Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - Printable Version

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RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

हम ने चिकन खाया तो एनर्जी मिल गयी
हमारे अंदर एनर्जी आते ही फिर से चुदाई शुरू हो गयी
ऐसे चुदाई शुरू हुई कि मेरी पड़ोसन तो सलवार निकाल कर उंगली कर रही थी
अब वो लाइव चुदाई का मज़ा ले रही थी
अब वो आराम से एंजाय कर रही थी
मैने रात भर पड़ोसन को चुदाई दिखाई
हॉल मे हर जगह जाकर चुदाई की
कभी चूत तो कभी गंद फाड़ चुदाई की
ड्रिंक करते हुए सोते जागते , थकने के बाद भी चुदाई शुरू हुई
सुबह 4 बजे मैं रेशमा की बाहों मे सो गया
उसके बाद क्या हुआ पता नही मुझे
मेरी पड़ोसन ने क्या किया ये भी नही पता
लेकिन जब मेरी आँख खुली तो सुबह के 11 बज रहे थे
.रेशमा मेरे बाहों मे नंगी थी
मैं पहले बाल्कनी मे जाकर देखा
तो बाल्कनी मे पड़ोसन के कपड़े वैसे ही थे
बाल्कनी के फर्श पर पड़ोसन की चूत से निकलने पानी के दाग भी थे
शायद मेरी पड़ोसन अपने अपार्टमेंट मे चली गयी
पर उसमे इतनी ताक़त नही थी कि वो अपने कपड़े लेकर जाए
वो भी रेशमा की तरह सो रही होगी
मैं ने अपने लिए गरम गरम टी बनाई और पड़ोसन के कपड़े जमा करके अलमारी मे रख दिए
आज तो पड़ोसन भी ऑफीस मे नही गयी है
मैं ने बाल्कनी का डोर बंद किया और वापस सो गया
नींद बहुत आ रही थी
दोपेहर मे कहीं जाकर हम होश मे आए
रेशमा को अब दर्द हो रहा था
दर्द से वो लंगड़ा कर चल रही थी
मैं ने उसको पेन किल्लर दे कर सुला दिया
और फ्रेश होकर गरमा गरम टी पी ली
पता नही अब मेरी पड़ोसन क्या रिक्षन दिखाएगी
वो गुस्सा करेगी या मुझसे शरमाएगी
अब जो होगा वो कल पता चल जाएगा
मेरा प्लान कामयाब हो गया बस मेरी बॅड इमेज ना बन जाए
मेरी पड़ोसन मेरे जाल मे फस गयी
इतने दिनो से प्यासी शेरनी को मैं ने शिकार दिखा दिया
पड़ोसन के अंदर आग भड़काने मे मैं कामयाब हुआ
तभी तो मेरी पड़ोसन ने पूरी चुदाई देखी
उसके पास तो चान्स था वापस जाने का पर वो बाल्कनी मे छुप कर चुदाई देखती रही
मेरा प्लान कामयाब तो हुआ लेकिन इसका रिक्षन क्या होगा वो देखने लायक होगा
मैं ने शाम मे रेशमा को उसके घर भेज दिया
उसकी तो जोरदार सुहागरात हुई थी
अब तो मेरी पड़ोसन से बाते करना शुरू करना होगा
कल सुबह पड़ोसन के घर मे जाउन्गा
अब तो मज़ा आएगा पड़ोसन से बात करने मे
पड़ोसन क्या सोच रही होगी मेरे बारे में
उसने कब तक चुदाई देखी होगी
कितनी बार उसका पानी निकाला होगा
क्या हमारे सोने के बाद पड़ोसन ने अंदर आकर मेरे लंड को छुआ होगा
काश मैं कोई कॅमरा लगा के रखता तो पता चल जाता
फिर भी लग तो ऐसा ही रहा है कि पड़ोसन मेरे जाल मे फस जाएगी
अब बस कल का सूरज निकल जाए तो पड़ोसन के हाथो की टी पीने को मिलेगी
कल की टी पड़ोसन के यहाँ होगी


RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

सुबह उठ कर मैं फ्रेश हो गया
मुझे पता था कि पड़ोसन सुबह जॉगिंग को जाती है
पर उसके जॉगिंग के ड्रेस तो मेरे पास थे मतलब वो घर पर ही होगी
वैसे भी आज ऑफीस जाएगी कि नही ये भी फिक्स नही होगा
मैं सुबह जल्दी पड़ोसन के कपड़े लेकर उसके घर जाने वाला था
सोचा कि सारे कपड़े दे दूं पर बाद मे आइडिया रिजेक्ट किया
कुछ कपड़े अपने पास रखे ताकि फिर से मुलाकात हो जाए
मैं फ्रेश होकर रेशमा के अपार्टमेंट के सामने खड़ा हो गया
थोड़ी हिम्मत जुटा कर मैं मे बेल बजाई
रेशमा से ज़्यादा मुझे अनकंफर्टबल महसूस हो रहा था
रेशमा क्या कर रही होगी
मुझे देखते ही क्या सोचेगी
उसके दिमाग़ मे क्या चल रहा होगा
कहीं मेरी ग़लत इमेज ना बन जाए , क्यूँ कि मैं ने रेशमा की चुदाई की है
बेल बजाने के बाद बहुत से सवाल मेरे दिमाग़ मे चल रहे थे
बेल बजाने के बाद भी डोर ना खुलने से लग रहा था कही रेशमा गुस्सा तो नही है
पर अगली बार बेल बजते ही रेशमा ने डोर खोला
रेशमा के डोर खोलते ही हमारी नज़र मिली
नज़रें ऐसे मिली कि रेशमा के सामने सनडे का सीन आने लगा
और रेशमा ने अपनी आँख नीचे कर ली
जैसे रेशमा शरमा रही थी
मुझे इसी की उम्मीद थी
रेशमा का शरमाना , मुझसे आँख ना मिलना रेशमा को कमज़ोर बना रहा था
और मैं तो यही चाहता था
रेशमा को तो उम्मीद नही थी कि मैं उसके यहाँ आउन्गा
इस से पहले तो कभी उसके घर नही आया था
और सनडे को जो रेशमा ने देखा उसके बाद मेरे आने से शायद वो घबरा रही थी कही मुझे
पता तो नही चला कि मैने सब कुछ देख लिया है
उसको डर था कही मैं ने उसको देख तो नही लिया था
रेशमा इसी डर की वजह से अपने पैरो के साथ खेल रही थी
रेशमा इतना शरमा रही थी कि उस से कुछ बोला भी नही जा रहा था
मुझे ये देख कर अच्छा लग रहा था कि अब प्लान कामयाब हुआ है
मैं रेशमा को होश मे लाया
अवी- गुड मॉर्निंग
रेशमा-हाँ
अवी- मैं ने कहा गुड मॉर्निंग
रेशमा-गुड मॉर्निंग
अवी- सॉरी सुबह सुबह आपको डिस्ट्रब किया
रेशमा-कोई बात नही
अवी- कल शायद आपके कपड़े मेरी बाल्कनी मे उड़ कर आ गये थे , वही देने आया था
मेरी बातों से समझ गयी कि उसको.मैं ने सनडे को देखा नही
रेशमा-मुझे कल याद ही नही रहा
अवी- कोई बात नही ये लीजिए आपके कपड़े ,
रेशमा-थॅंक यू , सॉरी मेरे वजह से आपको तकलीफ़ हुई
अवी- हम पड़ोसी है इसमे तकलीफ़ की क्या बात है , मेरी जगा आप होती तो आप भी मदद करती
रेशमा ने इस पे कुछ नही कहा
अवी- अच्छा मैं चलता हूँ , मुझे होटेल मे ये नाश्ता करके ऑफीस भी जाना है
और मैं ने जानबूझ कर कहा कि होटेल मे टी पीने जा रहा हूँ
रेशमा ऐसे मे मुझे ज़रूर रोकेगी
रेशमा-सुनो
अवी- आपने कुछ कहा
रेशमा-मैं भी नाश्ता बना रही थी , आप को ऑफीस जाने की जल्दी ना हो तो मेरे यहाँ नाश्ता कर
सकते है
अवी- मेरी वजह से आपको तकलीफ़ क्यूँ
रेशमा-इसमे तकलीफ़ की क्या बात है ,, हम पड़ोसी है ,, आपने ही तो कहा
अवी- आपने तो मुझे अपनी ही बात मे फँसा दिया
और मैं रेशमा के घर मे गया
रेशमा का घर मेरे जैसा ही था पर सजाके अच्छा रखा था
रेशमा के फ्लॅट मे उसके हज़्बेंड के साथ उसकी बड़ी फोटो थी
रेशमा को देख कर लग रहा था कि कोई हॅंडसम होगा उसका हज़्बेंड
पर रेशमा का हज़्बेंड तो थोड़ा मोटा था सावला था पेट बाहर निकला था
दोनो की जोड़ी कोई ख़ास नही थी
तभी रेशमा अकेली रहती थी
रेशमा की शादी शुदा लाइफ इतनी भी खास नही है
तभी रेशमा किसी से ज़्यादा घुलती मिलती नही है वरना सब यही बाते करेंगे कि शादी शुदा लाइफ कैसी
चल रही है
मैं तो रेशमा के घर को देखने लगा
रेशमा ने जिस तरह घर को सज़ा के रखा है उस से रेशमा के अंदर की खूबसूरती का पता लग रहा
था
रेशमा मुझे अपने घर को ऐसा घूरता हुआ देख कर सोच रही थी कि मैं क्या देख रहा हूँ
अवी- आपने घर को अच्छे से सजाया है
रेशमा-ये तो बस ऐसे ही , आप बैठिए मैं नाश्ता लेकर आती हूँ
और रेशमा किचन मे चली गयी
और अपने हाथो से बना हुआ नाश्ता मेरे लिए लेकर आई
रेशमा के हाथो का नाश्ता उसकी तरह ही टेस्टी था
अगर नाश्ता इतना अच्छा है तो रेशमा का टेस्ट भी बढ़िया होगा
मैं रेशमा के साथ नाश्ता करने लगा
रेशमा नाइटी ड्रेस मे थी
उसके पास ड्रेस नही होगा
जो साड़ी होगी किसी फंक्शन मे जाने लायक ही होगी
और कल चूत के पानी से जो ड्रेस पहनी थी वो भी खराब हो गयी होगी तभी तो नाइटी मे थी
नाइटी के अंदर सब खुला खुला ही होगा
रेशमा को ये बात याद ही नही होगी
और वैसे भी उसके घर मे कोई आता ही नही है
अवी- आपके हाथो मे जादू है बहुत टेस्टी नाश्ता बनाती है आप
मेरी तरफ़ करने से रेशमा शरमा गयी
रेशमा-इतना भी कोई खास नही बनाती
अवी- सच , मेरी माँ की याद आ गयी वो भी ऐसे ही टेस्टी खाना बनाती हैं
रेशमा-आपको नाश्ता पसंद आया ये मेरे लिए खुशदीली की बात है
अवी- आज कहीं जाके मुझे घर का खाना मिला है वरना रोज रोज होटेल का खाना खा कर पेट खाली ही
रहता था , होटेल के खाने मे प्यार नही मिलता जो आपके नाश्ते मे मिला है आपका प्यार
मेरी बात से रेशमा शरमा गयी
अवी- आप को पहली बार शरमाते हुए देखा है , क्या बात है , मैं ने कुछ ग़लत कहा
रेशमा-नही नही , वो तो बस बहुत दिनो बाद किसी ने तारीफ की है जिस से
अवी- आप की हर अदा की तारीफ करने का दिल करता है पर
रेशमा-पर क्या
अवी- डर भी लगता है
रेशमा-मुझसे डर , मैं ने क्या किया
अवी- फिर किसी दिन बात करेंगे अब तो मुझे ऑफीस भी जाना है , और स्वीट नाश्ते के लिए शुक्रिया , आज तो
लंच और डिन्नर करने का दिल नही करेगा
रेशमा-क्यूँ ?
अवी- आपके नाश्ते का टेस्ट को खराब नही करना चाहूँगा
और मैं रेशमा के घर से बाहर आ गया
रेशमा की जितनी हो सके उतनी तारीफ की
ज़्यादा फ्री नही हुआ
फॉर्मल बाते हुई थोड़ा बहुत आगे बढ़कर अनडाइरेक्ट्ली बताया कि मेरा इरादा क्या है
आप आप करते करते बात की ताकि अचानक ऐसा ना लगे कि दोस्त कैसे बन गये
रेशमा को अच्छा लगा होगा कि नही मुझे कुछ पता नही है
पर रेशमा मुझसे बात करते हुए शरमा रही थी
और नाइटी मे होने से थोड़ी अनकॉनफर्टब्ल महसूस कर रही थी
फिर भी पहली.मुलाकात ठीक ठाक रही
घर मे एंट्री मिलना , तारीफ करना ,
1स्टेप मे इतना ही काफ़ी होता है
अब बस धीरे धीरे नज़दीकियाँ बढ़ानी होंगी

धीरे धीरे फ्री होना होगा
धीरे धीरे रेशमा को अपना बनाना होगा
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,


RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

पहली मुलाकात कुछ खास नही रही
इधर उधर की बाते हुई
फॉर्मल हाई हेलो जैसा ही होता है लेकिन जब दूरिया ख़तम होती है तो बाते कभी ख़तम नही होती
मैं ने बस ऑफीस जाने का बहाना किया और अपने अपार्टमेंट मे आकर आराम करने लगा
रेशमा आज भी घर पर थी
मैं रेशमा के बारे में ही सोच रहा था और रेशमा भी मेरे बारे में सोच रही होगी
अगर रेशमा मेरे सपने देख रही होगी तो ये अच्छी बात है
सपने मे अगर वो मेरे साथ चुदाई कर रही होगी तो और अच्छी बात होगी
पर रेशमा के दिमाग़ मे क्या चल रहा है ये बताना मुश्किल था
पर अब रेशमा ने खुद मुझे नाश्ते के लिए बुलाया तो ये मेरे लिए ग्रीन सिग्नल जैसा था
वरना मुझे लगा कि सनडे की बात को लेकर वो शरमाने की वजह से मुझसे बात नही करेगी
पर रेशमा ने तो मुझसे अच्छे से बात की
अब बातों को सिलसिला मुझे चालू रखना होगा
मैं शाम होने का इंतज़ार करने लगा
शाम को रेशमा बाल्कनी मे टी पीने आती है
अपने अकेले पन को टी मे मिला कर पी जाती है
आज भी रेशमा शाम होते ही बाल्कनी मे आ गयी
और शाम मे टी का स्वाद लेने लगी
जैसे ही रेशमा की नज़र मेरी बाल्कनी पर गयी तो वो एक पल के लिए वो सनडे के सीन को याद
करने लगी
दिन मे रेशमा सपने देखने लगी
पूरी तरह से खो गयी ,उसको बस मैं ही याद था
मेरा लंड याद था मेरी चुदाई याद थी
दिन मे सपने देखने से उसका हाथ अपने आप चूत पर चला गया
उसको तो होश ही नही था कि वो बाल्कनी खड़ी है
मैं भी अपने लिए टी बनाकर बाल्कनी मे आ गया
रेशमा अभी भी उस दिन को याद कर रही थी , और सोच रही होगी कि काश उस लड़की की जगह वो होती तो
मैं ने रेशमा को देखते ही उसको होश मे लाया
अवी- रेशमा जी रेशमा जी
रेशमा-हाँ
अवी- क्या हुआ , दिन मे सपने देख रही है आप
रेशमा-वो मैं
और रेशमा ने जल्दी अपना हाथ चूत से हटा दिया
अवी- क्या हुआ आप कहाँ खो गयी थी
रेशमा-कुछ नही बस ऐसे ही ,
अवी- शायद आप अपने हज़्बेंड को याद कर रही थी
हज़्बेंड का नाम लेते ही रेशमा का चेहरा उतर गया
बिचारी को प्यासी छोड़ कर दुबई जो चले गये थे
रेशमा अपने हज़्बेंड की बात नही करना चाहती थी जिस से उसने बात बदल दी
रेशमा-आप ऑफीस से आ गये
अवी- हां वो आधी छुट्टी लेकर आ गया , तबीयत ठीक नही लग रही थी
रेशमा-इतनी मेहनत करेंगे तो तबीयत खराब होगी ही
ये बात धीरे से कही थी
अवी- आपने कुछ कहा
रेशमा-आपने कुछ सुना क्या
अवी- आप ऑफीस नही गयी
रेशमा-कुछ दिन की छुट्टी ली है , काम करके थक गयी हूँ , सोचा कि थोड़ा अपने लिए भी टाइम दूं
अवी- ये सही कहा , आजकल हम ऑफीस और घर मे इतने बिजी हो जाते है कि अपने लिए टाइम हो नही
निकाल पाते
रेशमा-आप तो बहुत टाइम निकालते है
अवी- ये आप मुझे आप आप क्यूँ कहती है , मेरी तो अब तक शादी भी नही हुई है
रेशमा-आप भी तो मुझे आप कहते है , मेरी उमर ही क्या है , आपसे भी छोटी हूँ
अवी- फिर आपने आप कहा
रेशमा-फिर आपने भी आप कहा
और हम दोनो इस बात पे हँसने लगे
रेशमा को पहली बार हँसता हुआ देखा है
अवी- आप हँसते हुए और खूबसूरत दिखती है
मेरे मुँह से तारीफ सुनकर रेशमा चुप हो गयी
अवी- सॉरी मुझे ऐसा नही कहना चाहिए था
रेशमा-कोई बात नही , वैसे भी हम पड़ोसी है
अवी- पड़ोसी की जगह दोस्त बन गये तो कैसा रहेगा
रेशमा-फिर तो आप मुझे आप आप नही कहेंगे
अवी- तो क्या आप मेरी दोस्त बनेगी
रेशमा-सोचना पड़ेगा ,क्यूँ कि मैं शादी शुदा भी हूँ
अवी- शादी शुदा भी दोस्त बनाते है , और बिना दोस्त के लाइफ बोरिंग होती है
रेशमा-ये दोस्ती दोस्ती तक ही रहनी चाहिए
अवी- मैं भी तो जल्दी शादी करने वाला हूँ
रेशमा-हाई ,मेरा नाम रेशमा है , मैं आपके पड़ोस मे रहती हूँ ,
अवी- हाई मेरा नाम अवी है , मैं अभी कुछ महीने पहले आपके पड़ोस मे रहने आया हूँ
रेशमा-देखा मैं ने , वैसे तुम क्या यहाँ जॉब करने आए हो या पढ़ाई करने
अवी- लाइफ सेट करने आया हूँ , मेरा ट्रान्स्फर हुआ है ,
रेशमा-मैं हाउसवाइफ के साथ साथ जॉब भी करती हूँ ,मेरी शादी को ,****, साल हो गया है , और
मेरे हज़्बेंड दुबई मे रहते है
अवी- आप से मिलकर अच्छा लगा ,, अब तो आपसे रोज बात होगी
रेशमा-क्यूँ नही , हम पड़ोसी जो है , एक पड़ोसी दूसरे पड़ोसी के काम आता है
और हम दोनो फिर से हँसने लगे
हम बिल्कुल ऐसे बात कर रहे थे जैसे पहली बार मिल रहे हो
अवी- हो गयी हमारी दोस्ती
रेशमा-ये दोस्ती के बारे में किसी को पता ना चले वरना लोग बाते करते है
अवी- रेशमा तुम मुझ पे विश्वास रख सकती हो
रेशमा-रेशमा
अवी- क्या मैं तुम्हें नाम से बुला सकता हूँ
रेशमा-दोस्त है तो बुला सकते हो पर दूसरो के सामने नही
अवी- वैसे एक बात कहूँ
रेशमा-कहो
अवी- तुम बहुत दिनो बाद ऐसे बाते कर रही हो ना
रेशमा-क्यूँ पूछ रहे हो , और तुम्हें कैसे पता
अवी- तुम्हें हर बार देखा तो आटिट्यूड के साथ देखा , ना किसी से बात करना और ना हसना , पर आज बिल्कुल
अलग लग रही हो
रेशमा-मैं ऐसी ही हूँ , पर कुछ सालो से मैं खुद को भूल गयी थी कि मैं क्या हूँ
अवी- तुम ना ऐसे ही रहा करो ,तुम्हारे चेहरे पे स्माइल अच्छी लगती है
रेशमा-लाइन मार रहे हो तो भूल जाओ
अवी- मैं बस तारीफ कर रहा हूँ , और तुम्हारी स्माइल मुझे मेरी भाभी की याद दिलाती है ,
रेशमा-तुम्हारी भाभी भी है
अवी- हाँ , और जल्दी मैं चाचा भी बनूंगा
रेशमा-अभी से बधाई दे रही हूँ
अवी- थॅंक्स वैसे आपके घर मे कोई नही है
रेशमा-मेरे सास ससुर तो गाँव मे रहते है
अवी- फिर आप इतने बड़े शहर मे अकेली कैसे रह लेती है
रेशमा-मैं बचपन से यहीं बड़ी हुई हूँ पर अब मेरे मोम डॅड भी अपने गाँव मे रहने चले
गये है
अवी- ऐसे अकेला पन काटने लग जाता होगा
रेशमा-हाँ , पर अब आदत पड़ गयी है
अवी- मैं तो 3 महीने मे बोर हो गया हूँ
रेशमा-मुझे ऐसा लगता है आज के लिए इतनी बाते काफ़ी है
अवी- आज तो बहुत बाते हो गयी , बहुत दिनो बाद किसी से फ्री ली बात हो सकी है
रेशमा-मुझे भी अच्छा लगा तुमसे बात करके
अवी- रेशमा सॉरी
रेशमा-सॉरी किस लिए
अवी- अगर कुछ ग़लती से बोल दिया हो तो
रेशमा-दोस्ती मे नो थॅंक्स नो सॉरी
अवी- ओके दोस्त कल.मिलते है
और हम अपने अपने अपार्टमेंट मे चले गये
रूम मे आते ही मैं ने लंबी सास ली
रेशमा से इतनी जल्दी इतनी बात हो जाएगी सोचा नही था
दूसरी मुलाकात मे दोस्त बना लिया
कहीं मैं फास्ट तो नही जा रहा हूँ
कोई बात नही
रेशमा को भी कोई ऐतराज़ नही है
वो भी मुझसे बात करके खुश है
उसको भी अकेले पन को दूर रखने को कोई मिल गया है
रेशमा भी मुझे बात करने मे इंट्रेस्टेड लग रही थी
उसका इंटेरेस्ट बनाए रखूँगा
उसको भी कोई साथी मिल रहा था
पर मुझे आराम से काम.लेना होगा
स्टेप बाइ स्टेप चलना था
लेकिन कुछ भी हो इतनी जल्दी दोस्ती होगी सोचा नही था
अब तो कल सुबह मिलूँगा रेशमा को
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RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

नेक्स्ट दिन मैं सुबह जल्दी उठ गया
रेशमा भी जल्दी उठ कर जॉगिंग को जाती है
मैं भी आज जॉगिंग को जाने का सोच रहा था
मैं ने जानबूझ कर रेशमा को उसके कपड़े लौटा दिए पर उसका जॉगिंग सूट नही दिया
अभी रेशमा नींद से उठ कर अपना जॉगिंग सूट देख रही होगी
मैं तैयार हो गया और रेशमा का जॉगिंग सूट अपने साथ लिया
इधर रेशमा जॉगिंग सूट देख रही थी पर उसको ड्रेस नही मिला तभी मैं ने डोर बेल बजाई
इतनी सुबह कौन आया होगा
रेशमा भी सोच रही थी सुबह सुबह कौन हो सकता है
जैसे ही रेशमा ने डोर खोला तो.मुझे सामने पाया
रेशमा-तुम , इतनी सुबह
अवी- तुम्हारा ड्रेस मेरे पास रह गया था
और मैं ने जॉगिंग सूट रेशमा को दिया
रेशमा-मैं इसको ही ढूँढ रही थी
अवी- ग़लती से तुम्हारे जॉगिंग सूट को अपने सूट के साथ रख दिया ,
रेशमा-कोई बात नही , पर तुम इतनी सुबह क्यूँ देने आए
अवी- मैं सुबह उठ कर कसरत करता हूँ, तो मैं.अपना ड्रेस पहन रहा था तभी मेरी नज़र तुम्हारे
ड्रेस पर गयी तब समझ मे आया कि ये तुम्हारा है , और जॉगिंग ड्रेस की ज़रूरत तो सुबह ही होती
है ,
रेशमा-थॅंक्स , कल भी जॉगिंग को नही गयी थी , और लगा कि आज भी मिस कर दूँगी , पर तुमने कल
ही क्यूँ नही दिया

अवी- वो क्या हैं , सनडे और मंडे को मैं बाहर गया था , और जैसे कल सुबह घर आया तो
ऑफीस जाने की तैयारी कर रहा था , और उस बीच आपके कपड़े दिखाई दिए , तो जल्दी जल्दी मे गड़बड़ हो
गयी और तुम्हारा ड्रेस मेरे पास ही रह गया
रेशमा-कोई बात नही ,
अवी- अछा मैं चलता हूँ
रेशमा-तुम जॉगिंग को जा रहे हो तो रूको मैं भी आती हूँ
अवी- नही वो क्या है मैं यहाँ किसी को जानता नही , और नीचे के गार्डन मे बहुत भीड़ रहती है इस
से मैं रूम मे ही कसरत करता हूँ
रेशमा-ये तो ग़लत बात है , जॉगिंग तो ताज़ी हवा मे करनी चाहिए
अवी- पर नीचे गार्डन मे बहुत भीड़ रहती है , ऐसा लगता है पूरी सोसायटी आई है
रेशमा-मुझे भी इस से प्राब्लम होती है तभी तो मैं बाहर जाके जॉगिंग करती हूँ वहाँ ना कोई जान
पहचान का होता है ना कोई डिस्ट्रब तो आराम से जॉगिंग कर लेती हूँ
अवी- कहाँ है वो जगह
रेशमा-आज मेरे साथ चलो , मुझे भी कंपनी मिल जाएगी
अवी- ठीक है
रेशमा-तुम ना सोसायटी के बाहर जाके मेरा इंतज़ार करो मैं 10 मिनिट मे आती हूँ
अवी- ऐसा क्यूँ
रेशमा-साथ मे जाएँगे तो लोग बाते करते है , और अच्छे रिश्ते को बदनाम कर देते है
रेशमा की बात सही थी
मैं रेशमा के सामने सीडियो से नीचे चला गया
जानबूझ कर लिफ्ट का ईस्तमाल नही किया
रेशमा को दिखा रहा था कि उस थप्पड़ के बाद मैं ने लिफ्ट इस्तेमाल करनी बंद कर दी
मैं सोसायटी के बाहर जाकर रेशमा का इंतज़ार करने लगा
रेशमा ट्रॅक सूट मे क्या मस्त लग रही थी
उसके बदन से पूरी तरह से चिपक गया था , ऐसा लग रहा था कि रेशमा ने कुछ पहना है कि
नही
रेशमा कार मे थी फिर भी हॉट लग रही थी , जॉगिंग करते हुए मेरा बुरा हॉल करेगी
फिर रेशमा मुझे बड़े मैदान मे ले गयी जहाँ जॉगिंग करने के लिए बहुत जगह थी
जब रेशमा कार पार्क कर के आई तो सबकी नज़र उस पर ही थी
मेरे बाजू के आदमी बोल रहे थे कि वो जॉगिंग करने सिर्फ़ रेशमा को देखने आते है
सब की नज़र रेशमा पर ही थी
रेशमा के बूब्स , उसकी मस्तानी गंद , उसका पर्फेक्ट फिगर , उसकी खूबसूरती से सब घायल हो गये
थे
पर रेशमा को इस से फरक नही पड़ा
और वो मेरे पास आ गयी
और हम जॉगिंग करने लगे
हमारी जोड़ी अच्छी लग रही थी जिस से सारे मर्दों को लगा कि मैं रेशमा का हज़्बेंड हूँ
सबके दिल टूट गये
मैं खुश था कि रेशमा जैसी हॉट लड़की मेरे साथ थी
लोगो के लिए तो रेशमा मेरी वाइफ थी
हम धीरे धीरे जॉगिंग कर रहे थे
अवी- तुम क्या यहाँ रोज आती हो
रेशमा-हाँ , पिछले सिक्स महीने से डेली आती हूँ
अवी- अच्छी हॅब्बिट है ,
रेशमा-बाते मत करो जॉगिंग करो
मैं ने तो सोचा था कि रेशमा के पीछे पीछे जॉगिंग करते हुए उसकी गंद देखूँगा
पर यहाँ मुश्किल लग रहा था
क्यूँ की जैसे ही रेशमा ने जॉगिंग शुरू की तो बेंच पर बैठे लड़के बूढ़े सब खड़े होकर जॉगिंग
करने लगे
जैसे रेशमा का ही इंतज़ार कर रहे थे उसकी गंद देखते हुए पीछे पीछे आ रहे थे
रेशमा-क्या सोच रहे हो ,
अवी- कुछ नही , वैसे कितने राउंड लगती हो ग्राउंड के
रेशमा-5 लगा लेती हूँ
अवी- इसका मतलब तुम तो बचपन से स्पोर्ट मे इंटेरेस्ट हो
रेशमा-हाँ , मैं सभी स्पोर्ट खेलती थी बचपन मे
अवी- मैं तो बस फुटबॉल खेलता था
रेशमा-देखा मैं ने
अवी- पर अब बंद कर दिया है
रेशमा-मेरी वजह से बंद किया
अवी- हाँ वो उस दिन ग़लती से
रेशमा-खेल खेल मे चोट लग जाती है , मैं ने तो बॉल वापस भी कर दी थी ,
अवी- वैसे उस दिन सॉरी भी नही बोल पाया था
रेशमा-उसमे तुम्हारी ग़लती नही थी बच्चों ने तुम्हें फँसा दिया ये मुझे पता चल गया था
और देखते देखते हमारे 5 राउंड हो गये
रेशमा तो भीग गयी थी पसीने से
सब लोग रेशमा का भीगा बदन देखने लगे
लगता है जो एक ब्रा पैंटी का सेट था रेशमा के पास वही पहन कर आई है
क्यूँ की स्पोर्ट ब्रा तो मेरे पास थी रेशमा की
आज तो लोगो के मज़े थे
लड़के तो मेरे होते हुए भी रेशमा को लाइन मार रहे थे
हम जॉगिंग करके कुछ देर के लिए धीरे धीरे चलने लगे तो एक कपल हमारे पास आ गया
50 55 एज के थे
आंटी- रेशमा बेटी तुम कल तो दिखाई नही दी
रेशमा- कल आना ही नही हुआ इधर
औंत्त- ये तुम्हारे साथ कौन है
अंकल-कौन हो सकता है , तुम भी अजीब सवाल पूछती हो
आंटी- रेशमा तुम्हारा हज़्बेंड तो हॅंडसम है , इसको जॉगिंग के लिए लाकर अच्छा किया
आंटी अंकल तो हमे पति पत्नी समझ रहे थे
ये तो मेरे लिए गुड न्यूज़ थी
रेशमा थोड़ी अनकंफर्ट्ब्ल महसूस करने लगी
आंटी- क्या नाम है तुम्हारा और कब आए दुबई से
अवी- अवी है मेरा नाम ,
रेशमा-आंटी वो ये
आंटी- समझ गयी कि कल तुम जॉगिंग को क्यूँ नही आई ,
और आंटी ने रेशमा की चींटी काट ली
आंटी तो नॉटी निकली
रेशमा- आंटी वो मैं
अंकल- तुम भी ना क्यूँ जवान कपल के बीच मे हड्डी बन रही हो , उनको जॉगिंग के साथ रोमॅन्स
भी करने दो
आंटी- मैं क्यूँ हड्डी बनूँ , बेटा इस बार रेशमा को अपने साथ लेकर जाना दुबई मे ,
मैं ने बस हाँ मे गर्दन घुमा दी
और वो अंकल आंटी वहाँ से चले गये
रेशमा तो मुझसे अब नज़र नही मिला रही थी
मैं भी थोड़े मज़ाक के मूड मे था
अवी- तो चले डियर वाइफ
रेशमा-क्या ?
अवी- मज़ाक कर रहा था
रेशमा-ये आंटी भी ना
अवी- कौन थी ये आंटी
रेशमा-ऐसे जॉगिंग करते करते पहचान हो गयी , उनकी ग़लतफहमी दूर करनी होगी
अवी- मुझे तो कोई प्राब्लम नही है
रेशमा-तुम लिमिट क्रॉस कर रहे हो
अवी- सॉरी , मैं तो बस मज़ाक कर रहा था
रेशमा ने भी इस पर कुछ नही कहा
पर आगे जाकर उसके चेहरे पे स्माइल थी जो मैने आगे खड़ी बाइक के मिरर मे देख ली थी
मैं रेशमा के पीछे पीछे ही था
अब तो रेशमा वापस भागने लगी
तो मैं ही उसके साथ जॉगिंग करने लगा
जब भी वो अंकल आंटी देखती तो मैं स्माइल कर देता जिस से रेशमा झूठा गुस्सा दिखाती
रेशमा-आज के लिए इतना काफ़ी है
अवी- मेरा तो पहला दिन है और आज ही तुमने थका दिया
रेशमा-पहला दिन होने के बाद भी अच्छा स्टॅमिना है
अवी- स्टॅमिना की बात ही मत करो तुम , जब मैं शुरू करता हूँ तो रुकता ही नही
रेशमा-देखा था मैं ने ( उस दिन चुदाई करते हुए)
अवी- क्या कहा
रेशमा-कुछ नही
अवी- चलो जूस पीते है
और हम जाने लगे तो वो लड़के भी हमारे पीछे आने लगे
मैं ने अपने साथ एक रुमाल भी रखा था जो लगबग टवल जैसा ही था
अवी- ये लो
रेशमा-थॅंक्स , पसीना बहुत निकल रहा है
अवी- ये पसीने के लिए नही है , तुम ना इसको अपनी कमर की लगा लो
रेशमा-क्यूँ ?
अवी- मैं कह रहा हूँ तो लगा लो
रेशमा-बात क्या है
अवी- तुम खुद पीछे देख लो
अचानक रेशमा ने पीछे देखा तो वो लड़के कुछ कर रहे थे
और रेशमा के पलटने से वो भी पलट गये
तो रेशमा समझ गयी कि लड़के क्या देख रहे थे
रेशमा ने मेरा दिया हुआ रुमाल कमर को लगा कर अपनी गंद छुपा दी
रेशमा को उसके लिए मुझे थॅंक्स कहना था
पर उसको शर्म भी आ रही थी
उसने दिल से मुझे थॅंक्स कहा और हम जूस पीने लगे
आज तो जॉगिंग करने मे मज़ा आया
रेशमा तो मुझसे बहुत खुलने लगी थी
बहुत फास्ट चल रहे थे हम दोनो
रेशमा की तरफ से तो ग्रीन सिग्नल था
शायद उसको पता था कि मैने क्यूँ उस से दोस्ती की है
फिर हम.वापस अपनी सोसायटी मे आ गये
और दोनो अलग हो गये ताकि कोई रेशमा पर उंगली ना उठा सके
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,


RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

जॉगिंग करना वो भी रेशमा के साथ अच्छा अनुभव था
धीरे धीरे रेशमा को.मैं अच्छा लगने लगा
जॉगिंग करने के बाद हम.दोनो अलग हो गये
पर रेशमा के कार पार्किंग करने तक मैं नीचे ही रुका
जब रेशमा लिफ्ट का इंतज़ार का रही थी तो मैं सीडियो से उपर चला गया
रेशमा को ये अजीब लगा
नीचे आते समय तो वो समझ सकती है कि सीडिया से नीचे आने से एक्सर्साइज़ हो जाती है
पर अब तो मैं थका हूँ फिर भी सीडियों का ईस्तमाल क्यूँ कर रहा हूँ , और लिफ्ट तो खाली है
रेशमा को सोच मे डूबा हुआ देख कर अच्छा लगा
पर अब मेरी गंद लग रही थी
पहले रेशमा के सामने हीरो बनने के चक्कर मे जॉगिंग करनी पड़ी
अब 7 फ्लोर तक सीडियो से जाना ,
गंद फट रही थी मेरी
पर रेशमा को पाने के लिए इतना तो करना ही था
रेशमा उपर जाकर मेरा ही इंतज़ार कर रही थी
मैं आराम से उपर आया तो रेशमा तब तक अपने अपार्टमेंट मे चली गयी
मैं तो अपने बेड पर आधा घंटे का अलार्म लगा कर सो गया
फिर ऑफीस जाने को तैयार हो गया
रेशमा भी ऑफीस जा रही थी लेकिन उसकी साड़ी ब्रा और पैंटी मेरे पास थी
फिर भी रेशमा ने अड्जस्ट कर लिया
औसे ड्रेस पहन लिया जिस से ब्रा ना पहनने से चल जाएगा
उसको पता था कि उसकी ब्रा पैंटी कहाँ है
पर वो माँगने से शरमा रही थी
आज तो वो नयी खरीद लेगी
मैं नही चाहता था कि वो नयी ब्रा पैंटी ले
इस लिए मैं ने कुछ अलग सोच लिया
आज तो हम दोनो एक साथ अपने अपने अपार्टमेंट से बाहर निकले ऑफीस जाने को
जैसे हमारी नज़र मिली तो हमारे चेहरे पे स्माइल आ गयी
रेशमा ने विश किया और वो.लिफ्ट के पास गयी
पर मैं सीडियो के तरफ जाने लगा
मुझे सीडियो से नीचे जाते हुए देख कर रेशमा ने आवज़ दी
रेशमा-लिफ्ट ने नीचे नही जाओगे
मैं रुक गया
रेशमा-सुबह जॉगिंग के वक्त सीडियो का इस्तेमाल करना ठीक था पर अब लिफ्ट का इस्तेमाल करो
अवी- तुम्हारे साथ
रेशमा-क्यूँ मेरे साथ कोई प्राब्लम है
मैं ने उस पे कुछ नही कहा और रेशमा के पास आकर लिफ्ट का इंतज़ार करने लगा
रेशमा-तुम लिफ्ट का इस्तेमाल क्यूँ नही कर रहे हो
अवी- वो मैं
रेशमा-क्यूँ क्या हुआ
मैं कुछ कहता उस से पहले लिफ्ट आ गयी
और हम दोनो लिफ्ट मे सवार हो गये
मैं रेशमा से थोड़ा दूर ही खड़ा था
और चुप चाप नीचे सर करके खड़ा था
रेशमा मुझे ऐसे देख कर थोड़ी शॉक्ड थी
रेशमा-क्यूँ क्या हुआ ऐसे क्यूँ चुप चाप खड़े हो
अवी- वो मैने लिफ्ट मे बात करना बंद कर दिया
रेशमा-क्यूँ ?
अवी- लिफ्ट मे बाते करने पर थप्पड़ मिलता है
रेशमा-थप्पड़
और रेशमा को वो दिन याद आया जब उसने मुझे थप्पड़ मारा था
रेशमा-उस दिन के लिए सॉरी , मैं ने बिना सोचे समझे तुम्हें थप्पड़ मारा था
अवी- पहली बार किसी ने थप्पड़ मारा था
रेशमा-मुझे ग़लतफहमी हुई थी
अवी- लेकिन उसकी सज़ा तो मुझे मिली थी
रेशमा-पर तुम्हें भी औरतो के सामने ऐसी बात नही करनी चाहिए थी
अवी- मुझे तो लगा था कि लिफ्ट मे मैं अकेला हूँ , और तुम उस लड़के की माँ हो जो 2फ्लोर पर उतर गया
था
रेशमा-फिर भी ध्यान रखना चाहिए था
अवी- ग़लती हो जाती है पर उसके लिए थप्पड़ नही मारना चाहिए
रेशमा-तुम्हें तब पता नही होगा पर मेरा नाम भी रेशमा था
अवी- तुमको भी समझना चाहिए कि रेशमा नाम बहुत लड़कियो का होता है
रेशमा-मुझे लगा की तुम मेरी बात कर रहे हो
अवी- उस वक्त तो तुम्हारा नाम भी मुझे पता नही था
रेशमा-ये मुझे मिसेज़ गुप्ता के यहाँ पता चला , और तुम अपनी गर्लफ्रेंड रेशमा की बात कर रहे हो
अवी- वो मेरी गर्लफ्रेंड नही है
रेशमा-पर तुमने तो कहा था कि
अवी- पहले थी लेकिन बाद मे सोचा कि माला ही मेरे लिए अच्छी रहेगी
रेशमा-तभी रेशमा को दोस्त के साथ शेयर करने की बात कर रहे थे , तुम ऐसे भी सचते हो
अवी- वो तो मेरे दोस्तो को यहाँ बुलाने के लिए झूठ बोला था ,
रेशमा-अब तुम झूठ बोल रहे हो
अवी- सच , मेरे दोस्त को घूमने के लिए बुला रहा था पर बाद मे वो बोल रहा था कि वो आएगा
तो उसकी रेशमा चाहिए , मैं अपने बातों से फस गया जिस से मैं ने बात की रेशमा से लेकिन वो
तैयार नही हुई
रेशमा-पता है मुझे
अवी- क्या कहा
रेशमा ने जल्दी बात बदल दी
रेशमा-ऐसी बात देख कर करनी चाहिए , और मेरा नाम भी रेशमा था तो मुझे लगा कि तुम मेरे
बारे में बात कर रहे हो
अवी- तब मुझे तुम्हारा नाम पता नही था , और दूसरी बात मैं पागल नही हूँ जो तुम्हें शेयर करने
की बात करूँ , तुम्हें तो पॅल्को पर सज़ा के रखू इतनी स्पेशल हो तुम
ये मैं ने क्या बोल दिया
रेशमा भी मेरी बात से शॉक्ड हो गयी
अवी- सॉरी वो ग़लती से
रेशमा-ग़लती से दिल की बात बाहर आती है
अवी- मेरे कहने का मतलब था कि
रेशमा-कोई बात नही ,,गुलाब के फूल के पास इतने काँटे होते है कि उसको अकेला रहना पड़ता है
अवी- पर गुलाब के फूल की खुश्बू सबको अपने पास लाती है
रेशमा-जाने दो उस बात को , उस दिन के लिए सॉरी
अवी- कितनी ज़ोर से थप्पड़ मारा था , मुझे तो बहुत गुस्सा आया था तुम पर
रेशमा-अच्छा
अवी- और नही तो क्या उस वक्त मुझे समझ मे नही आया कि तुमने थप्पड़ क्यूँ मारा , फिर वॉचमन
से तुम्हारे बारे में पूछा तब समझा कि तुम्हारा नाम भी रेशमा है
रेशमा-सॉरी मुझे पहले बात करनी चाहिए थी
अवी- उस थप्पड़ के बाद तो मुझे नींद नही आई थी , मैने तो ये बिल्डिंग छोड़ने का सोच लिया
था ,, और तुम पर बहुत गुस्सा आया था
रेशमा-सॉरी बोला ना
अवी- अगर तुम्हारी जगह कोई और होती तो तभी वापस थप्पड़ मार देता , हमारे यहाँ पत्थर का जवाब
पत्थर से देते है
रेशमा-तुम भी मुझे थप्पड़ मार दो
अवी- मैं कैसे
रेशमा-मार लो , मुझे भी याद रहेगा कि हमेशा जो दिखता वैसा होता नही
अवी- लेकिन मैं लॅडीस पे हाथ नही उठाता
रेशमा-ग़लती मेरी थी , तुम्हारी जगह कोई और होता तो उस थप्पड़ के बदले रेप करने का सोचता
अवी- मैं ऐसा नही हूँ
रेशमा-पता है , पर तुम्हें थप्पड़ मारना होगा वरना तुम लिफ्ट मे आने से डर जाओगे
और रेश्म ने अपना गाल आगे किया
रेशमा के गालो पर मैं थप्पड़ कैसे मार सकता हूँ
पर रेशमा कह रही है तो मारना पड़ेगा
मैं मे हाथ उठाया तो रेशमा ने आँख बंद की
उसको डर भी लग रहा था
लेकिन मेरा हाथ रुक गया
रेशमा को डरा हुआ देख कर उसपे प्यार आ गया
मैं ने हाथ पीछे ले लिया और रेशमा के गुलाबी गालो पर
रेशमा के गुलाबी गालो पर किस किया
रेशमा को इसकी उम्मीद नही थी
रेशमा तो इस से शॉक्ड हो गयी
उसने अपनी आँख खोल कर मुझे देखा तो मैं लिफ्ट मे नही था
लिफ्ट रुकी हुई थी और मैं बाहर निकल गया
रेशमा तो पूरी तरह से शॉक्ड हो गयी
उसको इस बात की उम्मीद नही थी
आज तो दिन भर रेशमा इस किस के बारे में सोचेगी

मैं तो रेशमा को.किस करके खुश था
आज सपनो की रानी को किस किया था
आज का दिन मैं कभी नही भूलूंगा

रेशमा ऑफीस जाकर मेरे किस के बारे में सोच रही होगी
होंठो की जगह गालो पर ही किया था
फिर भी रेशमा का चेहरा देखने लायक था
वो तो पूरी तरह से हिल गयी थी
मैं वहाँ से जल्दी गायब हो गया
पता नही बिचारी क्या सोच रही होगी
दिन भर यही सोच रही होगी कि मैं ने ऐसा क्यूँ किया
अब तो उसके दिमाग़ मे मैं ही रहूँगा
लेकिन मैं भी डरा हुआ था कि अगर रेशमा को गुस्सा आया तो
अगर रेशमा ने दोस्ती तोड़ दी तो
बना बनाया प्लान खराब हो सकता है
लेकिन ये स्टेप कभी ना कभी तो उठाना ही था
अभी तो लोहा गरम.है
लोहा गरम हो तो हथौड़ा मार देना चाहिए
रेशमा अबी फुल फॉर्म मे है तो मैं उसको ठंडा नही होने दे सकता
अगर जल्दी नही की तो रेशमा हाथ से निकल जाएगी
लेकिन अभी तो जो.किया है उसको ठीक भी करना था
मैं दिन भर ऑफीस मे रहा
इंटरनेट पे सर्च करता रहा कि कोई अच्छी पोयम मिल जाए
लेकिन काम नही बना
फिर स्टोर मे जाकर एक ग्रीटिंग लिया सॉरी वाला
और एक लेटर पे लिखा कि
"गुलाब के फूल को कोई कैसे कुचल सकता है , गुलाब के फूल को तो प्यार किया जाता है ,मैं ने
प्यार ही किया , सॉरी , पर क्या करता तुम्हें थप्पड़ मारते हुए तुम्हारे चेहरे के एक्शप्रेशन देख कर
हिम्मत ही नही हुई कि थप्पड़ मार सकूँ , तुम्हें कोई थप्पड़ मार ही नही सकता , ऐसे मे मैं
ने छोटी गुस्ताख़ी कर दी , दोस्ती मे इतना तो चलता है ,


तुम जब ये पढ़ोगी तो सोचोगी कि ये क्या लिख दिया , कुछ अच्छी पोयम.लिख देते या ग्रीटिंग कार्ड देते,
मैं ने ग्रीटिंग भी लिया लेकिन उस पर तो दूसरे के दिल का हाल लिखा होता है , मुझे तो खुद सॉरी बोलना
था ,

माफ़ कर देना अगर बुरा लगा हो तो , और इस पेज को फाड़ना मत क्यूँ कि ये सब लिखने के लिए पहले
दस पेजस फाड़ चुका हूँ , और 1घंटा वेस्ट किया है , 1सेकेंड के किस के बदले 1 घंटा लग
गया , मेरे लिए नही कम.से कम.उस 10पेजस के लिए माफ़ करना , या फिर उस 1 घंटे के लिए माफ़ करना जो
ये लेटर लिखने के लिए लगाया था "

बहुत फालतू सा माफी नामा लिख दिया
कोई फाड़ेगा तो हसी आ जाएगी
मुझे खुद हसी आ रही थी कि मैं ने क्या लिखा है
पर रेशमा भी पढ़ी लिखी है
उसको मेरा लेटर पढ़ कर हसी ज़रूर आएगी
एक चूतिया लवर की तरह लेटर लिखा था
कभी कभी स्मार्ट लड़की के लिए ऐसा लेटर बहुत बड़ा रोल प्ले करता है
मैं ने ग्रीटिंग कार्ड फेक दिया और उस लेटर के साथ गुलाब का फूल भी ले लिया
और शाम मे मैं ने लेटर को एक गिफ्ट के साथ रेशमा के डोर के सामने रख दिया और बेल बजा कर
सीढ़ियों के पीछे छुप गया
रेशमा ने डोर खोला और गिफ्ट देख कर इधर उधर देखने लगी फिर गिफ्ट को अंदर लेकर गयी
मैं अपने अपार्टमेंट मे चला गया
पता नही क्या कहेगी रेशमा
लेकिन मैं ने अपना काम कर दिया
और आज तो रेशमा ने कुछ नही किया होगा
देखते है कल रेशमा क्या कहती है मुझे
मैं तो रेशमा के बारे में ही सोच रहा था
उसका क्या रियेक्शन होगा
एक पल के लिए लगा कि बाल्कनी मे जाकर देख लूँ
फिर सोचा कि कल ऐसे मिलूँगा कि जैसे कुछ हुआ ही ना हो
बस बात बनी रहे
रेशमा ज़्यादा गुस्सा ना हो
रेशमा अब गुस्सा तो होगी नही ऐसा लग रहा था
रेशमा को भी पता होगा कि दोस्ती मे इतना तो चलता ही है
ऐसे मे मैं रिलॅक्स हो सकता हूँ
मैं बस अब कल के बारे में सोच रहा था
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RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

कल तो रेशमा के गालो पर किस किया
अब वो दिन दूर नही होगा जब रेशमा के गुलाबी होंठो पे किस करूँगा
मैं कल रेशमा के साथ जॉगिंग पर गया था
तो आज भी सुबह तैयार हो गया जॉगिंग पर जाने के लिए
रेशमा के अपार्टमेंट की डोर बेल बजाई
रेशमा उठ चुकी थी लेकिन उसने ट्रॅक सूट नही पहना था
अवी-क्या हुआ तुम तैयार नही हुई
रेशमा-वो मैं आज नही आ पाउन्गि , तुम अकेले जाओ
अवी-क्यू क्या हुआ
रेशमा-कुछ नही बस आज तुम अकेले जाओ , चाहो तो मेरी कार लेकर जा सकते हो , प्लेस तो तुम्हें पता
है
मैं रेशमा के अपार्टमेंट के अंदर आ गया
रेशमा ने कल के पप्पी के बारे में कुछ नही कहा
रेशमा- तुम आज अकेले जाओ
अवी-क्यूँ तुम कल की मेरे हरकत से तो ऐसा नही बोल रही हो
रेशमा-ये बात तो ......
अवी-देखो कल जो हुआ उसके लिए सॉरी बोला है , दोस्ती मे इतना तो चलता है
रेशमा-बात वो नही है
अवी-मतलब मैं ने किस किया तुम्हें अच्छा लगा
रेशमा-उस बात पे मुझे गुस्सा आ रहा है , पर ये तुम्हारी पहली ग़लती समझ कर माफ़ कर रही हूँ
अवी-सच मे गुस्सा आया था या फिर अब मैं कह रहा हूँ इस लिए गुस्सा हो
रेशमा-तुम्हें ऐसा नही करना चाहिए था
अवी-तुमने ही तो कहा था कि थप्पड़ मारो
रेशमा-थप्पड़ मारने को कहा था किस करने को नही
अवी-थप्पड़ मारने वाला था पर तुम्हारे मासूम चेहरे को देख कर रुक गया , और तुमने तो बोल दिया
कि थप्पड़ मारो पर तुम खुद नही चाहती कि मैं थप्पड़ मारू
रेशमा-वो मैं
अवी-अब उस बात को भूल जाओ और चलो जॉगिंग करने
रेशमा-उस बात को मैं ने ज़्यादा सीरीयस नही लिया
अवी-तो क्या बात है
रेशमा-थोड़ी तबीयत ठीक नही है
मुझे पता था कि बात क्या है
रेशमा की ब्रा पैंटी मेरे पास है
जो एक पीस था उसके पास वो कल पहन लिया था
और कल ऑफीस जाते समय लेने वाली थी ब्रा पैंटी मेरे किस से कुछ खरीद नही पाई
जब प्यास लगती है तभी कुआँ खोदा जाता है
रेशमा को जब ज़रूरत पड़ी तभी उसको याद आया कि उसको शॉपिंग करनी थी
बस अब मुझे कैसे कहेगी कि उसकी ब्रा पैंटी मेरे पास है
इसी लिए तबीयत का बहाना बना रही है
अवी-चलो डॉक्टर के पास
रेशमा-डॉक्टर की ज़रूरत नही है बस थोड़ा आराम करूँगी तो ठीक हो जाएगा
अवी-झूठ मत बोलो
रेशमा-झूठ
अवी-अगर तबीयत ठीक ना होती तो ऐसा नही कहती कि डॉक्टर के पास नही जाना पड़ेगा
रेशमा-इतनी सुबह कहा डॉक्टर मिलता है
अवी-लेकिन बात कुछ और है
रेशमा-कुछ नही , बस आज मूड नही है
अवी-कही कल आंटी ने मुझे तुम्हारा हज़्बेंड कहा इस लिए तो जाना नही चाहती
रेशमा-ये बात भी नही है
अवी-मतलब तुम्हें अच्छा लगा था जब आंटी ने मुझे तुम्हारा हज़्बेंड बोला था
रेशमा-तुम कुछ भी मतलब निकालते हो
अवी-तो बताओ बात क्या है , दोस्त मदद करने को होते है
रेशमा-तुम्हें नही बता सकती
अवी-फिर ठीक है मैं यहाँ से कही नही जाउन्गा जब तक तुम बताओगि नही
रेशमा-तुम एक मर्द हो तुम्हें कैसे बता सकती हूँ
अवी-तुम्हारे पीरियड चालू ............
मेरी बात सुनते ही शॉक्ड हो गयी
कितनी आसानी से बोल दिया मैं ने
मेरी बात से तो रेशमा शरमा गयी
उसको तो समझ नही आया कि क्या कहे
रेशमा-तुम्हें शरम नही आती
अवी-इसमे शरमाना क्या , हम 21सेंचुरी मे रहते है , यहाँ तक कि पढ़े लिखे है
रेशमा-तो इसका ये मतलब नही कि ऐसी बात करो
अवी-तुम तो गाओं की लड़की जैसी बात कर रही हो , तुम मेच्यूर हो , जॉब करती हो , शादी शुदा हो , पढ़ी
लिखी हो , अकेली बिंदास रहती हो फिर सीधे सीधे बात करने मे क्या बुरा है
रेशमा-ऐसे बात नही करते
अवी-मतलब तुम्हें पीरियड है
रेशमा-तुम ......., नही है
अवी-तो बात क्या है
रेशमा-तुम मेरा सर खाना बंद करो
अवी-दोस्त होते ही है सर खाने को
रेशमा-तुमसे दोस्ती किए 2 दिन नही हुए और तुम तो ऐसे बात कर रहे हो जैसे की मुझे सालो से
जानते हो
अवी-सॉरी ,मुझे लगा था कि हम दोस्त है
और मैं छोटा चेहरा लेके वहाँ से जाने लगा
रेशमा को ये देख कर बुरा लगा
रेशमा ने मुझे रोक दिया
रेशमा-मेरे कहने का ये मतलब नही था
अवी-दोस्त दोस्त होते है , दोस्ती मे नया पुराना कुछ नही होता
रेशमा-पर लड़के लड़किया तो होती है
अवी-अब क्या लड़का और क्या लड़की , सब एक जैसे ही है
रेशमा-मतलब तुम बिना पता लगाए जाओगे नही
अवी-हाँ ,
रेशमा ने लंबी सास ली
रेशमा-मेरे कुछ कपड़े मिस्सिंग है जिस से मैं जॉगिंग को नही आ सकती
अवी-कल दिया ना जॉगिंग सूट
रेशमा-सूट तो है लेकिन
अवी-समझा , कही अंडरगरमेंट की बात तो नही कर रही है हो
मैं बिंदास तरीके से बोल रहा था
रेशमा तो पानी पानी हो रही थी
बस रेशमा ने हाँ मे गर्दन घुमा दी
अवी-पर मैं ने तो सारे कपड़े दे दिए थे
रेशमा-नही वो वाले कपड़े नही थे
अवी-पर मैं ने सब तो दे दिए , अलमारी मे जो रखे थे वो सारे कपड़े दे दिए थे
रेशमा-अलमारी मे , कपड़े तो बाल्कनी मे गिरे थे ना
अवी-वो मैं ......
मैं ने जानबूझ कर अलमारी कहा
जानबूझ कर पकड़ा गया ताकि रेशमा वाली बात बता सकूँ
रेशमा मुझे घूर्ने लगी
रेशमा-क्या चल रहा है तुम्हारा
अवी-शायद वो ले गयी होगी
रेशमा-वो कौन
अवी-मेरे ऑफीस वाली रेशमा
रेशमा-तुम तो घर पर नही थे
अवी-झूठ कहा था , सनडे और मंडे को मैं घर पर ही था , रेशमा के साथ , तुम समझ रही हो ना
रेशमा-हाँ ,, फिर झूठ क्यूँ कहा
अवी-ताकि कोई डिस्ट्रब ना करे,
रेशमा-तो मेरे कपड़े अलमारी मे
अवी- वो रेशमा ने सारे घर को क्लीन किया तो बाल्कनी के कपड़े भी अलमारी मे रख दिए ,
अवी- और मुझे बताया कि कपड़े अलमारी मे है , और वो चली गयी , जब अलमारी मे देखा तो लॅडीस के
कपड़े दिखे तो रेशमा को कॉल किया तो उसने बताया कि कपड़े बाल्कनी मे थे ,
अवी- मुझे लगा वो तुम्हारे होंगे तो देने आ गया
रेशमा-तो ये बात है , तुम तो बहुत फास्ट निकले
अवी-आज कल तो ये सब चलता है ,
रेशमा-तभी सोचु कि जॉगिंग सूट तुमने दूसरे दिन क्यूँ दिया
अवी-रेशमा ने सारे कपड़े अलग अलग रखे थे , मेरे जॉगिंग सूट के साथ तुम्हारे सूट रख दिया जो कल
दे दिया
रेशमा-तो अंडरगार्मेंट भी होंगे
अवी-वो तो नही थे ,
रेशमा-वही होंगे कहा जा सकते है
अवी-मैं रेशमा को कॉल करके देखता हूँ ,
रेशमा-उसने लेकर गये होंगे तो
अवी-तो क्या हुआ , उस के पास से लेकर आता हूँ ,
रेशमा-दुबई से खरीदे थे थोड़े महँगे थे जिस से तुम्हारी गर्लफ्रेंड लेकर गयी होगी
अवी-शायद , और वो मेरी गर्लफ्रेंड नही है , बस टाइम पास थी , बहुत चालू है , पहले लगा कि
मुझे प्यार करती है पर बाद मे ऑफीस से पता चला कि वो ये सब प्यार का नाटक प्रमोशन पाने
के लिए कर रही है
रेशमा-तो दे दिया प्रमोशन
अवी-देना पड़ा , पर अब उसका चॅप्टर क्लोज़ हो गया है , इस बार लास्ट टाइम मिले थे
रेशमा-तभी उसकी जान ले ली
अवी-क्या ?
रेशमा-कुछ नही
अवी-तो आज जॉगिंग नही जा सकते
रेशमा-वही तो कह रही हूँ
अवी-और ऑफीस
रेशमा-उसको आज छुट्टी
अवी-मैं दोपेहर तक लेकर आ जाउन्गा तुम्हारे कपड़े
रेशमा-थॅंक्स
अवी-और सॉरी मेरी वजह से तुम्हें परेशानी हुई
रेशमा-इसमे तुम्हारी क्या ग़लती है
अवी-फिर भी मेरी वजह से हुआ है
रेशमा-कोई बात नही , अब तुम अकेले जॉगिंग को जाओ
अवी-अब तो टाइम हो गया है , आज रहने देता हूँ वरना आंटी कहेंगी कि रेशमा को क्यूँ नही लाया फिर
ग़लत समझ बैठेंगी
पहले तो रेशमा समझी नही
पर जब समझ मे आया तो शर्मा गयी
उनको लगेगा कि रेशमा की चुदाई की जिस से वो सुबह उठ ही नही पाई
रेशमा इस बात को ख़तम करने के लिए किचन मे चली गयी
फिर रेशमा ने हम दोनो के लिए टी और नाश्ता बनाया
फिर से रेशमा की तारीफ शुरू कर दी
और रेशमा के साथ फ्री होने लगा
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RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

रेशमा को खुल कर बात करने पे मज़बूर किया
अब रेशमा आराम से बात कर रही थी
उसकी सारी झिझक निकाल दी थी
पर अब नेक्स्ट स्टेप चलनी थी
वरना दिन भर बिना पैंटी के घूमती रहेगी
मैं ये काम.जल्दी करना चाहता था वरना रेशमा तो मार्केट जाकर जुगाड़ कर लेगी
मैं ने रेशमा की सारी पैंटी और ब्रा बेड पर फेक दी
और मार्केट चला गया कुछ ऑर्डिनरी ब्रा पैंटी लाने
शॉप मे ब्रा पैंटी लेने मे बड़ा मज़ा आया
किसी भी साइज़ की देना ऐसा कहा तो शॉपगर्ल हँसने लगी
बड़ा हँसी मज़ाक हुआ शॉप मे
फिर फाइनली रेशमा को उसका फिगर पूछ लिया और 7 8 सेट ले लिए
शॉप गर्ल तो देखती रह गयी , मैं ने उस ब्रा पैंटी के लेबेल निकाल कर थोड़ा चुरा मुरा कर दिया ताकि
लगे कि पुरानी है
फिर मैं वापस अपार्टमेंट मे आ गया
और खरीदी हुई ब्रा पैंटी भी बेड पर फेक दी
अब थोड़ी छेड़छाड़ हो जाए मेरी पड़ोसन के साथ
मैं ने सारी ब्रा पैंटी को मिक्स कर दिया
अब मज़ा आएगा जब रेशमा के सामने उसकी ब्रा पैंटी को मज़ा लूँगा
मैं ने रेशमा को बाल्कनी से आवाज़ दी
रेशमा-ऐसे मेरे नाम से क्यूँ चिल्ला रहे हो
अवी-क्या करूँ तुम्हारा नंबर नही है मेरे पास
रेशमा-तो माँग लेते ना
अवी-अब बता दो
और रेशमा का नंबर ले लिया और अपने अपार्टमेंट मे आ गया तो रेशमा हॅंग हो गयी कि आवाज़
क्यूँ दी बताया नही
मैं हॉल मे आकर रेशमा को कॉल किया
रेशमा-हेलो कौन बोल रहा है
अवी-मैं अवी
रेशमा-तुम , तुम क्या पागल हो
अवी-तुमने तो कहा कि तुम्हारे नाम.से चिल्लाऊ नही , कॉल करके बताना जो बताना है
रेशमा-कहो क्यूँ कॉल किया
अवी-वो मैं तुम्हारे कपड़े लेकर आ गया हूँ
रेशमा-तो लेकर आ जाओ मेरे यहाँ
अवी-तुम खुद आओ क्यूँ कि थोड़ी प्राब्लम है
रेशमा-क्या हुआ
अवी-तुम आओ तो सही
रेशमा-ठीक है आ रही हूँ
और रेशमा मेरे अपार्टमेंट मे आ गयी
सलवार कमीज़ मे थी ताकि मैं कुछ देख ना सकूँ
अवी-अच्छा हुआ तुम आ गयी
रेशमा-क्या प्राब्लम.हुई अब
अवी-वो रेशमा तो अपने घर पर नही मिली ,
रेशमा-तो ये बात फोन पर भी बता सकते थे
अवी-वो रेशमा घर पर नही थी तो उसके घर जाकर जितने अंडरगार्मेंट मिले उतने ले आया
रेशमा-व्हाट
अवी-वो कह रही थी कि शाम मे देर से ओफ्फसे से आएगी तब तक रुकना होगा , इस लिए मैं सारे
अंडरगार्मेंट्स ले आया
रेशमा-तुम सच मे पागल हो
अवी-अब तुम खुद सेलेक्ट कर लो तुम्हारे कौन्से है
रेशमा-कहाँ है
मैं रेशमा को लेकर बेडरूम मे आ गया
बेडरूम मे आते ही बेड पर पड़े अंडरगार्मेंट को देख कर शॉक्ड हुई
रेशमा को शरम भी आ रही थी
ऐसे मेरे सामने सारी ब्रा पैंटी थी
अपने ब्रा पैंटी को सेलेक्ट करना वो भी मेरे सामने ,
कुछ बीविया तो अपने पति के सामने भी शॉप मे ब्रा पैंटी नही लेती
अब तो एक अंजान मर्द के सामने , फिर भी रेशमा ने हिम्मत से काम लिया
और सर नीचे करके ब्रा पैंटी ढूँढने लगी
अवी-अच्छे से देखना वरना फिर कहोगी कि
रेशमा-देख रही हूँ
अवी-रेशमा की बहन के उसकी माँ के सबके लेकर आया हूँ
रेशमा-व्हाट
अवी-मेरा मतलब है जो हाथ मे मिला वो लेकर आया
रेशमा-तुम बाहर रूको मैं देखती हूँ
अवी-मैं मदद करता हूँ
रेशमा के कुछ कहने से पहले मैं ने कुछ ब्रा पैंटी उठा ली
और एक पैंटी को देखने लगा
जी स्ट्रिंग वाली पैंटी थी
अवी-ये देखो , ग़लती से बच्चे की लंगोट लेकर आया हूँ
रेशमा-वो .....
अवी-ये क्या पीछे से सिर्फ़ स्ट्रिंग है
रेशमा- वो दो मुझे
अवी-ये तुम्हारी है
रेशमा-दो मुझे
अवी-पर ये तो फट गयी है , पीछे का कुछ नही है
रेशमा-वो ऐसे ही होती है
अवी-झूठ मत बोलो
रेशमा-तुम नाटक मत करो , तुम्हें भी पता है , दो मुझे
अवी-सच मे मैं ने ऐसी पैंटी नही देखी
रेशमा-अपनी बीबी को खरीद कर देना , वो दुबई से ली थी
अवी-कितनी छोटी है
रेशमा ने कुछ नही कहा और मेरे हाथ से पनटी च्चीं ली
मैं फिर से ऐसे मज़ाक करने लगा
रेशमा ने एक पैंटी उठा कर देखी
मुझे पता था कि वो मैं ने खरीदी है
अवी-वो तुम्हारी नही होगी
रेशमा-क्या
अवी-वो तुम्हारी नही होगी
रेशमा-तुम्हें कैसे पता
अवी-क्यूँ कि मैं इस पैंटी को पहचानता हूँ , उस दिन रेशमा यही पैंटी पहन रखी थी
मेरी बात से तो मेरी पड़ोसन पानी पानी हो गयी
उसको तो गला सुख गया
अवी-वो तुम्हारी नही है ,
रेशमा को भी याद आया कि उस दिन रेशमा ऐसी ही पैंटी पहनी थी
रेशमा-हो गया
अवी-पक्का हो गया ना
रेशमा-हाँ , अब सारे कपड़े मिल गये
अवी-तो ये तुम्हारे नही है
रेशमा-नही
अवी-ये जो बेड पर है ये अंडरगार्मेंट होते है ,, तुम्हारे तो बहुत अजीब थे
रेशमा-चुप रहो , कुछ तो शरम करो
अवी-शर्म तो तब करता जब तुम्हें उस कपड़े मे देखता
रेशमा-तुम्हें मज़ा आ रहा है मुझे छेड़ने मे
अवी-सच मे , मुझे ताज्जुब हो रहा है जी स्ट्रिंग की पैंटी कैसे पहनती है , क्या छुपाता होगा
रेशमा-तुम अपनी बीवी को खरीद कर देना तब देख लेना
अवी-तब तक नींद नही आएगी
रेशमा-ये भोला बनना बंद करो , मैं जानती हूँ कि तुम ऐसा बोल कर मुझे पहन कर दिखाने को
बोलॉगे
अवी-ऐसा मैं नही तुम चाहती हो
रेशमा-मैं नही तुम ये बोलने वाले थे
अवी-जिसके दिल मे जो होता है वो ज़ुबान पर जल्दी आता है
रेशमा-तुमसे जीतना मुश्किल है
अवी-तो तुम्हें कपड़े मिल गये ना
रेशमा-हाँ
अवी-तो कल जॉगिंग पर जाएँगे साथ मे
रेशमा-तुम जॉगिंग करने पे कुछ ज़्यादा ही फोकस कर रहे हो
अवी-क्यूँ कि उस समय तुम मेरी बीवी बन जाती हो
रेशमा-व्हाट
अवी-सबको लगता है कि तुम मेरी बीवी हो , रियल मे ऐसा नही हो सकता पर लोगो के ऐसा कहने पे
अच्छा लगता है
रेशमा-सब मर्द एक जैसे ही होते है
अवी-तुमने इतनी जल्दी शादी क्यूँ की , मेरा इंतज़ार करती
रेशमा-काश तुम जल्दी जाते , ( मेरे नशीब मे मोटा सांड लिखा था तो क्या कर सकते है )
रेशमा ने धीरे से कहा
अवी-कुछ कहा तुमने
रेशमा-यही कि तुम ऑफीस नही गये
अवी-आज तुम्हारी वजह से छुट्टी ले ली , कल जॉगिंग जो जाना था
और हम दोनो के चेहरे पर स्माइल आ गयी
रेशमा-थॅंक्स
अवी-वेलकम डियर
रेशमा-तो आज हम दोनो घर पर है तो आज का लंच तुम मेरे यहाँ कर सकते हो
अवी-सच फिर तो रोज ऑफीस नही जाउन्गा
रेशमा-तुम लाइन मारना बंद करो
अवी-सॉरी , पर हसी मज़ाक तो चलेगा ना
रेशमा-हाँ , लेकिन एक लिमिट मे
अवी-लिमिट क्रॉस हो गयी तो तुम बता देना
रेशमा-बता दूँगी
और रेशमा ने मुझे लंच के लिए इन्वाइट किया
रेशमा के जाते ही मैं बाथरूम मे जाकर मूठ मारने का सोच रहा था
पर सोचा कि अब तो रेशमा की चूत मे वीर्य डालूँगा
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RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

रेशमा मेरे साथ रहने से अपना अकेला पन भूल गयी थी
उसको तो मेरा मज़ाक करना भी पसंद आ रहा था
2 दिन मे हम बेस्ट फ्रेंड बन गये
मैं रेशमा को मज़ाक मज़ाक मे छेड़ने भी लग जाता
मेरा अब तक का प्लान कामयाब हो गया था
बस धीरे धीरे रेशमा के करीब आना था
आज तो लंच करते हुए रेशमा के अकेलेपन का पता भी लगा लूँगा
आज तो रेशना के हाथो का खाना मिलेगा
मैं तो बस रेशमा के कॉल का इंतज़ार कर रहा था
दोपेहर मे रेशमा का कॉल भी आ गया
रेशमा से मिलने के लिए तो मैं हमेशा तैयार रहता हूँ
जब से रेशमा से बाते शुरू हुई तब से ऑफीस पे ध्यान ही नही दिया
वो सब रेशमा के बहो मे आते कवर कर लूँगा लेकिन अबी तो रेशमा को ज़्यादा अहमियत दे रहा था
रेशमा ने जल्दी खाना बना लिया
रेशमा किसी को अपने घर नही बुलाती थी
लेकिन मेरे लिए अब कोई रोक टोक नही थी
मुझे रेशमा के लिए गिफ्ट लेकर जाना चाहिए था लेकिन अचानक लंच का प्रोग्राम बना तो कुछ कर
भी नही सकता था
रेशमा ने डाइनिंग टेबल पर खाना लगाने के बाद कॉल किया
फिर भी मैं ज़्यादा से ज़्यादा समय रेशमा के साथ रहना पसंद करूँगा
अवी-खाने की स्मेल तो बढ़िया आ रही है
रेशमा-तुम फिर शुरू हो गये ,
अवी-क्या करूँ तुम्हें देखता हूँ तो बस तारीफ करने का दिल करता है
रेशमा-मतलब तुम्हारी तारीफ कभी कभी झूठी भी होती है
अवी-ग़लत , अभी तो खाने की स्मेल से मेरे मुँह मे पानी आ रहा है
रेशमा-तो देर किस बात की है
अवी-खाना लगा दो , आज तो उंगली खा लूँगा ,
रेशमा-किसकी , मेरी या अपनी
अवी-खाना टेस्टी हुआ तो तुम्हारे हाथो को चूम लूँगा
रेशमा-तो थप्पड़ खाने को भी तैयार रहना
अवी-एक किस के लिए तो हज़ारो थप्पड़ खा लूँ
रेशमा-ऐसी बातों से कितनो को पटाया है
अवी-तुम पट गयी तो , तुम पहली और आख़िरी रहोगी
रेशमा-बच्चू मैं शादी शुदा हूँ
अवी-तो क्या हुआ , मुझे चल जाएगा
रेशमा-तुमसे तो बात करना ही बेकार है
और रेशमा ने दो प्लेट मे खाना लगा लिया
पनीर की सब्जी थी खाने मे
मेरे मनपसंद खाना देखते ही मुँह मे सच मे पानी आ गया
अवी-पनीर की हर सब्जी मेरी फवरेट है
रेशमा-मैं ने बनाया तो पनीर तुम्हारा फवरेट बन गया
अवी-झूठ नही बोल रहा हूँ , चाहो तो मेरी माँ से फोन पर बात करवाऊ
रेशमा-नही रहने दो ,
और मैं ने रेशमा के बनाए हुए खाने का टेस्ट लिया
पनीर मुँह मे जाते ही आँख बंद करके टेस्ट का स्वाद लेने लगा
रेशमा तो मुझे देखती रह गयी
रेशमा समझ गयी कि मुझे उसका खाना पसंद आ गया
पहला नीवाला खाते ही मैं ने रेशमा के हाथ को पकड़ कर चूम लिया
रेशमा देखती रह गयी
अवी-तुमने मेरे माँ की याद दिला दी , वही टेस्ट , वही प्यार था इस खाने मे
प्यार बोलना ज़रूरी था
रेशमा-बस बस और ज़्यादा तारीफ करोगे तो मेरा पेट भर जाएगा
अवी-सच मे रेशमा तुम्हारे हाथो मे जादू है ,
रेशमा-तुम्हें मेरा खाना सच मे पसंद आया या मुझे खुश करने के लिए बोल रहे हो
अवी-मेरी माँ की कसम , अब तक खाया हुआ बेस्ट खाना है ये
रेशमा मेरे तारीफ करने से खुश हो गयी
अवी-खास खास तुम्हारी शादी ना हुई होती तो मैं तुमसे शादी करता , और रोज तुम्हारे खाने की तारीफ
करता , और रोज मुझे टेस्टी खाना खाने को मिलता
रेशमा- कुछ भी
अवी- तुम खुद खा कर देखो , रूको मैं ही खिलाता हूँ
और मैं ने एक नीवाला रेशमा की तरफ बढ़ाया
रेशमा मुझे देखती रह गयी पर उसने मेरे हाथ से नीवाला खा लिया
मेरी बाते और मेरे हाथो से खाना खाते सुनते रेशमा की आँख मे आँसू आ गये
रेशमा अपने आसू छुपाने लगी पर मैं ने देख लिए आसू
अवी-सॉरी , मेरी वजह से तुम्हारी आँख मे आसू आ गये
रेशमा-ये आँसू तुम्हारी वजह से नही मेरी किस्मत की वजह से आए है
अवी-क्यूँ क्या हुआ
रेशमा-एक तुम हो जो मेरे खाने की तारीफ कर रहे हो और एक मेरा हज़्बेंड है जिस ने कभी ये भी
नही कहा कि खाना अच्छा बना है , बस भुक्कड़ की तरह ख़ाता है और ये भी नही पूछता कि मैं ने
खाना खाया कि नही
अवी-शायद तुम्हारी किस्मत मे यही लिखा हो
रेशमा-पता नही क्यूँ मेरी किस्मत ऐसी है
अवी-तुम्हारा हज़्बेंड यहाँ नही है तो भूल जाओ कि तुम शादी शुदा हो , और अपनी लाइफ को एंजाय करो
रेशमा-क्या मतलब
अवी-तुम ये चुप चाप गुम्सुम रहना बंद करो , देखो 2 दिन मे तुम हर पल हँसती आ रही हो
रेशमा-जब से तुम्हारी दोस्त बनी हूँ तब से हसना भी सिख गयी हूँ
अवी-दोस्त होते है हंसाने के लिए , और तुम.ना हँसते हुए और खूबसूरत लगती हो
रेशमा-पर क्या फ़ायदा ऐसी खूबसूरती का , जिसके लिए है वो तो बहुत दूर जाके बैठा है ,
अवी-ऐसा मत कहो , खूबसूरती को ऐसे बर्बाद मत करो
रेशमा-तो क्या करूँ
अवी-मैं हूँ ना
रेशमा-क्या ?
अवी-मुझसे दोस्ती की है तो मेरे साथ जीना शुरू करो , देखो मैं तुम्हें कभी रोने नही दूँगा
रेशमा-थॅंक्स
अवी-अब एक प्यारी सी स्माइल दो , एक कातिल स्माइल भी दे सकती हो या फिर सेक्सी स्माइल भी दे सकती हो या फिर
झूठी स्माइल भी कर सकती हो
रेशमा-बस बस , वरना हंस हंस कर मेरा पेट दुख जाएगा
अवी-अभी तो और टाइप है स्माइल के
रेशमा-तुम क्या एक दिन मे हंसा कर जाना चाहते हो
अवी-सच कहूँ तो जब मुंबई मे आया तो सोचा कि जल्दी वापस जाउन्गा , लेकिन जब से तुमसे मिला हूँ
तो सोचा कि अब यही रहूँगा
रेशमा-मेरे लिए
अवी-दोस्त के लिए
रेशमा-थॅंक्स
अवी-वैसे तुम्हारी शादी अरेंज मॅरेज थी
रेशमा-हाँ ,
अवी-तुम इतनी.खूबसूरत हो तो.कोई अच्छा लड़का नही मिला
रेशमा-मेरे मम्मी पापा ने बिना पूछे शादी तय कर दी , पैसे देख कर शादी हुई
अवी-जाने दो ,, अब मैं आ गया हूँ ना , तुम्हारा हज़्बेंड तुम्हें पैसे देगा और मैं तुम्हें खुशी
दूँगा
रेशमा-इसका ग़लत मतलब तो नही हैना
अवी-नही , अगर हमे ग़लती करनी हो तो एक दूसरे से सहमति से करेंगे
रेशमा-मतलब ग़लती करना चाहते हो
अवी-तुम हाँ कहो तो
रेशमा-नही
अवी-तो बात ख़तम , चलो खाना खाते है , तुम्हारी और तारीफ करनी है
रेशमा-फिर नही खाउन्गी मैं खाना , तुम्हारी तारीफ से मेरा पेट भर जाता है
अवी-वैसे पता है ऐसी तारीफ हमेशा लड़की को पटाने के लिए करते है
रेशमा-पता है
अवी-तुम्हें बुरा नही लगता या डाउट नही होता मुझ पे
रेशमा-शादी के बाद अब हँसने लगी हूँ तो रोना शुरू क्यूँ करू
अवी-नाइस आन्सर
रेशमा-वैसे तुम मेरे बारे में बहुत पूछ रहे हो कुछ अपने बारे में बताओ
अवी-मेरे घर मे माता पिता है एक बड़े भैया भाभी है , भाभी जल्दी.माँ बनेगी , मेरी एक
गर्लफ्रेंड है , जिस से 2 साल बाद शादी करूँगा , उसका नाम.माला है
रेशमा-एक बार मे सब कुछ बता दिया
अवी-मेरे बारे में जान कर ज़्यादा टाइम वेस्ट नही करना चाहता था
रेशमा-तो तुम माला से शादी करोगे
अवी-हाँ
रेशमा-अगर मैं डाइवोर्स लूँ और कहूँ कि तुमसे शादी करना चाहती हो तो क्या कहोगे
अवी-देखो सच बोलूँगा , मैं माला से प्यार करता हूँ , उसकी जगह कोई नही ले सकती , शादी माला से ही
करूँगा
रेशमा-तुम मेरी इतनी तारीफ करते हो फिर भी
अवी-अगर तुम माला से पहले मिलती तो ज़रूर तुमसे शादी करता , लेकिन सच यही है कि.मैं माला को
प्यार करता हूँ
रेशमा-मतलब मैं सेफ हूँ , तुम से मुझे कोई ख़तरा नही है
अवी-तो इस लिए पूछा मुझे लगा तुम्हारे दिल मे मेरे लिए कुछ कुछ हो रहा है
रेशमा-देख रही थी कि तुम क्या कहोगे , तुमने जो जवाब दिया वो बहुत कम लोग जवाब देते है
अवी-सच बोलना अच्छा रहता है ,
रेशमा-माला लकी है
अवी-क्यूँ ?
रेशमा-ऐसे ही
अवी-ऐसे ही कुछ नही होता
रेशमा-तुम इतने अच्छे हो कि तुम्हारी बीवी बहुत लकी होगी
अवी-तुम भी लकी हो जो मेरा जैसा दोस्त मिला है
रेशमा-अच्छा , मैं नही ,तुम लकी हो जो मेरी जैसी दोस्त मिली है
अवी-तो इस बात पे ड्रिंक हो जाए
रेशमा-मैं ड्रिंक नही करती
अवी-रेड वाइन
रेशमा-कभी कभी ,
अवी-तुम्हें किसी दिन डिन्नर पर ले जाउन्गा
रेशमा-मैं ने लंच पे बुलाया तो तुम डिन्नर पर ले जाओगे
अवी-हाँ , चलोगि
रेशमा-जब ले जाना चाहो तब ले जाना
और हम ऐसे खाना खाते हुए बाते करने लगे
रेशमा अपनी शादी की बाते बता कर दुखी भी हो रही थी
खाना खाने के बाद हम.काफ़ी देर तक बाते करने लगे
रेशमा को.मुझसे बात करना अच्छा लग रहा था
जब से मुझसे मिली है तब से उसके चेहरे की हसी वापस आ गयी है
अब देखो पूरी तरह से बदल गयी है रेशमा
उसको पता है कि मैं डेंजर हूँ तो उसने पूछ लिया कि मेरा इरादा क्या है
रेशमा मेरे बहुत करीब आ रही है
रेशमा की बाते कभी कभी ऐसी लगती जैसे वो मुझे लाइक करने लगी है
रेशमा को मेरा साथ बहुत पसंद था
अब तो हम रोज जॉगिंग को.जाते
वहाँ तो रेशमा मेरी वाइफ जैसे रहती
उसको अब अंकल आंटी की बाते अच्छी लगती
हम तो उसके सामने पति पत्नी जैसे रहते
उसके बाद हसी मज़ाक करते उस बात पर
मुझे तो जॉगिंग वाला पार्ट अच्छा लगता क्यूँ कि उस समय रेशमा मेरी बीवी बन जाती थी


RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

हर दिन रेशमा से नज़दीकियाँ बढ़ रही थी
रेशमा का अकेलापन दूर हो गया था
उसको मेरे रूप मे एक दोस्त मिल गया था
उसको मेरा साथ अच्छा लग रहा था
उसके सामने तो मैं एक चुदाई एक्सपर्ट था
फिर भी रेशमा को मेरा साथ अच्छा लगता था
सुबह सुबह जॉगिंग करने से हमारे दिन की शुरुआत होती थी
जॉगिंग करते हुए हम पति पत्नी बन जाते
फिर सुबह का नाश्ता और टी तो रेशमा के घर पे ही होता था
हम सबसे उपेर के फ्लोर पर रहते थे जिस से किसी का डर नही था
मिस्टर गुप्ता और मिसेज़ गुप्ता तो अपने रूम मे ही रहती थी जिस से रेशमा और मैं आराम से मिलते थे
सुबह का नाश्ता काफ़ी लंबा चलता लेकिन हम दोनो ऑफीस भी चले जाते
ऑफीस जाते हुए मेसेज मेसेज भी खेल लेते मतलब दूर होकर भी हमारी बात चालू रहती
अब तो जैसे आदत सी हो गयी थी
मैं माला से ज़्यादा रेशमा से फोन पर बात करने लगा
रेशमा तो जैसे अपने पति को भूल ही गयी थी
उसको तो बस मैं ही याद रहता था
ऑफीस के बाद तो डिन्नर रेशमा के घर ही होता था
डिन्नर के बाद भी हम साथ मे मूवी देखते हुए बाते करते
लेकिन मैं ने कभी लिमिट क्रॉस नही की
रेशमा को ये अच्छा लग रहा था कि हसी मज़ाक एक लिमिट मे है
रेशमा तो मुझे सब कुछ बताने लगी
ये भी बताया कि उसका एक बाय्फ्रेंड था कॉलेज के दिनो मे
मतलब उसके राज़ भी मुझे पता चल रहे थे
रेशमा का मुझ पर बहुत विश्वास था
मैं ने भी ये विश्वास टूटने नही दिया
मैं तो रेशमा के साथ सेक्स करना चाहता था
पर अब सेक्स दूर दूर तक मेरे दिमाग़ मे नही आ रहा था
रेशमा अच्छी लगने लगी थी मुझे
बहुत अकेली थी रेशमा
उसका अकेलापन देख कर मेरे दिमाग़ मे सेक्स का क्रीड़ा कभी आया ही नही
देखते देखते एक महीना बीत गया
अब तो सारी दीवार ख़तम हो गयी थी हमारे बीच की
अब तो हम एक दूसरे के बिना नही रह सकते थे
इस बीच मैं ने रेशमा को मूवी दिखाने का प्लान बनाया
रेशमा तो अब मुझे ना नही कह सकती थी
वो भी तैयार हो गयी मेरे साथ मूवी देखने को चलने के लिए
रेशमा ने जीन्स और टीशर्ट पहन ली जिस मे वो सेक्सी ही सेक्सी लग रही थी
मैं तो बस देखता ही रह गया
रेशमा- मुँह बंद करो वरना मक्खी चली जाएगी
अवी-तुम ना दिन ब दिन जवान होती जा रही हो
रेशमा-अगर फिर तारीफ की तो मैं वापस चली जाउन्गी
और रेशमा वापस जाकर सलवार कमीज़ पहन कर आ गयी
मैं भी ना बिना वजह तारीफ की
रेशमा- अब चलो और फिर तारीफ की तो वापस जाउन्गी तो अकेले मूवी देखना
अवी- आज तो कॉर्नर की सीट ली है , इतना अच्छा चान्स मिस नही करूँगा
रेशमा-तो ये चल रहा है तुम्हारे दिमाग़ मे
अवी-मूवी देखना वो भी तुम्हारी जैसी हॉट लड़की के साथ जाए तो कॉर्नर सीट ही लेनी पड़ती है
रेशमा-तुम्हारी बाते हो गयी होगी तो चले
और हम सिनिमा हॉल मे आ गये
रेशमा बहुत दिनो बाद मूवी देखने आई थी
शादी के बाद पहली मूवी होगी उसकी
रेशमा-पता है लास्ट टाइम मैं कॉलेज मे अपने फ्रेंड के साथ आई थी मूवी देखने
अवी-तुम्हारा हज़्बेंड कभी मूवी दिखाने नही लाया
रेशमा-उसको तो बस पैसे चाहिए , प्यार नही है
अवी-चलो फिर मैं तुम्हें प्यार कर लेता हूँ
मेरी बात सुनते ही रेशमा ने मेरे पेट पे एक मुक्का मारा ,
और ऐसे छेड़ छाड़ करते हुए हम हॉल मे आ गये
हमारी सीट कॉर्नर की थी
सीट नंबर देखते ही रेशमा ने मेरी तरफ देखा उसको लगा कि पहले मैं मज़ाक कर था कॉर्नर की
सीट के बारे में
अवी-शो फुल था बस यही सीट थी ,
रेशमा-तो तुम्हें कॉर्नर सीट ऐसे मिल गयी , कॉर्नर सीट पहले फुल हो जाती है
अवी-मुझे क्या पता , और मैं तो पहली बार आया हूँ इस सिनिमा हॉल मे
हम.बाते करने मे ज़्यादा समय लगा रहे थे जिस से मूवी चालू हो गयी
रेशमा-अब चलो अपनी सीट पे बैठ जाते है वरना लोग चिल्लाना शुरू कर देंगे
हम.अपनी सीट पर आए
और जैसे रेशमा सीट पर बैठने लगी तो वो झट से खड़ी हो गयी
अवी-क्या हुआ
रेशमा-यहाँ की सीट टूटी हुई है
अवी-व्हाट ,
मैं ने चेक किया तो वो सीट टूटी हुई थी
तभी सोचु कि इतने आराम से कॉर्नोर सीट क्यूँ मिली
रेशमा-इस लिए कॉर्नर सीट मिली तुम्हें , ये सीट किसी ने नही ली होगी
अवी-मैं यहाँ के वर्कर को बुलाता हूँ
मैं ने आवाज़ दे कर वर्कर की बुलाया
लेकिन लोग बहुत चिल्ला रहे थे कि हम.बैठ जाए
मैं ने वर्कर को बात बताई तो उसने कहा कि इसमे वो कुछ नही कर सकता
मूवी देखना है तो देखो वरना मेनेज़र से बात करके पैसे वापस लो क्यूँ कि मूवी शुरू होने से
लोग चिल्ला रहे थे हम पर
अवी-क्या करे , वापस चले
रेशमा-मूवी अच्छी थी
वर्कर- अरे साब अपनी बीवी को गोद मे लेकर बैठ कर मूवी देखो , ऐसा चान्स सबको नही मिलता ,
मूवी भी देख पाओगे और मज़ा भी हो जाएगा
और वो वर्कर चला गया
रेशमा मेरी तरफ देखने लगी
अवी-चले वापस
रेशमा-मुझे मूवी देखनी थी , बहुत सालो बाद सिनिमा हॉल मे आई हूँ और मूवी तो मेरे फेव
हीरो की है
रेशमा ने घर पे भी मूवी देखती थी पर सिनिमा हॉल का मज़ा पॉपकॉर्न के साथ उठाना चाहती थी
अवी-ठीक है फिर
और मैं सीट पर बैठ गया और रेशमा मेरी गोद मे बैठ गयी
हर तरफ अंधेरा था तो किसी को कुछ फरक नही पड़ा
अवी-तुम आराम से बैठो
रेशमा-तुम सिचुयेशन का अड्वांटेजस मत लो
अवी-नही लूँगा
रेशमा तो मूवी देखने लगी
पर रेशमा का नरम.बदन मेरे उपर आते ही मेरा लंड खड़ा होने लगा
रेशमा मूवी मे खोई थी उसके फेव हीरो की मूव थी
मुझे तो रेशमा का वेट कुछ नही लग रहा था पर मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया
मेरा लंड तो रेशना की गंद मे चुभने लगा
रेशमा को मेरा लंड फील होने लगा
रेशमा समझ गयी कि ये क्या है
रेशमा वैसे बैठ कर मूवी देखती रही पर वो मेरे लंड को भी फील कर रही थी
मैं इस सिचुयेशन का अड्वॅंटेज ले सकता था पर मैं ने ऐसा नही किया
रेशमा के बदन हाथ घुमा कर उसको तैयार कर सकता था
छेड़छाड़ भी कर सकता था
पर मैं ने अपने हाथ दूर रखे बस मेरा लंड छेड़छाड़ कर रहा था
वो भी मेरे बस मे नही था वरना लंड को भी रेशमा को टच करने नही देता
मैं ने जो नेचुरेली हो रहा था उसका ही मान लिया
रेशमा को भी लग रहा था कि मैं कुछ कर क्यूँ नही रहा हूँ
रेशमा तो फुल तैयार थी
अगर अभी तोड़ा ट्राइ किया तो वो मना नही कर पाएगी
लेकिन मैं आराम से पाना चाहता था रेशमा को
उसकी मर्ज़ी से रेशमा को पाना चाहता था
अब बस सेक्स की भूक नही थी मेरे अंदर प्यार की भूक थी
रेशमा तो मेरे लंड के टच से मस्ती मे आ गयी थी
बहुत दिनो बाद उसको लंड का टच मिला था
ऐसा टच मिला कि उसके अंदर के अरमान बाहर निकलने लगे
रेशमा की कमर हिल रही थी
जैसे वो जल्दी लंड अंदर लेना चाहती हो
रेशमा तो मस्ती मे आ गयी
मुझे लग रहा था कि रेशमा के बॉल मसल दूं
उसकी ऊट मे उंगली करूँ
उसके गुलाबी होंठो को चूसना शुरू करूँ
सलवार को नीचे करके लंड अंदर पेल दूं
लोगो को मारो गोली और यही रेशमा के साथ शुरू हो जाउ
मेरे अंदर तो आग लग गयी थी
पर मैं कंट्रोल मे था
उधर रेशमा बहुत मस्ती मे आ रही थी
वो अपनी गंद को रगड़ रही थी मेरे लंड पर
वो तो भूल ही गयी थी कि वो कहाँ है और किसके साथ है
लेकिन मैं बस उसको खेलने दे रहा था
मेरे हाथ तो उसकी चूत को टच करने को बेताब थे
मैं रेशमा को.मसल्ने को मरा जा रहा था
लेकिन रेशमा को.एक बार के लिए नही हमेशा के लिए पाना चाहता था
मैं उसका दिल जीतना चाहता था
मूवी किस को देखनी थी
हमको तो ऐसे ही मज़ा आ रहा था
हम दोनो एक आग मे तड़प रहे थे
अपने आग की गर्मी निकलने को भी तैयार थी
दोनो के अंदर अरमानो को जो लावा उबल रहा था वो एक साथ बाहर निकल गया
आज बहुत दिनो बाद हमको शरीर सुख मिला था
रेशमा ने चैन की सास ली होगी
उसका जो मुझ पर विश्वास था वो टूटने नही दिया
जो हुआ वो रेशमा की तरफ से हुआ
जब रेशमा होश मे आई तो समझ गयी कि मैं ने उसको टच भी नही किया
रेशमा ने बस एक बार मेरी तरफ देखा
अवी-ये सब नेचुरेली हुआ है , मर्द और औरत पास आएँगे तो ये सब अपने आप हो जाता है
रेशमा-थॅंक्स
अवी-थॅंक्स किस लिए
रेशमा-मुझे समझ ने के लिए
और इंटर्वल हो गया
अवी-और मूवी देखनी है या वापस चले
रेशमा-वापस चलते है
रेशमा तो पहले वॉशरूम होकर आई
फिर हम घर आ गये
आज अधूरी मूवी देखी
पर आज हम दोनो की आग थोड़ी शांत हुई
रेशमा घर आते ही नज़रें नही मिला रही थी
मैं रेशमा की फीलिंग के समझ सकता था
.मैं ने अब रेशमा के साथ मज़ाक नही किया और अपने रूम मे चला गया
रेशमा को आज अच्छी नींद आएगी
और रेशमा के दिल मे मेरे लिए प्यार पैदा हो गया
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RE: Desi Porn Kahani रेशमा - मेरी पड़ोसन - sexstories - 01-08-2019

आज सिनिमा हॉल मे जो हुआ वो अनएक्सेपटीड था
रेशमा मेरी गोद मे थी
रेशमा बिना किसी नोक झोंक के मेरी गोद मे बैठ कर मेरे लंड को फील कर रही थी
रेशमा तो खुद को भूल गयी थी
मेरे पास अच्छा चान्स था लेकिन मैं ने कुछ नही किया
मेरे जैसा ईडियट कोई नही था
पर वो जगह भी ठीक नही थी ,
लेकिन मैं ने क्यूँ कुछ नही किया ये मेरी समझ मे नही आया
जाने दो उस बात से इतना तो पता चला कि रेशमा को एक साथी की ज़रूरत है
रेशमा भी अपने हरकत पर शर्मिंदा थी
पर उसको अच्छा लगा होगा कि मैं ने कुछ नही किया , उसको समझा कि उसकी क्या ज़रूरत थी
उस पल को याद करके नीद नही आ रही थी
रेशमा के बदन की गर्मी को अभी तक मेरा लंड फील कर रहा था
रेशमा का वो मदहोश होना
मेरा लंड तो उस बात को सोच कर ही खड़ा हो गया था
नींद ही नही आ रही थी
मेरा ये हाल था तो सोचो कि रेशमा का क्या हाल हो रहा होगा
उसकी नींद भी गायब हो गयी होगी
वो खुद पर शर्मिंदा होगी
मैं उसके बारे में क्या सोचूँगा यही रेशमा सोच रही होगी
रेशमा के दिमाग़ मे क्या चल रहा होगा वो सोचना भी मुश्किल था
शायद वो मुझे चेक कर रही हो
या सच मे रेशमा प्यासी है
रेशमा एक औरत थी उसकी भावनाए की कल्पना भी नही कर सकते
मुझे नींद नही आ रही थी तो सोचा कि चलो टीवी देखता हूँ
पर रात मे कुछ नही होता टीवी पर
ऐसे मे मैं बाल्कनी मे जाकर रात के जगमगाती चाँदनी को देखना चाहता था
शांत हवाओं मे अपने दिल को भी शांत करूँगा
जैसे ही मैं बाल्कनी मे आया तो मुझे रेशमा दिखाई दी जो अपने बाल्कनी मे बैठ कर चाँद को देख
रही थी
रेशमा को इस तरह देख कर मुझे अच्छा नही लगा
कितनी अकेली है रेशमा
उसके पास तो कोई नही है उसके दर्द को कम करने के लिए
उसको समझने वाला भी कोई नही था
ऐसे मे इस काली रात को अपनी सहेली बना लिया होगा
चाँदनी को अपना हमदर्द साथी बना लिया होगा
मैं रेशमा को ही देख रहा था
थोड़ी देर बाद रेशमा का ध्यान भी मेरी तरफ गया
मैं उसको ही देख रहा था
रेशमा उठ कर मेरे पास आ गयी
हम.अपनी अपनी बाल्कनी मे आमने सामने खड़े थे
अवी- नींद नही आ रही है
रेशमा-तुम कब आए
अवी- जब तुम अपनी ही दुनिया मे खोई थी तब आया
रेशमा-मैं तो बस ऐसे ही
अवी- तुम सिनिमा हॉल की बात को लेकर परेशान हो
रेशमा-नही
अवी- तो क्या बात है ,
रेशमा-बस अपने अकेलेपन को दूर कर रही हूँ
अवी- ये अच्छा तरीका नही है , इस से तुम खुद को और अकेली समझने लगोगी
रेशमा-मेरी किस्मत यही है
अवी- तुम्हारा अकेलापन दूर करने के लिए मैं हूँ ना तुम्हारा दोस्त
रेशमा-दोस्त की एक लिमिट होती है
अवी- लिमिट ख़तम भी कर सकते है
रेशमा-ये ग़लत होता है
अवी- तो दोस्त की तरह अपने डर को कम करने की कोशिस करो
रेशमा-तुम मेरा दर्द दूर करना चाहते हो
अवी- दोस्त होते है इस लिए
रेशमा-तो बताओ कि तुम चाहते क्या हो मुझसे
अवी- ये कैसा सवाल हुआ
रेशमा-तुम चाहते क्या हो ये जानना है
अवी- देखो इस सवाल जा जवाब ऐसा है कि सच बताऊ तो झूठ लगेगा और झूठ कहूँ तो सच लगेगा
रेशमा-क्या मतलब
अवी- तुम इस लिए परेशान हो ना कि मैं ने सिनिमा हॉल मे कुछ क्यूँ नही किया
रेशमा-हाँ
अवी- तुम सोच रही होगी कि मेरे पास इतना चान्स था फिर भी मैं कुछ किया क्यूँ नही ,
अवी- जबकि तुम तो होश मे नही थी , तुम मुझे रोक भी नही पाती फिर भी मैं ने कुछ किया क्यूँ
नही इस से परेशान हो ,
रेशमा-हाँ , तुम चाहते क्या हो ये जानना है
रेशमा-कुछ दिनो मे मुझसे दोस्ती की , मेरे करीब आ रहे हो , मेरे अकेले पन का फ़ायदा उठा रहे
हो , और जब तुम्हारे पास मोका था तो तुमने कुछ किया नही
अवी- अगर करता तो तुम मेरा साथ देती
रेशमा-जब होश मे आती तो तुम्हें थप्पड़ मारती
अवी- इसी लिए कुछ नही किया
रेशमा-मुझे सच चाहिए
अवी- सच कहूँ तो तुम्हें पहले बार देखते ही पसंद कर लिया था
लेकिन तुम शादी शुदा थी तो तुमसे दोस्ती बनाई
रेशमा-तो तुम भी दूसरे मर्द जैसे निकले
अवी- हाँ ,मर्द तो मर्द ही होते है
रेशमा-तो ये दोस्ती का नाटक क्यूँ किया
अवी- दोस्ती तो अपने आप हो गयी , पर जब दोस्ती हुई तो तुम्हें समझने लगा ,, जब तुम्हें समझा तो लगा कि
मैं ग़लत कर रहा हूँ , इस लिए सिर्फ़ दोस्त बन कर रहा ,और तुम्हें हसाता रहा , तुम्हारी हँसी वापस
लाने की कॉसिश की
रेशमा-क्यूँ किया ऐसा
अवी- तुम्हारे अकेलेपन को देख कर दर्द हुआ , तुम्हें रोता हुआ देख कर मैं भी रोया ऐसा नही
कहूँगा , बस लगा कि तुम्हें भी हँसने का मोका मिलना चाहिए
रेशमा-तो सिनिमा हॉल मे कुछ क्यूँ नही किया
अवी- तुम इतना क्यूँ पूछ रही हो , तुम चाहती थी क्या मैं कुछ करूँ
रेशमा-मैं ऐसा क्यूँ चाहूँगी
अवी- या तुमने मुझे चेक करने के लिए ऐसा किया
रेशमा-वो तो बस हो गया था
अवी- मैं ने तो उस बात के बारे में कुछ कहा भी नही फिर तुम इतना परेशान क्यूँ हो
रेशमा-क्यूँ कि मुझे नींद नही आ रही है
अवी- तो तुम्हें जानना है कि मैं ने कुछ क्यूँ नही किया
रेशमा-हाँ
अवी- तो इसके दो जवाब है
रेशमा-दोनो बताओ
अवी- 1) मैं तुम्हारी नज़रो मे अच्छा बन कर रहना चाहता था , मैं चाहता था कि तुम्हें लगे कि
मैं कितना शरीफ हूँ , इस लिए कुछ नही किया , और जब कोई ऐसा शरीफ बनता है तो लड़की के अंदर अच्छी
फीलिंग पैदा होती है और , लड़की जल्दी हाथ मे आती है
रेशमा-और दूसरा जवाब क्या है
अवी- 2) अगर मैं कुछ करता तो तुम मेरा साथ देती पर वो जगह ठीक नही थी , हमे रुकना पड़ता , और
जब तुम होश मे आती तो तुम मुझे रोक देती , फिर मैं तुम्हें ला नही सकता था , इस लिए कुछ नही किया
क्यूँ कि इस इंतज़ार मे हूँ कि कोई अछा चान्स मिले ताकि एक बार शुरू करूँ प्यार करना तो रुकु नही
रेशमा-और भी कोई जवाब है
अवी- 3) हाँ , मुझे पता था कि तुम ये सवाल ज़रूर पुछोगी और मैं इस के लिए तैयार था , तुम्हें
इंप्रेस करने के लिए सच बता दूँगा यही सोचा था , और तुम्हें मैं ने सच बता दिया , और
सच बताने से तुम्हें लगेगा कि मैं सॉफ दिल का हूँ और तुम मेरी तरफ अट्र्क्ट करोगी

रेशमा मेरे सारे जवाब सुनकर शॉक्ड थी
उसका चेहरा देखने लायक था
पता नही मैं ने ऐसा क्यूँ किया
मैं कर क्या रहा था मुझे पता नही
मैं खुद कन्फ्यूज़ था रेशमा को लेकर
अवी- रेशमा , सच कहूँ तो मुझे ही नही पता कि मैं कर क्या रहा हूँ , करना क्या क्या चाहता हूँ ,
क्यूँ तुम्हें सच बताया , और सच बता कर क्या हो सकता है वो भी क्यूँ बताया , मैं तुम्हारे लिए
कन्फ्यूज़ हूँ , तुम्हें देखता हूँ तो लगता है तुम्हें प्यार करूँ पर तुम्हारे अकेलेपन को फील करता हूँ तो
सोचता हूँ तुम्हें हँसी दूं , तुमसे ज़्यादा मैं कन्फ्यूज़ हूँ
रेशमा मेरी बात सुनकर सबसे ज़्यादा शॉक्ड थी
मेरी बात सुनकर उसको समझ नही आ रहा था कि मुझे क्या कहे
वो पूरी तरह से कन्फ्यूज़ थी
वो मेरे चेहरे को देख कर कुछ पढ़ने की कॉसिश कर रही थी
फिर अचानक वो बिना कुछ कहे अपने अपार्टमेंट मे चली गयी
मैं बस रेशमा को जाते हुए देखता रहा
मैं ने ऐसा क्यूँ किया मुझे ही नही पता
मैं ने रेशमा को सच तो बता दिया
परा नही अब वो क्या सोचेगी
उसका अकेला पन देख कर मैं भी पीछे हट गया
अब जो होगा वो सुबह ही पता चलेगा


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