मैंने कहा माँ नही पहले तो मैं तुम्हारे चूतड ही देखूगाँ। रीमा बोली तू भी मानेगा नही चल मैं घुमती हूँ तू देख ले चूतड। उसकी बात सुन कर मैं खुश हो गया।

फिर रीमा घूम कर खडी हो गयी और उसके चूतड मेरी आँखो के सामने आ गये। उफ़ क्या चूतड थे उसके चौडे कमर से बाहर को निकले हुये बडे बडे उनको देखते ही मेरे शरीर मे मस्ती की झुरझुरी दौड गयी। और उसकी छोटी सी पैन्टी उसके चुतडो को छुपाने मे बिल्कुल नाकाम थी और उसके दोनो चुतडो के बीच फंसी हुयी थी। थोडी देर रीमा इसी तरह अपने चूतड मुझे दिखाती रही और मैं उनको निहारता रहा। फिर रीमा पलट गयी और बोली देख लिये मेरे चुतड मेरे बेटे। पर मेरी नजर मैं उसके चूतड ही घूम रहे थे। मेरा लंड आपे से बाहर हुआ जा रहा था मुझे लगा की अगर यही हाल रहा तो मैं अभी झड जाउँगा।

अब मेरा रुकना बिल्कुल मुश्किल था। येहे सोच कर मैंने अपनी आँखे बंद कर ली और अपने ऑफिस के काम के बारे मे सोचने लगा जिस से मेरा ध्यान बट जाये और मैं झडने से बच जाँऊ। रीमा मेरे को इस हालत मे देख कर बोली क्या हुआ बेटे अपनी आँखे क्यो बंद कर ली। मैंने कहा माँ अगर मैं ऐसे ही तुम्को देखता रहा और प्यार करता रहा तो अभी झड जाउँगा इसी लिये आँखे बंद कर के उनसे ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा हूँ। रीमा बोली ठीक है मैं तेरी इसमे मदद करती हूँ अपने बदन पर अपनी साडी डाल लेती हूँ जिससे तुम मुझे नंगा ना देख सको। फिर थोडी देर बाद बोली लो बेटा मैने साडी डाल ली अब अपनी आँखे खोल सकते हो।

मैने अपनी आँखे खोल ली रीमा ने अपने पूरे बदन पर साडी लपेट ली थी और मेरे सामने खडी थी और मैं घूटनो के बल बैठा था। मैने कहा माँ इसतरह तो हम प्यार नही कर पायेगे तुम मेरा लंड चूस कर झडा दो फिर आगे प्यार करेगे। रीमा बोली नही तुमको अभी नही झडना है। मेरे पास एक दुसरा उपाय है उससे जब तक तुम नही चाहोगे तब तक नही झडोगे। मैंने कहा ऐसा कौन सा उपाय है माँ ऐसे उपाय के लिये तो मैं तैयार हूँ। रीमा बोली अगर तुमको मंजूर है तो मैं वह उपाय करती हूँ सोच लो हो सकता है तुमको यह उपाय पंसन्द ना आये। मैंने कहा माँ अगर तुम समझती हो की इस उपाय से मैं नही झडुँगा और हम दोनो पुरी मस्ती के साथ चुदायी का मजा ले सकेंगे तो फिर चाहे कितना भी मुश्किल हो मैं तैयार हूँ।

रीमा मुस्कुरायी और आगे बढ कर मेरे माथे पर किस कर लिया। फिर उसने अपना पेटीकोट उठाया और उसका नाडा खीच कर निकाल दिया और बोली बेटा मैं तुम्हारे लंड पर जहाँ ये तुम्हारे बदन पर जुडा है अपने पेटीकोट का नाडा बाँध दूँगी और तेरी इन लंड की बॉल को भी नाडे से कस कर बाँध दुँगी जिससे इनका रस कितना भी उबाल मारेगा पर लंड से बाहर नही निकल पायेगा इस तरह से तु मेरा साथ जो चाहे कर सकता है बिना अपने झडने के डर से। फिर तू मुझे जितनी देर जाहे चोद सकता है। मुझे पता है इसमे तेरे लंड को थोडा दर्द होगा क्योकि मैं बहुत कस के बाँधुगी पर बाद मैं तुझको मजा भी आयेगा बोल बेटा कैसा लगा मेरा उपाय।

मैं बोला बहुत ही अच्छा उपाय है माँ और तुम्हारे इस मस्ताने बदन के लिये यह दर्द कुछ भी नही है माँ मैं तैयार हूँ। फिर रीम मेर सामने घुटनो के बल खडी हो गयी और बोली बेटा तू खडा हो जा जिस से मुझके नाडा बाँधने मे आसानी होगी। मैंने कहा थीक है माँ और मैं उठ कर खडा हो गया मेरा लंड रीमा के मुँह के सामने जबरदस्त खडा होकर झूल रहा था। उसने बिना मेरा लंड छुये हुये नाडा मेरे लंड के बेस पर रखा और फिर एक गांठ कस कर लगा दी। इसतरह से कस के नाडा बाँधने से मेरे अंदर दर्द की एक लहर दौड गयी। फिर उसने मेरे लंड के ईर्दगिर्द दो चार और लपेटे घुमा कर नाडे के एक हिस्से को मेरे बॉल के बेस के चारो और घुमाया तथा दुसरे सिरे को मेरे दोनो बॉल के बीच मे से ले जाकर पहले एक बाल के चारो और फिर दुसरी बाल के चारो और कस के लपेट कर नाडे के दुसरे हिस्से के साथ पूरी ताकत लगा कर कस कर बाँध दिया।

फिर अच्छी तरह से मेरे मेरे लंड पर नाडा बाँध लेने के बाद रीमा ने मेरे लंड के सुपाडे को कस कर चूम लिया और बोली मेरे प्यारे बेटे का प्यारा लौडा। यह कह कर रीमा खडी हो गयी और बोली लो बेटा मैंने अपना काम कर दिया अब तुम्हारा लंड नही झडेगा। फिर मैंने रीमा का मुँह अपने हाथो मे लेकर उसके होठो को चूम लिया। रीमा बोली बेटा अब देर मत कर जल्दी से प्यार कर मेरे पेटीकोट को फिर मेरी चूत चूस ले बेटा। ऐसा कह कर मैं फिर घुटनो के बल नीचे बैठ गया और रीमा का पेटीकोट उठा लिया और रीमा के तरफ देखा। रीमा ने अभी भी साडी अपने चारो और लपेट रखी थी। मैंने रीमा से कहा माँ अब तुम अपनि साडी उतार दो इसतरह अपने मस्ताने बदन को साडी मे छुपाने कि अब कोई जरुरत नही है। रीमा मुस्कुरायी और अपनी साडी उतार कर फैंक दी।

फिर मैंने पेटीकोट उठाया और उसको प्यार करने मे जुट गया। सबसे पहले उसको पुरा गहरी साँस लेकर सुंघा और उसकी चूत गाँड और चुतड की मिली जुली गंध का सेवन किया। वह गंध इतनी मस्तानी थी की अगर रीमा ने नाडा नही बांधा होता तो मैं पक्का से झड जाता। थोडी देर पेटीकोट को सुघंने के बाद मैने उसको चुमना और चाटना शुरु कर दिया और १० मिनट मै पेटीकोट का भी वही हाल किया जो ब्लाउस का किया था पेटीकोट भी मेरे थूक से गिला हो गया था। फिर मैंने पेटीकोट रीमा को दे दिया। रीमा बोली बेटा अब तुमने मेरे पेटीकोट को चूम चाट कर प्यार कर लिया अब आओ बेटा मेरी चूत चाट कर मेरी मस्ती झडा दो देखो इसने भी रस बहा बहा कर मेरी पैन्टी को कितना गीला कर दिया है।

क्रमशः.......................


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

गतांक से आगे.......................

मैंने कहा माँ तुम्हारी चूत चाट के झडाने से पहले मैं तुम्हारा शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ। तुमने जो मेरे लंड को अपने पेटीकोट के नाडे के साथ बाँध दिया है उसकी वजह से मैं जब तक चाँहू तब तक बिना झडे तुम्हारा मजा ले सकता हूँ। तुम्हारे इस काम के लिये मैं पहले तुम्हारे चुतडो और गाँड के छेद पर किस करना चाहता हूँ। मेरी बात सुनकर रीमा ने आश्चर्य से अपने हाथ अपने मुँह पर रख लिये और बोली। ओह मेरे राजा तू ये क्या कह रहा है। मेर पूरा बदन तो मस्ती मै भर गया है बेटा। आज से पहले कई लोगो ने मेरे चूतडो का चुम्बन लिया है। पर किसी ने भी मेरी गाँड के छेद के साथ नही खेला। तुम पहले मर्द हो जो यह करना चाहता है।

इसपर मैंने कहा माँ अगर ऐसी ही बात है तो मैं तुम्हारी गाँड को बहुत प्यार करुगाँ अपने मुँह से पर तुम्हारी चूत को अच्छी तरह से चुसने के बाद अभी सिर्फ एक किस करुगाँ। रीमा ने आगे बढ कर मुझे गले लगा लिया उसके घुडियाँ मेरी छाती से रगड खाने लगी। और बोली बेटा मैं बहुत खुश हूँ आज मैं जाने कब से अपनी गाँड किसी मर्द से चटवाना चाहती थी। औरतो ने तो मेरी गाँड चाटी है पर किसी मर्द ने आज तक नही। तुम आज मेरा यह सपना पूरा कर सकते हो। पर बेटा मैं तुमसे गाँड चटाउँगी पर अभी नही तुम से एक बार अच्छी तरह से चुदाने के बाद इत्मिनान से जिस से तुम अपना सारा ध्यान मेरी गाँड चाटने मे लगा सको मैंने कहा थीक है माँ जैसी तुम्हारी मर्जी।

फिर रीमा मेरे गाल पर किस करके अलग हो गयी और पलट कर खडी हो गयी। और रीमा का सबसे सुन्दर सबसे मस्त अंग मेरे सामने था उसके चूतड और उनके बीच फंसी उसकी पैन्टी। मैंने आगे बढ कर पहले उसके बाँये चूतड पर फिर उसके दाँये चूतड पर किस किया। फिर मैं रीमा से बोला माँ अब तुम अपने हाथो से पकड कर अपने चूतडो को फैलाओ जिस से मैं तुम्हारी गाँड पर किस कर सकूँ। रीमा बोली बेटा मैं फैलाती हूँ अपनी गाँड पर तू मेरे पैन्टी के उपर से ही किस करना पैन्टी उतार कर बाद मे मैं तुमसे किस कराउँगी। मैंने कहा थीक है माँ।

फिर रीमा ने थोडा सा आगे झुक कर अपने दोनो चूतड पकड लिये और बोली बेटा तैयार है। मैने कहा हाँ माँ। फिर रीमा ने अपने चूतड खीच कर फैला लिये। उसकी पैन्टी उसकी गाँड की दरार मैं और घुस गयी। मुझसे बिल्कुल भी नही रुका गया और मैंने आगे बढ कर जहाँ पर उसकी गाँड होने का मुझे अंदाजा था वहाँ पर मैंने एक गहरा चुम्बन ले लिया। रीमा के मुँह से एक बडी आह निकल गयी। मैंने रीमा से पूछा माँ मैंने थीक जगह पर किस किया था क्या। रीमा बोली हाँ बेटा बिल्कुल गाँड के छेद पर। और तुम्हारे किस करते ही मैं स्वर्ग मैं पहुँच गयी।

फिर रीमा उठ कर खडी हो गयी और बोली अब मैने तुम्हारी सारी इच्छाये पूरी कर दी चलो अब खडे हो जाओ और मेरी चूत चाट कर मेरी मस्ती झडा दो। मैंने कहा थीक है माँ। और मैं उठ कर खडा हो गया रीमा अपने चुतड मटकाती हुयी छोटे वाले सोफे कि तरफ चल दी चलने से पहले उसने पीछे मुड कर देखा और मुस्कुराते हुये अपनी उगली से इशारा करते हुये मुझे अपनी तरफ बुलाया। मैं उसके पीछे चल अपनी आँखो को उसके चूतड पर टिका कर चल दिया। फिर वह सोफे पर जा कर सोफे के एक दम किनारे पर अपने चूतड टिका कर और अपनी पीठ पीछे कर कर सोफे पर सहारा ले कर बैठ गयी।

फिर उसने अपनी एक टाँग उठायी और मेरे लंड पर अपनी उँची ऐडी के सैंडल छुआती हुयी बोली तो तैयार है मेरी चूत की सेवा के लिये। मैंने कहा हाँ माँ। फिर रीमा ने अपनी टाँगे पुरी तरह से चौडी करके फैला ली और उनको सोफे के हथे रख दिया। जिससे उसकी टाँगे चौडी हो गयी और उनको सोफे के गद्देदार हथों पर सहारा भी मिल गया। इस आसन मैं रीमा घंटो तक अपनी चूत चटा सकती थी बिना किसी परेशानी के। रीमा बोली आजा बेटा बहुत देर से मुझको तू तडपा रहा है। अब मेरी बारी है अब मैं तुझको तडपाउँगी तब तुझे पता चलेगा कि माँ के साथ मस्ती करने से क्या होता है समझा। मैंने कहा हाँ माँ।

फिर रीमा बोलि ले तेरी इस रंडी माँ ने अपनी टाँगे खोल दी है और मेरी गीली चूत तैयार है। अब चूस ले इसको और झडा दे मेरा पानी। अब तो जम कर कफी देर तक तेरे से अपनी चूत की सेवा कराउँगी ४-५ बार झडुँगी उसके बाद ही तुझे कुछ करने दूँगी समझा और खबरदा जो तूने अपने लंड को छुने की भई कोशिश की। अगर मैंने तुमको अपने लंड से खेलते हुये देख लिया तो फिर आज तो तुम झडने के बारे मे भूल ही जाओ। ना आज पुरे दिन तुम्हारे लंड पर से नाडा खुलेगा ना तुम झडोगे समझे। अपना सारा ध्यान मेरी चूत और उसमे से निकलने वाले रस पर लगा समझ गया रंडी की औलाद। उसकी बात सुनकर बदन मे झुरझुरी दौड गयी। उसनी यह बात बहुत ही सिरयस होकर कही थी।

बिना झडे एक दिन तक अपने लंड को इस तरह से नाडे मे बधे रहने की बात सुनकर मैं बहुत घबरा गया और मैंने सोच लिया की सब कुछ भूल कर रीमा की चूत को चाटने की तरफ ध्यान दूगाँ। मैंने कहा ठीक है माँ मैं अपने लंड को बिल्कुल भी नही छुउँगा। सुनकर रीमा जोर से चिल्लायी तो आजा फिर सले खडा खडा देख क्या रहा है मेरी खुली चूत निमंत्रण दे रही चुस अब इसको। उसकी बात सुनकर मैं घुटनो के बल नीचे बैठ गया। उसकी रस से भीगी गिली चूत पैन्टी से ढकी हुयी मेरे सामने थी। सबसे पहले मैंने उसकी जाँघो पर हाथ रख कर उसकी चूत पर एक गहरा चुम्बन दिया। और फिर उसकी जाँघो पर धीरे धीरे हाथ फेरते हुये उसकी पैन्टी पर चारो तरफ गहरे चुम्बन देता रहा।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

रीमा ने अपना सर पीछे करके सोफे पर रख दिया और आँखे बंद करके मेरे चुम्बनो का मजा लेती रही उसके मुँह से हल्की हल्की करहाने की आवाजे आ रही थी। थोडी देर उसकी चूत के चुम्बन लेने के बाद मैंने उसकी चूत को निहारने का निश्चय किया। फिर मैंने अपने हाथ के उगली उसकी पैन्टी के किनारे फिराने लगा और उसकी चूत निहारने लगा बीच बीच मे मैं उसकी चूत कि किस करता जा रहा था जिस से उसको ये ना लगा के मैं अपनी आँखे सेक रहा हूँ। उसकी चूत उसकी काली पैन्टी मैं पुरी तरह से ढकी हुयी थी पर उसकी पैन्टी से काफी बाल बाहर निकल रहे थे इसका मतलब उसने अपनी झाँटे नही काटी थी। और उसकी पैन्टी इतनी ज्यादा गिली हो चूकी थी कि उसकी चूत की आउट लाईन पैन्टी मे से पता की जा सकती थी।

उसकी चूत से इतना रस बह चुका था की उसकी जाँघो भी उसके चूत रस मे भीग गयी थी और चूत रस की बूंदे आसानी से उसकी जाँघो पर देखी जा सकती थी। उसकी इसहालत को देख कर मैंने सोचा रीमा सही मैं बहुत तडपी है चूत चटाने के लिये अब उसकी इस इच्छा को पूरा कर ही देना चाहिये। यह सोच कर सबसे पहले मैंने उसकी पैन्टी के चारो और निकल आये उसके रस को पीना उचित समझा। फिर मैंने अपने हाथो से उसकी जाँघो पर लगा कर उनको और चौडा कर दिया। फिर अपनी जीभ निकाल कर उसकी पैन्टी के चारो और का रस चाटना शुरु कर दिया।रीमा तो किसी और ही दुनिया मे थी और आराम से लेट कर चूत चटवाने का माजा लेने के फिराक मे थी। इस लिये जैसे ही मैंने उसकी पैन्टी के चारो और का रस को चाटना शुरु किया तो बोली हाय रे जालिम अभी भी मुझे तडपा रहा है। चाट ले कुत्ते मेरा रस पी माँ के लोडे चाट चल पहले मेरा रस मेरी जाँघो से ही चाट मैं भी देख तुझसे पुरा बदला लुँगी तू देखता जा। हाय से क्या मस्त चलाता है तू अपनी जीभ मेरी जाँघ पर चाट और चाट। फिर थोडी देर मे मैंने उसकी पैन्टी के आस पास का सारा रस पी लिया। सारा रस पीने के बाद मैंने मैंने उसकी पैन्टी की और कूच किया सबसे पहले अपनी जीभ निकाल कर उसकी पैन्टी को चाटना शुरु कर दिया जैसे मैं कई दिनो का भूखा हूँ।

जैसे से ही मैंने पैन्टी के उपर अपनी जीभ चलानी शरु की रीमा ने मस्ती मैं करहाना शुरु कर दिया और और उसके मुँह से आह ओह की आवाजे आनी शुरु हो गयी। थौडी देर उसकी पैन्टी इसी तरह से चाटने के बाद मैंने अपनी जीभ से नोक बना कर पैन्टी के उपर से चूत की लकीर पर जीभ फिरानी शुरु कर दी उपर से नीचे और नीचे से उपर। इस तरह करने से मैं अपनी जीभ को एक बार ज्यादा उपर ले गया। जिससे रीमा एक दम से उछल पडी और बोली हाय से मार डाला मेरे राजा ओह मेरे चूत के दाने पर क्या रगडी है अपनी जीभ और रगडो मेरे लाल और रगडो इसी तरह। फिर मैंने अपनी जीभ पर और दवाब देकर जोर जोर से उपर से नीचे तक रगडना शुरू कर दिया। मेरी इस हरकत से रीमा और मस्ता गयी।

उसकी मस्ती मेरे चूत चाटने से बढती जा रही थी। फिर रीमा अपने सर को इधर उधर पटकने लगी और जोर जोर से चिलाने लगी। ओह हाय से सी सी ऽऽऽऽऽऽऽऽऽ उम्ह्ह्ह ऽऽऽऽऽऽऽऽ मार डाला रे क्या मस्त चूसता है रे तू कहाँ से ट्रेनिग ली है रे तूने बहनचोद चला चला ऐसे ही और जोर जोर से हाँ ऐसे हि मेरे रज्जा तेरे पर वारी जाऊँ ओह्ह्ह ऽऽऽऽऽ हाँ रे सिर्फ जीभ मत चला मेरे राजा मेरी चूत को चूस भी हाय से क्या मस्त मर्द मिला है इतने दिनो बाद आज जम कर मजा लूगी। बडा ही प्यार है रे तू माँ का कितना ख्याल रख रहा है रे उम्म्म्म ऽऽऽऽऽ। उस्की बात सुनकर मैंने भी उसकी चूत पर जीभ फिराते फिराते बीच बीच मे उसकी पैन्टी को चाट भी लेता था। जिससे जीभ चलाने से जो रस बाहर निकलता था चाटने से वह मेरे मुँह मे चाला जाता था और मैं अपनी जीभ को अपने मुँह मे रोल करके उसके रस का मजा लेता था।

फिर करीब १० मिनट तक मैं उसकी चूत पर इसी तरह जीभ फिराता रहा और चाटता रहा। इस तरह से करने से उसको मजा तो बहुत आ रहा था पर उसको झडने मे बहुत समय लग रहा था और इस वजह से उसकी हालत बहुत खराब हो रही थी। मेरा लंड भी मस्ती चाहता था पर मुझे पता था श्याद उसको तो काफी देर इंतजार करना पडे। फिर मैंने उसकी देखकर उसकी पैन्टी को उस जगह पर जहाँ पर उसके चूत का दाना था जोर से मुँह मे भर कर चूसना शुरु कर दिया। शायद मेरा निशाना सही जगह पर पडा था और उसकी चूत का दाना मेरे मुँह मे आ गया था। मेरे इस तरह से उसकी चूत का दाना चूसने से रीमा तो बिल्कुल पागल हो गयी।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

ओह हाँ मेरे बेटे चूस चूस मेरी चूत के दाने को हाँ बेटा ओहऽऽऽ और जोर से चूस ले बेटा यही तो तेरी माँ के मजे का सोत्र है। इसी से तो तेरी माँ को मजा मिलता है। चूस ले बेटा खा जा मेरी चूत का दाना साला बडा परेशान करता है मुझे मेरी नीदं हराम कर दी है इसने रातो को सोने नही देता और बोलता है मुझे मजा दो। चूस चूस जोर से हाँ ऐसे ही। उसकी हालत बहुत खराब थी और अब वह कभी भी झड सकती थी। और वह पागलो की तरह जोर जोर से चिल्ला रही थी। फिर उसने अपनी टाँगी उठा कर मेरे कंधो पर रख दी और मेरा सर पकड कर अपनी चूत पर दबा लिया। और मस्ती मे अपनी टाँगे मेरी पीठ पर पटकने लगी जिससे उसकी ऊँची ऐडी की सैंडल मेरी पीठ पर जोर जोर से लग रही थी और थोडा दर्द भी हो रहा था।

पर मैं पुरे जोश से उसकी चूत चाटने मे जुटा हुआ था मेरा लंड पर नाडा बंधा था पीठ पर उसकी सैंडलो कि मार पड रही थी और मेरा लंड और पीठ दोनो दर्द कर रहे थे। पर इस दर्द मे भी उसकी चूत चाटने से मेरी मस्ती बढती जा रही थी। अब मैं भी रीमा को झडा देना चहाता था। यह सोच कर मैंने उसकी चूत के उपरी भाग को मुँह मे भरा और अपने दाँतो के बीच दबा लिया। मेरे दाँतो के बीच उसकी चूत का दाना आ गया और रीमा एक दम दर्द और मस्ती मे फडफडा उठी। और उसके मुँह से एक जोरदार चीख निकल गयी और बोली हाय रे मार डाला जालिम मै गयी मेरा पानी छुट रहा है रे क्या मस्त काटा रे मेरे लाल। झड गयी ओह उसके पुरे शरीर मे कपकपी छुट गयी थी।

फिर उसने अपने चूतड को उछाल कर उसने और मेरे मुँह से सटा दिया और मेरे सर के बाल पकड कर कस कर मेरे मुँह को अपनी चूत पर दबा लिया। और मेरे सिर को अपनी गोरी गोरी माँसल जाँघो मे दबा लिया। मेरा गले से उपर का हिस्सा पूरी तरह से उसकी कैद मे आ गया। मुझे ऐसा लग रहा था की मेरा दम ही घुट जायेगा। रीमा बहुत जोर से झड रही थी। उसकी चूत से पानी निकल कर उसकी पैन्टी को भीगो रहा था। और उस पानी को मैं पी रहा था। रीमा अपनी आँखे बंद करके झडने का मजा ले रही थी। और फिर हम दोनो थोडी देर तक ऐसे ही पडे रहे और मैं उसकी चूत का रस पीता रहा। थोडी देर बाद जब वह पूरी तरह से शांत हुयी और धीरे धीरे उसने अपनी टाँगो कि पकड ठीली कर दी। तब जाकर मुझे कुछ साँस आया।

फिर हम काफी देर तक इसी तरह से पडे रहे और हम मे से कोई भी कुछ नही बोला। रीमा की चूत से सारा रस निकल चुका था और उसको मे पैन्टी के जरिये पी गया था। जब वह पूरी तरह से शान्त हो गयी तो उसने अपन मुँह उठाया और मेरे तरफ़ देख कर बोली हाय रे मेरे लाल क्या कमाल है तेरे मुँह मे क्या मस्त झडाया है तुने मैं तो पुरी निहाल हो गयी रे। बहुत मजा आया रे जालिम तुझे मजा आया बेटा ये तेरी पहली चूत चटायी थी न। मैंने कहा हाँ माँ मुझे मजा आया तुम्हारी चूत का रस तो शरबत है माँ बडा मजा आया इसको पीने मे। इस पर रीमा ने कहा हाँ बेटा अभी तो बहुत शरबत बचा है मेरी चूत मे तेरे लिये चिंता मत कर अच्छी तरह से तुझको खूब शरबत पिलाऊँगी।

फिर रीमा बोली बेटा सच सच बता अगर तुझे मजा आ रहा है ना मेरे साथ। मैंने कहा हाँ माँ। अगर मैं तुझसे पूछूँ अभी कि अगर तू मेरी चूत फिर से चाटेगा कि मुझे चोद कर चूत कर मजा लेगा तो बता तू क्या पंसन्द करेगा। मैंने कहा मेरी प्यारी चुदक्कड माँ मैं तुम्हारी चूत चूस कर तुमको मजा देना पंसन्द करूँगा। मेरे बात सुनकर रीमा बहुत खुश हुयी और मेरे माथे पर किस कर लिया जैसे एक माँ प्यार से अपने बेटे का चुम्बन लेती है। फिर बोली बेटा मैं बहुत खुश हूँ कि तुमने अपने मजे से ज्यादा मेरे मजे के बारे मे सोचा। ठीक हैं आज एक ही बार मैं चूत चटा कर छोड देती हूँ पर अगली बार पूरी तरह से कई आसन मे चूत चटा कर पूरा मजा लूँगी।

मैं अभी भी उसकी टाँगो के बीच बैठा था।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

रीमा ने कहा मेरे राजा बेटे चल अब मेरे बाकी के कपडे उतार कर मुझको पूरा नंगा कर दे। और अपने धैर्य का इनाम यानी के मेरा नंगे बदन का भोग कर ले बेटा। फिर मैं उठ कर खडा हो गया और रीमा भी मेरे सामने उठ कर खडी हो गयी और बोली ले बेटा उतार दे मेरे कपडे कर दे मुझे नंगा। मैंने आगे बढ कर उसके मम्मो की दोनो घूडीयो को एक एक चुम्बन दिया फिर उसके पीछे चला गया और उसकी बाँहो के नीचे से हाथ डाल कर उसके ब्रा के हुक पकडने की कोशिश करने लगा। इस पर रीमा बोली बेटा तू बडा ही शैतान है। मेरे मम्मो को महसूस करने के लिये और अपना लंड मेरी टाँगो से भिडा कर उससे मजा लेने के लिये पीछे से मेरी ब्रा के हुक खोल रहा है। मैं रीमा की बात सुनकर हंस दिया और बोला हाँ माँ। फिर रीमा ने मेरे हाथ पकड कर अपनी ब्रा की हुक पर रख दिये।

बोली ले उतार अब इनको बडे नखरे करता है। मैंने पहले उसका एक हूक फिर दुसरा हुक खोल दिया उसकी ब्रा एक झटके से खुल गयी और उसके कबूतर पिजरे से आजाद हो गये। मैंने ब्रा के दोनो हिस्से पकड कर उसकी ब्रा उतार दी उसने भी अपने हाथ उपर उठा कर मुझे ब्रा उतारने मे सहायता की। ब्रा उतार कर मैंने उसको गहरी साँस लेकर सुघने लगा उसके दोनो कपो को भी सुंघा फिर उन कपो को एक एक किस करके रीमा को वापस दे दिया। उसकी पीठ अभी भी मेरी तरफ थी। रीमा बोली बेटा ब्रा को प्यार करके अपने थूक से गिला नही करेगा क्या। मैंने कहा करूँगा माँ पर अभी नही बाद मे। रीमा ने कहा ठीक है। और उसने ब्रा दूसरे कपडो के पास फेंक दी।

अब वह समय आ गया था जब मैं उसके मम्मो को नाप तोल के देखना चाहता था। उनको दबा कर देखना चहाता था। लेकिन सबसे पहले मैं उसके मम्मो को जी भर के देखना चाहता था। मैंने रीमा से कहा माँ अब तूम पलट कर खडे हो जाओ क्योकी मैं तुमहारे मम्मो को जी भर कर देखना चाहता हूँ। रीमा बोली ठीक है। फिर रीमा ३-४ कदम आगे बढी और फिर पलट कर खडी हो गयी। और मेरी आँखो के सामने रीमा का दूसरा सबसे सुन्दर अंग आ गया। पहला सबसे सुन्दर अंग उसके चूतड और उसकी गाँड का छेद था। उसके भारी भरकम चूचीयाँ मेरे सामने थी। उमर के कारण और इतनी भारी होने के कारण उसकी चूचीयाँ थोडी लटक गयी थी पर देखने मे बहुत ही कडी लगती थी। उसकी घुडीयाँ गहरे भूरे रंग की थी और मस्त होकर खडी थी और करीब १ इन्च लम्बी थी। उसकी घुडीयो के चारो और गहरे भूरे रंग का गोला था और वह काफी बडा था।

मुझे बडे उम्र की औरत की बडी बडी लटकी हुयी चूचीयाँ बहुत अच्छी लगती है। तो मेरे लिये तो उसकी चूचीयाँ वरदान थी। एक मीठा फल थी और मैं उस फल को खाने के लिये बेताब था। फिर मैं आगे बढ कर उसके पास चला गया और रीमा से बोला माँ तुमने अपना ये किमती जेवर इतनी देर तक मुझसे क्यो छुपा कर रखा था। रीमा ने कहा बेटा मैंने थोडी ये जेवर छुपा कर रखा था तुम ही इसकी तरफ नही देख रहे थे। माँ क्या मैं तुम्हारे इन मस्ताने गोरे गोरे बडे बडे बॉल्स को अपने हाथो मे लेकर देख सकता हूँ। हाँ बेटा क्यो नही मेरे इन बॉल्स पर सबसे पहला हक तुम्हारा है क्योकी तुम मेरे बेटे हो मेर लाल हो।

तुम जब चाहे मेरे किसी भी अंग को छू सकते हो पर जिस तरह से तुम पहली बार मेरे अंग को छूने के लिये इज्जात माँग रहे हो मुझे बडा अच्छा लगा। मैं भी यही चाहती थी अपने बेटे से। लेकिन पहली बार समझे आगे से हक से जो चाहे जब चाहे करना समझे मैं कभी भी मना नही करुगी ठीक है बेटा मैंने कहा हाँ माँ। फिर रीमा ने कहा फिर खडा खडा देख क्या रहा है। पकड ले मेरे मम्मे अपने हाथो मे खेल इनके साथ। फिर मेने अपने हाथ सबसे पहले उसकी गोलाईयो पर फिराने शुरु किये। उसकी गोलाईयाँ बहुत ही चिकनी और मुलायम थी। मैंने अपने हाथ उसके दोनो मम्मो के बीच मे रखे और धीरे धीरे उसकी पूरी गोलाईयो के चारो और फिराने लगा।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - sexstories - 08-17-2018

रीमा मेरे को मस्ती भरी निगाँहो से देख रही थी। उसकी आँखो मे फिर से वासना के डोरे पडने लगे थे। मैं अभी भी उसकी गोलाईयो पर हाथ फेर रहा था जिससे उसकी घुडियाँ मेरी हथेली से टकरा रही थी। उसकी कडी कडी घुडीयाँ मेरी मस्ती और बढा रही थी मेरा लंड तो कब से लौहे की रॉड के तरह खडा था जैसे रीमा सुन्दरता की देवी को सलामी दे रहा हो। फिर मैंने अपने अपने हाथो को उसके मम्मो के नीचे रख दिया और उसके मम्मो को उठा कर उनका वेट पता करना चाहता था। जैसे ही मैंने उसके मम्मो को अपने हाथो से उठाय तो मेरे हाथ उसके मम्मो के भार से नीचे हो गये। रीमा ने यह देख लिया और बोली थोडे भारी है बेटा तुमको पहली बार मे थोडी दिक्कत होगी मैं कुछ मदद करू क्या इनको उठने मे।मैंने कहा हाँ माँ तुम्हारे मम्मे तो बहुत भारी है। तुम्हारा एक एक मम्मा १ किलो से कम नही होगा। रीमा बोली हाँ बेटा इतने बडे और भारी हैं तभी तो सबकी नजर इन पर रहती। ला बेटा तू पहली बार मम्मो को छू रहा है इसलिये तु इस काम मे थोडा अनाडी है। २-४ बार मेरे मम्मो से खेलेगा तो सीख जायेगा भारी मम्मो को उठाना फिर तेरी माँ है किस लिये तुझे सीखाने के लिये ही तो। मैं कहा तुम ठीक कहती हो माँ। रीमा ने बडे प्यार से मेरी तरफ देखा जैसे एक माँ अपने बटे की तरफ देखती है और कहा बेटा ला इन मोटी मोटी गोलाईयो का भार मुझे दे दे। तेरे अनाडी हाथ इनका बोझ अभी नही उठा सकते। तू पहले देख तेरी ये माँ कैसे इनको उठाती है और कैसे इनको अपने हाथो मे सम्भाल कर रखती जिस देख कर तू भी कुछ दिनो मैं सीख जायेगा की मेरी मस्त गोलाईयो का भार उठाना।

रीमा का इस तरह से मुझे अनाडी कहना पता नही मुझे क्यो अच्छा लगा। और बात भी सही थी रीमा इतने सारे लंडो को अपनी चूत मे लील चूकी थी कि उसे पता था की एक जवान छोकरा पहली बार एक मस्ताने बदन के साथ खेलने मे क्या क्या गलती कर सकता है। और मे अपने आप को बहूत खुशकिसमत समझ रहा था की रीमा से मुझे चुदायी का ज्ञान मिल रहा है। फिर मैंने अपने अपने हाथ रीमा के मम्मो पर से हटा लिये और मेरे हाथ हटाने से उसके मम्मे एक झटके के साथ नीचे गिरे। फिर रीमा बोली ला बेटा मैं तुमको दिखाती हूँ कि मेरी इन बडी बडी गोलाईयो के साथ किस तरह से खेलते हैं। मेरी आँखे तो सिर्फ उसकी चूचीयो पर ही जमी हुयी थी।

फिर रीमा ने अपनी दोनो हथेलियो को एक दम सीधा कर लिया और उनको अपनी चूचीयो की गोलाईयो के बिलकुल नीचे रख लिया और फिर मेरे तरफ देखते हुये अपनी हथेलियो के अपनी गोलाईयो को उपर उठा लिया। जिससे उसकी थोडी लटकी हुयी चूचीयाँ उपर को उठ कर सीधी हो गयी और उनकी घुडीयाँ एक दम तन कर नूकीली होकर मेरे तरफ शरारत भरी नजर से देखने लगी जैसे कह रही हो देखा रीमा ने कितने प्यार से हमको अपनी हथेलियो से सीधा कर दिया। इस समय जिस तरह से रीमा ने अपनी चूचीयो को अपने हाथो से उठा रखा था ऐसा लग रहा था जैसे वह अपनी इस मस्त चूचीयो को थाली मे परोस कर मुझे दे रही है और कह रही हे ले बेटा ये तेरी माँ तेरी जिंदगी का सबसे मस्त खिलौना तेरे लिये लेकर आयी है।

फिर रीमा ने कहा देखा बेटा तेरी माँ ने कैसे इनको अपनी हथेली मे उठा लिया। हाँ माँ देखा अगली बार मैं भी ऐसे ही इनको उठाउगाँ। फिर रीमा ने कहा ले बेटा अब मैं इनको इसी तरह उठा कर रखती हूँ तु मेरी चूचीयो के साथ खेल ले जैसे खेलना चाहता है। मेरे मुँह से उसकी चूचीयो को देख कर लार निकल रही थी। मेरे सामने गोरी गोरी बडी बडी चूचीयाँ थी जिन के साथ खेलने के मैंने कितने सपने देखे थे क्या क्या करने का सोचा था आज मैं वह सब कर सकता था। फिर मैंने उसकी चूचीयो पर अपने हाथ रख दिये और उनपर अपने हाथ फिराने लगा मेरा मन बहुत उनको मसलने का कर रहा था पर सबसे पहले मै उसकी चूचीयो पर हाथ फेर कर उनकी गोलाईयाँ नापना चाहता था।

फिर मैं इसी तरह उसकी चूचीयो के साथ खेलता रहा रीमा फिर से मस्त हो चली थी। और आँखे बंद करा कर अपनी चूचीयो कि मुझसे हाथ फिरवा रही थी। रीमा मस्ती मे बोली बेटा तेरे हाथो मै क्या जादू है तूने तो फिर से मेरे बदन मे मस्ती भर दी। लगता है तुझे मेरी चूचीयाँ पंसन्द आयी है। मैंने कहा हाँ माँ बहुत। मुझे उसके मम्मो पर हाथ फेरते हुये बहुत देर हो गयी थि अब मैं उसके मम्मो को मसल देना चाहता था। रीमा भी अपनी चूचीयो कि कूटायी करना चाहती थी बोली बेटा अब बहुत देर हो गयी इनपर हाथ फेरते हुये अब जरा इनको मसल भी मजा ले पूरा इनको मसल कर पता कर कितनी कडी है मेरे चूचीयाँ।

हाँ तुम ठीक कहती हो माँ मेरा भी मन बहुत कर रहा है इनको मसलने का पर मैं क्या करु इन चूचीयो ने मुझको समोहित कर लिया है और बस मैं इनकी सुन्दरता को ही निहारता जा रहा हूँ। हाँ मैं समझ सकती हूँ बेटा एक तो तूने आज तक चूचीयाँ नही देखी और देखी तो मेरी गोरी बडी भारी चूचीयाँ। मेरी चूचीयाँ देख कर तो अच्छे अच्छे खिलाडियो का होश गुम हो जाता है फिर तुने तो इस विधालय मे अभी दाखिला लिया है। फिर रीमा बोली बेटा अब मुझसे खडा नही हुआ जा रहा है। अब मैं सोफे पर अपनी टाँग फैला कर बैठती हूँ फिर तू मेरी चूचीयो को मसल और प्यार कर। फिर वह पलट कर अपनी कमर हिलाती हुयी सोफे के पास गयी और पलट कर सोफे पर बैठ गयी और फिर उसने अपनी टाँगे फैला ली।


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