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Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - Printable Version

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RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - - 08-17-2018

जब वह चल कर जा रही थी तो उसके हौदे जैसे चूतड हिल रहे थे और उसने अपने हाथ बिल्कुल भी अपनी चूचीयो से नही हटाये थे। इस तरह से बैठने के बाद रीमा ने कहा आ जा बेटा ले मसल ले मेरे मम्मे अब इसतरह से बैठने से मुझे थोडा आसानी होगी अपने मम्मो को पकडने मे। मैं रीमा की तरफ चल दिया मेरा लंड मस्ती मे मेरे चलने से हिल रहा था और अब मुझे नाडे के बंधे होने के कारण हो रहे दर्द की आदत हो गयी थी। फिर मैं रीमा कि जाँघो के बीच जा कर बैठ गया और अपने हाथ उसकी जाँघो पर रखकर फेरते हुये आगे बढ कर उसकी घूडीयो का एक एक चुम्बन लिया। और अपने हाथ उठा कर उसकी चूचीयो पर रख दिय़्ये।

आज मैं पहली बार किसी के मम्मो को मसलने जा रहा था। जिसके सपने मैंने देखे थे आज वह पूरा होने जा रहा था। फिर मैंने उसके एक मम्मे को अपने हाथ मे लिया और उसको दबाया। आह कि आवाज रीमा के मुँह से निकल गयी। मेरे बदन मे भी मस्ती कि लहर दौड गयी। उसकी चूची उमर की वजह से ढीली हो गयी थी पर अभी भी काफी कडी और माँसल थी। फिर ऐसा ही मैंने उसके दुसरे मम्मे के साथ किया और फिर दोनो मम्मो पर हाथ रखकर धीरे धीरे उसके मम्मो को मसलने लगा। इसतरह से मैं उसकी चूचीयो को मसलने का मजा लेता रहा रीमा के उपर भी मेरे इसतरह से मम्मो को मसलने का असर हो रहा था। उसके मुँह से हल्की हल्की करहाने की आवाज निकल रही थी।

मुझे उसके मम्मो को इसतरह हल्के हल्के मसलने मै मजा आ रहा था और मै काफी देर से घुटनो के बल बैठ मेरे पैर भी दुख गये थे और अब मैं आराम से बैठ कर उसके मम्मो का मजा लेना चाहता था। यही सोच कर मैंने रीमा से कहा माँ अब मैं आराम से बैठ कर तुम्हारे मम्मो को मसल कर गुंथुगा जिससे इन मस्ताने मम्मो से कुछ रस निकाल सकू बहूत देर हो चूकी है मुझे और मुझे प्यास भी लग रही है। मैं इन मम्मो के रस से अपनी प्यास बुझाना चाहता हूँ। रीमा बोली थीक है बेटा बता क्या है तेरे मन मे। मैंने कहा माँ अब मैं सोफे पर बैठता हूँ और तुम मेरी गोदी मे बैठ जाओ और अपना एक हाथ मेरी गर्दन मे डाल कर मुझसे मम्मे मसलवाने का मजा लो। जब अच्छी तरह से मसलने के बाद तुम्हारी चूचीयाँ रस से भर जायेगी तब मैं अपने मुँह से इस घुडियो को चूस कर और अपनी जीभ से इन गोलाईयो को चाट कर तुम्हारा रस पीयूगाँ।रीमा बोली ठीक है बेटा जैसा तू बोल वैसे भी इसमे मेरा कुछ काम तो है नही बस मुझे तो आराम से बैठ कर अपने मम्मो को मसलवाना है और उनका जूस निकलवाना है। बाकी काम तो तुझे हि करना है। पर प्यास तो मुझे भी लगी है। तो बैठ जा सोफे पर मैं अपने लिये वाईन लेकर आती हूँ तेरी गोदी मैं तेरा लंड अपने चूतड के नीचे दबा कर बैठुगी और मम्मे मसलवाते हुये वाईन पीयूगी और कभी कभी अपने होठों से तुझे भी पिलाउँगी। और वैसे भी तेरी प्यास तो मेरे मम्मे बुझा देगें। फिर मैं एक आखरी बार उसके मम्मो को मसल कर उठ कर उसके बगल मे बैठ गया और बोला जाओ माँ तुम जाकर वाईन ले आओ मैं सोफे पर बैठता हूँ। रीमा ने कहा नही मैं तुझे ऐसे अकेला छोड कर नही जा सकती। कही मेरे पीछे तू अपने लंड से खेलने लगा तो। मैं नही चाहती तु अपने लंड से खेले। जब तक तू यहाँ है लंड से खेलने का हक सिर्फ मेरा है समझे।

मैंने कहा ठीक है माँ तुम कहती हो तो चलता हूँ। और फिर रीमा ने मेरा लंड अपने हाथो से पकडा और उसको खीचने लगी। उसके खीचने से मैं फट से उठ कर खडा हो गया। फिर वह मुझे मेरे लंड से पकड कर खीचती हुयी फ्रिज की तरफ़ ले चली। और मैं उसके पीछे पीछे किसी पालतू कुत्ते की भाँती चल दिया। फिर उसने लकडी के रैक के पास जाकर उसमे से वाईन का गिलास निकाला। और बगल मे रखे फ्रिज से जूस का डिब्बा निकाल कर गिलास मे जूस भरने लगी। मैंने कहा माँ तुम तो वाईन पीने वाली थी। रीमा बोली बेटा मे वाईन ही पीयूगी। इस जूस के गिलास से तू एक घूंट पी ले फिर मेरे लिये ये वाईन हि बन जायेगा। मैंने उसके तरफ आश्चर्य से देखा तो बोली अरे बेटा अगर कोइ प्रेमी या प्रेमिका किसी भी द्र्व्य को अपनी प्रेमीका या प्रेमी के होठों से छुआ दे तो उसमे इतना नशा भर जाता है की उससे अच्छी शराब और कोई हो ही नही सकती। और क्या तू मेरा प्रेमी और मैं तेरी प्रेमीका नही हूँ क्या।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - - 08-17-2018

मैंने कहा हाँ माँ हम प्रेमी प्रेमीका ही है। गिलास मैं जूस भरने के बाद उसने जूस का डिब्बा वापस रख दिया और और जूस का गिलास मुझको पकडा दिया और बोली ले बेटा मेरे इस जूस को शराब बना दे। मैंने रीमा के हाथ से उसके जूस का गिलास ले लिया और उसमे से एक घूंट जूस पी कर गिलास उसको दे दिया। रीमा हाँ अब मेरी वाईन तैयार है। फिर मैं रीमा से बोला चलो माँ चल कर सोफे पर मेरी गोदी मैं बैठो फिर मैं तुम्हारे मम्मो की मालिश करता हूँ। यह कह कर मैंने अपना हाथ उसकी कमर मे डाल दिया और उसको सोफे की तरफ ले चला जैसे की वह मेरी प्रेमीका हो। मेरा मन तो मेरा हाथ उसके चूतडो पर रखने का कर रहा था पर मैंने अभी अपने आप को उसके मम्मो पर ही केन्द्रित रखना उचित समझा।

फिर मैं इसी तरह उसके बदन से अपना बदन सटा कर चलते हुये सोफे के पास तक आ गया। और फिर उसके गाल का चुम्बन लेकर उसकी कमर से हाथ निकाल लिया। और फिर मैं सोफे पर बैठ गया। मेरा लंड लोहे की रॉड की तरह सीधा खडा था। उसको देख कर रीमा बोली हाय रे तेरा लंड तो जबरदस्त खडा है अगर इस पर मैं बैठूगी तो ये मेरी पैन्टी फाड कर मेरी गाँड मे घुस जायेगा और मेरी गाँड को फाड देगा न बाबा न मैं तो नही बैठती तेरी गोदी मे। मैंने कहा नही माँ अगर तुम मेरे लंड को नीचे कर के अपने भारी चूतडो के नीचे इसको दबा लोगी तो फिर ये तुम्हारी पैन्टी नही फाड पायेगा और तुम्हारी गाँड भी बच जायेगी तुम एक बार बैठ कर तो देखो।

रीमा बोली तू बोलता है तो मैं बैठती हूँ पर मुझे बहुत डर लग रहा है। अच्छा ले मेरा गिलास पकड फिर मैं बैठती हूँ। मैंने रीमा के हाथ से गिलास ले लिया और फिर रीमा ने अपने भारी भरकम चूतड मेरी तरफ कर दिये और अपने हाथ से मेरा लंड पकड कर नीचे कि और दबा दिया और मेरी गोदी मे बैठ गयी फिर उसने थोडा बहुत इधर उधर हिल कर मेरे लंड को अपनी आराम के हिसाब से सेट कर लिया। अब मेरा लंड उसकी गाँड की दरार मे फंस गया था और उसकी भारी चूतडो के दवाब से नीचे दब गया। उसके माँसल नंगे गद्देदार चिकने चूतड मुझे मेरी जाँघो पर महसूस हो रहे थे।

मुझे रीमा के शरीर का भार अपनी जाँघो पर उसके चूतड के जरीये महसूस हो रहा था। उसके चूतडो के स्पर्श से मेरे मस्ती बढ रही थी पर मेरा लंड उसकी गाँड की दरार मे फंसा फडफडा रहा था। फिर इस तरह जब मेरा लंड अच्छी तरह से उसकी गाँड की दरार मे फंस गया रीमा ने अपनी चिकनी पीठ मेरी छाती पर टिका दी और बोली हाय रे मेरे लाल तू ठीक कहता था। तेरा लंड तो बिल्कुल मेरे गाँड से दब गया और मेरे पैन्टी मे छेद भी नही हुआ। फिर उसने अपनी एक बाँह मेरे गले के पीछे डाल दी ऐसा करे से मुझे उसकी काँख के काले लम्बे बालो की एक झलक मिली। बालो से भरी उसकी काँख कि झलक देख कर मन किया कि अपना मुँह उसमे घुसा दूँ पर मैंने अपने आप को रोक लिया।

फिर रीमा ने कहा ले बेटा बैठ गयी मैं अब तू इत्मिनान से मेरे मम्मो को दबा मसल और उन्का जूस निकाल कर पी ला मेरे जूस का गिलास मेरे को दे दे। मैंने जुस का गिलास रीमा को पकडा दिया और उसके मम्मो की तरफ देखने लगा। उसके मम्मे अब मेरे और पास आ गये थे और जैसे जैसे उसकी साँसे चल रही थी उसके मम्मे उपर नीचे हो रहे थे। मैंने अपना एक हाथ बढा कर उसकी कमर के इर्दगिर्द डाल दिया और अपने मुँह कि झुका कर उसके मम्मो कि दरार पर रख दिया और उसके बदन की गंध लेने लगा। फिर एक चुम्बन उसकी दरार का लेकर मैंने अपना हाथ उसके भारी भरकम १ किलो के मम्मे पर रख कर उसको धीरे धीरे मसलने लगा।

रीमा ने अपने जूस का एक सिप लिया और मस्ती भरी निगाह से मेरे को उसके मम्मे दबाते हुये देख रही थी। फिर रीमा बोली दबा बेटा दबा अपनी माँ के मम्मे मजा ले इनका आह ऐसे हि मेरे लाडले ऐसे ही दबा तूने तो मुझे आज महारानी बना दिया अपनी जाँघ पर बिठा कर क्या मजे दे रहा है मुझे। जोर से दबा बेटा इस तरह से धीरे धीरे मसलते हुये तेरे को बहुत देर हो गयी है। जरा इनको जोर से मसल। लगता है तेरे को थोडी ताकत कि जरुरत है मैं देती हूँ तेरे को ताकत। तेरे को अभी मैं जूस पिलाती हूँ अपने मुँह कि लार मिला कर उससे तुझको ताकत मिलेगी। मैंने कहा हाँ माँ मुझको तुम्हारे मुँह के जूस की बहुत जरुरत है। लाओ जल्दी लाओ पिलाओ मुझको अपना जूस।

ये कह कर उसने जूस का एक बडा घूंट भर लिया और अपने मुँह मे लेकर उसको घुमाने लगी जिससे उसका लार भी उस जूस मे मिल गयी। फिर उसने मेरे होठों पर अपने होठ रख दिये और अपने मुँह का जूस मेरे मुँह मे अपनी जीभ की मदद से डालने लगी। मैं उसके लार मिले जूस को धीरे धीरे पीने लगा। इस तरह करते करते रीमा ने अपने मुँह का सारा जूस मुझको पीला दिया। फिर रीमा बोली अब तो कुछ ताकत आयी तेरे मे दबा मेरे चूचीयो मसल के रख दे अपने मजबूत हथो से लाल कर दे इनको रगड रगड कर। फिर मैंने अपना हाथ उसके एक मम्मे के सामने रखा जिससे उसकी घुडी मेरी हथेली के थीक बीच मे आ गयी और अपने पूर हाथ से उसका मम्मा पकडते हुये अपनी पूरी ताकत से मसल दिया जैसे मैं कोई बडा सा नीबूं निचोड रहा हूँ।

क्रमशः.....................


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - - 08-17-2018

गतांक से आगे.....................

इस पर रीमा चिल्ला पडी और बोली हाय रे मार डाला क्या जोर से मसली है मेरी चूची। मेरे पुरे मम्मे मे दर्द भर दिया हाय रे जालिम इतनी जोर से मसलते हैं क्या इतना प्यारा मम्मा। पर बेटा मुझे बडा मजा आया तू मसल जितनी जोर से मसल सकता है मसल इस दर्द मे भी तेरी रंडी माँ को मजा आ रहा है। ये हुयी न कुछ मर्दो वली बात इतनी देर से क्या बच्चो कि तरह मसल रहा था मेरी चूचीयाँ। और मसल जोर जोर से रुक क्यो गया मसल इनको साली बडा परेशान करती है रोज आज मिला है कोई पक्का हरामजादा जो इनकी सही से कुटायी कर सकता है। हाँ बेटा मसल डाल इनको निकाल दे इनकी सारी मस्ती। आज पता चलेगा इनको मुझे तंग करने कि सजा कया होती है। रोज मुझसे मेरी चूचीयाँ कहती रहती है कि मुझे मसलो मुझे मसलो। आज मेरा बेटा आ गया है और इन चूचीयो को कस के कुटायी करेगा और इनको मसल मसल कर पुरा बदला लेगा इन साली हरामी चूचीयो से अपनी माँ को तंग करने का। फिर मेरी और देख कर बोली लेगा न बेटा बदला इनसे मुझको तंग करने का।

मैं चूचीयो को उसी तरह से कस कस के मसल रहा था। मैंने कहा हाँ माँ जरुर लूँगा बदला इनसे माँ। इन साली चूचीयो के इतनी हिम्मत कि मेरी माँ कि परेशान करे इनको तो मसल मसल कर मैं लाल कर दुँगा। रीमा बोली हाँ बेटा मसल और मसल केवल दबा ही नही इस घुडीयो को पकड कर इनके साथ भी खेल। इनको भी थोडा मसल और खीच जोर जोर से उखाड कर फेंक दे इनको मेरे मम्मो के उपर से। यही तो सारी फसाद की जड है। इनको मस्ती चढती है तो साली चूचीयो मे खुमारी भर देती हैं और तन कर खडी हो जाती है। काट ले इनको अपने दाँतो से खा जा। रीमा के बाँते मेरी मुझे उसकी चूचीयो के साथ बेदर्दी का बर्ताव करने के लिये उकसा रही थी और मैं भी उसके मम्मो को अच्छी तरह से मसल कर पूरा मजा लेना चाहता था।

फिर मैंने उसकी घुडी अपनी उंगलीयो के बीच मे पकडी और कस के मसल दी। और रीमा मस्ती और दर्द मे जोर जोर से चिल्लाने लगी और अपनी बातो से मुझे जोर से उनको खीचने और मसलने के लिये कहने लगी। मैं भी जोर जोर से उसकी चूची मसल रहा था और साथ ही साथ उसके घुंडी को भी मसल रहा था बीच बीच मे उसकी घुडी को पकड कर बाहर की तरफ खीच देता था जिससे उसकी घुडी जो मस्ती मे खडी होकर करीब १ इन्च कि हो गयी थी मेरे खीचने से उसकी लम्बाई डेढ इन्च हो जाती थी। घुंडी के खीचने से उसका बडा मम्मा भी उसके साथ चला आता था। जिससे मम्मा थोडा उठ जाता था। थोडी देर उसको मैं ऐसे ही रखता था और फिर एक झटके के साथ छोड देता था। जिससे उसका मम्मा एक झटके के साथ नीचे गिरता था।

फिर कभी उसकी घुडी को मैं अपने अंगुठे और उंगली के बीच पकड कर कस के दबा कर पूरी ताकत के साथ घुमा देता था ऐसा करने से उसके मुँह से चीख निकल जाती थी पर वह मुझे और उकसाती थी ऐसा करने को। और मैं भी पागलो की तरह उसकी चूचीयो के साथ खेल रहा था। उसकी गोरी गोरी चूचीयाँ मेरे मसलने के कारण गुलाबी होना शुरु हो गयी थी। उसकी ये हालत देख कर मैंने उससे पूछा माँ मैं इतनी जोर जोर से तुम्हारी चूचीयो को मसल रहा हूँ तुमको बहुत ज्यादा दर्द तो नही हो रहा। रीमा ने कहा बेटा क्या बताऊ दर्द तो बहूत हो रहा है पर इनको मसलवाने मे जो मजा आ रहा है उसके सामने दर्द कुछ भी नही है। और तुझे भी बडा मजा आ रहा है तेरी आँखे और तेरा लंड जो मेरे चूतड के नीचे दबा है मुझे सब बता रहा है।

और मैं तेरी माँ हूँ तेरे मजे के लिये अगर मुझे दर्द भी हो रहा होता तो भी मैं ये दर्द सह लेती समझा अब सोच मत और लगा रहे अपने काम पर जब तक चाहे तब तक मजा ले मेरे मम्मो का। बस मुझे और क्या चाहिये था फिर मै पुरे जोर शोर से उसके मम्मे की कुटायी करने मे जूट गया। बीच बीच मे रीमा मुझे अपने मुँह से जूस भी पिलाती जा रही थी। अभी तक मैंने उसके सिर्फ एक मम्मे को मसला था। फिर मेरा मन किया कि मैं उसके मम्मे को चूसू यह सोच कर मैंने उसका एक मम्मा मसलते हुये अपना मुँह नीचे कर के उसके दुसरे मम्मे की घुडी को अपने होठो के बीच पकड लिया और उनपर अपनी जीभ फिराने लगा।



RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - - 08-17-2018

इस पर रीमा ने कहा हाय रे जालीम ये क्या करने लगा मेरे मम्मो को चूसना भी शुरु कर दिया। मादरचोद तेरा मम्मे मसलना तो मुझसे बडी मुशकिल से सहा जा रहा था अब तूने मेरे मम्मे भी पीने शुरु कर दिये। पीयो पीयो तुम्हारे बाप का ही माल है चूसो मेरे मम्मे। फिर मेरा हमला दोनो मम्मो पर हुआ। एक मम्मा मैं मसल रहा थ और दुसरे को अपने मुँह मे लेकर जोर जोर से चूस रहा था कभी कभी अपनी जीभ निकाल कर उसका मम्मा चाट भी लेता। इस तरह १५ मिनट तक मैंने रीमा के एक मम्मे की जम कर कुटायी की और दुसरे की जम कर चुसायी और चटायी की। उसका एक मम्मा मेरे मसलने के कारण लाल रंग का हो गया था तथा दुसरा मम्मा मेरे चाटने के कारण मेरे थूक से सन गया था और लाईट मैं चमक रहा था।

फिर मैंने रीमा से कहा ओह मेरी प्यारी चुदक्कड माँ अब मैं तुम्हारी दुसरी चूची को मसलूँगा और इस चूची को चूम चूस चाटूँगा जिससे इसको थोडा आराम मिल सके। रीमा ने कहा ठीक है बेटा जैसा तू कहे। फिर मैंने रीमा से कहा माँ तुम्हारा एक मम्मा मेरे थूक से गीला हो चूका है तुम अपना ब्लाउस उठा कर दे दो जिससे मै इसको पोछ सकूँ नही तो मुझको इसको मसलने मे परेशानी होगी और इसको मसलने मे मेरे हाथ फिसल जायेगें। रीमा ने अपना जूस का गिलास मुझे पकडा दिया और पास मे ही पडा हुआ ब्लाउस उठा कर मुझे दे दिया। वह ब्लाउस इतनी देर पहले चुस चाट कर मैंने थूक से गीला किया था पर अब कई जगह से वह सूख चुका था। मैंने फिर से जूस का गिलास रीमा को वापस दे दिया और ब्लाउस ले कर उसके मम्मे को कस कस कर रगडने लगा।

मैं उसको जोर जोर से रगड कर साफ कर रहा था जैसे की उस मम्मे को बता रहा हूँ अब मैं कैसे तेरी कुटायी करने वाला हूँ। इस तरह जोर जोर से उसके मम्मो की सफ़ायी करने के कारण उसके दोनो मम्मे उछल रहे थे और जो मम्मा मैंने मसल कर लाल कर दिया था वह मम्मा गिले मम्मे से टकरा रहा था। जैसे उसको बताने के कोशिश कर रहा हो की मैंने उसकी क्या हालत बनायी है और वही हालत अब उसकी भी होने वाली है। थोडी देर उसके मम्मे को रगड कर साफ करने के बाद मैंने ब्लाउस बगल मे रख दिया और सबसे पहले रीमा के मुँह से फिर एक बार जूस पिया ऐसा करते करते एक बार और उसके होठो का भी रस पीया।

जुस पीने के बाद मैंने रीमा से बोला माँ अब तुम अपने इस हाथ को निकाल लो और दुसरे हाथ को मेरे गले मैं डालो जिससे मुझको एक साथ चूसने और मसलने मे आसानी होगी। रीमा ने अपना हाथ पीछे से निकाल कर जूस उस हाथ मे पकड कर दुसरा हाथ मेरे गले मे डाल लिया। अब सबसे पहले मैंने जिस मम्मे को चूस चाट कर गिला किया था उस पर टूट पडा। और उसको अपने हाथ मे पकड कर बेरहमी के साथ मसलने लगा। रीमा फिर जोर जोर से चिल्लाने लगी और मुझे गालियाँ बकने लगी। उसको गालियाँ बकने का बहुस शौक था। वह बक रही थी और मे उसके मम्मे के साथ वही बर्ताव कर रहा था जो मैंने उसके पहले मम्मे के साथ किया था। थोडी देर उसके मम्मे को मसलने के बाद मैंने उसके दुसरे मम्मे को चूसना और चाटना शुरु कर दिया।फिर १०-१५ मिनट बाद दोनो मम्मो की हालत वही थी जो पहली बार हुयी थी। रीमा की हालत भी करीब आधा घंटे मम्मे मसलवा कर बिगड गयी थी। उसकी चूत फिर से रस बहाने लगी थी और उसक रस बह बह कर उसकी पैन्टी को पूरी तरह भीगो चूका था। वह अपनी टाँगो को जोड कर एक दूसरे से कस कस कर मसल रही थी। जिससे वह अपने चूत के दाने को रगड कर अपनी काम वासना को शांत कर सके पर अभी तक उसमे सफल नही हुयी थी। उसका चूत रस उसकी पैन्टी से निकल कर मेरी जाँघो को भीगो रहा था। जिसकी वजह से मेरी सारी जाँघ गीली हो गयी थी।

मुझे उसके मम्मे मसलते और चूसते हुये काफी देर हो गयी थी। मैंने रीमा से कहा माँ अब बहुत देर तक मैंने तेरे एक एक मम्मे की घिसायी कर ली। अब मैं तुम्हारे दोनो मम्मो को एक साथ बेरहमी से मसलूगाँ। रीमा बोली बेटा मसले मै मना थोडी ही कर रही हूँ पर मेरी चूत का भी कुछ कर ये तो फिर मस्त हो गयी है और झडना चाहती है। मैंने कहा माँ तुम्हारी चूत तो बिल्कुल रंडी की चूत है इतना झड कर भी इसका मन नही भरा। ठीक है माँ तुम्हारे मम्मो को मसलने का मजा लेने के बाद इनका भी कुछ करता हूँ। ठीक है बेटा जैसा तू कहे बोल क्या करना है मुझे। मैंने कहा रुको बताता हूँ। फिर मैंने ब्लाउस बगल से उठा कर उसके गीले वाले मम्मे को साफ करना शुरु कर दिया। मेरे चूमने चाटने से उसके इस मम्मे को थोडा तो आराम मिला था पर अभी भी मेरी कुटायी से हुयी हालत के कारण उसका रंग लाल ही था।

मैंने फिर ब्लाउस से कस कस के मसल कर उसके मम्मे को साफ कर दिया। जोर से मसल कर साफ करने के कारण इस मम्मे कि हालत दुसरे मम्मे की जैसी हो गयी थी। फिर मैंने ब्लाउस बगल मे रख कर रीमा से बोला माँ अब तुम अपनी चिकनी पीठ पूरी तरह मेरी छाती से लगा कर बैठ जाओ मैं पीछे से हाथ डाल कर तुम्हारे मम्मो को मसलूगाँ। रीम बोली ठीक है बेटा। फिर रीमा ने अपना हाथ मेरे गले से निकाल लिया और अपनी पीठ मेरी छाती से लगा कर बैठ गयी। जिससे उसका मुँह मेरे मुँह के बराबर मैं आ गया। फिर मैंने उसके होठ अपने मुँह मे लेकर एक किस्स कर दिया। और अपने हाथ उसके बगल से निकाल कर उसके मम्मो पर रख दिये।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - - 08-17-2018

फिर मैंने उसके होठों को मुँह मे लेकर उसके होठों पर जीभ फिराना शुरु कर दिया और उसकी नंगी चिकनी पीठ का मजा लेते हुये उसके मम्मो को कस कर अपने हाथो मे पकड कर मसल दिया और जोर जोर से मसलने लगा। थोडी देर उसके होठों को चाटने के बाद उसके होठों को चूसना शुरु कर दिया। फिर इसी तरह उसके होठ अपने होठों से चूसते हुये उसके मम्मो को बेरहमी के साथ मसलने लगा। उसके मुँह से कराह निकल रही थी पर मेरे होठों से जुडे होने के कारण वह बाहर नही निकल पा रही थी और गो गो की आवाज निकल रही थी। उसमे मम्मे मसलते हुये उसकी घुडीयो पर भी पूरा ध्यान दे रहा था। और उनको बेदर्दी के साथ मसल और खीच रहा था मेरा लंड तो पूरा मस्त हो रखा था और रीमा के मस्त चूतडो से लग कर उनका मजा ले रहा था।

मेरा लंड बहुत रस बहा रहा था और रीमा की पैन्टी से निकलते रस के साथ मिल कर मेरी जाँघो और उसके चूतडो को पुरा भीगो दिया था। रीमा को भी इस बेरहमी से मम्मे मसलवाने मे मजा आ रहा था। वह मेरे लंड पर बैठे बैठे अपने चूतडो को जोर जोर से हिला रही थी। वह चाह रही थी किसी तरह मेरे लंड उसकी चूत से रगड खाये और वह मजे ले सके। पर इस तरह करने से मेरा लंड उसके चूतडो की लकीर ले बीच घिसायी कर रहा था। जिस उसकी उत्तेजना तो बढ रही थी पर उसकी चूत को कोई राहत नही मिल रही थी और वह बहुत तडप रही थी। हमारे होठ अभी भी जुडे हुये थे और हम एक दुसरे का मुँह का रस पी रहे थे।

फिर करीब १० मिनट तक मैं उसके साथ यही बर्ताव करता रहा और उसके होठ चुसता रहा। फिर मैंने उसका होठ छोड दिया और पूछा माँ मजा आ रहा है मम्मो की मसलवायी करवाने मे। रीमा बोली बेटा बहुत मजा आ रहा है। मेरे मम्मो की कुटायी तो कितने ही लोगो ने की है पर इतनी देर और इतनी बेरहमी से किसी ने नही की। सच बताऊ बेटा तो मेरे मम्मे इस समय दर्द से बिलबिला रहे है और मुझसे कह रहे है कि हमे इस बेरहम के हाथो से बचा लो। पर इनके दर्द से एक लहर निकल कर सीधे मेरी चूत तक जा रही है जो मेरी चूत मे मस्ती भर कर मेरी चूत से रस बहाये जा रही है और मेरी चूत का रस बहाना मुझे अपने मम्मो के दर्द से ज्यादा पंसद है इसलिये तुम इसी तरह पूरी बेदर्दी से मेरे मम्मो को मसलते रहो।

मैं तो बहूत दिनो से अपने मम्मो की जबरदस्त कुटायी कराना चाहती थी पर आज मुझे वह मौका मिला है और मैं उस मौके को नही खोना चाहती। मसल दे बेटा इस मादरचोद चूचीयो को और मुझे मजा दे मेरे लाल। उसके बाद मे उसकी चूचीयो को और भी ताकत से जोर जोर से मसलने लगा और रीमा भी मेरे लंड को अपने चूतडो मे दबाये जोर जोर से उछलती रही। इस तरह करीब ५ मिनट तक उसके मम्मे मसलने के बाद रीमा बोली बेटा अब बहुत देर हो गयी है मेरी चूचीयो की कुटायी करते हुये अब तो कुछ रहम कर दे इन बिचारीयो पर देख तेरे मसलने से कैसी लाल हो गयी है और फूल कर कितनी बडी हो गयी है। अब तो काफी रस इनमे जमा हो गया है बेटा अब मेरी चूचीयो को चूस चूम और चाट कर इनकी गर्मी को थोडी राहत पहुँचा दे बेटा। इनका रस पी ले बेटा तेरी माँ तुझसे विनती करती है बेटा चूस ले मेरे मम्मे मेरी गोलाईयाँ बेटा।

रीमा कि विनती सुनकर मैंने कहा ठीक है माँ तुम कहती हो तो छोड देता हूँ तुम्हारी इन चूचीयो को। फिर मैंने आखरी बार कस के उसकी चूचीयो को मसल कर छोड दिया और बोला लाओ माँ अब तुम मेरे उपर से उठ कर बगल मे बैठ जाओ जिससे मैं तुम्हारी चूचीयो को चूम और चूस कर कुछ ठंडक पहुँचा सकूं। मैंने अपने हाथ उसके बगल से निकाल लिये और रीमा उठ कर खडी हो गयी। उसके खडे होते ही मेरे सामने उसके चूतड आ गये उनको देख कर मुझसे रहा नही गया और मैंने आगे बढ कर उसकी कमर को जहाँ पर उसकी पैन्टी थी का चुम्बन ले लिया। मेरी हरकत देख कर रीमा बोली बेटा मुझे पता है तुझे मेरे चूतडो से कितना प्यार है। चिन्ता मत कर मैं तुझको पूरा मौका दूगी चूतडो को प्यार करने का।फिर मेरी नजर उसके चूतडो के नंगे भाग पर गयी जो कि मेरे लंड और उसकी पैन्टी से निकले उसके रस से भीग कर गीला हो चूका था। रीमा बैठने ही वाली थी कि मैंने रीमा से कहा माँ रुको तुम्हारे चूतड का नंगा भाग मेरे और तुम्हारे रस से भीग गया है और मैं नही चाहता कि तुम बैठ जाओ और इतना किमती रस सोफे पर लग कर बर्बाद हो जाये। तुम ऐसे ही खडी रहो और मैं तुम्हारे चूतड चाट कर इस रस को पी जाता हूँ। रीमा बोली तुम ठीक कहती हो बेटा मैं भी नही चाहती के रस की एक बूंद भी बर्बाद हो। मैं खडी होती हूँ तू चाट कर पी जा सरा रस।

फिर रीमा की बात सुनकर मैंने उसकी कमर को अपने हाथो से पकड लिया और अपनी जीभ निकाल कर उसके चूतडो के नंगे भाग को जो कि पैन्टी से ढका नही था चाटने लगा। मेरे चाटने से चप चप की आवाज कमरे मे गुजंने लगी। मेरे लंड का प्रीकम और उसके चूत के रस से बना वह रस किसी भी रस से मीठा रस था। मैं उसका पूरा स्वाद लेकर रस को पी रहा था। इस तरह चाट चाट कर उसके चूतड पर लगे सारे रस को मे पी गया और उसके चूतडो को अपने थूक से गीला कर दिया। रीमा बोली चाट लिया बेटा सारा रस तु तो लगता है मेरे बदन को चाटने का इतना दिवाना है कि तुझसे एक बार आराम से बैठ कर सारा बदन चटवाना पडेगा।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - - 08-17-2018

चल अब मैं बैठती हूँ और तुम चूम चाट कर मेरे मम्मो को थोडी ठंडक पहुँचा। ऐसा कह कर रीमा मेरे बगल मे बैठ गयी और मैं आकर उसके पैरो के बीच घूटनो के बल बैठ गया। फिर उसका एक मम्मा अपने हाथ मे लेकर पूरे मम्मे पर चुम्बनो की बोछार कर दी। अच्छी तरह से उसके मम्मे को चुमने की बाद इसी तरह उसके दुसरे मम्मे के साथ किया। फिर अपनी जीभ निकाल कर उसके मम्मो को चाटना शुरु कर दिया। रीमा बोल पडी हाँ बेटा ऐसे ही चाट मेरे मम्मो को बडी ठंडक मिल रही है मुझे तेरे चाटने से मेरी चूचीयाँ भी कुटायी करा के लाल हो गयी थी बेटा अब इन पर जरा अपने थूक का मरहम लगा दे तो इनको शान्ती मिल जायेगी। चाट चाट कर अपने मुँह से अच्छा चमका दे इनको गीला कर दे अपने थूक से राजा हाँ ऐसे ही बेटा ऐसे ही। घुडीयो को पकड कर मुँह मे चूस ले बेटा पूरा मजा ले मेरे बदन का।

फिर मैं पुरी तरह से उसकी चूचीयो को चूमने चाटने मे जुट गया और तब तक उसकी चूचीयो को चाटता रहा जब तक वह मेरे थूक से गीली नही हो गयी और उन पर चूची कुटायी से हुयी लाली कम नही हो गयी। पर मेरे इस तरह से करने से उसकी पहले से मस्त लार बहा रही चूत और भी मस्त हो गयी और और भी जोरो से लार बहाने लगी। जब मैं उसकी चूचीयाँ चाट कर उठा तो रीमा बोली हाय रे मेरे लाल तूने तो सही मे चमका दी मेरी चूचीयाँ। अब मैं तुझे इसका इनाम दूगी। मेरे पास दो तरीके है एक तो मुझे चोद कर अपनी मस्ती झडा ले दुसरा मेरी चूत चाट कर उसे झडा दे। बोल बेटा तुझे क्या इनाम चाहिये जो तू कहेगा वही इनाम ये तेरी माँ तुझको देगी। बता बेटा सोच क्या रहा है।

रीमा कि बात सुनकर मेरा मन किया की कह दूँ की मैं तुम्हारी चूत चोदना चाहता हूँ पर मुझे पता था रीमा चाहती थी की मैं उसकी चूत चाट कर उसको झडाऊ। पता नही क्यो पर उसकी चूत चाटने की इच्छा मेरे मन मे ज्यादा थी और यही इच्छा रीमा की भी थी बस यही सोच कर मैं बोला माँ मैं तुम्हारी चूत चाटने का इनाम लेना चाहता हूँ। मेरा लंड चीख चीख कर कह रहा था कि मुझे मजा दो मुझे मजा दो पर फिर भी उसकी चूत चाटना इस समय चोदने से ज्याद पंसन्द था। रीमा ने आगे बढ कर मेरे माथे को चूम लिया ये हुयी ना कुछ रीमा रंडी के बेटे वाली बात।

रीमा बोली बेटा तू मेरा सगा बेटा नही है पर आज जो थोडी देर मे तूने मुझे जो मजा दिया है और अभी जैसे मेरे मन की बात पढ ली के मैं अपनी चूत चटाना चाहती हूँ मन करता है कि तू मेरा सगा बेटा होता तो कितना अच्छा होता। चल बेटा अब मैं तुझे कुछ आराम देती हूँ। तूने बडी देर तक घूटनो के बल बैंठ कर मेरे बदन की सेवा की है। अब तु थोडा आराम कर आजा यहाँ कालीन पर आराम से लेट जा अब मैं तेरे मुँह पर अपनी चूत रख कर तुझसे अपनी चूत चटवाउगी। मैंने कहा जैसे तुम्हारी मर्जी माँ। फिर मैं कालीन पर चित लेट गया अपने पैर और हाथ मैंने फैला लिये जिससे मेरे बदन को थोडा आराम मिले।

फिर रीमा मेरे सर के दोनो और अपने पैर रख कर खडी हो गयी। उसके पैरो मे उची ऐडी के सैडल बहुत ही सेक्सी लग रहे थे। उसकी गोरी गोरी माँसल चिकनी जाँघे बहुत मस्त थी। उसकी चूत पैन्टी मे से अभी भी रस बहा रही थी। और बह कर उसकी जाँघो आ रहा था। उसकी बडी बडी थोडी लटकी हुयी चूचीयाँ दो बडे बडे मस्ती के गोले लग रहे थे जो मेरे थूक से सने हुये थे और लाईट मे चमक रहे थे। उसके चहरे पर से वासना टपक रही थी। इस तरह मेरे उपर खडी होकर वह कोई वासना की देवी लग रही थी जो अपने परम भक्त हो अपने चूत रस का प्रसाद देने वाली थी। और उसका भक्त उसके कदमो मे पडा अपनी देवी कि सुन्दरता से भरपूर चूत कि पुजा करने के लिये बेताब है। और सीधा उसकी चूत से अपना प्रसाद प्राप्त करना चाहता है।

रीमा अपना भरा पूरा बदन लेकर नीचे बैठ गयी और अपने घुटने मेरे सर के दोनो और रख दिये और अब उसकी पैन्टी मे छुपी चूत मेरे सामने थी। मैं उसकी चूत को एक बार चाट कर झडा चूका था पर अभी तक उसके दर्शन मुझे नही हुये थे। पर पहले मैं उसकी चूत को झडा कर उसका रस पीना चाहता था। फिर रीमा ने पास के सोफे पर पडा कुशन उठा कर मुझसे बोली बेटा इसको अपने सिर के नीचे लगा ले जिससे तेरा मुँह मेरी चूत तक पहुँच जायेगा और हम दोनो बिना किसी परेशानी के चूत चटायी का मजा ले सकते हैं। उसकी बात सुनकर मैंने अपना सर उठा दिया और रीमा ने कुशन मेरे सर के नीचे रख दिया जिस से मेरे मुँह ठीक उसकी पैन्टी के सामने आ गया।फिर रीमा बोली अब ठीक है अब मैं आराम से तुम्हारे मुँह पर अपनी चूत रख कर मजे से अपनी चूत चटा सकती हूँ। फिर रीमा मेरे मुँह पर अपनी चूत रख कर बैठ गयी और अपने बदन रे मुँह को दबा दिया और बोली बेटा पहले थोडी देर तेरे मुँह पर अपनी चूत रगड लू फिर तुझसे चूत चटाती हूँ। ऐसा बोल कर जोर जोर से अपनी पैन्टी से छुपी चूत मेरे मुँह पर रगडने लगी। आह ओह उम्ह ऽऽऽ ओहऽऽऽऽ मजा आ गया कह कर रीमा ने अपनी चूत मेरे मुँह पर से उठा ली और मेरे होठों से १ सेन्टीमीटर की दूरी पर रोक ली और बोली ले बेटा चाट ले मेरी चूत ले ले अपना इनाम।


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मैंने अपनी जीभ बाहर निकाल कर उसकी पैन्टी के उपर से उसकी चूत पर फिराने लगा। रीमा ने अपने हाथ अपने मम्मो पर रख लिये और धीरे धीरे उनके साथ खेलने लगी। उसके हाथ मम्मो पर से बार बार फिसल रहे थे क्योकी उसकी चूचीयाँ मेरे थूक से बुरी तरह गीली थी। उसके मुँह से हल्की हल्की करहाने की आवाज आ रही थी। आह उम्हऽऽऽऽ ओहऽऽऽऽऽ सीस्सऽऽऽऽऽऽऽऽ। मैं अपनी जीभ से लगातार उसकी चूत चाट रहा था। रीमा को भी धीरे धीरे मस्ती बढ रही थी उसने अपने चूतड गोल गोल चक्की की तरह से घुमाने शुरु कर दिये थे। और आँख बंद करके अपने मम्मो पर हाथ फेरते हुये मजे से अपनी चूत चटा रही थी। मेरी हरकतो से वह बहुत मस्त हो गयी थी।

रीमा चूत चटाते हूये बोली हाय रे बेटा तेरी जीभ मे न जाने क्या जादू है। क्या चूत चाटता है तू। मस्त कर दिया तूने तो मुझे मन करता है कि तेरी जीभ पर इसी तरह बैठी रहू और अपनी चूत चटाती रहूँ। तुझे भी लगता है मेरा बदन बहुत मस्त लगा है। जब से आया है मेरे बदन को चाटने मे लगा है। लगता है तुझे मेरी चूत चाटना बहुत अच्छा लगता है तभी तो तूने चूत चटायी इनाम मे मांगी। मेने कहा माँ मैं बहूत बडा चूत चटोरा हूँ किसी भी मस्त औरत को देख कर सबसे पहले उसकी चूत चाटने के बारे मे ही सोचता हूँ। चूत चाटने के बारे मे सोच कर मुठ मारने मे मुझे बहुत मजा आता है।

ओह बेटा चाटता जा मेरी चूत रुक मत मेरे लाल हाय रे। अब उसकी कमर जोर जोर से घुमने लगी थी। और कभी कभी अपनी चूत कस कर मेरे मुँह पर दबा देती थी। अब वह अपनी चूचीयाँ जोर जोर से मसल रही थी। और अपनी घुडीयो को भी खीच रही थी। मैंने अपनी जीभ को कडा करके सीघा कर लिया था और रीमा उस पर अपनी चूत रगड रगड कर चूत चटायी के मजे ले रही थी। फिर उसने अपने चुतड घुमाना छोड कर मेरी जीभ पर जोर जोर अपनी चूत उछालनी शुरु कर दी जिससे मेरी जीभ उसकी पैन्टी के साथ उसकी चूत मे घुस रही थी। और वह जोर जोर से चिल्ला रही थी। आह ओह क्या जीभ है तेरी साले मजा आ गया। फिर थोडी देर मेरी जीभ पर उछलने के बाद उसने फिर से अपने चूतडो को गोल गोल घुमाना शुरु कर दिया।

इस तरह कुछ देर तक चूत चटाते चटाते रीमा थक गयी और रुक गयी और आगे को झुक कर कालीन पर लेट गयी। इसतरह से उसकी चूत अभी भी मेरे मुँह के सामने थी और उसका पेट मेरे सर पर टिक रहा था। इस तरह से मैं उसके शरीर के उपरी भाग को नही देख सकता था। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर चलानी जारी रखी। पर अभी तक मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के दाने पर नही चलायी थी। फिर ऐसे लेट कर रीमा ने अपने चूतड मेरे मुँह के उपर उछालने शुरु कर दिये। मैंने भी अपने हाथ उसके चुतड पर रख दिया और धीरे धीरे दोनो चुतडो को मसलता हुआ उसकी चूत कि चटायी मे जुट गया।

इस तरह से चूत चटायी मे रीमा को और मजा आने लगा और वह बकने लगी हाय रे मेरे बेटे तेरी जीभ ने तो मेरे उपर जादू कर दिया है। मन करता है इसी तरह तेरी मुँह पर चूत रख कर चटाती रहूँ। कितना प्यार करता है तु अपनी माँ की चूत से मेरे बेटा चाटे जा बहनचोद खा जा मेरी चूत हाय मार डाला रे इस हरमी ने मेरी चूत चाट चाट कर। उसकी चूत तो रस का खदान थी दो बार झड चूकी थी और इतना रस बहा चूकी थी पर फिर भी उसकी चूत से बराबर रस बह रहा था। और उसके चूत रस की तीखी मस्तानी गंध मेरे नाक के जरीये मेरे शरीर मे समा रही। रीमा के बदन ने मुझ पर इतना जादू कर दिया था की वह जो भी कहती मैं मान लेता।

मैंने उसकी चूत को चाटना जारी रखा और अब मैंने उसके चूत के दाने पर भी जीभ रगडनी शुरु कर दी। रीमा अब बिल्कुल पागल हो चुकी थी और जोर जोर से अपने चूतड उछाल कर मेरे मुँह पर पटक रही थी। उसे अब बिल्कुल भी होश नही था। अब वह झडने के बिल्कुल करीब थी। मैं सर भी उसके बदन के भार से दबा जा रहा था। फिर मैंने उसके चूतड कस बाहो मेर भर कर पकड लिये जिससे वह ज्यादा उछल ना सके और उसके चूत के दाने पर अपनी जीभ की नोक रगडनी शुरु कर दी। मेरे इस तरह के आक्रमण को रीमा की चूत नही झेल रही और वह जोर जोर से चिलाते हुये झड गयी। रीमा ने अपनी पूरी ताकत से अपनी चूत मेरी जीभ पर दबा दी। मेरी नाक भी उसके पेट पर दब गयी मुझे ऐसा लगा की मेरी साँस घुट जायेगी। वह इतनी जोर से झडी थी ऐसा लग रहा था की उसकी साँस ही रुक गयी है और उसका पुरा बदन बहुत कडा हो गया था।

मेरी नाक दब जाने के कारण मै बडी मुश्किल से साँस ले पा रहा था मुझे लगा वह कुछ देर ऐसे ही पडी रही तो मे मर ही जाऊगा। पर धीरे धीरे रीमा का बदन ढीला पड रहा था। और वह नार्मल हो रही थी। थोडी देर बाद उसने अपने बदन को बिल्कुल ढीला छोड दिया। फिर काफी देर तक हम दोनो ऐसे ही पडे रहे। और मेरे हाथ उसके मस्त भारी चूतडो पर चलते रहे। फिर मैंने रीमा से कहा माँ मजा आया चूत चटाने मे रीमा बोली हाँ बेटा मैं तो बस निहाल हो गयी इतना मजा दिया है तुने मुझे थोडे से समय मे। तू चिंता मत कर मैं भी तुझे पुरा मजा दूगी अपने बदन का। तेरे सामने चूतो कि लाइन लगा दूंगी। तेरे हाथ मेरे चूतडो पर बहुत अच्छे लग रहे है। इतने जबरदस्त झडने के बाद तेरे हाथो ने मुझको शांत कर दिया है।


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बेटा मुझे पता है कि तू नीचे दब गया होगा पर थोडी देर और इसी तरह मेरे चूतडो पर हाथ फेर दे फिर मैं उठ जाती हूँ। मैंने कहा थोडी देर क्या माँ जितनी देर तुम चाहो पडी रहो मैं ऐसे ही तुमको मजा देता रहूँगा। थोडी देर और अपने चूतडो को मसलवाने के बाद रीमा उठ कर मेरी छाती पर बैठ गयी उसके मोटे मोटे भारी चूतड मेरी छाती पर उसके भार के कारण धंस गये थे। फिर मेरे बालो मे हाथ फेरते हुये बोली तो मेरा बेटा चूत चटोरा है। मैंने कहा हाँ माँ मेरे हिसाब से चूत से स्वादिष्ठ इस दुनिया मे कुछ भी नही है। फिर रीमा उठ कर खडी हो गयी और मैं भी उठ कर बैठ गया और उसकी जाँघो का चुम्बन ले लिया।

फिर मै उठ कर खडा हो गया और उसकी नंगी कमर मे हाथ डाल दिया मेरा मस्त लंड उसकी पैन्टी से टकरा रहा था। रीमा बोली बेटा चल अब अपनी माँ को पूरा नंगा कर दे अब इस पैन्टी को कोई जरुरत नही है। अपनी अपनी माँ कि चूत की लाज का घूघंट उठा दे। तेरा भी मन कर रहा होगा अपनी माँ की चूत देखने का। मैंने रीमा को और अपनी तरफ खीच लिया और मेरे हाथ उसके चूतडो पर चल रहे थे। मेरे होठं रीमा के होठों के काफी करीब था। चल अब देर क्यो कर रहा है इस छोटी से पैन्टी की अब हमारे बीच कोई जरुरत नही है। वैसे भी पैन्टी काफी गीली हो गयी है और गीले कपडे नही पहनने चाहिये नही तो ठंड लग जाती है।

मैं रीमा की बात सुनकर मुस्कुरा दिया और बोला जब तुम्हारे बेटे के पास ये गरम लौडा है तो तुमको ठंड कैसे लगेगी। और आगे बढ कर उसके होठों का एक चुम्बन ले लिया। और बोला ठीक है माँ उतार देता हूँ तुम्हारी पैन्टी वैसे मैं भी अब चूत देखने को मरा जा रहा हूँ। फिर मैंने अपने हाथ उसकी कमर से निकाल कर नीचे झुक कर कुशन उठा कर सोफे पर रख दिया। और घुटनो के बल नीचे बैठ गया। और अपने हाथो से कमर पर उसकी पैन्टी पकड ली। फिर अपनी आँखे बंद कर ली क्योकी मैं पैन्टी उतार कर पुरे इत्मिनान से उसकी चूत देखना चाहता था।

और मैंने उसकी पैन्टी उतारनी शूरु कर दी। उसकी पैन्टी नायलान की थी। जैसे ही मैंने उसके कमर से पैन्टी को नीचे किया उसकी पैन्टी उसके चूतड मे फंस गयी। क्योकी उसके चूतड बहुत भारी इस लिये पैन्टी उसके चूतड से निकल नही रही थी। मैंने फिर जोर लगा कर उसकी पैन्टी को खीच दिया और एक झटके के साथ उसकी पैन्टी उसके चूतड से अलग हो गयी। फिर मैंने पैन्टी बिल्कुल नीचे तक खीच दी अव वह उसके पैरो पर पडी थी। मेरी आँखे अभी भी बंद थी और पैन्टी मैंने अपने हाथो मे पकड रखी थी। रीमा ने अपने पैर उठा कर पैन्टी मे से निकाल लिये। मैंने अपना सर नीचे करके अपनी आँखे खोल ली और पैन्टी को उठा कर अपनी नाक पर रख लिया।

उसकी पैन्टी की महक क्या मादक थी। उसको सुघंते ही मेरे लंड ने एक जबरदस्त झटका मारा। उसकी पैन्टी उसके चूत रस की महक से भरी हुयी थी। रीमा ने मुझे इसतरह से अपनी पैन्टी से खेलते देखा तो बोली बेटा हमारे पहले मिलन के समय पहने गये मेरे कपडे मैं अपने पास रखूंगी पर ये पैन्टी तू रख सकता है। आखिर तेरे पास भी तो कुछ होना चाहिये। मैंने फिर रीमा की पैन्टी लेकर उससे अपने लंड से बहते रस को साफ कर दिया। और फिर उस पैन्टी को और कपडो के साथ रख दिया।

मेरा मुँह अभी भी नीचे था मैंने रीमा से कहा माँ अब मैं सोफे पर बैठता हूँ और तुम मेरे सामने आकर खडी हो जाओ जिससे मे जी भर कर तुम्हारी चूत निहार सकूं। रीमा बोली ठीक है बेटा और मैंने अपनी आँखे बंद की और उठ कर सोफे पर बैठ गया। रीमा फिर मेरे सामने आ गयी और बोली लो बेटा देख ले अपनी माँ की चूत। मैंने अपनी आँखे फिर खोल ली। रीमा ने अपने पैर थोडे से खोल लिये थे और अपने हाथ अपने चूतडो पर रख लिये थे और तन कर खडी थी जिससे उसकी चूचीयाँ बाहर को निकल रही थी। और रीमा कि मस्ती का खजाना उसकी चूत मेरी आँखो के सामने थी।

अब मै पहली बार रीमा को पूरा नंगा देख रहा था। पूरी नंगी होकर रीमा किसी अप्सरा से कम नही थी। मेरी नजर उसकी चूत पर गयी। उसकी चूत बहुत ही सुन्दर थी। उसकी चूत के आस पास बहुत घने काले घुंघराले बाल थे। पर उसने अपनी चूत की फांको के आसपास के बाल साफ कर रखे थे। उसकी चूत कुछ फूली हुयी थी और इतनी चटायी कराने के कारण गीली हो गयी थी। उसकी चूत के दोनो फांके थोडी खुली हुयी थी। जिस मे से उसकी चूत का दाना बाहर झांक रहा था। उसकी चूत का खुला मुँह इस तरह से लग रहा था जैसे कह रहा है आओ राजा तुम्हारे लंड के लिये मेरा मुँह खुला है घुसा तो अपना मुसल इसमे और कर दो इसकी कुटायी।

उसकी चूत मुझे चूदायी का खुला निमंत्रण दे रही थी। मैं थोडी देर उसकी चूत निहारता रहा फिर बोला माँ मैंने तुमको अब नंगा करके तुम्हारी चूत देख ली अब मुझको अपने नंगे चूतडो के भी दर्शन करा दो। रीमा बोली ले बेटा कर ले दर्शन चूतडो के कह कर रीमा घूम गयी और उसके होदे जैसे चूतड मेरी आँखो के सामने थे। उसने अपने हाथो को चूतडो से हटा कर अपनी कमर पर रख लिया था। उसके चूतड कुछ इस तरह से लग रहे थे जैसे दो रबर के बडे बडे गोलो को सटा कर रख दिया गया हो। उनके बीच की दरार मे रीमा कि गाँड का छेद छुपा था। उसके चूतड उसकी कमर से ऐसे बाहर निकले थे जैसे कोई पहाड की हो। और उस पर उनक सफेद संगमरमरी रंग उसकी सुन्दरता को चार चाँद लगा रहा था। उसके चूतड इतने चिकने थे कि कोई भी देखे तो फिसल जाये।


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उसके चूतडो के नीचे से झाँकती उसकी चूत ऐसी लग रही थी जैसे कह रही हो राजा अगर चूतड इतने सुन्दर है तो मैं भी कुछ कम नही। और उनमे से निकलती उसके चूत रस और बदन की मिली जुली गंध किसी को भी मदहोश बना दे। मेरी हालत धीरे धीरे खराब हो रही थी। फिर मैंने कहा माँ अपने चूतड तो दिखा दिये अब अपनी गाँड भी दिखा दो। रीमा बोली मेरी गाँड देखेगा अपनी माँ की गाँड देखेगा मेरा लाल ले देख ले दिखा देती हूँ तुझे। यह कह कर रीमा थोडा आगे झुकी और अपने हाथो से अपने चूतड पकड कर उनको खीच कर अलग कर दिया। उसके इस तरह से आगे झुकने से उसकी चूत पूरी तरह से पीछे से दिखायी देने लगी।

मेरी नजर अब उसकी गाँड पर थी। उसकी गाँड का छेद उसकी चूतड खीचने के कारण काफी खुल गया था और उसके अंदर का लाल लाल भाग दिख रहा था। उसकी गाँड के आसपास का रंग थोडा गहरा भूरा था इसका मतलब था उसकी गाँड कयी बार चुदी है। और चुद चुद कर उसका छेद बडा हो गया था। उसकी चूत नीचे से झाँक रही थी और ऐसा लग रहा था जैसे कह रही हो तो तुमको मेरी बहन गाँड से भी प्यार मुझे इससे कोई फर्क नही पडता जब तक तुम मुझे और मेरी बहन को चोद चोद कर पूरा मजा देते रहो। हम दोनो बहनो मे बहुत प्यार है तभी तो हम दोनो हमेशा इतनी पास पास रहती है।थोडी देर मैं उसकी गाँड को निहारता रहा। रीमा ने इसी तरह खडे खडे पीछे मुड कर देखा और बोली बोल बेटा कैसी लगी तुमको अपनी नंगी माँ। मैंने कहा आओ माँ मेरी गोदी मे बैठो बताता हूँ। रीमा ने खडी होकर आकर मेरे लंड को हाथ से पकड पर नीचे किया और उसे अपने चूतड से दबा कर मेरे गले मे अपनी गोरी गोरी बाहो का हार डाल कर बैठ गयी। मैंने अपनी बाहे उसकी कमर मे डाल कर उसके चिकने बदन पर फिराने लगा और बोला माँ मेरी प्रेमिका मेरी रानी मैंने तुम्हारी कोख से जन्म नही लिया पर मन करता है कि काश मैंने तुम्हारी कोख से जन्म लिया होता तुम्हारी जैसी सुंदर माँ कौन नही चाहता।

मेरी बात सुनकर रीमा बोली लगता है मेरे लाल को अपनी नंगी माँ बहुत पंसद आयी। तुम्हारी चूत बहुत सुन्दर है तुम्हारे मम्मो का उभार कातिलाना है। तुम्हारी नंगी चिकनी टांगे मस्त है। और सबसे सुन्दर तुम्हारे चूतड है। तो मेरे बेटे को माँ के चूतडो से प्यार हो गया है। मैंने कहा हाँ माँ बहुत। ठीक है कभी तेरे को पुरे दिना अपने चूतड से खेलने दूगी तब मस्त होकर प्यार कर लेना उनसे। अब बोल क्या इरादा है। नंगा तो कर लिया अपनी माँ को आगे क्या करेगा। मैंने बोला माँ मुझको अब तुम्हारी चूत चोदनी है अपनी पहली चूत अब मुझसे बिल्कुल भी नही रहा जा रहा।

रीमा बहुत बडी रंडी थी उसको पता था कब क्या करना है। उसने मेरे से कहा बेटा तेरा लंड तो इतनी देर से खडा है इसलिये गुस्से मे आ गया है और फूल कर काफी मोटा हो गया है। अगर मैंने इससे चुदवाया तो मेरी तो चूत फट जायेगी मैं तो नही चुदवाउगी इससे। मैंने कहा माँ ऐसे मत कहो देखो मे तुमको इतनी देर से मजा दे रहा हूँ अब तुम भी तो मुझे मजा दो। बेटा मैं भी चाहती हूँ कि मैं तुझको मजा दू पर क्या करू तेरा मुसल देख कर मुझे डर लग रहा है। मैंने कई मर्दो से चुदवाया है पर किसी का भी लंड को इतनी देर तक खडा नही रखा तेरा तो लोहे की रॉड हो गया है इस गर्म रॉड से चुदा लिया तो मेरी चूत के तो चिधडे उड जायेगे बेटा।

माँ मुझे ऐसे मत तडपाओ अपने बेटे की हालत पर तुमको बिल्कुल भी तरस नही आता। रीमा बोली ठीक है बेटा तेरे लिये मैं अपनी चूत कुर्बान कर देती हूँ। लेकिन तेरा लंड एकदम सुखा है पहले इसका कुछ करना होगा तू यही बैठ मै तेल लेकर आती हूँ तेरे लंड पर तेल लगा दूंगी तो थोडा चिकना हो जायेगा फिर शायद मेरी चूत फटने से बच जाये। मैंने कहा हाँ माँ लगा तो तेल एकदम चिकना कर दो इसको मैं तुम्को अपने चिकने लंड से धीरे धीरे चोदूगां तुम्हारी चूत फटने नही दूगां। फिर रीमा ने मुझको गाल पर चूम लिया और उठ कर बेडरुम कि तरफ चल दी। उसके उठने से मेरा लंड एकदम स्प्रिगं की तरफ उछल कर खडा हो गया। रीमा अपने चूतड मटकाते हुये चली गयी। और थोडी देर बाद तेल कि शीशी लेकर बाहर आ गयी।

फिर मेरे पास आकर बोली ला बेटा तेरे लंड पर तेल लगा कर इसको थोडा चिकना कर देती हूँ। और मेरी टांगो के बीच घुटनो के बल बैठ गयी। तेल कि शीशी खोल कर उसने थोडा तेल अपने हाथ मे लिया और शीशी नीचे रख दी। अपने हाथ के तेल को उसने जमकर मल लिया और आगे बढ कर पहले मेरे मदमस्त लंड का एक चूम्बन ले लिया। फिर उसने अपने हाथ बढा कर मेरा लंड अपने हाथ मे लिया। उसके कोमल और मुलायम हाथो मे आते ही मेरा लंड उछलने लगा। मेरे लंड पर अभी भी पेटीकोट का नाडा बंधा था नही तो कबका झड गया होता। रीमा ने मेरे लंड को अपने एक हाथ मे पकड लिया और दुसरे हाथ से उसको पुचकारने लगी। ऐसा करके वह अपने हाथ मे लगा तेल मेरे लंड पर लगाने लगी। उसके हाथो के प्यार भरे स्पर्श और ठंडे तेल की वजह से मेरे लंड को थोडा आराम मिला।

एक हाथ से पुचकारते हुये रीमा ने लंड के एक तरफ पूरी तरह से तेल लगा दिया। फिर लंड को दुसरे हाथ से पकड लिये और पुचकारते हुये लंड के दुसरी तरफ भी तेल लगा दिया। रीमा लंड पर तेल लगाते हुये बोली अब इस पर तेल लग जायेगा तो बडा चिकना हो जायेगा फिर शायद मेरी चूत फटने से बच जाये। थोडी देर पुचकारते हुये तेल लगाने के बाद रीमा ने एक हाथ मे मेरे लंड को पकड कर पुरे लंड पर फिसलते हुये तेल लगाने लगी और फिर दुसरे हाथ से भी ऐसा ही करती। इस तरह से तेल लगाने से लंड की गर्मी और बढ गयी और मेरा लंड रीमा के हाथो मे और फूलने लगा। मेरे लंड की सारी नसे दिख रही थी। मेरे लंड कि हालत ऐसी थी जैसे किसी गुस्सैल सांड की होती है।


RE: Maa Sex Chudai माँ बेटे का अनौखा रिश्ता - - 08-17-2018

रीमा मेरे लंड को फुलते देख कर बोली हाय रे मेरे हाथो से खेल कर तेरा लंड तो और भी बडा हो गया। लगता है आज मेरी चूत फट ही जायेगी लगता है इस पर और तेल लगाना पडेगा कह कर उसने और तेल अपने हाथ मे ले लिया और उसे मेरे लंड पर चुपडने लगी उसके हाथ मेरे लंड पर जादू कर रहे थे और अब मै बिल्कुल भी नही रुक सकता था और उसको जम कर चोदना चाहता था। रीमा ने मेरे लंड की उपर की खाल उतार कर उसका सुपाडा बाहर निकाल लिया और उस पर भी तेल चुपडने लगी। फिर रीमा तेल चुपडते हुये बोली अच्छा हुया बेटा तु पहली बार मेरी चूत मे लंड डालेगा अगर किसी कमसिन को चोदता तो वह तो मर ही जाती। अब अगर आज मेरी चूत बच गयी फटने से तो मैं तेरे को सब कुछ सिखा दूंगी। मैंने रीमा से कहा माँ अब तो तेल पुरी तरह से लग गया है मेरे लंड पर अब तो मुझे चोदने दो तुम्हारी चूत अब मुझसे बिल्कुल नही रहा जा रहा।

ठीक है बेटा अब चोद ले माँ को और बन जा मादरचोद। कह कर मेरे लंड को एक आखरी बार तेल लगाया और उठ कर खडी हो गयी। मैंने अपने लंड के नाडे को खोलने की कोशिश करने लग क्योकी जब तक नाडा बंधा था मे झड नही सकता था। पर डबल गांठ लगी होने के करण नाडा खुल नही रहा था। रीमा ने मुझे नाडा खोलने की कोशिश करते हुये देख लिया और बोली बेटा ये क्या कर रहा है इस अभी बंधा रहने दे और मुझे चोद जब तु अच्छी तरह से एक घंटा मुझे चोद लेगा उसके बाद मैं खुद इसको उतार दूंगी। इसको खोल देगा तो जल्दी झड जायेगा और चुदायी का पूरा मजा नही ले पायेगा। मैंने कहा तुम ठीक कहती हो माँ। फिर रीमा ने तेल की शीशी उठा कर मेज पर रख दी।

फिर मैंने रीमा से कहा माँ तुम कालीन पर लेट जाओ अब मै तुमको चोदूगाँ। रीमा बोली नही बेटा तू यही सोफे पर बैठ जा मैं खुद तेरे लंड पर बैठ कर धीरे धीरे तेरे लंड को अपने अंदर लीलूगीं। इतना मोटा लंड है धीरे धीरे अपनी चूत के अंदर लूगी और चुदाने से पहले एक एक इन्च लंड का पूरा मजा लूंगी। फिर मैं सोफ़े पर अपनी टाँगे जोड कर बैठ गया और रीमा अपनी दोनो मेरी टाँगो के दोनो तरफ करके खडी हो गयी जिससे मेरी टाँगे उसकी टाँगो के बीच आ गयी। मेरी नजर तो उसकी चूतडो पर थी रीमा ने झुक कर अपनी टाँगो के बीच से हाथ डाल कर मेरा लंड पकड लिया और मुझे रीमा की गाँड दिखायी देने लगी। मैंने झट से आगे बढ कर उसकी गाँड को चूम लिया। मेरे चूमते ही रीमा के मुँह से एक आह निकल गयी और वह बोली बेटा अगर तुम इसी तरह मेरी गाँड को प्यार करते रहोगे तो मैं तुमहारे लंड से नही चूदा पाउंगी पहले मेरी चूत चोद कर इसका मजा ले लो फिर मेरी गाँड के भी मजे ले लेना मैं कही भगी थोडी जा रही हूँ।रीमा कि बात सुन कर मैंने अपना मुँह रीमा की गाँड से हटा लिया। और अपनी पीठ सोफे पर लगा कर बैठ गया। रीमा ने मेरा लंड की खाल को पीछे कर के अपनी चूत का मुँह मेरे लंड पर रख दिया। उसकी चूत बहुत ही गर्म थी। फिर उसने अपना सर पीछे घुमाया और बोली बेटा अब तेरा लंड तेरी पहली चूत मे जाने के लिये तैयार है तू आराम से बैठ और चूत के मजे ले। कह कर रीमा ने अपने चूतडो को थोडा सा दवाब दिया जिससे मेरे आधा सुपाडा चूत के अंदर घुस गया। मेरे लिये तो यह बिल्कुल नया अनुभव था। उसकी चूत की गर्मी मुझे पागल कर दिया था। फिर उसने अपने चूतडो को थोडा और जोर से दबाया जिससे मेरा पूरा सुपाडा उसकी चूत मे घुस गया।

रीमा बोल पडी हाय रे बडा मोटा सुपाडा है रे तेरा। उसकी चूत भी बहुत गर्म थी मुझे ऐसा लगा ही मेरा सुपाडा किसी तंदूर पर रख दिया गया हो। फिर रीमा धीरे धीरे अपने चूतडो को दबाते हुये मेरे लंड पर बैठने लगी। और एक एक इन्च करके मेरे लंड को अपने अंदर लेने लगी। रीमा के मुँह से बराबर करहाने की आवाज निकल रही थी। एक हाथ से रीमा ने मेरा लंड पकड रखा था दुसरे हाथ से अपनी चूत की फाँको को फैला कर मेरे लंड हो लील रही थी। जब मेरा आधा लंड उसकी चूत मे घुस गया तो रीमा रुक गयी और बोली बडा मोटा है रे तेर लंड मेरे राजा मैं इतनी बडी रंडी इतने लंड लील चूकी हूँ पर फिर भी तेरा लंड मेरी चूत मे कितना फंस फंस के जा रहा है। मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कोई मेरी चूत पकड कर खीच रहा हो जैसे फाड ही डालेगा।

अच्छा हुआ मैंने तेल चुपड दिया था तेरे लंड पर नही तो ये मुसल तो मेरी चूत फाड ही डालता। मैं रीमा की बात सुनकर मस्त हो रहा था। उसकी चूत की गर्मी मेरे लंड हो जला रही थी पर मस्ती मे भरा मैं उसकी ओखली मे अपना मुसल देने को तैयार था। रीमा ने मेरे लंड को अभी भी पकड रखा था और अपने चूतडो को धीरे धीरे हिला रही थी। जिससे मेरा लंड फंस कर उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था। इससे मुझे थोडा मजा आ रहा था पर मैं अपना पूरा लंड उसकी चूत मे डाल कर जोर जोर से उसको चोदना चाहता था। मैंने अपने हाथ रीमा की कमर पर रख दिये और बोला माँ पूरा लंड अपनी चूत मे डाल लो। यह कह कर मैं भी अपने हाथो से जोर लगा कर अपना लंड उसकी चूत मैं डालने की कोशिश करने लगा।


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